मैं अपने स्टेटस में क्या रखता हूँ ?

मैं अपने स्टेटस में क्या रखता हूँ ? आप अपने स्टेटस में क्या रखते हैं ? आप मोदी रख लीजिये मैं देश रख लेता हूँ ! क्या ? आपको मोदी नहीं रखना ? ओ के ! फिर देश आप रख लीजिये मैं मोदी रख लेता हूँ ! मैं अपने स्टेटस में क्या रखता हूँ ? आप अपने स्टेटस में क्या रखते हैं ?

मैं कार्टून रख लेता हूँ, आप संसद रख लीजिये ! क्या ? आपको संसद नहीं रखना ? ओ के ! फिर कार्टून आप रख लीजिये मैं संसद रख लेता हूँ ! मैं अपने स्टेटस में क्या रखता हूँ ? आप अपने स्टेटस में क्या रखते हैं ?

आप किसान रख लीजिये मैं पोर्न रख लेता हूँ ! क्या ? आपको किसान नहीं रखना ? ओ के ! फिर पोर्न आप रख लीजिये मैं किसान रख लेता हूँ ! मैं अपने स्टेटस में क्या रखता हूँ ? आप अपने स्टेटस में क्या रखते हैं ?

आप कांग्रेस रख लीजिये मैं आज़ादी रख लेता हूँ ! क्या ? आपको कांग्रेस नहीं रखना ? ओ के ! फिर आज़ादी आप रख लीजिये मैं कांग्रेस रख लेता हूँ ! मैं अपने स्टेटस में क्या रखता हूँ ? आप अपने स्टेटस में क्या रखते हैं ?

आप सलामी रख लीजिये मैं तस्वीर रख लेता हूँ ! क्या ? आपको सलामी नहीं रखना ? ओ के ! फिर तस्वीर आप रख लीजिये मैं सलामी रख लेता हूँ ! मैं अपने स्टेटस में क्या रखता हूँ ? आप अपने स्टेटस में क्या रखते हैं ?

आप विज्ञापन रख लीजिये मैं कार्यक्रम रख लेता हूँ ! क्या ? आपको विज्ञापन नहीं रखना ? ओ के ! फिर कार्यक्रम आप रख लीजिये मैं विज्ञापन रख लेता हूँ ! मैं अपने स्टेटस में क्या रखता हूँ ? आप अपने स्टेटस में क्या रखते हैं ?

आप सिद्धांत रख लीजिये मैं शुभकामनाएँ रख लेता हूँ ! क्या ? आपको सिद्धांत नहीं रखना ? ओ के ! फिर शुभकामनायें आप रख लीजिये मैं सिद्धांत रख लेता हूँ ! मैं अपने स्टेटस में क्या रखता हूँ ? आप अपने स्टेटस में क्या रखते हैं ?

आप संबंध रख लीजिये मैं दिशा रख लेता हूँ ! क्या ? आपको संबंध नहीं रखना ? ओ के ! फिर दिशा आप रख लीजिये मैं संबंध रख लेता हूँ ! मैं अपने स्टेटस में क्या रखता हूँ ? आप अपने स्टेटस में क्या रखते हैं ?

आप विरोधी रख लीजिये मैं संस्कृति रख लेता हूँ ! क्या ? आपको विरोधी नहीं रखना ? ओ के ! फिर संस्कृति आप रख लीजिये मैं विरोधी रख लेता हूँ ! मैं अपने स्टेटस में क्या रखता हूँ ? आप अपने स्टेटस में क्या रखते हैं ?

आप मामला रख लीजिये मैं माहौल रख लेता हूँ ! क्या ? आपको मामला नहीं रखना ? ओ के ! फिर माहौल आप रख लीजिये मैं मामला रख लेता हूँ ! मैं अपने स्टेटस में क्या रखता हूँ ? आप अपने स्टेटस में क्या रखते हैं ?

आप रायता रख लीजिये मैं बूंदी रख लेता हूँ ! क्या ? आपको रायता नहीं रखना ? ओ के ! फिर बूंदी आप रख लीजिये मैं रायता रख लेता हूँ ! मैं अपने स्टेटस में क्या रखता हूँ ? आप अपने स्टेटस में क्या रखते हैं ?

काशी शरणम् गच्छामि !

१.

नीचे नीच पड़ा है, ऊँचे ऊँच
कहीं चोंच पड़ा है कहीं पूँछ !

शक्ल पड़ी है शीशे मे, अक्ल पडी है खीसे मे !

कहीं दाम पड़ा है, कहीं आम पड़ा है ,
कटा हुआ दिन सुबह से शाम पड़ा है !

टोपी पड़ी है, सर बड़ा है !

हाथ में बन्दूक है नाल पर घडी ,
छोटा मुँह और बात बड़ी !

समस्या पड़ी है, बन्द घड़ी है !
जात पड़ा है, हाथ पड़ा है, कहीं लात पड़ा है !

हवा बसात है,
मैं खुद पड़ा हूँ !

काशी शरणम् गच्छामि !

*

२.

डेमोक्रेसी का डांसर हूँ , पर फ्रीलांसर हूँ !
वोटिंग में रेगुलर हूँ , पर पार्टी में स्ट्रगलर हूँ !

रोज कर, कर भर कर, ये कर वो कर हूँ !
आप सरकार हैं, मैं आपका नौकर हूँ !

आप चाभी हैं, मैं लॉकर हूँ !
आप मास्टर हैं, मैं जोकर हूँ !

थप्पड़ हूँ, कीचड़ हूँ. कचड़ा हूँ ,
आप हाथ हैं, कमल हैं, झाड़ू हैं !

आप ब्लैकबोर्ड हैं, मैं डस्टर हूँ !
मैं क्वेश्चन हूँ , आप आंसर हैं !
मैं मंच हूँ आप डांसर हैं !

मैं प्यास हूँ आप कोला हैं !
आप नारियल हैं मैं टिकौला हूँ !

मैं जुआ हूँ आप तम्बोला हैं !

मैं दिवार हूँ आप पोस्टर हैं !

काशी शरणम् गच्छामि !

#क्रिकेट_का_भूत

खाली दिमाग क्रिकेट के भूत का घर है 😉

हिंदुस्तान और पाकिस्तान को डराने के लिए क्रिकेट का भूत ऑस्ट्रेलिया भी चला जाता है 😉

क्रिकेट का भूत विज्ञापन के चक्कर में न्यूज़ देखता है 😉

क्रिकेट का भूत भी वर्ल्ड – कप के लिए मरता है 😉

आदमी की ही तरह क्रिकेट का भूत भी हिन्दू मुसलमान होता है 😉

कोई खेले न खेले क्रिकेट का भूत हर आत्मा से खेलता है 😉

क्रिकेट का भूत देश को भूतनी के हवाले कर देता है 😉

क्रिकेट का भूत दाऊद से भी नहीं डरता 😉

क्रिकेट के भूत में बिपाशा नहीं बच्चन हैं 😉

क्रिकेट का भूत भटकते भटकते पाकिस्तान पहुँच ही जाता है 😉

 

आओ करें डिबेट

इस पेट से उस पेट
आओ करें डिबेट

किसने छोड़ा जंतर मंतर
कौन पहुंचेगा इंडिया गेट

देश का नेता कैसा हो
कैसे वेट हो ड्राई स्टेट

कैसे मिली आजादी, और
किसने कर दिया मटियामेट
आओ करें डिबेट

कौन है हारल, कौन है वायरल
मेरी स्ट्रैटेजी, या तेरी ट्रेजेडी

कौन खायेगा फिश फ्राई
कौन वेजिटेबल कटलेट

फां – फूं, अलाय – बलाय
कुछ नॉइस करें क्रिएट
आओ करें डिबेट

हरा, गेरुआ रंग में किसने
पॉलिटिक्स दिया है फेंट
मेरा पेट तेरा पेट
आओ करें डिबेट

कौन लिखेगा किस्मत
गरीब जनता या अमीर कैंडिडेट
कौन करेगा कट पेस्ट
आओ करें डिबेट

मेरा रिबेट, तेरा रेट
इम्प्लीमेंटेशन का दावा
और लाग लपेट

मिडिया करेगी डांस
जनता करेगी वेट
इस पेट से उस पेट
आओ करें डिबेट

‪#‎वोटविचार‬

– एक वोट कई विचार रखता है !

– बहुत सारे विचार हैं पर वो एक वोट भर भी नहीं हैं !

– आपके धर्म के साथ कुछ भी हो सकता है पर आपके वोट का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता !

– वोट को कोई धर्म काट नहीं सकता / वोट को कोई धर्म लूट नहीं सकता / वोट को कोई धर्म छीन नहीं सकता / वोट को कोई धर्म बाँट नहीं सकता / वोट को कोई धर्म खरीद नहीं सकता / वोट को कोई धर्म बेच नहीं सकता / आपने किसको वोट दिया कोई धर्म जान नहीं सकता / वोट हर धर्म में गुप्त है !

– आप किसी के भी नौकर हो सकते हैं पर अपने वोट के मालिक हैं !

– आप नहीं भी रहें लेकिन आपका दिया हुआ वोट पांच साल तक रहेगा !

–  अठारह साल में मिली हर शक्ति क्षीण हो सकती है पर वोट देने की ताक़त जीवन भर ख़त्म नहीं होती !

– चाहे कोई किसी भी वोट बैंक में आपको रख ले आप अकेले वहाँ से सेंध मार के निकल सकते हैं !

– अपना वोट सवा सौ करोड़ का नोट !

‪#‎बदलाव‬

– तुम कितने बदले बतलाओ बदलाव ?

– बदला ले रहे हैं या बदलाव ला रहे हैं ?

– दुराव छुपाव और बदलाव सब एक है !

– बदलाव बस एक प्रस्ताव है !

– आव देखा न ताव कर दिया बदलाव !

– बदलाव, bad – law है !

– बदलाव की राजनीति में राजनीति होती है बदलाव नहीं !

– आओ, जाओ, बदलाव !

– बदलाव है या ऊदबिलाव ?

#फोटोचापलूसी

– फोटो चापलूस से फोटोग्राफर दुखी रहते हैं !

– ‘फोटो चापलूसी’ में फोटो देखा नहीं जाता सिर्फ लाइक किया जाता है ! 

– ‘फोटो चापलूसी’ Facebook का गहना है !

– फोटो चापलूसी में इंटरनेट होना जरुरी है चापलूस नहीं ! 

– फोटो चापलूस हर फोटो पर दुसरे फोटो चापलूस से टकराते रहते हैं !

बजट प्रार्थना / #बजटप्रार्थना

– हे प्रभु रेलगाड़ी और हवाई जहाज में फर्क बनाये रखना !

– हे प्रभु सबी गोल चीजों की कीमत एक कर दो ! एक शेप, एक प्राइस ! 

– हे प्रभु हम सब गरीबी रेखा में रह लेंगे पर रेखा को और गरीब मत करना !

– हे प्रभु बजट में लगे सभी शुन्यों से भी काम लेना नहीं तो वो बस ज़ीरो बन के रह जाते हैं ! 

– हे प्रभु ब’ ज’ ट’ को टजब या जबट होने से बचाना ! अक्षरों को अच्छे दिन का पता न चले नहीं तो ग’ ज’ ब’ हो जाएगा !  

– हे प्रभु गरीब रेखा से खुश हैं पर अमीर को सनी लिओनी न मिल जाए !

– हे प्रभु इस बार बजट को आम बजट मत कहना, आदमी आम खा चुके हैं, मौसम बदल चूका है !

– हे प्रभु थोड़ा बजट अगले साल के लिए भी बचाना ! 

#झटपटपॉलिटिक्स

व्यंजनों के नाम नही होते तो हम स्वाद की राजनीति कैसे करते ?

‘झटपट पॉलिटिक्स’ की अब आदत डाल लेनी होगी !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ दिन भर की घटनाओं या दिए गए भाषण के मीडिया प्रचार के आधार पर प्रतिक्रिया दे कर किया जाता है ! कोई भी विषय इससे अछूता नहीं है और इसके विषय की सीमा अनंत है ! रोज बन और बढ़ रहा है ‘झटपट पॉलिटिक्स’ ! 

‘झटपट पॉलिटिक्स’ मीडिया का आइटम नम्बर है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में गड़े मुर्दों को भी काम मिल जाता है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ की सर्वे में आप भी प्रधानमन्त्री बन सकते हैं !

जब तक हो न जाए आज की ‘झटपट पॉलिटिक्स’ क्या होगी किसी को पता नहीं रहता !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में पार्टी, मुद्दे और फोटो फटाफट बनते हैं !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में खाली सीट भी भरी मानी जाती है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में सोशल मीडिया आग का काम करती है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ दिखावे की राजनीति का नया नाम है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ कभी भी ज्वाइन किया जा सकता है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ एक नया रोजगार है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में थकान नहीं होती !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ का फल एक दिन में ही पक जाता है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ आपकी है इसे करने से क्या शर्माना !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में हुई बदनामी सूरज के साथ ही अस्त हो जाता है !

महँगाई और गरीबी से परेशान आम आदमी ‘झटपट पॉलिटिक्स’ का रेडीमेड समर्थक है !

वोट देने के बाद हर नागरिक अपनी ऊँगली की तस्वीर के साथ ‘झटपट पॉलिटिक्स’ कर लेता है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ की टोपी कोई भी पहन सकता है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में मीडिया के पास अगर कैमरा नहीं होता तो वो ख़ुद को भी नहीं पहचानती !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में हर ‘नर’ को ‘मादा’ मिले न मिले, हर नर को ‘मोदी’ जरुर मिलेगा ‘अबकी बार’ !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में सेक्स सबसे जल्दी पकने वाला राजनितिक व्यंजन है

दूषित गंगा के मंथन से सिर्फ राजनितिक कीचड़ निकलेगा शुद्ध गंगाजल नहीं, गंगा साफ़ करने के लिए ‘गंगा मंथन’ झटपट पॉलिटिक्स है सफाई अभियान नहीं 

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में महँगाई पर लगी बैठक उठते उठते सस्ती न हो जाए

राग विकट

जनहित में ‘राग विकट’ ! ‘राग विकट’ को ‘देश राग’ में गाने की जरुरत नहीं है ! इसे ‘अपनी डफली – अपना राग’ में गाया जा सकता है !

आ जपा / फिर मन भा जपा ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !
दफ़ा दफ़ा / क्यों ख़फ़ा, ख़फ़ा ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !

आ जपा / फिर मन भा जपा ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !
नफ़ा नफ़ा / सब सटा सटा ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !

आ जपा / फिर मन भा जपा ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !
सपा सपा / सब सफा सफा ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !

आ जपा / फिर मन भा जपा ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !
हटा हटा / सब बँटा बँटा ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !

आ जपा / फिर मन भा जपा ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !
रुका रुका / सब रुका रुका ! बढ़ा, बढ़ा / बस नमो नमो !

आ जपा / फिर मन भा जपा ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !
खुला खुला / मुंह खुला खुला ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !

आ जपा / फिर मन भा जपा ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !
खिला खिला / कमल खिला / जपा, जपा / मन नमो, नमो !

आ जपा / फिर मन भा जपा ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !
सीला सीला / सब होंठ सीला ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !

आ जपा / फिर मन भा जपा ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !
इकट विकट / सब महा टिकट ! जपा, जपा / मन नमो, नमो !