#झटपटपॉलिटिक्स

व्यंजनों के नाम नही होते तो हम स्वाद की राजनीति कैसे करते ?

‘झटपट पॉलिटिक्स’ की अब आदत डाल लेनी होगी !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ दिन भर की घटनाओं या दिए गए भाषण के मीडिया प्रचार के आधार पर प्रतिक्रिया दे कर किया जाता है ! कोई भी विषय इससे अछूता नहीं है और इसके विषय की सीमा अनंत है ! रोज बन और बढ़ रहा है ‘झटपट पॉलिटिक्स’ ! 

‘झटपट पॉलिटिक्स’ मीडिया का आइटम नम्बर है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में गड़े मुर्दों को भी काम मिल जाता है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ की सर्वे में आप भी प्रधानमन्त्री बन सकते हैं !

जब तक हो न जाए आज की ‘झटपट पॉलिटिक्स’ क्या होगी किसी को पता नहीं रहता !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में पार्टी, मुद्दे और फोटो फटाफट बनते हैं !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में खाली सीट भी भरी मानी जाती है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में सोशल मीडिया आग का काम करती है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ दिखावे की राजनीति का नया नाम है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ कभी भी ज्वाइन किया जा सकता है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ एक नया रोजगार है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में थकान नहीं होती !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ का फल एक दिन में ही पक जाता है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ आपकी है इसे करने से क्या शर्माना !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में हुई बदनामी सूरज के साथ ही अस्त हो जाता है !

महँगाई और गरीबी से परेशान आम आदमी ‘झटपट पॉलिटिक्स’ का रेडीमेड समर्थक है !

वोट देने के बाद हर नागरिक अपनी ऊँगली की तस्वीर के साथ ‘झटपट पॉलिटिक्स’ कर लेता है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ की टोपी कोई भी पहन सकता है !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में मीडिया के पास अगर कैमरा नहीं होता तो वो ख़ुद को भी नहीं पहचानती !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में हर ‘नर’ को ‘मादा’ मिले न मिले, हर नर को ‘मोदी’ जरुर मिलेगा ‘अबकी बार’ !

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में सेक्स सबसे जल्दी पकने वाला राजनितिक व्यंजन है

दूषित गंगा के मंथन से सिर्फ राजनितिक कीचड़ निकलेगा शुद्ध गंगाजल नहीं, गंगा साफ़ करने के लिए ‘गंगा मंथन’ झटपट पॉलिटिक्स है सफाई अभियान नहीं 

‘झटपट पॉलिटिक्स’ में महँगाई पर लगी बैठक उठते उठते सस्ती न हो जाए