बजट प्रार्थना / #बजटप्रार्थना

– हे प्रभु रेलगाड़ी और हवाई जहाज में फर्क बनाये रखना !

– हे प्रभु सबी गोल चीजों की कीमत एक कर दो ! एक शेप, एक प्राइस ! 

– हे प्रभु हम सब गरीबी रेखा में रह लेंगे पर रेखा को और गरीब मत करना !

– हे प्रभु बजट में लगे सभी शुन्यों से भी काम लेना नहीं तो वो बस ज़ीरो बन के रह जाते हैं ! 

– हे प्रभु ब’ ज’ ट’ को टजब या जबट होने से बचाना ! अक्षरों को अच्छे दिन का पता न चले नहीं तो ग’ ज’ ब’ हो जाएगा !  

– हे प्रभु गरीब रेखा से खुश हैं पर अमीर को सनी लिओनी न मिल जाए !

– हे प्रभु इस बार बजट को आम बजट मत कहना, आदमी आम खा चुके हैं, मौसम बदल चूका है !

– हे प्रभु थोड़ा बजट अगले साल के लिए भी बचाना ! 

महालोक – बीस

बुढ़िया का आँचल साइकिल के स्टैंड में फँस गया ! साइकिल अपने जर्जर स्टैंड पर लड़खड़ाई और सड़सठ साल की भूखी, गरीब, बुढ़िया के पाँव को निशाना बना के गिर पड़ने लगी ! लोहे से अपने पाँव को बचाने के लिए कमज़ोर बुढ़िया साइकिल से उलझ पड़ी ! साइकिल का लाल सीट सर से टोपी की तरह बुढ़िया की पाँव पर गिर पड़ा ! बुढ़िया हड़बड़ा गयी ! अपने दुःख की शिकायत करने पहुंची बुढ़िया सरकार के दालान पर उनकी ही साइकिल को अपने पैर पर गिरने से बचाने के लिए साइकिल से गुथ्थम – गुथ्थी कर रही थी और आस पास के लौंडे हंस रहे थे ! बेसहारा अकेली बुढ़िया कातर नज़रों से सब देख रही थी… ! यह सब मैंने एक कार की खिड़की से देखा ! कार के अंदर बैठे कैमरे से आप और क्या उम्मीद कर सकते हैं ! मेरी ली गयी बाकी तस्वीर तो आपने देख ही ली है न ?