योग क्रिमिनल  

सामान्यतः लोग योग को एक ऐसे रूप में जानते हैं जिसमें हठ पूर्वक कुछ शारीरिक एवं मानसिक क्रियाओं के नियमित अभ्यास से आप अपना खोया हुआ स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त कर सकते हैं ! जबकि ऐसा नहीं है ! अब योग का कोई गलत आसन आपको योग अपराधी बना सकता है ! अब ठीक से योग नहीं करना क्राइम है और गलत तरीके से योग करने वाले योग क्रिमिनल हैं !

दरअसल योग एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां भारत सरकार और योग करनेवालों के बीच संवाद पूरी तरह टूटा हुआ है !

विश्व योग दिवस के दिन मुझे एक योग इंस्पेक्टर अपने दो योग सिपाहियों के साथ पकड़ कर पुलिस आसन में पूछताछ स्टेशन ले गए !

‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे दो सौ रुपये लें और मुझे जाने दें ! ‘ मैंने प्रार्थना की !

‘ योग क्रिमिनल को ऐसे कैसे जाने दें ? ‘ योग इंस्पेक्टर त्रिफला चूर्ण जी ने कहा !

‘ योग करना क्राइम है ? ‘ मैंने आश्चर्य से भड़कने का नाटक किया !

‘ आसन को गलत करना क्राइम है ! ‘ त्रिफला जी उवाच ! ‘ योग का बेहतर लाभ पाने के लिए जरूरी है उसकी क्रियाओं का सही अभ्यास ! क्योंकि योग क्रियाओं का गलत अभ्यास शरीर को लाभ पहुंचाने की बजाय समस्याओं का कारण बन सकता है ! कचहरी में आपके योग शिक्षक या योग गुरु के साथ बात करना बेहतर होगा ! ‘ त्रिफला चूर्ण जी ने अपना गला साफ़ करते हुए अपना निर्णय सुनाया !

‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे चार सौ रुपये लें और मुझे जाने दें !’ मैंने दुबारा प्रार्थना की !

‘ हम अक्सर किसी आसन को महज़ इसलिए स्वीकार कर लेते हैं, क्योंकि वे हमारी परंपरागत मान्यताओं के अनुरूप होती हैं ! ऐसा करते वक़्त हम न तो इन आसनो के पीछे के तर्कों की परवाह करते हैं, न उनके प्रभावों की प्रामाणिकता जांचने की ज़हमत उठाते हैं ! ‘ त्रिफला चूर्ण जी मुझे मुक्त और मुफ़्त प्रवचन दिए जा रहे थे ! ‘ ऐसे समय में जब फ़र्ज़ी आसन बनाने और उन्हें प्रसारित करने का कारोबार चरम पर है, हमें योग को लेकर न सिर्फ़ सावधान रहना चाहिए, बल्कि मीडिया पर भी सवाल करने चाहिए ! ‘ त्रि. चूर्ण जी ने मैराथन योग वचन में लघु विराम लिया ! मैंने उनके आगे का अदृश्य माइक अपनी और खिंच लिया ! ‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे पाँच सौ रुपये लें और मुझे जाने दें !’ मैंने करुण गुहार की !

‘ सत्य वचन श्रीमान ! पाई पाई जोड़ना योग है ! आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का उपक्रम पेड़ पर लटक कर नहीं करना चाहिए ! ‘ व्हॉट ??? मैं डर से चीख पड़ा !

‘ आज योग आसन करना एक बड़ी चुनौती है ! आजकल योग के नाम पर जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है ! ‘ रिलैक्स श्रीमान ! त्रिचूर्ण जी ने जादूगर की तरह अपनी दोनों हाथ की हथेलियों को हवा में लहराते हुए अपनी हस्तमुद्रा से हाथों की आकृति पान के समान बना दिया और मेरी तरफ मुस्कुराते हुए  कहा ‘ सरकार को जनता के शरीर, मन और प्राण की चिंता खाए जा रही है ! ‘ फिर मुझे घूरते हुए  बोले ‘ पता नहीं जनता का पेट कब भरेगा ? ‘ योग इंस्पेक्टर मुझे अपलक देख रहे थे ! शायद वो मेरा चेहरा पढ़ रहे थे !

‘ पान मुद्रा ‘ मैं अपने आप में बुदबुदाया ! मुझे तत्क्षण लगा कि अब ये मेरी सेल्फी लेंगे और ठीक वही हुआ ! उन्होंने आधे पान में अपना चेहरा खिंचा और सोशल मिडिया पर प्रसारित कर दिया !

मैं डर गया मुझे लगा अब मेरे वायरल होने की बारी है ! ‘ सर ! सारे नियम योग में दिए गए हैं ! ट्रैफिक के नियम से लेकर इ वि एम् तक के नियम ! मैंने सब पढ़े हैं ! सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे सात सौ रुपये लें और मुझे जाने दें !’ मैंने कातर स्वर में कहा ! ‘ मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूँ, जो लैंगिक समानता, शिक्षा, गरीबी – उन्मूलन, मानवाधिकार और दक्षिण एशिया में शांति जैसे मुद्दों पर हर दिन आधी रात से ही लगातार सक्रिय रहता है ! मैं योग दिवस की भावना में बह गया था ! ‘ ये सब कहते हुए मैंने महसूस किया मेरा पेट भारी हो गया है ! तनाव से मेरे फेट में गैस भर गया था ! त्रिफला चूर्ण को फाँकने की तीव्र इच्छा प्रबल हो गयी ! ‘ योग विज्ञान और उसकी क्रियाओं की संवैधानिक महत्ता आधुनिक राजनितिक विज्ञान भी स्वीकार करता है फिर मैं किस खेत की मूली हूँ ! ‘ मैंने नाटकीय अंदाज में कहा ! ‘ मैं जानता हूँ केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय का आयुष विभाग प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों, खासकर योग को स्वच्छ रखने की मुहिम चला रहा है ! उसी विभाग के आप योग इंस्पेक्टर हैं ! सरकार की इस पहल से सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में योग प्रशिक्षकों व योग थेरेपिस्ट के लिए रोजगार के मौके पैदा हुए हैं ! इसलिए योग क्राइम भी बढ़ा है जिसके लिए आप जैसे योग्य क्राइम इंस्पेक्टर हैं ! योग क्राइम की रोक थाम के लिए आप का हर काम सराहनीय है सर ! ‘ मैंने एक ही सांस में सब कह दिया था ! मरे पेट में बल पर गया !

‘ आप ने सरकारी योग के लिए क्या किया है ? ‘ इस सवाल से त्रिफला ने मेरा मुंह बंद कर दिया !

इस सीधे प्रश्न के तनाव से मेरे अंदर कुछ फट गया  ‘ पु उउउउउउउऊँ ईईईई … ‘ अंदर तनाव के गोले के फटते ही मैं पवन मुक्त हो गया था !

साइलेंस उधर !

साइलेंस इधर !

मैंने योग इंस्पेक्टर त्रिफला सिंह को देख कर अशिष्ट होने की अपराध में नज़रें झुका लीं !

‘ जी ! थोड़ा गैस हो गया है ! माफ़ कीजिये ! ‘ मैंने संवाद को फिर से जोड़ा ! ‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे सात सौ रुपये लें और मुझे जाने दें ! ‘ मैंने पवन मुक्त प्रार्थना की !

‘ योग क्राइम कर के आप राहत की सांस लेते हैं ? कैसे ले पाते हैं ? ‘ मेरे अशिष्ट पवन मुक्त आसन से वो बौखलाया हुआ था ! ‘ आप जानते हैं योग पेट के लिए किया जाता है ! ‘ उसने ऊँची आवाज में मुझसे कहा ! मैंने देखा पेट मरोड़ का तनाव उसके चेहरे पर साफ़ था ! तो क्या योग इंस्पेक्टर त्रिफला चूर्ण स्वयं योग अपराधी है ? मेरा दिमाग तेजी से जेम्स बांड बन गया !

‘ योग शरीर के लिए किया जाता है ! ‘ मैंने शांत स्वर में कहा !

‘ आप का पेट क्या पाकिस्तान में है ? आपका पेट आपके शरीर में ही है न ? अपने शरीर को सुनें ! ‘

योग इंस्पेक्टर लगभग चीख पड़ा ! पेट के गैस की छटपटाहट कोई भी उसके चेहरे पर पढ़ सकता था ! उसकी पीड़ा मुझे आनंद दे रही थी ! ‘ सर आप की हवा टाइट है ! ‘ पकडे जाने की हड़बड़ाहट में उसके पेट का गोला भी जग जीतने इसरो के रॉकेट जैसा निर्भय और उन्मुक्त हो कर निकल पड़ा !

‘ पों ऊँ  उउउउउउऊँ ‘ इंस्पेक्टर साहब तनाव मुक्त होते ही पवन मुक्त हो गए !

साइलेंस इधर !

साइलेंस उधर !

इस बार अशिष्ट वे हुए थे फिर भी सब कुछ अनदेखा करते हुए नज़रें मैंने ही झुका लिया !

मुझे लगा मेरी हवा मुक्त हो कर उनकी हवा को भी मुक्त होने की राह दिखा गयी ! मैं योग इंस्पेक्टर के ही नहीं बल्कि ड्यूटी अफसर के कुछ काम आ गया था ! मेरा अपराध बोध थोड़ा कम हो गया ! मुझे लगा सात सौ रुपये का शगुन ही हवा बन कर निकला है ! अच्छा अवसर मान कर मैंने जेब से सात सौ रुपये निकाल लिया ! मुझे योग के इस अपराध जाल से निकलना था !

‘ सर आपका पवन मुक्त आसन भी देख लिया ! पर्यावरण में होने वाले बदलावों से हम सभी प्रभावित होते हैं ! स्वस्थ समाज के लिए संतुलित पर्यावरण अत्यंत आवश्यक है ! पर्यावरण को प्रदूषित होने से रोकने की जिम्मेदारी हम सबकी है ! ऐसे में यह आवश्यक है कि हम हर तरह के प्रदूषण पर लगाम लगाएं ! योग गुरु बन कर भारत दुनिया की सबसे भयानक योग – प्रदूषण की स्थिति का सामना कर रहा है ! ‘ ये कहते हुए कम शब्दों में मैंने अच्छे नागरिक होने का परिचय दे दिया ! गैस निकलने के बाद त्रिफला चूर्ण जी का चेहरा शांत हो गया था ! मैंने सोचा यही सही समय है ! उन्होंने भी मेरे चेहरे को पढ़ लिया था ! ‘ कुछ हस्त मुद्रा कीजिये ! ‘ उन्होंने कहा !

 ‘ जी ! ‘ दान मुद्रा में अपना हाथ बढ़ाते हुए मैंने कहा ! मेरे हाथ में पांच सौ का एक नया नोट और सौ – सौ  के दो नोट मिला के तीन पत्ते थे ! वे भी तीन थे !
‘ नए योग कानून के हिसाब से हर सप्ताह मुझे कितनी बार योग – अभ्यास करना चाहिए ? ‘ मैंने अपना समय बचाने के लिए पूछा !
‘ मुझे हफ्ता दे कर आप हर दिन अभ्यास कर सकते हैं ! ‘ योग इंस्पेक्टर त्रिफला जी सहज उत्तर देते हुए बोले ! ‘ योग दान के लिए शुक्रिया ! ‘
‘ योग के दान के लिए आप का भी शुक्रिया ! ‘ व्यावहारिक बनते हुए मैंने भी जवाब दिया !
‘ प्रिय मित्र श्रीमान, मैं इस ग़लतफ़हमी को साफ करना चाहता हूं कि योग उतना योग नहीं है जितना लोग सोचते हैं ! ‘ इंस्पेक्टर साहेब फिर से चहकने लगे थे !
‘ हाल के समय में फ़ेक योग यानी फ़र्ज़ी आसनों का सबसे जीता – जागता उदाहरण शवासन हैं ! आपको बता दें कि शवासन एक ऐसा आसन है जिसमें शव की मुद्रा में लेट कर शरीर और दिमाग को आराम दिया जाता है ! किसानों ने क्या किया इस आसन के साथ ? क्या सरकार उनकी खेत में अपनी बीज बोती है ? फिर किसानों ने कैसे योग जैसे सरकारी खेती में अपने आंदोलन बोए ? शवासन क्या अब ऐसे प्रयोग के लिए ही बचा है ? आंदोलन की जगह अगर वो ये आसन अपनी खेतों में करते तो आज कर्ज़ माफ़ी के लिए उन्हें आत्महत्या न करना पड़ता !’
साइलेंस इधर !
साइलेंस उधर !
‘ योग लंबे वक्त तक एक बंद दुनिया थी, जिसमें कुछ ही लोगों की पता नहीं कैसे एंट्री होती थी ! लेकिन सोशल मीडिया ने योग की बंद दुनिया को छिन्न भिन्न कर दिया है ! आप शवासन क्यों कर रहे थे ? उसके इस सवाल से मेरे कान खड़े हो गए ! अब क्या हुआ ? मैंने डरते डरते सोचा !
‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! ‘
‘ अपने शहर में योग आसन की निगरानी करने वाले एक समूह से जुड़ जाइये !, जिसे स्थानीय लोग खुद ही मिल कर चला रहे हैं ! ये नेटवर्क स्थानीय निवासियों का एक समूह है जो मीडिया में दिखाए गए शहरों के योग प्रदूषण को मापते हैं और उनके आंकड़ों को ट्विटर पर जारी करते हैं ! ‘
योग का अभ्यास आज से ही आरंभ करने का दृढ़ संकल्प कर इसके विभिन्न लाभों को स्वयं अनुभव कीजिए ! फेसबुक और इंस्टाग्राम के बिना योग फीकी है ! हर वक्त अपना सोशल मीडिया अकाउंट अपडेट करते रहें ! तेजस्वी स्वास्थ्य, सफलता, शांति, समृद्धि तथा अमरत्व के लिए ईश्वरीय आशीर्वाद आप को प्राप्त हो ! तीन सौ साठ डिग्री फिटनेस पा कर आप हर कोण से अपना सेल्फी ले सकें ! एक कुर्सी पर स्वस्थ और तटस्थ बैठने की स्थिति को आप भी जल्द प्राप्त  करें
कंप्यूटर के सामने बैठे रहने का आदर्श आसन आप को प्राप्त हो ! सबको गूगल खोज में आप मिल जाएँ ! मेरे मन में आप के लिए यही स्टेटस हैं !

‘ किसी ने ठीक कहा है योग में आय का कोई तय पैमाना नहीं है ! ‘ मैंने सोचा ! पर योग क्रिमिनल का ज्यादा सोचना क्या ठीक है ? मुक्ति मिलते ही मैं सर पर पाँव रख कर भाग गया !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात …

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात राष्ट्रपति भवन से एक बग्घी आएगी और हमारे बीच से राष्ट्रपति को चुन कर राष्ट्रपति भवन ले जाएगी !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गहन विचार विमर्श !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात भोज, भोज, भोज और भोज !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात राष्ट्रपति के नाम की घोषणा !
राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार का विकल्प काल्पनिक होता है !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात पहले आप, पहले आप और पहले आप !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात समर्थन, समर्थन, और समर्थन !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात विपक्ष की सियासत में दरार !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात घोषणा, घोषणा, और घोषणा !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात किस प्रकार विपक्ष को एकजुट रखा जाए !
राष्ट्रपति की राह में दस्तख़त ही दस्तख़त होते हैं !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात दस्तख़त, दस्तख़त, दस्तख़त और दस्तख़त !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात केमिस्ट्री, केमिस्ट्री, केमिस्ट्री और केमिस्ट्री !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात बैठक, बैठक, बैठक, बैठक, और बैठक !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गैर – राजनीतिक व्यक्ति को ही राष्ट्रपति बनाया जाए !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गठबंधन, गठबंधन और गठबंधन !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात हम अपनी पसंद के उम्मीदवार को राष्ट्रपति नहीं बना सकते !

राजनीति में जितने भी व्यक्ति है सभी निष्पक्ष हैं, ईमान की बात कहते हैं, सिर्फ राष्ट्रहित की बात सोचते हैं, और भारत को अपनी पार्टी से बड़ा मानते हैं !
हमारे नेताओं के पास अपना विवेक, अपना अंतःकरण, और अपना ईमान है !
राष्ट्रपति मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और चेतावनी देते हैं !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गैर – राजनीतिक राष्ट्रपति की मांग !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात एक सर्वसम्मत उम्मीदवार !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात सर्वसम्मति किसी राजनीतिक व्यक्ति पर ही हो सकती है !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात ये आए और वो गए !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात विपक्षी दल सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से बचती है !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात आंकड़ों का खेल !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात प्रत्याशी की स्थिति मजबूत होती जाती है और विपक्ष कमज़ोर पड़ता जाता है !

 

Part – II

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात …

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात खानापूर्ति का मुक़ाबला !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात हेडलाइन के अलावा कुछ नहीं !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात शुरुआती ना – नुकर के बाद हामी !
राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार अर्थात सामाजिक प्रतीक !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात राजनीतिक फैसले जो मिनट और सेकेंड में बदलते हैं !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात संवाददाताओं से बातचीत !

हमारे पास राष्ट्रपति के इतने होनहार उम्मीदवार हैं कि दुसरे देश भी इसका लाभ ले सकते हैं !

स्वर्ग में एडमिशन

स्वर्ग

स्वर्ग में एडमिशन भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा है, जिसके लिए हम सब मरते हैं ! आज अखिल भारतीय स्वर्ग संस्थान के प्रवेश परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं ! स्वर्ग में एडमिशन के लिए अखिल भारतीय स्वर्ग संस्थान ने रिजल्ट और मेरिट लिस्ट दोनों जारी कर दी है ! मरने के बाद उम्मीदवार अपना परिणाम स्वर्ग की अॉफिशियल वेबसाइट पर जाकर भी देख सकते हैं !

एंट्रेस एग्‍जामिनेशन फॉर स्वर्ग का आयोजन पुरे देश में रोज़ किया जाता है ! स्वर्ग में एडमिशन की इस प्रवेश परीक्षा को मृत्यु लोक की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षा मानी जाती है ! ऊपर वाले की सरकार अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्वर्ग में एडमिशन की लिस्ट की कन्फर्म और वेटिंग की स्थिति भी बता देती है ! रोज की तरह आज सुबह भी स्वर्ग में एडमिशन की प्रक्रिया कुछ वजहों को लेकर चर्चा में रही !

वर्तमान अध्यात्म और मानव अनुभव के अनुरूप जब मैं स्वर्ग के पास पहुंचा तब स्वर्ग में एडमिशन का ख़्वाब देखने वालों की स्वर्ग के मेन डोर पर ही काफी भीड़ थी ! सूचना की कमी से भ्रम और अराजकता बनी थी ! प्रवेश फार्म और स्पष्टीकरण प्राप्त करने के लिए देश के कई किसानों के खड़े होने के कारण चल रहे भ्रम की स्थिति में ऐसा लग रहा था कि किसान आंदोलन धरती से उठ कर स्वर्ग के दरवाज़े पर पहुँच गया है ! भ्रम और अराजकता के बीच यमराज ने अभी तक आज का एडमीशन शुरू नहीं किया था !

‘ मैं यमराज हूँ ! ‘ यमराज ने अपना फॉर्मल परिचय दिया ! ‘ स्वर्ग उन लोगों के लिए है जिन्होंने मरने से पहले अच्छे काम किए हैं और नरक की बात मैं यहाँ नहीं करना चाहता ! आप लोग भी अपना परिचय दीजिये ! ‘ यमराज ने मेरी तरफ देखते हुए बोलने का इशारा किया ! ‘ मैं परमानंद की अवस्था में अपनी जमीन जोत रहा था ! खेत ही मेरा स्वर्ग था ! अपनी जमीन को जोतने में इतना डूबा हुआ था कि पता ही नहीं चला कब गोली चली और मैं मर गया ! ‘
‘ खेत में आपको लगता था कि आप स्वर्ग में हैं ? आप जर्नलिस्ट हैं क्या ? ‘ यमराज ने मुझसे प्रश्न किया ! ‘ मैं किसान हूँ ! ‘ मैंने उत्तर दिया !
‘ किसान थे ! अभी आप स्वर्ग में एडमिशन के प्रत्याशी हैं और आप का नाम वेटिंग लिस्ट में भी नहीं है ! खाली हाथ स्वर्ग आये हैं ? ‘ यमराज ने पूछा !
‘ मैं किसान हूँ ‘ मैंने दुबारा कहा ! ‘ ये स्वर्ग है, बैंक नहीं ! ‘ यमराज हँसते हुए बोले ! ‘ बार बार किसान कह कर मुझे मत डराइए ! अपने कर्मो का फसल कहाँ छोड़ आये ? ‘ सभी आत्मा हंस पड़े ! मैं झेंप गया ! यमराज ने मुझे बुद्धिजीवी मान कर बात आगे बढ़ा दी !
‘ सुना है कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम में प्रमुख लोग क़र्ज़ माफी के ख़िलाफ़ हैं ?
‘ अधिकतर किसान अपना कर्ज़ समय पर चुकाते हैं ‘ मैंने जवाब दिया !
‘ किसानों की आत्महत्या के पीछे प्रमुख कारण वित्तीय समस्या ही है ! छोटे ऋणों ने मुझे मारा है ! ‘
यदि आपको अपनी मृत्यु की शिकायत करनी है तो आत्महत्या हॉटलाइन से संपर्क करें ! यमराज ने मुझे फिर हुड़का ! ‘ कृषि की रिपोर्ट मिडिया करती है और मिडिया को मैं भी जानता हूँ ! ‘ अपनी सेल्फी लेते हुए यमराज ने मुझ पर तंज़ किया ! ‘ दस किसान रोज मरते हैं ! ‘ सरकार ने किसानों से किया चुनावी वादा पूरा कर दिया है फिर आप क्यों मरे ?
‘ मेरे मरने के बाद क़र्ज़ माफ़ किया गया ! ‘ मैंने जवाब दिया !
‘ आप नए किसान होंगे ! मैं पुराना यमराज हूँ ! मुझे सरकारी आंकड़ा मत दीजिये ! मैं सबके दाने – दाने को जानता हूँ ! बैंकों से फसली ऋण ले कर माफ़ कराना कहाँ का फैशन है ? दूसरे सेक्टर के बारे में सोचिये ! कलाकारों और फिल्मकारों के बारे में सोचिये ! बेचारों को कोई क़र्ज़ भी नहीं देता ! प्राइवेट स्वर्ग में एडमिशन लीजिये ! मैनेजमैंट कोटा में फार्मर्स कोटा भी है ! स्वर्ग में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय धार्मिक पात्रता परीक्षा पास कीजिये ! आत्महत्याओं पर शोध से पता चला है कि मीडिया द्वारा असंवेदनशील रिपोर्टिंग की वजह से कई किसान मारे गए हैं ! डायरेक्टरेट ऑफ स्वर्ग के मुताबिक आज के स्वर्ग में एडमिशन प्रक्रिया का ऐलान बाद में किया जाएगा ! यमराज आगे बोले ‘ किसान भाई घर और खेत के आसपास के स्वर्गों की एक लिस्‍ट तैयार करें ! फिर उनमें से उन स्वर्गों को शॉर्टलिस्‍ट करें जहां आप एडमिशन के लिए आवेदन करेंगे ! सब बैकुण्ठ जायेंगे तो खेत कौन जोतेगा ? आप सब में से जो जा सकते हैं अच्छे और प्राइवेट स्वर्गों में जाइये ! बाज़ार और सरकार के फ़ैसले किसान के ख़िलाफ़ गए हैं ! बेकाबू किसानों के आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस को गोलियां चलानी पड़ी ! मैंने भी सब देखा है ! कई जगहों पर किसानों ने प्याज़ और टमाटर सड़क पर ही गिरा दिए ! किसानों का प्रदर्शन बताता है कि परिस्थितियां बिगड़ी हैं ! मेरे पास छोटा सा सरकारी स्वर्ग है ! दूसरी और पुण्य आत्माएँ भी हैं, मैं सभी किसान भाइयों को स्वर्ग में एडमिशन कैसे दे सकता हूँ ? ‘
आदत से मज़बूर किसान स्वर्ग के सामने यमराज के मनमाने और भेदभावपूर्ण नीतियों के ख़िलाफ़ नारे लगाने लगे ! मुझ जैसे कुछ किसानों ने नर्क का रास्ता लेने की जगह फिर से भारत में किसान बनने की ठान ली और लौट चले !

हवा की खेती

हवा

हवा की खेती एक लोकप्रिय खेती है ! इस खेती को करने का संकल्प ही इसका बीज है ! हर साल जब हम इकठ्ठे होकर लालकिले पर तिरंगे को लहराते हुए देखते हैं तो एक ‘हवा’ बनती है !

सूखे खेतों में खेती का बंपर उत्पादन ही हवा की खेती है ! हवा की खेती के तहत ग्रामीण इलाकों में सिंचाई, क़र्ज़, बिजली, प्राथमिक शिक्षा, चिकित्सा सेवा, सड़कों का निर्माण, आदि बुनियादी ढांचे के ‘विकास की हवा’ की पैदावार होती है !

सांप्रदायिकता हमेशा आधुनिक समाज के लिए खतरा होगी इसीलिए हवा जरुरी है ! बिना विचार हवा नहीं बहती ! नास्तिक, कम्यूनिस्ट, आंबेडकराइट, लोहियाइट, सावरकराइट सब हवा के फसल हैं ! गली – चौराहों पर रखी तरह तरह की मूर्तियाँ हवा के बीज हैं !

हवा की खेती शहरी खेती है ! हवा की खेती करने वाला किसान सिर पर मटमैली पगड़ी नहीं बाँधता ! हवा के किसान की फसलें साल के बारहों महीने लहलहाती हैं ! अपनी कुंठा, बेचैनी, बेबसी और लाचारी से बचने के लिए लोग इस हवा का सेवन करते हैं !

भारत जैसे एक बहु – धार्मिक समाज में, एक धर्म के सामान्य धर्मनिरपेक्ष हित दूसरे धर्म के अनुयायी के हितों से भिन्न और भिन्न हैं इसीलिए यहाँ हवा की खेती होती है ! सांप्रदायिक वातावरण में हवा की खेती राजनीतिक व्यापार है !

हवा के खेती में विभिन्न धर्म या विभिन्न समुदायों के अनुयायी के हितों को पूरी तरह से असंगत, विरोधी और शत्रुतापूर्ण माना जाता है ! हवा के बीज़ खुले तौर पर टीवी पर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया पर सभी धर्मों के संस्थानों में मिलते हैं !

हर कोई हवा की खेती के माध्यम से राष्ट्र को बदलना चाहता है ! हवा की खेती करने वाला किसान फार्मर कम फ़ासिस्ट ज्यादा होता है ! हवा की खेती करने वाला किसान मीडिया को नियंत्रित करता है ! सांप्रदायिक हिंसा हवा की प्रसिद्ध फसल है !

हवा की खेती की ताकत आलोचना में है ! हवा की खेती से कोई भी खुद को को एक व्यापार – प्रेमी, निवेशक – अनुकूल प्रशासक, एक करिश्माई नेता के रूप में पुनर्निर्मित कर सकता है ! भारत के सबसे विवादास्पद राजनीतिज्ञ हवा की खेती के सबसे महंगे फसल होते हैं !

हवा की खेती केवल ऑनलाइन, सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से होती है ! जो मिडिया पर अपनी पकड़ रखते हैं और टेलीविजन देखते हैं वो हवा की खेती की हर फसल को पहचान सकते हैं ! हवा की खेती देश की सेवा में होती है और हर एक नागरिक की सेवा में होती है !

रोजगार और विकास की हवा हवा की खेती की सबसे अच्छी और उन्नत किस्म है ! दलित हवा को दंगा कराने और आग लगाने का जन्मसिद्ध लाइसेंस मिला है ! अल्पसंख्यकों के खिलाफ जो हवा बनती है वो व्यक्तिगत डोमेन में बहती है !

विकास की देशव्यापी हवाओं को जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है ! देश भर में हवा संकट का राग अलापते हुए सरकार ने देश भर में विकास की हवा को आपस में जोड़ने का लुभावना हवाई प्रस्ताव जनता के सामने छोड़ दिया है !

लाखों और करोड़ो लोगों के प्रयास से एक हवा बनती है ! ‘विकास की हवा’ एक राष्ट्रीय संसाधन है ! महत्वपूर्ण बात ये है कि किसी भी क्षेत्र में उपलब्ध ‘विकास की हवा’ के उपयोग की प्राथमिकताएँ सोच विचार कर तय होनी चाहिए और ‘हवा’ की उपलब्धता के अनुकूल ही उपयोग का नियोजन होना चाहिए !

हवा की ही हवा बन रही है ! विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार विकासशील देशों में विकास के हवा की भारी किल्लत है ! विरोधी लहर हवा की खेती का सबसे बड़ा दुश्मन है !

यदि आप हवा की खेती में शामिल होना चाहते हैं, तो वस्तु के बजाय, अपनी शिक्षा और नेटवर्क का उपयोग करें ! हवा की खेती में क्रांतिकारी बदलाव के लिए हमारे देश को वास्तव में युवाओं की ज़रूरत है !

बूँद बूँद हवा से ही अफ़वाह भी बनती है, जो अच्छी हवा की फसल को नष्ट कर देती है ! जब तक हम अपनी वैचारिक जनसंख्याँ – वृध्धि पर जल्द से जल्द लगाम नहीं लगाते तब तक भारत में हवा की खेती का भविष्य उज्जवल है !

संकट काल में हवा की खेती देश का संकट दूर करता है ! विकास की हवा जिन्दगी के साथ भी, जिन्दगी के बाद भी !

विश्वसनीय चेतावनी : कृषि का अभ्यास न हो तो हवा की खेती न करें !

मैं टॉपर कैसे बना

१.

टॉपर होने का अधिकार सबके पास है ! फिर हमारे बीच इतने कम टॉपर्स क्यों हैं ? मैं स्कूल से घर लौटते समय रोज यही सोचता था ! एक ही बात जब आप कई बार सोचते हैं तो बार – बार सोचने से सोची हुई बातें दिमाग में बार – बार जनम कर मरती हैं ! इच्छा नहीं पूरी होने पर दिमाग में जनम कर बार – बार मरने से बातें भूत बन जाती है और सोचने वाले की दिमाग पर सवार हो जाती है ! मुझ पर टॉपर बनने का भूत सवार हो गया था !
‘ किस बात में टॉपर बनना है ? ‘ मेरी ज़िद से हार कर एक रात भूत ने मुझसे पूछा !
‘ मुझे तो बस टॉपर बनना है ! कोई भी बात हो मुझे कोई फरक नहीं पड़ता ! ‘ मैंने तपाक से जवाब दिया !
‘ तुम्हारा विषय क्या है ?’
‘ जो कुछ स्कूल में होता है वही मेरा विषय है !’
‘ स्कूल में क्या होता है ?’
‘ स्कूल में हम खाना बनाते हैं !’
‘ तो तुम्हे खाना बनाने में टॉप करना है ?’
‘ नहीं, मुझे खाना खाने में टॉप करना है !’
भूत का आश्चर्य भरा चेहरा शायद मुझसे पहले किसी ने नहीं देखा हो ! आश्चर्य से भूत का चेहरा पाकिस्तान के नक़्शे सा डरावना हो गया था ! भूत के चेहरे के नक़्शे में कश्मीर से पानी चूने लगा ! खाने का नाम सुन कर गाँव के भूतों के मुंह में भी पानी आ जाता है !

२.

बचपन में मेरे लिए पका हुआ गर्म खाना बहुत बड़ी लालच थी ! गरीबी की वजह से मैं भूखा रहता, इसी के चलते मेरी माँ मुझे स्कूल भेज देती ! स्कूल के मिड डे मील में रोज पके – पकाये भोजन का लालच एक आशीर्वाद के रूप में मेरे काम आ गयी ! मुफ्त खाने के लिए मैं स्कूल जाता था और खाने में छुपी हुई योजना के मुताबिक खाना खाते – खाते मैं चमत्कारिक रूप से पढ़ना भी सीख गया !

मिड डे मील के कैलोरी का हिसाब किताब रखने के चक्कर में मैं आने, खाने और जाने से ऊपर उठ गया ! दो दूनी चार का पहाड़ा मैंने अपने भूखे पेट की अंतड़ियों से सीखा था ! वो खाली होने पर गुड़ – गुड़ दो, दो दूनी गड़ – गड़ चार करती ! मैं अपने एक हाथ को मुंह तक ले जाता और खाने का इशारा करते हुए दो तिया छह कहता ! गुरूजी ये देख कर कक्षा में मुझे खूब शाबाशी देते ! दू चौके आठ कहते हुए गुरुजी अपने बज्र हाथों को मेरी पीठ पर धम से पटक देते और खूब हँसते ! उनकी हंसी से मिल कर मेरी पीठ पर पड़े धौल का दर्द मेरे चेहरे पर फ़ैल जाता ! दू पंचे दस कहता हुआ मैं दर्द से बिलबिला कर बैठ जाता ! मेरे दस कहते ही दस ग्राम तेल सब्जी में डाल दिया जाता ! ये गिनती मिड डे मील के खाने की मात्रा की थी जो गुरूजी मुझसे खाना बनवाते हुए पढ़वाते ! ये मेरी गणित की कक्षा थी ! मिड डे मील की कैलोरी गणना के साथ स्कूल मेरे लिए भूख, दर्द और गुरूजी का ठहाका था, पर आग पर पकते हुए खाने की गंध मेरा सब दुःख हर लेती !

३.

मैं खाने की लालच में मिड डे मील के राशन की बोरियों को बैलगाड़ी से अपने कंधों पर उठाकर एक कमरे में रखता ! ये मेरी खेल की कक्षा थी ! गुरूजी खेल – खेल में मुझसे सभी बोरियाँ ढुलवा लेते ! इस खेल से मेरी पीठ की हड्डी दुखती पर कंधे और घुटने मजबूत हो गए !

रोज सुबह मेरा स्कूल एक रसोईघर बन जाता ! कूक के नाम पर बाबुओं के फाइलों और रजिस्टरों में साल भर धान की बुआई चलती जिसकी वजह से कुक खाना बनाने मेरे स्कूल में कभी नहीं आते ! मैं और गुरूजी मिल कर खाना पकाते और खाते ! मुझे मिड डे मील का मेनू कैलोरी सहित याद था और पुरानी किताबों को फाड़ के ईंधन तैयार करने में मुझे समय नहीं लगता था ! गुरूजी की मार खाते हुए मैं खाने के पकते ही खाना खाने को तैयार हो जाता !

मिड – डे मील योजना की शुरुआत करने के पीछे एक मकसद ये भी था कि बच्चे भोजन मिलने की वजह से स्कूल जाने में रुचि दिखाएंगे ! भोजन और पढ़ाई को एक साथ जोड़कर देखा गया ! मिड डे मील की व्यवस्था में भोजन और पढ़ाई को एक साथ जोड़कर देखने वाले को सदा मेरा सादर प्रणाम रहेगा ! शिक्षा और भोजन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं जिसे सरकार उछालती है और स्कूल में गुरूजी के साथ उसे मैं लूटता हूँ !

स्कूल में दोपहर के भोजन से सामाजिक समरसता भी कायम होती है ! सभी बच्चे बिना किसी भेदभाव के साथ बैठकर भोजन ग्रहण करते हैं ! बच्चों में स्कूल के चौकीदार कुत्ते के छः बच्चे भी शामिल हैं ! कुत्ते के बच्चे भी हमारे साथ खाते हैं ! यह एक बहुत बड़ा सामाजिक बदलाव है, जिसकी जरूरत भारत को है ! ये मिड डे मील की उपयोगिता है ! जो सामाजिक समरसता को बढावा दे रहा है ! मुझे इस बात का अफ़सोस है कि सरकारी स्कूलों को लेकर आज भी अभिभावकों के मन में अच्छी सकारात्मक सोच नहीं है ! दुःख की बात है जो भारतीय परिवार थोड़े सी भी अच्छी आय वाले हैं, उनके बच्चे प्राइवेट स्कूलों में ही शिक्षा प्राप्त करते हैं !

४.

मिड डे मील स्कीम में लोहे, फोलिक एसिड, जस्त और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों के आपूर्ति की सिर्फ परिकल्पना की जाती है ! मिड डे मील की थाली में इन सब तत्वों की भीड़ नहीं होती ! गुरूजी को साफ़ थाली पसंद है ! मैं अपने हिस्से की छः रुपये अठारह पैसे की अपनी साढ़े चार सौ कैलोरी के भोजन को इतनी लगन से खाता कि मेरे खाने के बाद थाली में कुत्ते तक के लिए चाटने को कुछ नहीं बचता !

मेरी कक्षा में मेरा प्रतिद्वंदी खूंखार था ! उसके बड़े नाख़ून और पैने दांत थे ! मुझे अपना खाना उससे लड़ के जीतना पड़ता था ! जिस दिन मैं खाने में टॉपर बना उस दिन आलू और सोयाबीन की तरी वाली सब्ज़ी और रोटी बनी थी ! उस दिन ये तब की बात है जब मैंने सिर्फ सब्जी खाई थी, वह भी बारह ग्राम प्रोटीन के छः सोया बीन के दाने में से सोयाबीन के दो दाने मेरी मुंह में गए थे ! तभी कुत्ते ने मेरी रोटी पर पंजा मार दिया ! नज़र हटी और दुर्घटना घटी ! एक सौ ग्राम गेहूं की दोनों रोटी कुत्ते की मुंह में थी !

प्राकृतिक रूप से खाना छीनने के लिए कुत्ता मुझसे ज्यादा प्रशिक्षित था ! उसके मुंह में मेरी रोटी फंस गयी थी ! उसकी गर्म आँखों में भूख का एक तूफ़ान था जिसे मैं बहुत देर तक नहीं रोक सकता था ! वो मेरी रोटी किसी भी वक़्त निगल जाता ! मुझे अपना स्टेटस दिख गया था ! मैं कुत्तों से प्यार करता हूं, और मैं कभी भी कुत्तों को चोट नहीं पहुंचा सकता ! हमारे बीच एक सौ ग्राम का खाद्य अनाज था जिसकी मुझे भी बड़ी जरुरत थी ! मुझे बहुत भूख लगी थी ! मुझे अपनी बुद्धि से अपना भोजन कुत्ते से बचा कर आज टॉपर बनना था !

तभी एक बिल्ली वहाँ से गुजरी ! जानवरों से मुझे बहुत प्यार है ! बिल्ली को मैंने अनदेखा कर दिया ! बिल्ली मुझे एक नियमित शिकार की तरह देखती ! बिल्ली को मेरी शिक्षा, स्कूल और सबकुछ जो स्कूल में मेरे साथ होता उसे बस नाटक लगता ! मैंने बिल्ली की आँख में बार बार यही पढ़ा था ! शरीर की भाषा को पढ़ने में हम दोनों के गुरु एक ही थे !

‘ हिम्मत मत हारो – हिम्मत मत हारो ‘ मुझ पर टॉपर होने का सवार भूत बार बार यही कह रहा था ! भूत की ये बात मेरा ध्यान भंग कर रही थी ! मैंने एक पल के लिए अपने भूत को झटक के उतारा ! भूत को ये अच्छा नहीं लगा और टॉपर बनने का भूत कुत्ते पर सवार हो गया ! अब सब परिस्थितियों का खेल था ! कुत्ता काफी बुद्धिमान था ! अधिकांश कुत्तों को पीछे की ओर जाने के लिए प्रशिक्षित नहीं किया जाता है, इसलिए वे तेजी से संतुलन और स्थिरता खो देते हैं ! इस कुत्ते में मौके को देखकर आगे और पीछे जाने की अद्भुत क्षमता थी ! कुत्ते का ध्यान खाने से हटाने के लिए मैं कभी बन्दर तो कभी खरगोश की तरह उछलता रहा ! खाने की गंध ने हम दोनों को बाँध दिया था ! हमारी नज़रें लॉक हो गयी थीं ! मैं उछला तो वो भी उछला ! मुझे खाने पर से कुत्ते का ध्यान हटाने के लिए अजीब, अप्रत्याशित और अराजक नृत्य करना पड़ा ! मैंने बैक अप लिया कुत्ते ने भी बैक अप लिया ! मैं नीचे झुका वो भी नीचे झुका ! इस बिंदु पर अब हम दोनों में से किसी एक को टॉपर होना था !

सौभाग्य से रोटी पर एक मख्खी आ कर बैठ गयी ! कुत्ते की नज़र मख्खी की वजह से एक पल के लिए ही भटकी ! बस मैंने तपाक से अपनी रोटी कुत्ते की मुँह से छीन ली ! कुत्ता हार गया ! मैं जीत गया और टॉपर हो गया !

५.

अपने स्कूल में अगर आप टॉपर नहीं बन पाए थे तो मेरे टॉपर होने की कहानी को पढ़ कर आप को अपने टॉपर नहीं बनने का अब कभी बुरा नहीं लगेगा !

 

इस पोस्ट का अर्चना चावजी द्वारा तैयार किया गया उनकी ही आवाज़ में पॉडकास्ट  !  

 

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