हिस्ट्री की स्त्री

हिस्ट्री की स्त्री

शादी के बाद जब से मैंने अपनी पत्नी से कहा है कि मेरी प्रेम कहानी अब हिस्ट्री हो गयी है, तब से हिस्ट्री की बात चलते ही मेरी पत्नी के सामने मेरी पुरानी प्रेमिका खड़ी हो जाती है ! कल मेरे मुँह से हिस्ट्री की स्त्री पद्मावती का नाम सुनते ही मेरी पत्नी के कान खड़े हो गए !

मेरी पत्नी हिस्ट्री की छात्रा रही है और लगातार मेरे ब्राउज़र के हिस्ट्री की जाँच करती रहती है ! मेरे जीवन के पूर्व की घटनाओं और उससे जुड़े लोगों के जीवन का अध्ययन ही मेरी पत्नी के ज्ञान का स्त्रोत है ! उनको इतिहास की सभी तारीखें याद हैं, जैसे मेरी प्रेमिका 2009 में दुबई शिफ्ट हो गई ! साल 2013 में दुबई – देवी को बच्चा हुआ ! 2014 में 24 मई को इंडिया आयी, 22 जून को चली गयी …

अतीत की घटनाओं के बारे में मेरी पत्नी के मौखिक इतिहास के ज्ञान को सुन कर इससे पहले कि आप किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचे आपको बता दूँ मेरी शादी के सात वर्ष बाद भी मेरी पत्नी का प्यार मुझसे कम नहीं हुआ है ! एक पुरुष की पहुंच के बाहर की बारीक संवेदनाओं का अनुभव एक स्त्री ही कर सकती है !

मुझसे प्रेम की वजह से ही मेरी पत्नी का मेरी हिस्ट्री की स्त्री से प्रेम बना हुआ है !

इतिहास का क्षेत्र बड़ा व्यापक है ! किसी के प्राचीन इतिहास को जानना एक कठिन प्रक्रिया है ! वैसे तो इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से शुरू होता है, पर मेरी इस कहानी का इतिहास मेरा आधुनिक काल का इतिहास है – जिसमे मेरे जीवन का आधुनिक काल दर्ज़ है ! मेरा प्राचीन अतीत – जिसमें मेरे बचपन का इतिहास दर्ज़ है और मेरी शादी के बाद अर्थात स्वतंत्रता के बाद का इतिहास – मेरे जीवन काल के ये खंड मेरी पत्नी को मेरे इतिहास की कहानी का कालानुक्रमिक विवरण देते हैं ! मेरी पत्नी का मानना है कि विकिपीडिया पर उनके बारे में पढ़ा जाता है जिनका अपना इतिहास नहीं होता !

मैं अपना इतिहास लिखना कहाँ से शुरू करूँ ? मेरा इतिहास मंदिरों, परिसरों, महलों, मस्जिदों, कब्रों आदि से भरा है ! मैं अपनी हिस्ट्री की स्त्री के साथ इन स्थानों में भटक चूका हूँ ! मेरा इतिहास जान कर कोई भी डर सकता है इसलिए मेरे इतिहास में सूर्यास्त के बाद प्रवेश कानूनी तौर पर प्रतिबंधित है !

मॉडर्न इतिहास की एक स्त्री ने अपने बेटे का नाम तैमूर रखा तो मेरे घर में ये बड़ी बहस का विषय बन गया था ! कई लोगों ने इसे व्यक्तिगत मामला कहा तो कई लोगों ने इस बात पर एतराज़ जताया और कहा कि एक जालिम आक्रमणकारी के नाम पर बेटे का नाम रखना ग़लत है ! इस इतिहास की वजह से देश की घर – घर की हवा में जहरीली गैसों की मात्रा कानूनी तौर पर तय सीमा को पार कर गयी थी !

आज टेलीविजन पर दिखाए गए इतिहास को सिनेमा में दिखाए गए इतिहास से मिलाना एक्स गर्लफ्रेंड को पत्नी से मिलाने जैसा है ! ऐसी ऐतिहासिक मिलन से पैदा मिक्स्ड मिडिया का इफ़ेक्ट आप के जीवन की शांति भंग कर सकता है !

ज्ञान और गूगल पर आधारित इतिहास एक पिघलने वाला पात्र है जिसे जो चाहे अपने मनपसंद आकार में ढाल सकता है !

इसलिए फास्ट फॉरवर्ड …

अब किस्सा ये है कि दुबई की देवी, ‘पद्मावती’ कॉन्ट्रोवर्सी के बाद मेरा ‘इतिहास’ जानना चाहती है ! मेरे लिए ये बहुत नाज़ुक मसला बन गया है ! मैं पद्मावती को खुद नहीं जानता !

नौ हज़ार वर्षों के इतिहास, सभ्यता और विरासत में हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख जैसे चार धर्मों की जन्मस्थली के सत्ताईस यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों, साठ राष्ट्रीय उद्यान, चार सौ जंगली जीवन अभयारण्य, साढ़े सात हज़ार किलोमीटर समुद्री तटों , लाखों हेक्टेयर जंगल, डेढ़ सौ नृत्य रूपों, आयुर्वेद और योग में पांच हज़ार वर्षों के अनुभव और बाइस भाषाओं में डेढ़ हज़ार बोलियों के साथ जो कोई भी पांच वर्षों तक साधारणतः भारत में रहा है, वह भारत का इतिहास हो गया है ! अपनी हिस्ट्री की इस्त्री को कौन सा इतिहास समझाऊं ? यही मेरी उलझन है !

पुरुष चाहे जितना अक्लमंद हो, ऐसी कुछ बातें पृथ्वी पर मौजूद हैं जिन्हें समझना संभव नहीं है, ऐसी बातों में प्रमुख है स्त्री ! स्त्री को समझने में पुरुष नाकाम रहा है ! अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार भारत के हिस्ट्री में स्त्री को देवी का दर्जा दिया गया है ! ,यह बात और है कि इस देवी के साथ हमारा समाज क्या सुलूक करता है ये भी टाइम्स ऑफ इंडिया को पता है !

हमारे देश में इतिहास हाथ के कौशल से तैयार किए गए रचनात्मक उत्पाद हैं जिनके लिए किसी आधुनिक मशीनरी और उपकरणों की मदद नहीं ली जाती पर इसका उपयोग प्रशासन की मशीनरी में सफलतापूर्वक उत्पात मचाने के लिए किया जाता है ! आजकल हस्त – निर्मित उत्पादों को फैशन और विलासिता की वस्तु माना जाता है और हमारा हैण्ड मेड हिस्ट्री उन्ही में से एक है !

मेरी इतिहास में पद्मावती कैसे घुस गयी ? यही सोचता हुआ मैं भी इतिहास में घुसने की कोशिश करने लगा ! इतिहास में प्रवेश करने के लिए कोई कठोर नियम नहीं है ! कोई भी इतिहास में प्रवेश कर सकता है ! भारतीय राजनीति में कई प्रसिद्ध लोग जो अपनी जवानी में ही इतिहास में प्रवेश कर गए थे, आज भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक बन गए हैं !

मैं भी इतिहास में प्रवेश करने की कोशिश करने लगा ! इतिहास रिश्तों की एक गुफा है और इस गुफा के अंदर सबकी हिस्ट्री की स्त्री रहती है ! वहां अँधेरा था ! दोनों तरफ पत्थर की बनी हुई ध्वस्त कलाकृतियां थीं ! गुफा में इन इतिहासों पर चलना सबसे बड़ी टेढ़ी खीर थी ! इतिहास के रास्ते दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में से एक हैं जिस पर हर पल मौत मंडराती रहती है ! इतिहास के इन रास्तों से गुजरने वाला कभी भी मौत के मुंह में जा सकता है ! इन इतिहासों से गुजरना तो दूर इन्हें देखना ही बड़ा भयावह होता है ! अगर इन इतिहासों में कोई झाँकने की सोचे तो उसे दिलो – दिमाग से फौलादी होना चाहिए !

गुफा में भारत के विविध पारम्परिक वर्गों के धर्मों से जुड़े रीति – रिवाज़ों के अनुरूप करोड़ों इतिहास बिखरे हुए थे ! कुछ इतिहास तो मूल रूप से सिनेमा के लिए ही बनाए गए थे जो विवादों के कारण लोगों द्वारा बहुत पसन्‍द किए जाते हैं !

काल्पनिक पद्मावती राजस्थान की लोक चेतना में अपने सतीत्व की रक्षा के लिए जौहर करने वाली एक अत्यंत साहसी रानी के रूप में उपस्थित हैं पर गुफा में कई पद्मावती जातिगत उपेक्षा, सैलरी में अंतर, बलात्कार और यौन उत्पीड़न, जैसी असमानताओं से घिरी थी ! विद्वानों का मानना है कि प्राचीन भारत में महिलाओं को जीवन के सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ बराबरी का दर्जा हासिल था !

गुफा में ऐतिहासिक महिलाओं की कमी थी ! पद्मावती को समझने के लिए गुफा में पद्मावती से मिलना बहुत जरुरी था ! मैं इतिहास की गुफा में घुसा हुआ था ! मेरी पत्नी बाहर से ये सब देख रही थी ! मेरी हालत विचित्र थी ! अपनी पद्मावती को इतिहास की पद्मावती में ढूंढ रहा था !

‘ सेल्स में घुसिए इतिहास में क्यों घुस रहे हैं ? ‘ मेरी पत्नी ने कहा ‘ घुसना है तो शेयर मार्किट में घुसिए ‘ वो आगे बोली ! ‘ देखिये युवाओं को वो भी पॉलिटिक्स में ही घुस रहे हैं, और आप आउट डेटेड इतिहास में घुस रहे हैं ! ‘

फास्ट फॉरवर्ड …

तुम इतिहास में घुसे की नहीं ? मेरी प्रेमिका ने पूछा ‘ तुम अपने इतिहास से इतना डरते क्यों हो ? उसने मुझ से हैश टैग में इंस्टाग्राम पर पूछा !

मैं अपनी प्रेमिका को ये कैसे समझाऊँ कि मेरे हर इतिहास के पीछे की वास्तविक कहानी फुलाए हुए अहंकार के संघर्ष से उत्पन्न हुई व्यथा की कहानी है !

मेरे इतिहास में मेरी पत्नी के साथ मेरा पहला युद्ध हिस्ट्री की स्त्री के लिए ही हुआ !

फास्ट फॉरवर्ड …

मेरी पत्नी मेरा इतिहासकार है ! पत्नियों से बेहतर इतिहासकार मैंने नहीं देखा ! मेरी स्त्री के पास एक ऐसा शास्त्र है जिसके अंतर्गत मुझसे जुडी पृथ्वी और उसके वायुमण्डल के बाहर होने वाली घटनाओं का अवलोकन भी किया जा सकता है !

फास्ट फॉरवर्ड …

देश में रोटी का इतिहास चाहे न हो संगमरमर का इतिहास है !

इति

बड़े चाचा होल पंच जी

होल पंच जी का एक सौ इकतीसवाँ जन्मदिवस

गूगल – डूडल पर आज आदरणीय मशीन होल पंच जी का एक सौ इकतीसवाँ जन्मदिवस मनाया जा रहा है ! होल पंच का अाविष्कार आज के ही दिन हुआ था !

आज ही हमारे प्यारे चाचा नेहरू का एक सौ अठ्ठाईसवाँ जन्मदिन भी है ! दोनों एक ही दिन जन्मे हैं और चाचा नेहरू से होल पंच जी तीन साल बड़े हैं ! इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाले एक छोटे से उपकरण को गूगल ने मंगलवार को अपने होमपेज पर डूडल के तौर पर जगह दी है ! गूगल ने बाल दिवस के दिन छोटे चाचा नेहरू को नहीं पर उनसे तीन साल बड़े चाचा होल पंच को याद किया है !

चाचा नेहरू

होल पंच जी को भी चाचा नेहरू की ही तरह सब नाम से ही जानते हैं ! आज भी होल पंच का यूज पंच करके होल करने के लिए किया जाता है !

चाचा नेहरू के साथ होल पंच ने एक ही टेबल पर बरसों साथ काम किया और होल पंच जी ने नेहरू चाचा के किये हर काम में छेद कर के उसे फाइलों और रजिस्टरों में आने वाली पीढ़ियों के लिए नाथ दिया ! बड़े चाचा ने ही ब्रिटिश साम्राज्यवाद को ख़त्म होते हुए देखा ! स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रमंडल के साथ बने रहने में की गयी कागज़ी तैयारी में बड़े चाचा के योगदान को आज तक नहीं सराहा गया है !

आज जब हर तरफ डिजिटल का जोर है, ऐसे में एक 131 साल पुराना आविष्कार हमारे बीच अब भी प्रासंगिक है ! छोटे चाचा हमसे महारानी की पालकी ढुलवा के स्वर्ग सिधार गए पर मॉडर्न ऑटोमेशन वाले कंप्यूटर युग में रह कर भी बड़े चाचा होल पंच ने हमारा साथ नहीं छोड़ा है और हमारे काम आ रहे हैं !

विभाजन के बाद सीमा के दोनों ओर इंसान, इंसान के ख़ून का प्यासा हो गया था पर बड़े चाचा ने कभी कागज़ में छेद करना नहीं छोड़ा ! छोटे चाचा के लिखे भारत एक खोज को बड़े चाचा ने ही इतिहास की किताबों में नथ्थी कर के बचा के रखा !

राष्ट्र के आधुनिकीकरण के लिए छोटे चाचा नेहरू के प्रयासों में राष्ट्र को पश्चिमी बनाना नहीं बल्कि पश्चिमी संस्कृति के सर्वोत्तम पहलुओं को शामिल करके भारत का विकास करना था ! इसे बड़े चाचा ने ही समझा ! स्वतंत्र भारत में होल पंच जी की वजह से ही मानव जाति के इतिहास की बौद्धिक यात्रा का सही रिकॉर्ड बचा है ! कंप्यूटर के लिए उपनिषद, गौतम बुद्ध की शिक्षाओं, खगोल विज्ञान, गणित, योग और आयुर्वेद को बड़े चाचा होल पंच ने ही बचाया !

स्वतन्त्र भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री का पद सँभालने के बाद छोटे चाचा ने बड़े चाचा को कभी अकेला नहीं छोड़ा !

बड़े चाचा की सादगी का ही नतीजा है कि स्कूल, ऑफिस और सरकारी दफ्तरों में आसानी से नजर आने वाली पंचिंग डिवाइस को राष्ट्रीय महत्व के नए प्रतीक की पहचान दिलाने की कोशिश आज तक नहीं की गयी है !

पंच किए गए कागज की बिंदियों से कौन नहीं खेला है ? आज छोटे चाचा नेहरू के जन्मदिवस पर बड़े चाचा होल पंच के लिए बी के नेहरू से शीर्षक उधार ले कर बस इतना कहूंगा ” प्रिय बड़े चाचा होल पंच जी, ‘ नाइस गाइज़ फ़िनिश सेकेंड !’ कागज़-कलम के दिवानों में होल पंच अमर रहे ! ”

बड़े चाचा होल पंच

हम सिनेमा को तूफान नहीं बना सके

जो उम्मीद सबको मनुष्य कृत पद्मावती से थी अब वो सबकुछ प्रकृति कृत चक्रवाती कर रहा है !
हाय रे मीडिया और मार्केटिंग हम सिनेमा को तूफान नहीं बना सके ! पद्मावती को चक्रवाती तूफान की तरह अरबसागर से उठ कर सौराष्ट्र की तरफ बढ़ना था ! फ़िल्मी पंडितों के अनुसार यह साइक्लोन केरल, मुंबई गुजरात से होते हुए राजस्थान की तरफ बढ़ता ! चैनल और सोशल मीडिया में अगले दो दिनों में यह तूफान दक्षिणी गुजरात पहुँचता और राजस्थान के कुछ जिलों को छूता हुआ निकल जाता ! इसका असर राजस्थान के सभी जिलों में दिखाई देता, महाराष्ट्र गुजरात के कुछ हिस्सों में इस तूफान से तबाही होती ! पर ये नहीं हुआ ! सोशल मीडिया का सीवियर साइक्लोन पद्मावती अब बोतल में बंद जिन्न है ! पद्मावती जो नहीं कर सकी चक्रवाती ने कर दिया है ! जो चेतावनी मौसम विभाग की ओर से जारी की गई है, वो सब चेतावनी सिनेमा के लिए चैनल को देना था ! यह चक्रवात शनिवार शाम को लक्षद्वीप से गुजर रहा था ! इसकी वजह से चलने वाली हवाओं की गति 150 किलोमीटर प्रतिघंटा से ज्यादा है ! इसकी वजह से केरल, मुंबई के अलावा दक्षिणी गुजरात, यानी सूरत, वड़ोदरा, खंभात की खाड़ी क्षेत्र में नुकसान की आशंका है ! पद्मावती को तूफान की ही तरह राजस्थान के बांसवाड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर सिरोही में इसका असर दिखाई देता, शेष राजस्थान में तेज हवाएं चलती, काले बादल छाते , जिससे केवल लाभ का तापमान बढ़ता ! विडंबना देखिये बिना किसी ट्रेलर के प्रकृति ने हंगामा खड़ा कर दिया और प्रकृति के रहते सिनेमा को हम तूफान नहीं बना सके !