पाय लागी फ़ुटबॉल

पाय लागी फ़ुटबॉल

मैं फ़ुटबॉल से थोड़ा अपसेट हूँ ! फुटबॉल को जिस काम को करने के लिए रोका जाए वो जानबूझकर उस काम को करता है ! फ़ुटबॉल बार – बार इलेक्ट्रिक प्लग की तरफ जाता है ! फुटबॉल को लगता है प्रॉब्लम मुझमे है और मैं फूटबाल की कोई बात नहीं मानता ! फुटबॉल की इन हरकतों से गुस्सा आने पर मैं फूटबाल की पिटाई कर देता हूँ और उसे बाथरूम में बंद कर देता हूँ !

मैं सुबह ब्रश करने से लेकर नाश्ता करने और स्कूल जाने तक हर काम मोबाइल पर फ़ुटबॉल देखते हुए ही करता हूँ ! मेरे माता – पिता मल्टी नेशनल कंपनी में काम करते हैं ! वे अक्सर घर पर दफ़्तर का काम करते हुए अपना मोबाइल मुझे पकड़ा दिया करते हैं ताकि मैं उनके काम में बाधा न बनूँ ! फ़ुटबॉल मोबाइल से निकल कर मेरे दिमाग में टप्पे खाने लगता है !

मैं जहाँ भी जाता हूँ फ़ुटबॉल लुढ़कता हुआ मुझ तक पहुँच जाता है ! जहाँ वो नहीं लुढ़क पाता वहां वो किसी अजनबी से किक की मदद ले लेता है ! ऐसा वो कैसे करता है मुझे नहीं पता ! पर वो लुढ़कता हुआ हमेशा मेरे आस पास ही रहता है !

मोबाइल पर कल रात मैं करीब बारह घंटे तक लगातार फुटबॉल खेलता रहा, या शायद इससे भी ज्यादा देर तक मुझे ठीक से याद नहीं है ! मुझे बस इतना याद है कि शाम को चार बजे से मैंने वीडियो गेम खेलना शुरू किया था और जब खेलना खत्म किया था उस वक्त सुबह के करीब साढ़े पाँच बजे थे !

मेरी आंख सुबह देर से खुली ! स्कूल जाने की जल्दबाज़ी में हर काम मैं हड़बड़ी में कर रहा था ! कभी दूध का मग टेबल से गिर रहा था तो कभी जूते के खुले फीते उलझने के कारण मैं गिरते – गिरते बच रहा था ! मुझे स्कूल पहुंचना था और मैं लेट हो रहा था ! फुटबॉल यह सब देख कर हंस रहा था !

अपने ऊपर फुटबॉल को हँसता देख कर मुझे गुस्सा आ गया ! फ़ुटबॉल जानता है हमारी भावनाओं का हमारे शरीर से सीधा कनेक्शन होता है ! वो ये अच्छी तरह जानता है कि हम जो महसूस करते हैं उसका असर हमारे पूरे शरीर पर पड़ता है !

मैंने अपनी पिता की तरह फुटबॉल को कड़ी नज़रों से देखा !
‘ फुटबॉल के एडवाइस की कोई वैल्यू नहीं है ‘ ये कहता हुआ फूटबाल मेरी तरह पलंग के नीचे लुढ़क गया !
‘ तुम मुझसे सजेशन और एडवाइस देना बंद करो ” मैं अपनी माँ की तरह चीखा !
‘ तुम बैक आंसरिंग बहुत करते हो ‘ फूटबाल ने पलंग के नीचे से आवाज़ दी !
सिचुएशन को देखते हुए मैं स्कूल बस की तरफ भागा ! मेरे दिमाग में मेरे पीछे मेरा फूटबाल लुढ़क रहा था !

मेरे पेट के कीड़ों ने मुझे बताया फ़ुटबॉल फुल – टाइम मेरा पर्सनल असिस्टेंट बनना चाहता है ! इस बात से मैं डर गया और फैमिली व्हाट्सऐप ग्रुप में सबकुछ मैंने माता पिता से बता दिया !

फ़ुटबॉल में गोलकीपर ही एक मात्र ऐसा खिलाड़ी होता है जिसे गेंद को रोकने के लिए अपना हाथ इस्तेमाल करने की अनुमति होती है, लेकिन वह अपने गोल के सामने पेनल्टी एरिया तक ही ऐसा कर सकता है ! फुटबॉल के इस नियम के आधार पर बिस्तर के पेनेल्टी एरिया में पिताजी घर के गोलकीपर हैं और एक शाम को अपने मोबाइल से फुटबॉल गेम के ऍप को अपने हाथों से उठा कर उन्होंने डीलीट कर दिया !

फुटबॉल को पता था कि मैं पहले से ही ओवरवेट बच्चा था और पूरे समय घंटों बैठ कर वीडियो गेम्स खेलने से मेरा वजन और बढ़ गया था ! मैं ऐसा टीनएजर बन रहा था, जिसके मेडिकल जांच में प्री-डायबिटिक लक्षण पाए गए थे ! इसका मतलब था कि मैं अठारह साल का होने से पहले ही डायबिटिक बनने के कगार पर था ! मेरी समस्याओं की जड़ में वीडियो गेम के इस्तेमाल को दोषी माना गया !

पहले कम्‍प्‍यूटर पर, फि‍र लैपटॉप और अब स्‍मार्ट फोन पर मुझे वीडियो गेम खेलते हुए लगातार कई वर्ष बीत चुके हैं ! मुझे पता भी नहीं चलता और मेरी उँगलियाँ गेम को डाउनलोड कर लेती हैं !

मेरी पहली भावना ‘मैं खुश हूँ’ फुटबॉल को छीन कर मेरी दूसरी भावना ‘मैं व्यस्त हूँ’ के पास भेज देती है ! उसी समय तीसरी भावना ‘मैं चिंतित हूँ’ चौथी भावना ‘मैं नाराज़ हूँ’ से फूटबाल छीन कर मेरी पाँचवी भावना ‘मुझे आश्चर्य हो रहा है’ की तरफ उछाल देती है ! चाहे मैं कहीं भी रहूँ फुटबॉल मेरे दिमाग में हर दिन नब्बे मिनट तक गेमिंग करता है ! मेरी भावनाओं के बाइस खिलाड़ी दिन रात मेरे दिमाग के दोनों हिस्सों में फूटबाल खेलते रहते हैं !

मेरे दिमाग के सेंटर सर्कल में ‘मैं शर्मिंन्दा हूँ’ है ! दूसरी गतिविधियों में शामिल होने के दौरान भी मैं ऑनलाइन गेम के बारे में ही सोचता रहता हूँ ! बेचैनी जैसी असल जीवन की समस्याओं से भागने के लिए मैं वर्चुअल फुटबॉल गेम का सहारा लेता हूँ ! मेरी भावनाएँ कच्चे खिलाड़ी नहीं हैं ! मेरी भावनाएँ एक ही मैच में बेहतरीन फ़ुटबॉल टैलेंट और बेकार एक्टिंग का नमूना एकसाथ पेश कर सकती हैं !

मेरी एक भावना जब कभी सामने वाली भावना से भिड़ती है तो वो ऐसी चोट लगने का ‘नाटक’ करते हैं जैसे कोई बहुत बड़ा हादसा हो गया हो ! मेरे दिमाग में खेल चलता रहता है !

पहले पैंतालीसवें मिनट में ‘मैं ठीक हूँ’ ‘मैं एडिक्ट नहीं हूँ’ ‘फिर मिलेंगे’ सभी भावनाएँ वहां आ गई और गर्मा – गर्मी बढ़ने का ख़तरा पैदा हो गया है ! भावनाओं की भीड़ की वजह से खेल को रोकना पड़ा है ! मैच के पहले हॉफ़ में मेरी भावनाओं की दोनों ही टीमों में से कोई गोल नहीं कर सकीं !

फर्स्ट हॉफ के अंत में मेरी पहली भावना ‘मैं खुश हूँ’ के चेहरे पर कनफ्यूजन साफ – साफ पसरा हुआ है ! वर्चुअल फुटबॉल के ऑनलाइन वीडियो गेम खेलने की आदत ने रियल फुटबॉल को आलसी बना दिया है ! मेरा रिजल्ट आ गया है ! मैं, अपने दिमाग में दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल स्टार आज अपनी क्लास में फेल हो गया हूँ !

दूसरे हाफ में भी मेरी भावनाएँ खेल रही हैं ! मेरी भावनाओं की हताशा बढ़ रही है ! गेम खेलने का टाइम लगातार बढ़ता जा रहा है ! मेरी विपरीत भावना ‘मैं शांत हूँ’ और ‘मैं दुःखी हूँ’ भी फुटबॉल खेलने लगे हैं ! मैं खेल में खोया रहता हूँ और किसी सोशल फंक्शन में नहीं जाता ! ऑनलाइन खाना आर्डर कर के अपने आप को कमरे में बंद कर लेता हूँ ! मेरी ये कहानी आप सभी के लिये हैं जिन्होंने भारतीय फुटबॉल से उम्मीदें छोड़ दी हैं ! वीडियो गेम की लत से बच्चों के मुँह लगे फुटबॉल को पाय लागी फ़ुटबॉल कहना जरुरी है ! इस युग में घर की मुर्गी दाल बराबर हो न हो घर के वीडियो गेम माँ – बाप बराबर जरूर हो गए हैं !

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