हाहाकार

सुनो पुरुष, योनि का कोई पिछला दरवाज़ा नहीं होता ! तुम स्त्री से आँख मिलाने अगर उसके सामने नहीं आ सकते तो जा के अपने लिंग में अपना मुंह छुपा लो ! अपने पथरीले काले ह्रदय को अगर उसके लाल सिन्दूर से ढंकना चाहते हो तो याद रखो स्त्री के पांच दिन का बहता हुआ रक्त स्त्राव तुम्हे नंगा कर के बहा देगा ! शनि के पत्थर पर तेल चढ़ा कर तुम स्त्री को शनि से दूर नहीं रख सकते ! फेंका हुआ तेल तुम्हे पवित्र नहीं रख सकता ! स्त्री का ह्रदय स्त्री की बपौती है तुम्हारी माँ की आँख नहीं ..

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