‪‪#पैरोडी‬ #‎कालाहास्य ‪#‎Kanhaiya #JNU

मैया मोरी मैं नहिं नारो लगायो !

भोर भयो स्टूडेंट के पाछे, जेल मोहिं पठायो ।
चार पहर जे एन यु भटक्यो, साँझ परे हॉस्टल आयो ॥

मैं बालक बहिंयन को छोटो, कुर्सी किहि बिधि पायो ।
ग्वाल बाल सब बैर परे हैं, बरबस नारे मुख लपटायो ॥

तू जननी मन की अति भोरी, मिडिया कहे पतिआयो ।
जिय तेरे कछु भेद उपजि है, जानि परायो जायो ॥

यह लै अपनी प्रेसिडेंटी , बहुतहिं नाच नचायो ।
‘मस्तान’ तब बिहँसि जसोदा, लै उर कंठ लगायो ॥

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