महालोक – सत्रह

जबसे नगर में कुछ और लोगों ने खज़ाने का सपना देखने का दावा किया है सरकार ने ‘सपना मंत्रालय’ के गठन की पेशकश की है, कार्यभार किसको दिया जाए इस पर विचार चल रहा है ! गंभीर रूप से मंत्रालय सिर्फ उन्ही ‘सपनों को देखेगी’ जिसमे खजाना हो ! युवा विभाग ने अपने प्रेस विज्ञप्ति में साफ़ किया है फिल्मों में हीरो बनने के सपनों को इससे अलग रखा जायेगा ! अच्छा स्वास्थ, साफ़ पानी, शिक्षा,के साथ कई और ऑस्कर लाने का सपना, ओलोम्पिक में गोल्ड पदक का सपना, देश में गरीबी हटाने का सपना, भ्रष्टाचार मिटाने का सपना, काला धन वापस लाने का सपना इस मंत्रालय का हिस्सा नहीं होंगी ! अच्छी नौकरी और सुंदर दुल्हन का सपना जैसी दुसरे साहित्यिक सपनो को मंत्रालय भविष्य में सोना निकलने के आधार पर विभाग में रखना है या नहीं ये तय करेगी ! नारी को सुरक्षा देने के अब तक देखे गये सपनो के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता नाराज़ हो गए ! ‘ आप लोग चाहते क्या हैं ? जाइये जाके सपना देखिये …’ ! “सपना सरकार अमर रहे ” के नारे के साथ प्रवक्ता टोली नगर के बड़े से महल में घुस गयी जहाँ अंदर जाना मना था … ! ‘सोना’ है तो जाग जाइये !

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