चुनाव और दंगल

मैं जन्म से नागरिक हूँ, मैं किस राजनितिक पार्टी में जाऊँ इसका चुनाव होने वाला है ! समाचार पाठक ने जबसे मुझे बताया है कि मेरे चुनाव के लिए सभी दल मेरे साथ दंगल करने वाले हैं, मेरी नींद उड़ गयी है ! इंटरनेट पर मैंने देख लिया है देश के करोड़ों नागरिक पहलवान में एक मेरा नाम भी है ! देश के मतदान सूचि में नाम होना किसी महाकाव्य में अपने नाम को देखने जैसा है ! मेरा पूरा नाम, मध्य नाम, अंतिम नाम, आयु, लिँग, जन्म तिथि, राज्य, जिला, शहर, गांव, जन्म स्थान, घर का दरवाजा – नंबर, स्ट्रीट, क्षेत्र, मोहल्ला, डाकघर, पिन कोड, थाना, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, चुनाव आयोग के पास है ! मतदाता सूची में नाम होने की वज़ह से अब मैं इस दंगल से बच नहीं सकता ! बुद्धिमान बुद्धिजीवी लोग वोट देने क्यों नहीं जाते हैं मेरी समझ में आ गया ! हमारे देश में अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त लोगों की संख्या अधिक क्यों है इसका कारण भी मुझे समझ में आने लगा है ! इस चुनावी दंगल के लिए नागरिक पहलवान अपने शरीर के साथ पांच साल की तैयारी करते हैं, और पहलवान से दिखते है ! दंगल में कोई हारना नहीं चाहता ! चुनाव और दंगल, मतलब फिट टू फैट तक की जर्नी और जंगल में मंगल !
मैं उचित शारीरिक स्थिति में हूँ ! सात मिनट में एक मील चल लेता हूँ पर पहलवान के आकार का नहीं हूँ ! सभी पार्टियों के पहलवानों की सूची जारी हो रही है ! उम्मीदवारों की तस्वीर और उनके यश की कद काठी देख कर मुझे डरावने सपने आने लगे हैं ! न जाने क्यों मेरे मन में राजनितिक पार्टीयों द्वारा आम आदमी के साथ अब तक किए गए मोलेस्टेशन का दंगल शुरू हो गया है ! आँख लगते ही अखाड़े में पहुँच जाता हूँ जहाँ मेरी पसलियां टूट जातीं है, घुटने घायल हो जाते हैं और मेरी नींद उचट जाती है ! मुझे अपनी बॉडी कमज़ोर लगने लगी है ! मैं शुद्ध शाकाहारी हूँ और मैंने कभी वज़न नहीं उठाया है !
अगले दिन मैं एक फिटनेस ट्रेनर के सामने बैठा था ! ‘एक नागरिक पहलवान के साथ दंगल करने के लिए हर राजनितिक उम्मीदवार अपने ऊपर बीस से अठ्ठाईस लाख रुपये खर्च कर रहा है ! आप का बजट क्या है ?’ उन्होंने पूछा !
‘जी ? ‘ जिम की इतनी फीस होगी मैंने सपने में भी नहीं सोचा था ! मैं चुप हो गया था ! मुझे गौर से देखते हुए उन्होंने कहा ‘उम्मीदवारों के सामने टिके रहने के लिए आप को नए उपाय सोचने होंगे ! आप का अकॉउंट किस वोट बैंक में है ?’ उन्होंने पूछा ! ‘स्टेट बैंक में’ मैंने जवाब दिया !
‘सबका स्टेट बैंक एक है ! आपका वोट बैंक कौन सा है ?’
मैं ब्लेंक था ! वो संमझ गए कि इस दंगल में मैं नया पहलवान हूँ !
‘नाश्ते में क्या करूँ ?’ सवाल करने की मेरी बारी थी !
‘नाश्ते में विचार कीजिये !’
‘वो तो डिनर में किया था’ मैंने जवाब दिया !
उन्होंने मुझे निहारते हुए जवाब दिया ‘यही प्रॉब्लम है, आप ने ज्यादा विचार किया ! आप कैसा शरीर चाहते हैं ?’
‘मैं बस दंगल जीतना चाहता हूँ !’
‘आप को समय देना होगा !’
‘मेरा पूरा समय ले लीजिये … ‘
‘आप बेरोज़गार हैं ?’
‘जी नहीं मैं लेखक हूँ !’
‘जी एक ही बात है …’ उन्होंने कहा !
मैं अवाक था !
‘रिजल्ट कब से आना शुरू हो जायेगा ?’ मैंने पूछा !
‘ग्यारह मार्च को’
‘जी ?’
‘ओह , बॉडी ? आप की बॉडी अगले चुनाव तक बन जाएगी !’
‘और इस दंगल में ?’
‘इस दंगल में कसरत से शरीर बनाना असंवैधानिक हैं ! इस दंगल में आप बस हमारा साथ दीजिये !’ मेरे फिटनेस ट्रेनर ने कहा स्वस्थ जीवन शैली, व्यायाम, पोषण, आदि का ज्ञान मुझे वोट बैंक में मिल जायेगा ! पूछता पूछता मैं वोट बैंक पहुँच गया ! वोट बैंक स्वचालित रूप से डिफ़ॉल्ट राष्ट्रीय हित है ! इस बैंक को सब लोग संदेह की नजर से क्यों देखते हैं मुझे नहीं पता ! वोट बैंक में ब्याज दर सबसे अच्छा है !
‘आप किस नाम और निशान से अकाउंट खोलना चाहते हैं ?’
‘जी मैं अपने नाम से अकॉउंट खोलना चाहता हूँ !’ वो मुस्कुराये ! मैं भी मुस्कुरा दिया !
वोट बैंक में पता चला आहार के लिए इन्टरनेट और कैशलेस इकॉनमी है ! प्रोटीन गूगल पर है ! यूट्यूब पर हर व्यायाम है ! स्वस्थ शरीर के लिए बस खुश रहना जरुरी है !
अगले दिन सुबह समाचार पाठक ने ओपिनियन पोल में बताया कि चुनाव दंगल में मैं जीत रहा हूँ ! मैं अपनी जीत से चौंक गया ! न मैं बूथ पर गया था न अखाड़े पर फिर बिना दंगल लड़े और अखाड़े पर गए मैं जीत कैसे गया ?

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