शब्द चित्र / जंगल – मंगल.

एक .

किस बात पर झगड़ा हुआ ये कोई नहीं जानता पर कल जंगल में एक अजगर घड़ियाल से भीड़ गया ! एक घंटे तक घमासान हुआ, दोनों में खूब गुत्थम – गुत्थी हुई और अंत में अजगर घड़ियाल को मार के निगल गया ! इस बात से जंगल में सनसनी फ़ैल गयी है … ! जिन्होंने ये घटना देखी उनकी आँखें फटी रह गयीं ! वो जंगल का नया इतिहास देख रहे थे ! कल तक जो घड़ियाल सबका पेट चीरता था आज मरा हुआ अजगर के पेट में पड़ा था ! घड़ियाल को निगलने के बाद अजगर का पेट घड़ियाल के आकार का हो गया था ! घड़ियाल की मोटी लम्बी कंटीली पूँछ, दांतों से भरा जबड़ा, खुरदुरे पैर सब शिथिल थे मानो उसने अजगर का पेट ओढ़ लिया हो ! जितना पचा नहीं सकता उससे ज्यादा अजगर ने खा लिया था और निढाल पड़ा था ! जंगल मुर्दा शान्ति से भर गया था ! सब जानते हैं कि जंगल में कोई नियम नहीं चलता और जंगल का यही नियम है … जंगल की लड़ाई में चाहे जो जीते, जीत जंगल की ही होती है !

दो .

कंकड़ कंकड़ जोड़ कर पानी पीने वाला कौव्वा जब प्यासा था, घमंडी खरगोश के साथ दौड़ता हुआ कछुआ जब हार जीत से आगे था, दुष्ट घडियाल जब अपने ही दोस्त का कलेजा खाने के सपने में खोया था, कबूतरों का दल जब बहेलिया के जाल से आज़ादी के लिए एक साथ उड़ चला, जब सब अपने भाग्य से लड़ रहे थे जंगल में तब भी सिंह का राज था

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One Response to शब्द चित्र / जंगल – मंगल.

  1. लीजिये जंगल से खबर भी आ गयी

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