सावधान, मैं मूर्ख हूँ !

 

 Illustration : Anirban Bora

काला हास्य / Illustration : Anirban Bora

बिना किसी कारण के ख़ुशी से नाचता हुआ देख कर मुझे पुलिस पकड़ कर सवाल घर में ले गयी और पूछताछ करने लगी ! छान – बीन से यह बात सामने आई कि मैं मूर्ख हूँ ! पुलिस का कहना है कि यह अपराध है और मूर्खता साबित होने पर सात वर्ष तक की सज़ा हो सकती है.! मैंने पूछा ‘ पांच वर्ष की सजा क्या कम है जो हमें चुनाव जैसी मूर्खता के बाद मिलती है, फिर मुझे सात वर्ष की अलग से सज़ा क्यों हो ?’ छोटा मूर्ख बड़ी बात कह कर पुलिस मुझ पर हंसने लगी !

मेरी गिरफ़्तारी का पता लगते ही मूर्खता आयोग ने पुलिस से मेरी मूर्खता के मामले की रिपोर्ट मांगी ! भारतीय पुलिस ने मेरी मूर्खता को परखने का डेमॉन्सट्रेशन रखा और मुझे एक मशीन से जोड़ दिया ! डेमॉन्सट्रेशन के दौरान अलग – अलग बटन दबाने पर भी मशीन से मूर्खता की ही पर्ची निकली ! यह देख कर पुलिस मुझे ईवीएम मूर्ख कहने लगी !

मैंने पुलिस से कहा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन जिस पर हम अपने वोट देते हैं, मैं वो नहीं हूँ ! मैं एक वोटर हूँ, वोट मशीन नहीं ! मैं एक नागरिक हूँ ! मैं मूर्ख हो सकता हूँ पर ईवीएम नहीं ! ‘क्या मेरे साथ छेड़छाड़ हो सकती है ?’ मूर्खता आयोग को मेल लिख कर पुलिस ने पूछा ! ‘छेड़छाड़ किया जा सकता है, इसलिए जब तक सिद्ध न हो जाए कि मैं मूर्ख हूँ मुझे उच्च सुरक्षा में रखा जाए ‘ जवाब मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया !

प्रशासन का अर्थ श्रेष्ठ विधि से शासन करना है ! मानव विकास ही इसका परम लक्ष्य है इसलिए मेरी प्रशासनिक सेवा शुरू हो गयी ! मुझे पांच मीटर के केबल से जोड़ दिया गया ! पुलिस की देख – रेख में अब मूर्खता आयोग के अलावा कोई भी मुझ तक नहीं पहुंच सकता था !

मैं जानता था कि मैं मूर्ख हूँ, पर इतना बड़ा मूर्ख हूँ कि मुझे क़ैद कर लिया जाए ये नहीं पता था ! अपनी इस दुर्लभ मूर्खता तक पहुँचने के लिए लाखों लोगों की तरह मैंने भी सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया !

शिक्षा, लोकतंत्र, धर्म, जाति व्यवस्था, जैसे कई अलग – अलग क्षेत्रों से किये गए सवालों पर दिए गए मेरी मूर्खतापूर्ण उत्तर में भी मूर्खता आयोग को चुनावों को प्रभावित करने की शक्ति दिखाई दे गयी ! मेरी मूर्खता सिद्ध करने के लिए मेरा सीक्रेट सर्च वारंट निकाल दिया गया ! मेरी मूर्खता के बहाने वो मेरे फोन का स्मार्टनेस चेक करने लगे ! ‘आप से ज्यादा आप का फोन स्मार्ट है’ उन्होंने कहा ! मेरी अब तक की सारी वर्चुअल रियलिटी सच होने लगी ! स्मार्ट सिटी के स्मार्ट मूर्ख की स्मार्ट मूर्खता एक ही पासवर्ड से बाहर आ गयी !

मेरी ही तरह स्मार्ट होने के लिए कई लड़की – लड़के इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में घुसते हैं, डॉक्टर बनते है, लेखक, व्यापारी, शिक्षक, कलाकार ,वैज्ञानिक और अभिनेता बन कर अभिनय करते हैं और नेता बन जाते हैं और आखिरकार मूर्ख ही कहलाते हैं ! मूर्खता मूल्य पैदा करती है, विचार नहीं ! मेरी तरह भारत में अनेकता और एकता के आयाम में मूर्खता भी जोड़ के देखिये आपको देश ज्यादा एक लगेगा ! धर्म, भाषा और रीति – रिवाजों की विविधता के साथ हमारी मूर्खता में भी एक अद्भुत एकता है जहाँ सामूहिक बलत्कार अब नया हथियार है !

मुझे देखने कॉर्नफ्लेक्स खाता हुआ डॉक्टरों का एक दल आया ! ‘ जब मछली मरती है तो उसका सिर सबसे पहले गलना शुरू होता है और इसीलिए बदबू भी सबसे पहले वहीं से आती है ! ऑपरेशन करके हमें आप के अक्ल की तलाशी लेनी है ! ऑपरेशन जटिल है ! जीना है तो तकलीफ भी झेलनी होगी ! आप सिर्फ अपने कैलोरी पर ध्यान दें, चाहें तो किसी भी सरकारी परियोजना के बारे में बात करें ! पर विचार न करें ! विचार करने से नींद आ जाती है और नींद आपकी मूर्खता में खलल डाल सकती है ! एक हाथ ही दूसरे हाथ को धोता है !’ बारी बारी से सभी डॉक्टरों ने मुझसे ये बातें कहीं !

मुझे हल्का करने के लिए डॉक्टरों ने मेरे पेट में गैस भर दिया ! धीरे – धीरे मेरी आँख बंद होने लगी और मैं उड़ने लगा ! महँगी सब्ज़ी मंडी और बंद बूचड़खाने पर से उड़ता हुआ मैं समशान और कब्रिस्तान के ऊपर पहुँच गया ! सुनसान गली पार करती हुई एक सहमी सी लड़की के ऊपर से उड़ने लगा, खाली खेल के मैदान और दुर्घटनाग्रस्त रेलगाड़ियों के ऊपर से उड़ता हुआ मैं देश भर में फैले ड्रोन कैमरे की तरह सरकारी हवाई जहाज़ के साथ बादलों में तैर रहा था ! सूखी कोसी और मैली गंगा मुझे अपने घर बुला रही थी ! अपनी मूर्खता के साथ उड़ते – उड़ते मैं इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्ट्री से भी ऊपर उठ गया ! डिब्बाबंद मांस की तरह उड़ता हुआ देख कर फौजियों ने मुझे लपक कर नीचे उतार दिया ! मैं अस्पताल में बिस्तर पर लेटा था और सामने टीवी स्क्रीन को काला कर के कोई सरकार को आइना दिखा रहा था या मुझे मूर्ख बना रहा था, मुझे कुछ याद नहीं ! रिमोट कंट्रोल्ड चार रोबोट कार्टूनिस्टों ने मेरे पेट से गैस निकाल लिया !

क्या आपके पास पतंग उड़ाने का लाइसेंस है ? उन्होंने मुझसे पूछा ! ‘ नहीं तो ‘ मैंने चौंकते हुए कहा ! ‘ पतंग उड़ाने के लिए भी लाइसेंस की जरुरत पड़ती है ?’ मेरा सवाल सुन कर सब गोल बंद हो कर फुसफुसाने लगे ! काफी देर बाद सब बिखर के इधर उधर फ़ैल गए और एक महत्वपूर्ण सा लगने वाला आदमी मेरे पास आया और मुझे इन्टरनेट से जोड़ कर मुक्त कर गया ! ‘राइट टू इन्फॉर्मेशन एक्ट के तहत आप अपने घर जा सकते हैं ‘ ये कहता हुआ वो हॉस्पिटल से किसी विज्ञापन की तरह गायब हो गया !

ज्यादातर दफ्तरों में मशीनें, कंप्यूटर और आदमी एक जैसे होते हैं ! मेडिकल साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है फिर भी अपनी जांच के नतीजों में वो मुझ जैसे अपने मूर्ख नागरिक को पहचान न सके ! अपनी पूरी ताकत और साहस के साथ मैं हँसने लगा ! मेरे साथ सब हंसने लगे ! अपना हेड फ़ोन कान में डाल कर इंटरनेट की अच्छी स्पीड की ख़ुशी में नाचते – नाचते मैं घर लौट आया !

Tagged , , , , , , , , . Bookmark the permalink.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *