निंदामूर्ति की कड़ी निंदा

The Thinker a bronze sculpture by Auguste Rodin

इस लेख के लिए मुझ पर कड़ी निंदा का अभियोग लग सकता है !

जब भी कोई मेरी कड़ी निंदा करता है, या मैं किसी की भी कड़ी निंदा करता हूँ मैं कमल बन के खिल जाता हूँ ! कड़ी निंदा का ख्याल मुझे उत्तेजित करने लगा है ! निंदा को कड़ी करने के उपाय पर सब से ज्यादा काम मैंने किया है ! मैं यह भी स्पष्ट कर दूँ कि मैं किसी भी धर्म, दर्शन, संप्रदाय अथवा विधि का विरोध नहीं करता हूँ ! इस बात के लिए आप मेरी कितनी भी कड़ी निंदा कर लें पर मैं सभी जीवित लोगों में सबसे बुद्धिमान हूँ, क्योंकि मैं ये जानता हूँ कि मैं कुछ नहीं जानता हूँ ! जो पवित्र और अपवित्र कार्यों को विभाजित करते हैं वही मुझसे नफरत करते हैं !

निंदा करने के शैक्षणिक तरीकों का मुझे कोई अनुभव नहीं था ! पहले मैं एक चिंतक था फिर निंदक हुआ ! निंदक के रूप में मैं बेरोज़गार हो गया था ! किसी ने अपने आँगन में मेर लिए कुटिया नहीं छवाया ! मैंने आँगन से पार किये जाने की निंदा को कड़ी करने की ठान ली ! निंदक की ज़िद हर चिंतक जानता है और हम सब चिंतक हैं ! हम सब चिंतक ये जानते हैं कि अगर निंदक ने निंदा करने की ठान ली तो उसे चिंतक का बाप भी नहीं रोक सकता है ! निंदक अपने आखरी दम तक निंदा करता है ! कुछ निंदक अपने उड़ते प्राण पखेरू तक की निंदा कर डालते हैं !

देखा – देखी हर काम के लिए लोग निंदा का सहारा लेने लगे हैं इसीलिए साक्षरता की गहराई में गिरावट आ गयी है ! अब निंदा की वैसी खाई भी नहीं रही जिसमे निंदक अनंत डुबकी लगा सकें ! चिंतकों ने अपनी चिंताओं से निंदा की खाइयों को पाट दिया है ! निंदा आज सफाचट हो कर चिंता से एक हो गयी हैं !

कड़ी निंदा का विषय क्या हो ? विषय वही जो निंदा को भाये ! प्राचीन काल में निंदा चुनिंदा बातों की हुआ करती थीं ! आज डिजिटल हो कर सबकुछ निंदनीय हो गया है ! जहाँ सबकुछ निंदनीय हो गया है वहाँ निंदा को और कड़ी कैसे की जाए ? मेरे इस दर्शन की व्युत्पत्ति इसी सवाल से हुई ! यह सवाल मेरे मन को मथने लगा ! मैं निंदा रस में डूब के तर जाने की कल्पनाओं के गोते लगाने लगा !

मित्रों क्या आप जानते हैं कि कल आपका मित्र आपके बारे में क्या कह रहा था ?
फिर आप उसकी जवाबी निंदा कैसे करेंगे ? क्या आप जानते हैं आप के लिए उसकी निंदा के क्या आयाम थे ? निंदा अपने हर कोण में बदल जाती है ! आपके ज्ञान का प्रकाश निंदा को और मुलायम बना सकती है ! असावधानी वश निंदा में किसी भी तरह की मिलावट उसे तारीफ बना सकती है ! फिर आप अपनी निंदा को कड़ी कैसे करेंगे ? सच में आप अपनी निंदा के बारे में क्या जानते हैं ? और महत्वपूर्ण यह है कि हम जो कुछ भी जानते हैं वो हम कैसे जानते हैं ? हमारे दिव्य ज्ञान का माध्यम क्या है जिसपर हमारी निंदा आश्रित है या होगी ? शराब की चाहे जितनी पी ले कड़ी निंदा का एक बोतल कोई नहीं पी सकता है और बिडम्बना ये है कड़ी निंदा की प्यास कभी नहीं बुझती है !

जनता जनार्दन अब आंकड़े बन गए हैं ! अब हर निंदा आंकड़े करती है ! आंकड़ों को कड़ा कैसे करें ? निंदा रस में डूबी रहने की वजह से आँकड़े सदा मुलायम होते है ! निंदा के आंकड़ों को निंदा रस से अलग करना टेढ़ी खीर है ! दूर देश की गधों के राज्य में हुए कई दंगों के अपराधी किसी दूसरे दूर देश की राज्य के चरवाहा विद्यालय के चारा बन गए तो कहीं झाड़ू के तिनके बिखर के डूबते हाथों का सहारा भी नहीं बन सके ! निंदा कहीं धरती की महबूबा कहीं अम्मा तो कहीं माई माटी मनुष्य वाली ममता बन कर भारत माता की नक़्शे को ढोते आदिवासी के स्केच में वायरल हो रही है ! निन्दाओं के हाहाकार की कीचड़ में कब प्रशंशा के कमल खिल गए देशवासियों को पता ही नहीं चला ! बांसूरीवाले के पीछे निंदा रस के नशीले चूहे कतार में कब अपनी ही कुर्तो की जेब को कुतरने लगे इसका किसी को होश नहीं रहा ! पृथ्वी पर कड़ी निंदा एक सांस्कृतिक दुर्घटना है जिसके हम सब शिकार हैं ! किसी भी संत, व्यक्ति धर्म या दर्शन को मानने से पहले कभी भी प्रश्न करने से मत झिझकें ! सत्य की करें या न करें अपनी निंदा की खोज जरूर करें !

निंदा जिसके बाएं हाथ का खेल है वही कड़ी निंदा का असली खिलाडी है ! खुद को बेहतर महसूस कराने के लिए मैं अपनी ही निंदा को कड़ी करके अपनी ही कड़ी निंदा करता हूँ ! अपनी निंदा अपना विकास ! सार्वजनिक स्थानों पर आत्म – निंदा दूसरों के लिए असुविधाजनक हो सकती है परन्तु रिपब्लिक को यही शक्ति देती है और भटके हुए नागरिकों को मुक्ति प्रदान करती है ! निंदा को कड़ी करने की विधि और कुछ नुस्खे देशहित में सबसे शेयर कर रहा हूँ ! सब लाइन पर बने रहे पर मौन रहे ! कोई सुझाव न दें ! निंदा को कड़ी करने के लिए पहले अपने आंकड़ों की शक्ति को टटोलें ! आंकड़ों के लिए न्यूज़ चैनल की बातों को कटोरे में अच्छे से छान लें ! निंदा इन्ही आंकड़ों पर खड़ी हो कर कड़ी होगी ! चैनल की बातों को नहीं छानने से कड़ी निंदा हो नहीं पाएगी और बातों का बतंगड़ बन जायेगा ! अब आंकड़ों से निंदा रस का मख्खन निकालने के लिए आंकड़ों को फेटने की जरुरत है ! कड़ी निंदा करने के लिए मध्यम तेज गति में आंकड़ों को हर दिशा में फेंटने में तकरीबन तीन चार मिनट का समय लगता है ! गतिशील कड़ी निंदा आंकड़ों से ऊपर उठ जाएगी, बचा हुआ पानी रोके रखें ! अब निंदा की कड़ाई आप के हाथों में है ! अच्छी कड़ी निंदा की पहचान ये है की उसे कोई पचा न सके ! निंदा को हल्के हाथों से दबा कर उसे कड़ी करते रहें ! जब आपको लगे कड़ी निंदा बहुत हो चुकी है, सब पानी छोड़ दें और निंदा को फिर से आंकड़ों में मिल जाने दें ! कड़ी निंदा पूरी तरह से एक भारतीय व्यंजन है ! कड़ी निंदा बहुत ही लोकप्रिय डिश है ! कड़ी निंदा करने में जितना सरल है स्वाद में उतना ही मज़ेदार भी है ! इतने सारे गुणों से भरपूर होने की वजह से इसे अपने भोजन में शामिल तो करना ही चाहिए ! कड़ी निंदा से मिर्ची लगानी हो तो आंकड़ों को फेंटते समय निंदा में नमक मिला लाल मिर्च पाउडर डाल ले !

जो आपकी निंदा नहीं करते हैं उन्हें अनदेखा न करें, वही आप की कड़ी निंदा कर सकते हैं ! ऐसी बात जिसमे आप की निंदा नहीं है, जिसमें आप के बारे में कुछ भी बुरा नहीं है और जिसकी आपको कोई आवश्यकता नहीं है, उसे जरूर सुनें ! कड़ी निंदा के बोल यहीं फूट सकते हैं ! कड़ी निंदा ही दुश्मनी को ज़िंदा रखती है ! कड़ी निंदा की ट्रेनिंग सेंटरों की हमें सख़्त जरुरत है ! कड़ी निंदा का जीवन और करियर संकट में है ! कड़ी निंदा के शिक्षक अब नहीं मिलते इसीलिए इस लेख को ध्यान से पढ़ें ! यह लेख कड़ी निंदा का लाइसेंस है ! इस निंदा काल में कड़ी निंदा न करना निंदनीय अपराध है ! मुलायम निंदा से मख्खी भी नहीं डरती ! कड़ी निंदा जरुरी है ! पर मित्रों यही दुर्भाग्य है जैसे ही कुछ भी कड़ा होगा, टैक्स लगेगा !

निंदा आज एक बुनियादी ज़रूरत है ! समय आ गया है कि हम कड़ी निंदा के ऐसे विकल्पों के बारे में सोचें, जिनसे हमारी सेहत अच्छी रहे और क़ुदरत का भी नुक़सान न हो ! अध्यात्मिक ज्ञान के अभाव में कड़ी निंदा अच्छे बुरे की पहचान नहीं कर पाती ! कड़ी निंदा पर जादू टोना का आरोप नहीं लगता ! जहाँ कड़ी निंदा चल रही हो वहाँ किसी और की नहीं चलती ! कड़ी निंदा की सीमा कोई पार नहीं कर सकता ! एक कड़ी निंदा के बाद दूसरी कड़ी निंदा शुरू हो जाती है ! अपने हर पंचवर्षीय कड़ी निंदा को फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं ! कड़ी निंदा आगे चल कर एक दिन श्रद्धांजलि बन जाती है !

चुप्पी निंदा की गाली है, ठहाका कड़ी निंदा की ताली है !
आपका अपना निंदामूर्ति !

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