आलसी

फोन की घंटी बजने लगी, आलसी के दिमाग में शब्द घनघनाने लगे ! आलसी बोलने के लिए ‘हेलो’ शब्द चुने या ‘हाय’ ये सोचता ही रहा और फोन कट गया ! अब कौन मिस्ड कॉल में जाए और री – डायल करे ? आलसी ने आँखें मूंद लीं ! आलसी की नींद आलस्य त्याग के नाश्ते के टेबल पर जा बैठी है ! आज आलसी को लिखना है ! आलसी उठा, शब्दों को उठाया और खुद सो गया ! उनींदे शब्द पास रखे मोबाइल में घुस गए ! आलसी की मुसीबत बढ़ गयी ! आलसी अब जब भी शब्द ढूंढेगा उसे सेटिंग्स में जाना होगा, अंग्रेजी को हिंदी फॉण्ट में बदलना होगा, जो शब्द चाहिए उन्हें की – बटन पर टाइप करके निकालना होगा ! इससे अच्छा आज वो नहीं लिखेगा ! और बहुत जरुरत हुई तो कट पेस्ट से काम चला लेगा ! आलसी की प्रेमिका एक चुस्त लेखक से आँख लड़ा रही है इस दुःख ने आलसी को और भी आलसी बना दिया है …