योग क्रिमिनल  

सामान्यतः लोग योग को एक ऐसे रूप में जानते हैं जिसमें हठ पूर्वक कुछ शारीरिक एवं मानसिक क्रियाओं के नियमित अभ्यास से आप अपना खोया हुआ स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त कर सकते हैं ! जबकि ऐसा नहीं है ! अब योग का कोई गलत आसन आपको योग अपराधी बना सकता है ! अब ठीक से योग नहीं करना क्राइम है और गलत तरीके से योग करने वाले योग क्रिमिनल हैं !

दरअसल योग एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां भारत सरकार और योग करनेवालों के बीच संवाद पूरी तरह टूटा हुआ है !

विश्व योग दिवस के दिन मुझे एक योग इंस्पेक्टर अपने दो योग सिपाहियों के साथ पकड़ कर पुलिस आसन में पूछताछ स्टेशन ले गए !

‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे दो सौ रुपये लें और मुझे जाने दें ! ‘ मैंने प्रार्थना की !

‘ योग क्रिमिनल को ऐसे कैसे जाने दें ? ‘ योग इंस्पेक्टर त्रिफला चूर्ण जी ने कहा !

‘ योग करना क्राइम है ? ‘ मैंने आश्चर्य से भड़कने का नाटक किया !

‘ आसन को गलत करना क्राइम है ! ‘ त्रिफला जी उवाच ! ‘ योग का बेहतर लाभ पाने के लिए जरूरी है उसकी क्रियाओं का सही अभ्यास ! क्योंकि योग क्रियाओं का गलत अभ्यास शरीर को लाभ पहुंचाने की बजाय समस्याओं का कारण बन सकता है ! कचहरी में आपके योग शिक्षक या योग गुरु के साथ बात करना बेहतर होगा ! ‘ त्रिफला चूर्ण जी ने अपना गला साफ़ करते हुए अपना निर्णय सुनाया !

‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे चार सौ रुपये लें और मुझे जाने दें !’ मैंने दुबारा प्रार्थना की !

‘ हम अक्सर किसी आसन को महज़ इसलिए स्वीकार कर लेते हैं, क्योंकि वे हमारी परंपरागत मान्यताओं के अनुरूप होती हैं ! ऐसा करते वक़्त हम न तो इन आसनो के पीछे के तर्कों की परवाह करते हैं, न उनके प्रभावों की प्रामाणिकता जांचने की ज़हमत उठाते हैं ! ‘ त्रिफला चूर्ण जी मुझे मुक्त और मुफ़्त प्रवचन दिए जा रहे थे ! ‘ ऐसे समय में जब फ़र्ज़ी आसन बनाने और उन्हें प्रसारित करने का कारोबार चरम पर है, हमें योग को लेकर न सिर्फ़ सावधान रहना चाहिए, बल्कि मीडिया पर भी सवाल करने चाहिए ! ‘ त्रि. चूर्ण जी ने मैराथन योग वचन में लघु विराम लिया ! मैंने उनके आगे का अदृश्य माइक अपनी और खिंच लिया ! ‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे पाँच सौ रुपये लें और मुझे जाने दें !’ मैंने करुण गुहार की !

‘ सत्य वचन श्रीमान ! पाई पाई जोड़ना योग है ! आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का उपक्रम पेड़ पर लटक कर नहीं करना चाहिए ! ‘ व्हॉट ??? मैं डर से चीख पड़ा !

‘ आज योग आसन करना एक बड़ी चुनौती है ! आजकल योग के नाम पर जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है ! ‘ रिलैक्स श्रीमान ! त्रिचूर्ण जी ने जादूगर की तरह अपनी दोनों हाथ की हथेलियों को हवा में लहराते हुए अपनी हस्तमुद्रा से हाथों की आकृति पान के समान बना दिया और मेरी तरफ मुस्कुराते हुए  कहा ‘ सरकार को जनता के शरीर, मन और प्राण की चिंता खाए जा रही है ! ‘ फिर मुझे घूरते हुए  बोले ‘ पता नहीं जनता का पेट कब भरेगा ? ‘ योग इंस्पेक्टर मुझे अपलक देख रहे थे ! शायद वो मेरा चेहरा पढ़ रहे थे !

‘ पान मुद्रा ‘ मैं अपने आप में बुदबुदाया ! मुझे तत्क्षण लगा कि अब ये मेरी सेल्फी लेंगे और ठीक वही हुआ ! उन्होंने आधे पान में अपना चेहरा खिंचा और सोशल मिडिया पर प्रसारित कर दिया !

मैं डर गया मुझे लगा अब मेरे वायरल होने की बारी है ! ‘ सर ! सारे नियम योग में दिए गए हैं ! ट्रैफिक के नियम से लेकर इ वि एम् तक के नियम ! मैंने सब पढ़े हैं ! सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे सात सौ रुपये लें और मुझे जाने दें !’ मैंने कातर स्वर में कहा ! ‘ मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूँ, जो लैंगिक समानता, शिक्षा, गरीबी – उन्मूलन, मानवाधिकार और दक्षिण एशिया में शांति जैसे मुद्दों पर हर दिन आधी रात से ही लगातार सक्रिय रहता है ! मैं योग दिवस की भावना में बह गया था ! ‘ ये सब कहते हुए मैंने महसूस किया मेरा पेट भारी हो गया है ! तनाव से मेरे फेट में गैस भर गया था ! त्रिफला चूर्ण को फाँकने की तीव्र इच्छा प्रबल हो गयी ! ‘ योग विज्ञान और उसकी क्रियाओं की संवैधानिक महत्ता आधुनिक राजनितिक विज्ञान भी स्वीकार करता है फिर मैं किस खेत की मूली हूँ ! ‘ मैंने नाटकीय अंदाज में कहा ! ‘ मैं जानता हूँ केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय का आयुष विभाग प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों, खासकर योग को स्वच्छ रखने की मुहिम चला रहा है ! उसी विभाग के आप योग इंस्पेक्टर हैं ! सरकार की इस पहल से सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में योग प्रशिक्षकों व योग थेरेपिस्ट के लिए रोजगार के मौके पैदा हुए हैं ! इसलिए योग क्राइम भी बढ़ा है जिसके लिए आप जैसे योग्य क्राइम इंस्पेक्टर हैं ! योग क्राइम की रोक थाम के लिए आप का हर काम सराहनीय है सर ! ‘ मैंने एक ही सांस में सब कह दिया था ! मरे पेट में बल पर गया !

‘ आप ने सरकारी योग के लिए क्या किया है ? ‘ इस सवाल से त्रिफला ने मेरा मुंह बंद कर दिया !

इस सीधे प्रश्न के तनाव से मेरे अंदर कुछ फट गया  ‘ पु उउउउउउउऊँ ईईईई … ‘ अंदर तनाव के गोले के फटते ही मैं पवन मुक्त हो गया था !

साइलेंस उधर !

साइलेंस इधर !

मैंने योग इंस्पेक्टर त्रिफला सिंह को देख कर अशिष्ट होने की अपराध में नज़रें झुका लीं !

‘ जी ! थोड़ा गैस हो गया है ! माफ़ कीजिये ! ‘ मैंने संवाद को फिर से जोड़ा ! ‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे सात सौ रुपये लें और मुझे जाने दें ! ‘ मैंने पवन मुक्त प्रार्थना की !

‘ योग क्राइम कर के आप राहत की सांस लेते हैं ? कैसे ले पाते हैं ? ‘ मेरे अशिष्ट पवन मुक्त आसन से वो बौखलाया हुआ था ! ‘ आप जानते हैं योग पेट के लिए किया जाता है ! ‘ उसने ऊँची आवाज में मुझसे कहा ! मैंने देखा पेट मरोड़ का तनाव उसके चेहरे पर साफ़ था ! तो क्या योग इंस्पेक्टर त्रिफला चूर्ण स्वयं योग अपराधी है ? मेरा दिमाग तेजी से जेम्स बांड बन गया !

‘ योग शरीर के लिए किया जाता है ! ‘ मैंने शांत स्वर में कहा !

‘ आप का पेट क्या पाकिस्तान में है ? आपका पेट आपके शरीर में ही है न ? अपने शरीर को सुनें ! ‘

योग इंस्पेक्टर लगभग चीख पड़ा ! पेट के गैस की छटपटाहट कोई भी उसके चेहरे पर पढ़ सकता था ! उसकी पीड़ा मुझे आनंद दे रही थी ! ‘ सर आप की हवा टाइट है ! ‘ पकडे जाने की हड़बड़ाहट में उसके पेट का गोला भी जग जीतने इसरो के रॉकेट जैसा निर्भय और उन्मुक्त हो कर निकल पड़ा !

‘ पों ऊँ  उउउउउउऊँ ‘ इंस्पेक्टर साहब तनाव मुक्त होते ही पवन मुक्त हो गए !

साइलेंस इधर !

साइलेंस उधर !

इस बार अशिष्ट वे हुए थे फिर भी सब कुछ अनदेखा करते हुए नज़रें मैंने ही झुका लिया !

मुझे लगा मेरी हवा मुक्त हो कर उनकी हवा को भी मुक्त होने की राह दिखा गयी ! मैं योग इंस्पेक्टर के ही नहीं बल्कि ड्यूटी अफसर के कुछ काम आ गया था ! मेरा अपराध बोध थोड़ा कम हो गया ! मुझे लगा सात सौ रुपये का शगुन ही हवा बन कर निकला है ! अच्छा अवसर मान कर मैंने जेब से सात सौ रुपये निकाल लिया ! मुझे योग के इस अपराध जाल से निकलना था !

‘ सर आपका पवन मुक्त आसन भी देख लिया ! पर्यावरण में होने वाले बदलावों से हम सभी प्रभावित होते हैं ! स्वस्थ समाज के लिए संतुलित पर्यावरण अत्यंत आवश्यक है ! पर्यावरण को प्रदूषित होने से रोकने की जिम्मेदारी हम सबकी है ! ऐसे में यह आवश्यक है कि हम हर तरह के प्रदूषण पर लगाम लगाएं ! योग गुरु बन कर भारत दुनिया की सबसे भयानक योग – प्रदूषण की स्थिति का सामना कर रहा है ! ‘ ये कहते हुए कम शब्दों में मैंने अच्छे नागरिक होने का परिचय दे दिया ! गैस निकलने के बाद त्रिफला चूर्ण जी का चेहरा शांत हो गया था ! मैंने सोचा यही सही समय है ! उन्होंने भी मेरे चेहरे को पढ़ लिया था ! ‘ कुछ हस्त मुद्रा कीजिये ! ‘ उन्होंने कहा !

 ‘ जी ! ‘ दान मुद्रा में अपना हाथ बढ़ाते हुए मैंने कहा ! मेरे हाथ में पांच सौ का एक नया नोट और सौ – सौ  के दो नोट मिला के तीन पत्ते थे ! वे भी तीन थे !
‘ नए योग कानून के हिसाब से हर सप्ताह मुझे कितनी बार योग – अभ्यास करना चाहिए ? ‘ मैंने अपना समय बचाने के लिए पूछा !
‘ मुझे हफ्ता दे कर आप हर दिन अभ्यास कर सकते हैं ! ‘ योग इंस्पेक्टर त्रिफला जी सहज उत्तर देते हुए बोले ! ‘ योग दान के लिए शुक्रिया ! ‘
‘ योग के दान के लिए आप का भी शुक्रिया ! ‘ व्यावहारिक बनते हुए मैंने भी जवाब दिया !
‘ प्रिय मित्र श्रीमान, मैं इस ग़लतफ़हमी को साफ करना चाहता हूं कि योग उतना योग नहीं है जितना लोग सोचते हैं ! ‘ इंस्पेक्टर साहेब फिर से चहकने लगे थे !
‘ हाल के समय में फ़ेक योग यानी फ़र्ज़ी आसनों का सबसे जीता – जागता उदाहरण शवासन हैं ! आपको बता दें कि शवासन एक ऐसा आसन है जिसमें शव की मुद्रा में लेट कर शरीर और दिमाग को आराम दिया जाता है ! किसानों ने क्या किया इस आसन के साथ ? क्या सरकार उनकी खेत में अपनी बीज बोती है ? फिर किसानों ने कैसे योग जैसे सरकारी खेती में अपने आंदोलन बोए ? शवासन क्या अब ऐसे प्रयोग के लिए ही बचा है ? आंदोलन की जगह अगर वो ये आसन अपनी खेतों में करते तो आज कर्ज़ माफ़ी के लिए उन्हें आत्महत्या न करना पड़ता !’
साइलेंस इधर !
साइलेंस उधर !
‘ योग लंबे वक्त तक एक बंद दुनिया थी, जिसमें कुछ ही लोगों की पता नहीं कैसे एंट्री होती थी ! लेकिन सोशल मीडिया ने योग की बंद दुनिया को छिन्न भिन्न कर दिया है ! आप शवासन क्यों कर रहे थे ? उसके इस सवाल से मेरे कान खड़े हो गए ! अब क्या हुआ ? मैंने डरते डरते सोचा !
‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! ‘
‘ अपने शहर में योग आसन की निगरानी करने वाले एक समूह से जुड़ जाइये !, जिसे स्थानीय लोग खुद ही मिल कर चला रहे हैं ! ये नेटवर्क स्थानीय निवासियों का एक समूह है जो मीडिया में दिखाए गए शहरों के योग प्रदूषण को मापते हैं और उनके आंकड़ों को ट्विटर पर जारी करते हैं ! ‘
योग का अभ्यास आज से ही आरंभ करने का दृढ़ संकल्प कर इसके विभिन्न लाभों को स्वयं अनुभव कीजिए ! फेसबुक और इंस्टाग्राम के बिना योग फीकी है ! हर वक्त अपना सोशल मीडिया अकाउंट अपडेट करते रहें ! तेजस्वी स्वास्थ्य, सफलता, शांति, समृद्धि तथा अमरत्व के लिए ईश्वरीय आशीर्वाद आप को प्राप्त हो ! तीन सौ साठ डिग्री फिटनेस पा कर आप हर कोण से अपना सेल्फी ले सकें ! एक कुर्सी पर स्वस्थ और तटस्थ बैठने की स्थिति को आप भी जल्द प्राप्त  करें
कंप्यूटर के सामने बैठे रहने का आदर्श आसन आप को प्राप्त हो ! सबको गूगल खोज में आप मिल जाएँ ! मेरे मन में आप के लिए यही स्टेटस हैं !

‘ किसी ने ठीक कहा है योग में आय का कोई तय पैमाना नहीं है ! ‘ मैंने सोचा ! पर योग क्रिमिनल का ज्यादा सोचना क्या ठीक है ? मुक्ति मिलते ही मैं सर पर पाँव रख कर भाग गया !

हैश टैग

हैश टैग

 

जिस चीज़ पर मेरा विश्वास होता, उसके लिए मैं खड़ा नहीं हो पाता ! सोशल मीडिया पर अपनी रीढ़ की हड्डी से निराश हो कर मैं एक दिन वर्चुअल दुनिया से बाहर निकल गया !

सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म पर मेरी रीढ़ की हड्डी मेरा साथ छोड़ चुकी थी ! दिन भर अलग अलग प्लेटफॉर्म्स के हर वॉल के हर पोस्ट पर बिन पेंदी के लोटे की तरह मैं इधर उधर लुढ़कता रहता और सोशल मीडिया पर दूसरों के विचारों, चित्रों, और उनके जीवन की घटनाओं आदि को बिना सोचे समझे लाइक करता फिरता ! पल में माशा, पल में तोला और जहाँ जरुरत न हो मैंने वहां भी मुँह खोला ! अच्छे बुरे हर विचार को कब मेरा समर्थन मिल जाता मुझे पता भी नहीं चलता था ! घूम घूम कर मेरी गर्दन सबकी हाँ में हाँ मिला देती ! मेरे पास न अपना कोई विचार था न कोई विषय ! मेरी गर्दन मेरे वश में नहीं रह गयी थी ! मेरी गर्दन हर बात पर हर जगह हिलती रहती और चारों ओर घूमने लगी थी ! लुंज – पुंज होती रीढ़ की हड्डी की वजह से गर्दन की कमांड और कंट्रोल की मेरी दोनों ताक़तें कमज़ोर हो गयी थी ! रीढ़ की हड्डी के बिना मैं लगातार सब पर फ़ब्तियां कसता और सबकी छोटी – मोटी बातों का बेहूदा जवाब देता ! जहाँ रीढ़ की हड्डी के साथ टिक कर खड़ा होना पड़ता वहां मेरा पैर किसी साबुन के विज्ञापन से टकरा कर फिसल जाता और मैं भाग जाता ! कई बार ऐसा होता कि मेरा मन लोगों को मुँहतोड़ जवाब देने का करता, मगर अपनी ढीली रीढ़ की हड्डी की वजह से कुछ कह नहीं पाता ! बिना रीढ़ की हड्डी के मैं सोशल मीडिया पर हर एप्लिकेशन का आनंद लेने लगा था ! इसी वज़ह से मेरे ऐसे फ्रेंड्स बढ़ने लगे थे जिन्हे मैं जानता तक नहीं था ! मैं इतना अ – सामाजिक हो गया था कि बिना रीढ़ की हड्डी के खुद को सामाजिक स्थितियों में डाल देता !  मेरी रीढ़ में अनचाहे व्हाट्सएप को अनइंस्टॉल करने की ताक़त तक नहीं बची थी ! पारस्परिक संबंध के लिए दिन में कई बार लाइव हो कर भी जीवन के स्पर्श की चाह में मैं रीढ़हीन मरा – मरा सा भटकता रहता !

तीन कारणों से मुझे अपनी गर्दन को कसने की आवश्यकता हो गयी थी ! सोशल मिडिया पर गर्दन के चारों ओर घूम जाने की वजह से मुझे इस बात का डर हो गया था कि कहीं कोई मेरा चक्रवर्ती गला काट न ले ! मुझे अपनी गर्दन को स्थिर रखने के लिए उसे बांधना जरुरी हो गया था ! दूसरा कारण ये था कि मैं बिन पेंदे का लोटा बनकर लुढ़क लुढ़क के पिचकने लगा था ! मुझे अपनी   पात्रता की शेप बचानी थी ! गर्दन को बाँधने का तीसरा कारण ये था कि गर्दन सीधी रहे ताकि मैं व्हाइट कॉलर पहन सकूँ ! मेडिकल साइंस ने भले ही कितनी तरक्की कर ली हो उसके पास उन रहस्यमयी और शिथिल कर देने वाले मर्ज़ का इलाज नहीं है, जिसने मनुष्य की सोशल मिडिया की भूख को अपनी गिरफ्त में ले लिया है !

अलग – अलग जीवों की अलग – अलग प्रकार के गर्दन और रीढ़ की समस्याएं हैं ! अपनी इसी रीढ़ की समस्या का हल ढूंढने के लिए वर्चुअल दुनिया से बाहर भटकते भटकते मुझे एक कुत्ता दिखा ! कुत्ते की गर्दन में पट्टा था ! पट्टे पर ध्यान जाते ही मुझे ज्ञान रूपी कुत्ता काट गया ! सहसा मुझे ये बात समझ में आ गयी कि पृथ्वी जैसे पेशेवर परिवेश में हमें गर्दन के ऊपर को छोड़कर अपने शरीर के किसी अन्य हिस्से पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है ! मुझे लगा अगर मैं  भी अपने सभी पट्टों को जोड़ कर अपनी गर्दन में पहन लूँ तो शायद मेरी रीढ़ की हड्डी सीधी हो जाए ! नाम, फोन नंबर, मेल आईडी और सेल्फी जैसे पट्टों को जोड़ कर मैंने नंबर साइन जैसा हैश टैग बना दिया और बेहतर दुनिया के लिए मैंने अपनी गर्दन में हैश टैग पहन लिया ! अपना नाम, फोन नंबर, ई मेल आई डी, और एक सेल्फ़ी में मेरी गर्दन चारों तरफ से फँस चुकी थी ! अपनी गर्दन को हैश टैग के चौकोर में फँसाते ही, मेरी रीढ़ की हड्डी तन कर कड़क हो गयी !

गले में हैश टैग के लगते ही मैं पूरी तरह एक्शन में आ गया ! सबसे पहले हैश टैग के अंदर और हैश टैग के बाहर से सेल्फ़ी खिंचवायी ! सोशल मिडिया में अपलोड किया ! एक आदमी के गले में चौकोर चार खानों वाला पट्टा सबको लुभा गया ! हैश टैग के लगते ही मैं बड़ी आसानी से टैग होने लगा ! हॉट – डॉट लड़कियाँ मुझे टैग करने लगीं ! देखा देखी सबने अपनी गर्दन हैश टैग में फंसा लिया ! सोशल मीडिया पर सबकी रीढ़ की हड्डी ढीली हो गयी थी ! जिन्होंने अपनी गर्दन में हैश टैग नहीं फंसाया वो पास की गर्दन में फंसे हुए हैश टैग में खुद फंस गए ! हैश टैग पहने जैसे ही कोई दो व्यक्ति आप को घेरेंगे आपकी गर्दन हैश टैग में खुद व खुद फंस जाएगी ! लोग फंसते चले गए और हैश टैग का मैट बन गया ! सोशल मीडिया के लॉगरिथम से एक हो कर मैं तत्क्षण वायरल हो गया ! विचित्र समाज का ये विद्रूप बिम्ब था ! किसी साइंस फिक्शन के व्यंग्य रूप सा मेरा यह नया रूप था ! अब मैं हैश टैग था ! दुनिया का सबसे ताक़तवर प्रतीक ! मेरे पास सोशल मिडिया के आर पार का रोड मैप आ गया था ! फ़ायर ब्रांड वाली शक्ति मेरे पास आ गयी ! मेरी रीढ़ की हड्डी इस्पात की तरह स्थिर और कठोर हो गयी ! मैं सोशल मीडिया पर किसी को भी भष्म कर सकता था और किसी की भी उत्पत्ति मेरे हाथ में थी ! देखते देखते मैं काल वायरल हैश टैग देव हो गया ! मुझे देख कर पडोसी का कुत्ता भौंकने लगा ! शायद उसे भी अपने चमड़े के कॉलर से आज़ादी चाहिए थी ! मैंने उसे भी टैग कर दिया ! सोशल मिडिया पर इसलिए कुत्तों से जुडी समस्याएँ जल्द वायरल हो जाती हैं !

हैश टैग कॉलर को मनुष्य शर्ट, ब्लाउज, जैकेट या कोट की गर्दन के चारों तरफ लगा के मेरी तरह श्री हैश टैग हो सकते हैं ! आपकी चक्रवर्ती गर्दन हैश टैग से एकाग्रचित्त हो सकती है ! अपनी रीढ़ की हड्डी सीधी कर के जिसे किसी दुसरे व्यक्ति की गर्दन का समर्थन करना हो वो हैश टैग पहन सकता है ! हिजाब के साथ भी हैश टैग पहना जा सकता है ! यदि लंबे बाल हैं, तो बाल गर्दन से बाहर होना चाहिए ! वर्ल्ड वाइड वेब पर हैश टैग अब आधुनिक फैशन का पोशाक है ! आईने के बाद हैश टैग ही मनुष्य को अपना चेहरा दिखा सका है !

हैश टैग एक सामाजिक चिकित्सा उपकरण है ! हैश टैग सरवाइकल कॉलर नहीं, हैश टैग सरवाइवल कॉलर है ! गले में हैश टैग की वजह से अब मेरी अलग वेशभूषा है इसलिए अब मेरी अलग जीवनशैली होगी ! युवा जीवनशैली ! जनता सबकुछ चुनती है ! जनता ने मुझे अपना प्रतीक चुना है ! समाज में मैं उनका सबसे ज्यादा साथ दूँगा जो नयी बात कहेंगे, ऐसी बातें जो आज समाज के लोगों को पसंद आए ! आज हैश टैग के माध्यम से सरकार जनता को नई योजनाओं के बारे में जानकारी देती है और एक आम आदमी मुझ जैसे छोटे से हैश टैग के जरिए एक छोटी सी मुहिम को क्रांति बना देने की शक्ति रखता है ! सोशल मीडिया पर हर व्यक्ति अपने विचारों को प्रभावी बनाने के लिए हैशटैग का प्रयोग कर सकता है ! जो मेरे साथ रहेंगे उनको कभी इमेज मेकओवर की जरूरत नहीं पड़ेगी ! जो पकडे हैश टैग का हाथ , सोशल मिडिया उसके साथ !

वार्निंग : जिस हैशटैग के बारे में आपको पता न हो, उस पर प्रतिक्रिया न दें ! हर टेक्नोलॉजी की तरह इसका भी एक नकारात्मक पहलू है ! कई बार शरारती तत्व गलत किस्म के समाज – विरोधी हैशटैग शुरू कर देते हैं ! यदि आप उन्हें अच्छे से समझे बिना उसके बारे में ट्वीट करने लगेंगे या सोशल मिडिया के दुसरे प्लेटफार्म पर ले कर जायेंगे तो जाने – अनजाने में आप उनके समाज -विरोधी कार्य में शामिल हो जाएँगे !

सावधान, मैं मूर्ख हूँ !

 

 Illustration : Anirban Bora

काला हास्य / Illustration : Anirban Bora

बिना किसी कारण के ख़ुशी से नाचता हुआ देख कर मुझे पुलिस पकड़ कर सवाल घर में ले गयी और पूछताछ करने लगी ! छान – बीन से यह बात सामने आई कि मैं मूर्ख हूँ ! पुलिस का कहना है कि यह अपराध है और मूर्खता साबित होने पर सात वर्ष तक की सज़ा हो सकती है.! मैंने पूछा ‘ पांच वर्ष की सजा क्या कम है जो हमें चुनाव जैसी मूर्खता के बाद मिलती है, फिर मुझे सात वर्ष की अलग से सज़ा क्यों हो ?’ छोटा मूर्ख बड़ी बात कह कर पुलिस मुझ पर हंसने लगी !

मेरी गिरफ़्तारी का पता लगते ही मूर्खता आयोग ने पुलिस से मेरी मूर्खता के मामले की रिपोर्ट मांगी ! भारतीय पुलिस ने मेरी मूर्खता को परखने का डेमॉन्सट्रेशन रखा और मुझे एक मशीन से जोड़ दिया ! डेमॉन्सट्रेशन के दौरान अलग – अलग बटन दबाने पर भी मशीन से मूर्खता की ही पर्ची निकली ! यह देख कर पुलिस मुझे ईवीएम मूर्ख कहने लगी !

मैंने पुलिस से कहा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन जिस पर हम अपने वोट देते हैं, मैं वो नहीं हूँ ! मैं एक वोटर हूँ, वोट मशीन नहीं ! मैं एक नागरिक हूँ ! मैं मूर्ख हो सकता हूँ पर ईवीएम नहीं ! ‘क्या मेरे साथ छेड़छाड़ हो सकती है ?’ मूर्खता आयोग को मेल लिख कर पुलिस ने पूछा ! ‘छेड़छाड़ किया जा सकता है, इसलिए जब तक सिद्ध न हो जाए कि मैं मूर्ख हूँ मुझे उच्च सुरक्षा में रखा जाए ‘ जवाब मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया !

प्रशासन का अर्थ श्रेष्ठ विधि से शासन करना है ! मानव विकास ही इसका परम लक्ष्य है इसलिए मेरी प्रशासनिक सेवा शुरू हो गयी ! मुझे पांच मीटर के केबल से जोड़ दिया गया ! पुलिस की देख – रेख में अब मूर्खता आयोग के अलावा कोई भी मुझ तक नहीं पहुंच सकता था !

मैं जानता था कि मैं मूर्ख हूँ, पर इतना बड़ा मूर्ख हूँ कि मुझे क़ैद कर लिया जाए ये नहीं पता था ! अपनी इस दुर्लभ मूर्खता तक पहुँचने के लिए लाखों लोगों की तरह मैंने भी सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया !

शिक्षा, लोकतंत्र, धर्म, जाति व्यवस्था, जैसे कई अलग – अलग क्षेत्रों से किये गए सवालों पर दिए गए मेरी मूर्खतापूर्ण उत्तर में भी मूर्खता आयोग को चुनावों को प्रभावित करने की शक्ति दिखाई दे गयी ! मेरी मूर्खता सिद्ध करने के लिए मेरा सीक्रेट सर्च वारंट निकाल दिया गया ! मेरी मूर्खता के बहाने वो मेरे फोन का स्मार्टनेस चेक करने लगे ! ‘आप से ज्यादा आप का फोन स्मार्ट है’ उन्होंने कहा ! मेरी अब तक की सारी वर्चुअल रियलिटी सच होने लगी ! स्मार्ट सिटी के स्मार्ट मूर्ख की स्मार्ट मूर्खता एक ही पासवर्ड से बाहर आ गयी !

मेरी ही तरह स्मार्ट होने के लिए कई लड़की – लड़के इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में घुसते हैं, डॉक्टर बनते है, लेखक, व्यापारी, शिक्षक, कलाकार ,वैज्ञानिक और अभिनेता बन कर अभिनय करते हैं और नेता बन जाते हैं और आखिरकार मूर्ख ही कहलाते हैं ! मूर्खता मूल्य पैदा करती है, विचार नहीं ! मेरी तरह भारत में अनेकता और एकता के आयाम में मूर्खता भी जोड़ के देखिये आपको देश ज्यादा एक लगेगा ! धर्म, भाषा और रीति – रिवाजों की विविधता के साथ हमारी मूर्खता में भी एक अद्भुत एकता है जहाँ सामूहिक बलत्कार अब नया हथियार है !

मुझे देखने कॉर्नफ्लेक्स खाता हुआ डॉक्टरों का एक दल आया ! ‘ जब मछली मरती है तो उसका सिर सबसे पहले गलना शुरू होता है और इसीलिए बदबू भी सबसे पहले वहीं से आती है ! ऑपरेशन करके हमें आप के अक्ल की तलाशी लेनी है ! ऑपरेशन जटिल है ! जीना है तो तकलीफ भी झेलनी होगी ! आप सिर्फ अपने कैलोरी पर ध्यान दें, चाहें तो किसी भी सरकारी परियोजना के बारे में बात करें ! पर विचार न करें ! विचार करने से नींद आ जाती है और नींद आपकी मूर्खता में खलल डाल सकती है ! एक हाथ ही दूसरे हाथ को धोता है !’ बारी बारी से सभी डॉक्टरों ने मुझसे ये बातें कहीं !

मुझे हल्का करने के लिए डॉक्टरों ने मेरे पेट में गैस भर दिया ! धीरे – धीरे मेरी आँख बंद होने लगी और मैं उड़ने लगा ! महँगी सब्ज़ी मंडी और बंद बूचड़खाने पर से उड़ता हुआ मैं समशान और कब्रिस्तान के ऊपर पहुँच गया ! सुनसान गली पार करती हुई एक सहमी सी लड़की के ऊपर से उड़ने लगा, खाली खेल के मैदान और दुर्घटनाग्रस्त रेलगाड़ियों के ऊपर से उड़ता हुआ मैं देश भर में फैले ड्रोन कैमरे की तरह सरकारी हवाई जहाज़ के साथ बादलों में तैर रहा था ! सूखी कोसी और मैली गंगा मुझे अपने घर बुला रही थी ! अपनी मूर्खता के साथ उड़ते – उड़ते मैं इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्ट्री से भी ऊपर उठ गया ! डिब्बाबंद मांस की तरह उड़ता हुआ देख कर फौजियों ने मुझे लपक कर नीचे उतार दिया ! मैं अस्पताल में बिस्तर पर लेटा था और सामने टीवी स्क्रीन को काला कर के कोई सरकार को आइना दिखा रहा था या मुझे मूर्ख बना रहा था, मुझे कुछ याद नहीं ! रिमोट कंट्रोल्ड चार रोबोट कार्टूनिस्टों ने मेरे पेट से गैस निकाल लिया !

क्या आपके पास पतंग उड़ाने का लाइसेंस है ? उन्होंने मुझसे पूछा ! ‘ नहीं तो ‘ मैंने चौंकते हुए कहा ! ‘ पतंग उड़ाने के लिए भी लाइसेंस की जरुरत पड़ती है ?’ मेरा सवाल सुन कर सब गोल बंद हो कर फुसफुसाने लगे ! काफी देर बाद सब बिखर के इधर उधर फ़ैल गए और एक महत्वपूर्ण सा लगने वाला आदमी मेरे पास आया और मुझे इन्टरनेट से जोड़ कर मुक्त कर गया ! ‘राइट टू इन्फॉर्मेशन एक्ट के तहत आप अपने घर जा सकते हैं ‘ ये कहता हुआ वो हॉस्पिटल से किसी विज्ञापन की तरह गायब हो गया !

ज्यादातर दफ्तरों में मशीनें, कंप्यूटर और आदमी एक जैसे होते हैं ! मेडिकल साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है फिर भी अपनी जांच के नतीजों में वो मुझ जैसे अपने मूर्ख नागरिक को पहचान न सके ! अपनी पूरी ताकत और साहस के साथ मैं हँसने लगा ! मेरे साथ सब हंसने लगे ! अपना हेड फ़ोन कान में डाल कर इंटरनेट की अच्छी स्पीड की ख़ुशी में नाचते – नाचते मैं घर लौट आया !

मन का हुड़दंग

मैं एक ट्रोल हूँ

मैं एक ट्रोल हूँ ! मेरा नाम चट्टान भगत है ! मैं वायरल और क्रूर हूँ ! मैं गरज गंज के बरस नगर में रहता हूँ ! मैं सच्चा हुड़दंगी हूँ ! इन्टरनेट पर चहचहाने वाली फेयर एंड लवली लड़कियों का प्रोफाइल मेरा अड्डा है ! सेक्सिस्ट ट्विटर में बुद्धिमान युवा मेरे ग्राहक हैं ! मेरी कंपनी का नाम ड्रीमट्रोल है ! हम ‘ए’ लेवल का ट्रोल करते हैं ! स्टीरियोटाइप जीवन ही मेरी जननी है ! मैं गूगल सर्च से निकला हूँ ! मुझे स्कैंडिनेवियाई लोककथाओं और बच्चों की कहानियों से निकाल के लाया गया है ! मैं गंभीरता से देखा, पढ़ा और सुना जाता हूँ इसीलिए मैं महत्वपूर्ण हूँ ! मुझे केवल लंठ समर्थक समझना आप की भूल है ! हम अपना सारा काम छोड़ के बवाल मचाते हैं ! मुझे बीमार, बर्बाद और बेकार बोलने वालों को मेरी ताक़त का अंदाज़ा नहीं है ! केवल सोशल मीडिया में हंगामा मचाना ही मेरा मकसद नहीं है ! जो ये समझते हैं कि हमारे तूफान मचाने की राजनीति का मकसद एक पार्टी के हक में हिन्दू मुस्लिम गोलबंदी करना है वो भी सही नहीं हैं ! हमें गोल कर के वे भी बेकार में चौड़े हो रहे हैं ! तस्वीर निकालो, लाल रंग से घेर दो और व्हाट्स अप में फैला दो, ये अब धरना प्रदर्शन जैसा पुराना तकनीक है ! मैंने दो हज़ार के नोट में चिप डाला है ! यूनेस्को से प्रधानमंत्री को एप्रूव्ड करवाया है ! मेरी वजह से सोशल मिडिया अब सोचल – समझल मिडिया है ! मैं पत्रकारों और राजनेताओं की पसंद हूँ ! रिसर्च सेंटरों के आंकड़े मेरा यार हैं ! लोगों की प्रतिक्रिया के लिए इंटरनेट पर बेवकूफ और भड़काऊ बातें करता हूँ !

माइक्रो – ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर और हर तरह की सामाजिक नेटवर्किंग साइट पर अपमानजनक संदेश प्राप्त करने के लिए आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं ! भद्दी टिप्पणियां देना मेरा पेशा है ! सोशल मीडिया पर सबको सलाह देना मेरा काम है ! मैं अपना काम छोड़कर दूसरों की चिंता में ही डूबा रहता हूँ ! मुझसे दुश्मनी कर के आप ट्विटर के टॉप ट्रेंडिंग लिस्ट में शामिल हो सकते हैं ! मैं आप को रातों रात हैशटैग बना सकता हूँ ! मेरे उपद्रव को देखना है तो मुझसे जुड़ जाइये ! सोचल – समझल मीडिया की अपनी बदमाशियां हैं ! सिर्फ़ ज़ोर – ज़ोर से बोलना ट्रोलिंग नहीं है ! ट्रोल इन्टरनेट पर आत्म – जागरूकता का एक रूप है !

ट्रोल इन्टरनेट पर असामाजिक, झगड़ालू और धीमी गति से रेंगने वाला जीव होता है जो दूसरों के लिए जीवन को कठिन बनाता है ! घृणा फैलाना ‘पेड’ ट्रोल का धर्म होता है ! ऑनलाइन चर्चा अक्सर आप के हाथ से निकलते ही मुझ तक पहुँच जाती है ! अपने नृशंस ट्वीट्स के साथ मैं एक पल में अश्लील हो जाता हूँ ! भारतीय ट्रोल सबसे ज्यादा अपमानजनक, सबसे अधिक लिजलिजा और पृथ्वी पर सभी ट्रोल में सबसे बढ़कर अश्लील है ! मेरी बातों पर भरोसा न हो तो आप अपने ई – समाचार पत्रों, ई – पत्रिकाओं, ब्लॉगों, यू – ट्यूब और किसी भी प्लैटफॉर्म के कमेंट बॉक्स में जा कर खुद मेरा काम देख लीजिये !

वर्ल्ड वाइड वेब पर एक पेशेवर ट्रोल के रूप में अपने शिकार को लेबल करने से पहले मैं तौलता हूँ, फिर ट्रोलता हूँ ! जानबूझकर ट्रोल हिट लिस्ट बनाकर दूसरों को उत्तेजित या अपमानित करने का प्रयास करता हूँ ! इन्टरनेट पर मुझे कच्ची शराब जैसी सड़ांध पसंद है ! मेरा नारा है ‘ मेरे ट्रोल से ही चलेगा ये वतन, बढ़ा क़दम !’ राष्ट्रवाद को ट्रोलबाद से रिप्लेस करना है ! आप मेरी निंदा चुप रहकर कर सकते हैं ! अगर आप मेरा समर्थन कर भी रहे हैं तो एकदम सामने से मत कीजिये ! ट्रोल को इशारा काफी है ! मेरा समर्थन करने के लिए आपकी चुप्पी उस दिन सराही जाएगी जब हम सब इन्टरनेट पर अपनी पहचान खो चुके होंगे !

प्रकृति का ट्रोल मधुमख्खी है ! अगर आप मधुमख्खी के छत्ते को दुहना नहीं जानते तो मधुमख्खी के छत्ते में हाथ मत डालिये ! वो खुद अपना रस पी कर स्वाहा हो जायेगा ! आप ने निर्जन छत्ते जरूर देखे होंगे जिसे ट्रोल छोड़ चुके हैं ! ट्रोल को अनदेखा करना ही उनसे बचने का सबसे अच्छा तरीका है ! आप पाबंदियों के बारे में बात करना चाहते हैं तो मुझसे बात मत कीजिये ! आँख बंद कर के अपने आप से सिर्फ़ दो सवाल कीजिये ‘आप इन्टरनेट पर किसकी माला जपने आते हैं ? ‘ ‘महिलाओं पर हमला करने की अपनी विकृत इच्छा के बारे में आप क्या जानते हैं ?’ आप ने अपने ह्रदय के अंदर जा कर अगर इन दो प्रश्नों का जवाब दे दिया तो आप को अपने हर सवाल का जवाब मिल जायेगा !

दलाली, भ्रष्टाचार और गोरखधंधे में लिप्त देशभक्त ट्रोल की शक्ति को कभी नहीं पहचान पाएँगे ! सच्चा ट्रोल ये मानता है कि लोकतंत्र में स्वस्थ ट्रोल – तंत्र के लिए सरकार की आलोचना के साथ साथ नागरिकों का ट्रोल भी होना अत्यंत आवश्यक है ! मेरी मार्केटिंग स्ट्रैटेजी इंटरनेट को एक मंच मानती है, और सभी यूज़र्स आप जैसे जोकर या मुझ जैसे ट्रोल हैं ! ट्रोल का कोई लिंग नहीं होता, ट्रोल समलैंगिक होते हैं ! हर बात के लिए मेरे पास अपना आंकलन है !

मैं किसी के बेटे का नाम रखे जाने से शुरू होकर उसकी पत्नी की स्लीवलेस ड्रेस से होता हुआ उसकी माँ की ट्रेन यात्रा पर जा पहुँचता हूँ ! शारीरिक व्यायाम को भी धर्म से जोड़ सकता हूँ ! कोई मेरी बोलती बंद नहीं कर सकता, हम सब मिल कर उसे बोतली में बंद कर देते हैं ! हम अत्यधिक संगठित हैं ! ट्रोलिंग पाप या अपराध नहीं है ! लाखों ग्राहक के मनोरंजन के लिए ट्रोल इंटरनेट पर बदमाशी का एक सामान्य रूप है ! आप किसी को भी वोट करें कोई गलती नहीं करेंगे ! ग़लती तब करेंगे जब कौन अच्छा है उसे लेकर इन्टरनेट पर बहस करेंगे !

इन्टरनेट के बाहर अलग से मैग्निंफाइंग ग्लास लेकर भी मुझे ढूंढेंगे तो मैं नहीं मिलूँगा ! इन्टरनेट पर अभी तो मेरे होने और न होने पर ही बहस है ! मेरे लिए ख़ुशी की बात है कि मुझे भी स्टीरियोटाइप से ही देखा जा रहा है !

आप को ट्रोल की शुरुआत करनी है तो ट्रोल करते हुए गन्दी भाषा का उपयोग करें और ऐसा करने के लिए खुद को प्रेरित करें ! भारत में आप टैक्स से बच सकते हैं पर अपने टेक्स्ट से नहीं बच सकते ! मैं आप की मदद के लिए आ ही जाऊँगा ! अपनी ट्रोल शक्ति से राष्ट्रीय अल्पसंख्यकों के संरक्षण की निगरानी करते हुए ट्रोल परिषद की सलाहकार समिति ने मुझे सुझाव दिया है कि मैं ट्रोल पावर को निभाने और अपने मालिक के प्रोफाइल को बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत करूँ ! जो सबका मालिक है वो मेरा भी मालिक है ! सभी भारतीय ट्रोलर्स, भारतीय इंटरनेट ट्रॉलिंग को बेहतर बनाने के सुझाव दें ! आपके फीड से मुझे फ़ूड मिलेगा ! आप मेरी ऑनलाइन खरीदारी भी कर सकते हैं !

आज के ज़माने में सामाजिक नेटवर्किंग सेवा पर मेरे लिए अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट के साथ – साथ मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड के टीम को भी हर पल तैयार रहने का निर्देश दिया गया है ! संदेह व सूचना के आधार पर सोचल – समझल मिडिया में मेरी छापामारी जारी रहेगी ! रंग अबीर गुलाल के साथ साल में एक दिन होली का हुड़दंग अब सिर्फ बच्चों का खेल है ! इन्टरनेट पर तीन सौ पैंसठ दिन, मन का हुड़दंग ही होली का असली हुड़दंग है ! कमज़ोर मोबाइल सिग्नल वाले इस खेल से दूर रहें ! मेरा आनंद लेने के लिए आपके फोन का स्मार्ट होना जरुरी है ! आप मुझसे ट्रोलिंग अनुरोध भी कर सकते हैं ! मुझे ट्रोल फ्री नंबर पर फोन कीजिये ! आप गाइये सा रा रा, मैं गाऊंगा ट्रा ट्रा ट्रा !

जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

१.
मैश – अप के हमाम में बोलो हर हर गंगे
मिडिया के रिवेंज पोर्न में सब के पंगे नंगे
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

२.
बूथ दर बूथ पानी हुआ और दूध का दूध
प्रेग्नेंट थी सरकार अब है अबॉर्शन का मूड
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

३.
छोड़ो सबकुछ पकड़ सको तो सिग्नल को पकड़ो
क्या हो जो सबके कपड़े ले उड़ जाए इसरो
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

४.
उफ़ मतला, मक़ता, काफ़िया और रदीफ़
हैं व्याकरण के सब गुंडे हिन्दू और शरीफ़
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

५.
दो पाटन के बीच में कोई बाकी बचा न जात
रेडियो में कौन कर रहा है अपने मन की बात
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

६.
बुर्क़ा पहन के क्यों न निकली चल रहा अभियान
जाना था शमशान कहाँ चली तू बिजली की रमजान
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

७.
कफ़न में भी जेब होंगे डिजिटल जलेगी लाश
मरघट की करें राजनीति कैश है जिसके पास
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

८.
दो हज़ार का नोट चौक पर मांग रहा था भीख
पूछा तो बोला एक हज़ार से उसने ली है सीख
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

९.
गधे भी हार गए आदमी था लाचार
मान गए गधे अब आदमी करें उनका प्रचार
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

१०.
नए लुक में फिर आएगा हज़ार रुपये का नोट
लाइन में सब खड़े होकर पहले दे दो वोट
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

सिनेमा का दुखवा मैं कासे कहूँ ?

1.

पात्रों की भाषा को ‘सिनेमा की भाषा’ मानने वाले मुर्ख, ‘देखो’ बसंत आया

” … क्षेत्रीय भाषा बोलने वालों को नीचा दिखा कर अपनी श्रेष्ठता बनाने की कोशिश करने वाले, आप चाहें तो मुझे भी ‘दूस’ सकते हैं, पर सिर्फ़ अपनी मूर्खता की प्रबल दावेदारी बनाये रखने लिए कृपया सवाल मत कीजियेगा ! मेरी बात और ये चित्र नहीं समझे तो रहने दीजिये आप से नहीं होगा, ये अलग भाषा है जो सिनेमा बनाने के काम आती है ! सिनेमा समझने के लिए सिनेमा की भाषा सीखनी पड़ेगी ! सिनेमा के पात्रों की क्षेत्रीय भाषा पर स्टेटस पेल कर आप भाषायी लोगों में हीन भावना भर रहे हैं ! भाषाओँ की इस तौहीन के लिए भाषायी पात्र आपको कभी माफ़ करेंगे ! आप की शिकायत में ‘सिनेमा की भाषा’ दोषी है, ‘पात्रों की भाषा’ नहीं ! फेसबुक पर लाउड स्टेटस की राजनीती कर के आप भाषा की भावनाओं को अनजाने में ठेस पहुँचा रहे हैं ! महान फिल्मकार सत्यजीत रे के पात्रों ने भी क्षेत्रीय भाषा बोल कर विश्व के सिनेमाई भाषा में सर्वश्रेष्ठ स्थान पाया, पर रे ने कभी भाषा बोलने वालों को नहीं ‘दूसा’ ! जो पुरस्कार आपको मिला है वो पात्रों की भाषा का पुरस्कार है ! उक्त भाषा को पात्रों की भाषा बनाने का पुरस्कार भी सिनेमा का पुरस्कार नहीं होता …
‘सिनेमा की भाषा’ पर लगातार काम कर के आप अपनी उपस्थिति बना सकते हैं ! पात्रों की भाषा को ‘दूस’ कर आप अपने ही दर्शकों को बौखला रहे हैं ! जागिये कहीं ऐसा न हो कि आप न सिनेमा के रहे न भाषा के …” – मैं भी मूर्ख हूँ, इसलिए मूर्खों के साथ बहस से बचने के लिए अपने आप को मैंने खुली चिठ्ठी लिखी ‘ सिनेमा का दुखवा मैं कासे कहूँ ?’

2.

हिंदी सिनेमा / भारतीय सिनेमा, हिंदी फिल्म / भारतीय फिल्म, इंडियन सिनेमा / इंडियन फिल्म सही नाम है ! रीजिनल फिल्म / सिनेमा के लिए भारत के क्षेत्रीय भाषाओँ के साथ फिल्म / सिनेमा शब्द लगाइये ! बॉलीवुड कोई स्थान / भाषा नहीं है ! ‘बॉलीवुड’ बहुत मूर्खतापूर्ण शब्द है जो किसी दुसरे देश के एक नगर का पैरोडी है ! हम अपने सौ साल की कलात्मक यात्रा को ‘बॉलीवुड’ कह कर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हास्यास्पद क्यों हो जाते हैं ?

क्रमशः

वैलेंटाइन जो देखन मै चला

श्री गणेश जी से मोदक ले कर, माँ सरस्वती से वीणा लेकर, शंकर भगवान से चाँद ले कर, कृष्ण भगवान से बाँसुरी ले कर, श्री राम जी से धनुष ले कर, यीशु मसीह के चेहरे से करुणा ले कर और युद्ध के यूनानी देवताओं की कठोरता के साथ बासंती पीले और जूनून के सूर्ख लाल रंग के वस्त्र में, सफ़ेद बाल दाढ़ी लगाकर सांता क्लॉज़ की तरह चौदह फ़रवरी को मैं संत वैलेंटाइन बन के तैयार हो गया और जय मातादी बोल कर प्रेमियों से मिलने निकल पड़ा !

संत वैलेंटाइन का मेरा ये रूप सबसे पहले कुत्तों ने देखा और भौंकने लगे ! पता नहीं मेरे वैलेंटाइन भेष में ऐसा क्या मिश्रण हो गया था जो कुत्तों को आकर्षित कर रहा था ! श्वान – दल ने मेरे जश्न में जुड़ने का मौका नहीं गवाँया और आगे पीछे साथ चलने लगे ! लोकल कुत्तों ने दल बना के मुझे घेर लिया था और भौंक भौंक के मुझसे मेरा परिचय पूछने लगे ! व्यक्ति को जीवन व्यतीत करने के लिए क्या पहनना है और कैसे जश्न मनाना है इन बातों से आधुनिक कुत्तों का क्या लेना देना ? यह सोच कर सोसाइटी के डस्टबिन के पास रुक कर मैंने उनसे बात करने की भी कोशिश की ! मैंने उन्हें बहुत पुचकारा पर वो मानने सुनने को तैयार नहीं थे ! मैंने बाँसुरी भी बजाई पर वो चुप नहीं हो रहे थे ! भौं – भौं का जवाब भौं – भौं से देना मैंने ठीक नहीं समझा और चुपचाप चलता रहा और गुनगुनाता रहा ‘संत वैलेंटाइन चले बाज़ार कुत्ते भौंके हज़ार … ‘

श्वान – दल के शोर का फायदा हुआ ! शोर सुन कर आस पास खेल रहे बच्चों के बाल हनुमान दल ने मुझे देख लिया ! संत वैलेंटाइन का मेरा ये रूप देख कर बच्चे ताली बजाने लगे और खुश हो गए ! मेरे साथ बच्चों को खुश देख कर पास में खड़ा हवा मिठाई बनाने वाला मेरे साथ चल पड़ा ! बच्चों के संग मुझे और हवा मिठाई वाले को साथ देख कर खिलौने वाला भी साथ में आ गया और कुत्तों को भगाने में मेरी मदद करने लगा ! खिलौने वाले के साथ एक बहुरूपिया भी था जो चुनाव के माहौल से प्रेरित हो कर सभी दलों के झंडे और टोपी पहन कर सर्वदलिय नेता का भेष बना कर घूम रहा था और अपनी पार्टी के प्रचार का स्वांग कर के मोहल्ले में सबका मनोरंजन कर रहा था ! सब मेरे साथ चल दिए ! संत वेलेंटाइन बना मैं अब एक छोटे मोटे मेले से घिर गया था ! भीड़ से घिरते हुए अपनी हालत देख कर मुझे लगा संत वैलेंटाइन प्रेम के नहीं विज्ञापन के अच्छे ब्राण्ड एम्बेसडर हो सकते हैं !

शोर और बच्चों की तालियाँ सुन कर बड़े दुकानदार निकल कर मुझे देखने लगे और मुझसे मेरा डिटेल लेने लगे ! मैंने उन्हें बताया वैलेंटाइन ईसाई चर्च में एक साधु था जो भारत में अब प्रेम का ऑनलाइन देवता हो गया है और मैं वही हूँ ! कई शताब्दी पहले के संत को साक्षात देख कर दुकानदार पहले किसान की तरह डर गया फिर कंज्यूमर की तरह कंफ्यूज हो गया पर मेरे साथ बच्चों का बाजार देख कर खुश हो गया ! मुझे देख कर दुकानदार को विशाल खिलौने की दुकान का आइडिया आ गया था और दुकानदार चाह रहा था मैं सदा के लिए उसके दूकान में रुक जाऊं ! दुकानदार की बात सुन कर मैं डर गया और डर के मारे सांता क्लॉज़ की तरह हँसने लगा ! दूकान में क़ैद होने के डर से नर्वस मैं “हो हो हो’ कह कर उसकी बात का स्वागत किया ! मेरे साथ सब बच्चे भी ‘हो हो हो / हो हो हो’ कर के हंसने लगे ! दुकानदार ने मुझे आँख मार कर कहा ठीक है बाबा आप आगे बढिए मुझे आप का व्यापार रहस्य समझ में आ गया है ! दुकानदारों की चंगुल से निकल कर मैं प्रेमियों से मिलने बढ़ गया !

बहरूपिया, दुकानदार और बच्चों की नज़रों से मुझे ये पता चल गया कि सुंदरता देखने वाले की नजर में है ! अपनी समझ से पौराणिक देवताओं और विशुद्ध रूप से काल्पनिक चरित्र की विशेषताओं के रूप में मेरा वैलेंटाइन भेष धर्मनिरपेक्ष था और पौराणिक आंकड़ों के साथ मिल कर नया समीकरण बना रहा था ! अब तक दुकानदारों की सेल्फियों में सफेद बालों वाली तस्वीर के साथ मैं व्हाट्सएप्प का माल बन चूका था ! अब मुझे सिर्फ़ प्रेमियों की तलाश थी ! मोहल्ले के ग्लोब से निकल कर मैं अब सोसाइटी की गैलेक्सी में आ गया था ! मुझे लगा अब प्रेमी दूर नहीं !

बच्चों ने छोड़ा तो मुझे बूढ़ों ने पकड़ लिया जिनका वेलेंटाइन वीक में वेलेंटाइन वीक था पर कामदेव स्ट्रांग रहा था ! मेरे पिंक स्टॉकिंग्स देख कर वो भी मचलने लगे ! हाथ जोड़ के बूढ़ों ने एक स्वर में कहा ‘प्रभु मेरे ह्रदय के कोलाहल को कम कीजिये !’ ‘इसके लिए ऑनलाइन होना जरुरी है’ ये कहते हुए मैंने सबको प्रेम से मोदक चखाया और आगे बढ़ गया !

साथ साथ एक ही क़ुलफ़ी खाते हुए मुझे प्रेमी का एक जोड़ा दिख ही गया ! प्रेमी के इस युगल जोड़े के प्रेम को देख कर मेरा ह्रदय भर गया ! आलिंगन चुम्बन से दूर मुझे ये शुद्ध प्रेमी लगे ! मेरे अंदर का वैलेंटाइन जाग गया था ! वैलेंटाइन उवाच : समाज में दहेज के अभाव में वेश्यावृत्ति में धकेल दी गई लड़कियाँ क्या जानें चॉकलेट डे, प्रपोज़ डे, और प्रोमिस डे का स्वाद ! जैसे ही मैं गुलाब देने प्रेमी युगल की ओर बढ़ा छुपे हुए एक दल ने मुझ पर पिंक चड्डी कहते हुए हमला बोल दिया ! प्रेमी भी उनसे मिले हुए थे ! वो प्रेमी नहीं मुझ जैसे वैलेंटाइन को फ़साने का जाल थे ! चारो तरफ भगदड़ का माहौल बन गया ! मैंने पीताम्बरी खोल के उनको अपना लाल लंगोट भी दिखाया पर बात बनी नहीं ! मेरा चाँद बिखर गया ! वीणा के तार टूट गए ! मोर पंख बाँसुरी, मोदक धनुष सब चूर चूर हो गए !

शराब की लत और बलात्कार जैसी बीमारियों से लड़ने की जगह भूले बिसरे किसी संत को बाँधने की कोशिश करने वाले कौन है ये लोग ? मैं चीख पड़ा ! वैलेंटाइन की सच्चाई यह है कि वह एक व्यक्ति बिल्कुल नहीं है, वह एक विचार है ! मेरी बातों को सुन कर कार्यकर्ताओं के दल ने ऐसे मुंह बनाया जैसे एस एम एस की जगह कागज़ पर हाथ से लिखी चिठ्ठी देख ली हो ! ‘बाबरी वाले समाज में नहीं बराबरी वाले समाज में ही प्रेम पल सकता है ! आप मुझे फादर वैलेंटाइन भी कह सकते हैं ! आप अगर वैलेंटाइन के सहस्त्र नाम ले कर भी पुकारें तो वैलेंटाइन बन के मुझे और आप को ही समाज में आना पड़ेगा !’ मैं लगातार बड़बड़ा रहा था !

मुझ पर काबू पाने के लिए फोन कर के किसी ने निःशुल्क कीटनाशक ब्रिगेड को बुलवा लिया था और वो मेरा निरीक्षण कर के मुझे धुएँ से बेहोश करने की तरक़ीब निकाल रहे थे ! आदमी होने के सबूत के लिए मैंने उन्हें ‘हैप्पी वैलेंटाइन डे’ भी कहा पर तब तक देर हो चुकी थी, मैं उनका शिकार हो चूका था ! कीटनाशक ब्रिगेड के किसी ज़हरीली गैस ने मुझे बेहोश कर दिया ! बाद में पता चला था कि मुझे बचाने के लिए प्रेमियों ने एम्बुलेंस बुलाया पर अफ़सोस जवाब में स्कूल बस आया ! संत वैलेंटाइन की कृपा से मुझे कुछ हुआ नहीं था ! इस दुनिया में आज सब चीजों की तरह प्यार का उत्सव भी नष्ट हो सकता है, इस बात को समझने के लिए संत वैलेंटाइन के साथ किया गया यह बाजारू व्यवहार सबसे अच्छा उदहारण है !

वैलेंटाइन डे धीरे धीरे नाईट की तरफ बढ़ रहा था ! सब जानते हैं वैलेंटाइन – डे का प्यार नाइट में किसी काम का नही होता ! शाम हो रही थी ! लड़की, लड़का, गुलाब, चॉकलेट, टेडी बियर, सब घर लौट रहे थे ! सबके प्यार का एक दिवसीय बुखार उतर चूका था ! संत वैलेंटाइन अपना एक दिन का मेला ख़त्म कर के साल भर के लिए इटली लौट गए थे ! हवा मिठाई वाले की सब हवा निकल गयी थी ! खिलौने वाला अब सिर्फ टैक्स भरने वाला भर रह गया था ! फसल – दराती, हाथ, साइकिल, लालटेन और हाथी के झंडे के साथ सड़क पर चलता हुआ बहुरूपिया अब साधारण नागरिक दिख रहा था ! सब जानते हैं प्रेम नगरों में संत वैलेंटाइन दिवस के दिन स्त्री पुरुष के दो लिंगों के साथ पुलिसिंग तीसरा लिंग होता है !

प्रेमियों और बच्चों ने मिल कर मुझे मेरे घर पहुँचाया ! घर पहुँच कर होश आने के बाद हारमोनियम पर मैंने ये निर्गुण गाया ! ” सुनो कामदेव कहे साधु वैलेंटाइन, टैं – टैं – टैं , वैलेंटाइन जो देखन मै चला वैलेंटाइन ना मिल्या कोय, जो दिल खोजा आपनो मुझसा वैलेंटाइन न कोय “

बसंत के चार यार, लड़का लड़की ग्राहक और बाज़ार / व्यंग्य नाटिका

इस व्यंग्य नाटिका के सभी स्थान और पात्र काल्पनिक हैं !

पात्र –  

लड़का / बसंत ( किसी भी उम्र का एक पुरुष पात्र )

लड़की / मौसम ( किसी भी उम्र की एक स्त्री पात्र )

ग्राहक / सार्वजनिक प्रेमी ( किसी भी लिंग और उम्र का एक पात्र )

बाज़ार / सार्वजनिक प्रेमिका ( मल्टीमिडिया पर्दा / स्क्रीन )

नाटिका में बसंत के एक दिन लड़का, लड़की, ग्राहक और बाज़ार मिल कर ‘एंटी रोमियो स्क्वाड’ बन जाते हैं ! नाटक के अंत में यही सब पात्र मिल कर ‘कामदेव स्क्वाड’ बन जाते है !

 

पात्र  परिचय –

( मंच पर अँधेरा है ! पात्र एक एक कर के प्रकाश वृत में अपना परिचय देते हैं ! पात्र  परिचय में ही पात्रों का आपसी कोनफ्लिक्ट स्थापित हो जाता है )

मंच पर प्रकाश वृत उभरता है !

लड़का : ( रोमांटिक रस ) मैं बसंत हूँ ! मौसम का राजा हूँ ! मैं रोमियो रोमांटिक हूँ !

फिर अँधेरा !

 

मंच पर प्रकाश वृत उभरता है !

लड़की : ( पावरफुल रस ) मैं मौसम हूँ ! बसंत मेरा दास है ! मैं लैला पावरफुल हूँ !

फिर अँधेरा !

 

मंच पर प्रकाश वृत उभरता है !

ग्राहक : ( कन्फ्यूज्ड रस ) मैं प्रेमी हूँ ! वाओ बसंत !!! कितना ब्यूटीफुल मौसम है ! मेरा मोबाइल कहाँ है ? मैं कन्फ्यूज्ड क्यों हूँ ?

फिर अँधेरा !

 

मंच पर प्रकाश वृत उभरता है !

बाजार : ( लॉस्ट रस ) मैं प्रेमिका हूँ ! बसंत के अंधे मजनुओं से कैसे बचूँ ? उफ़ ! ठहरो अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लूँ ! मैं लॉस्ट क्यों हूँ ? ( स्क्रीन ऑफ हो जाता है )

फिर अँधेरा !

 

मंच पर प्रकाश वृत उभरता है !

सभी पात्र एंटी रोमियो स्क्वाड बनकर कोरस में : ( हाहाकार रस )

आ रही सोशल मिडिया से पुकार

ट्वीटर पूछे बार बार

फेसबुक पर स्टेटस अपार

सब पूछ रहे हैं नेता और संत

रोमियो का कैसा हो बसंत ?

( हाथापाई करते हुए ) बसंत के चार यार / लड़का, लड़की, ग्राहक और बाज़ार

फिर अँधेरा !

दृश्य : एक

स्थान / ह्रदय बाज़ार ! बाज़ार में बहुत सारे ह्रदय लटक और झूल रहे हैं !

लड़का : मुझे बसंत दिखाइए
लड़की : बसंत अभी दूर है ! बसंत के लिए आप का बजट क्या है ?
लड़का : आप ने कितने बसंत देखे हैं ?
लड़की : जितने बसंत आप ने देखे है , उतने बसंत मैंने आज ही बेचे हैं !
लड़का : व्यक्ति को अपना बसंत खुद बनाना पड़ता है !
लड़की : आप जिसकी बात कर रहे हैं वो वो चरित्र है !
लड़का : जी ?
लड़की : चरित्र को बसंत से मत मिलाइये ! चरित्र का अलग स्टोर रूम है !
तुम मुझे अपना बजट दो मैं तुम्हे बसंत दूंगी !
लड़का : ये कैसी राजनीती है ? बसंत में मुझे बजट क्यों सुनाया जा रहा है ?
लड़की : बजट से ही बना मेड इन चाइना बसंत सबकी जेब में है ! नेता हो या संत सबकी जेब में टिंग – टिंग बजता चीन का बसंत !
लड़का : मेड इन इंडिया बसंत कहाँ है ?
लड़की : वो अभी बन रहा है ! बसंत बना सके इसके लिए बसंत देखना जरुरी होता है ! इसीलिए देखिये चीन का बसंत ! ( उँगलियों से रुपये गिनने का इशारा करती है )
( पुलकित होते हुए ) इण्डिया में देखिये अनलिमिटेड चीनी बसंत !
लड़का : मेरे बसंत का ब्रांड क्या होगा ?
लड़की : बसंत एक प्रोडक्ट है जिसका अभी तक कोई ब्रांड नहीं !
लड़का : ( वीर रस में ) ईश्वर का दिया कभी अंत नहीं होता , जो ख़त्म हो जाये वो बसंत नहीं होता !
लड़की : मत भूलो तुम जैसे रोमियो के लिए बाहर लोकल गुंडों का अभ्यास चल रहा है !
लड़का : सभी चीजों की तरह प्यार का ये उत्सव भी ख़त्म हो सकता है ! याद है पर्दा प्रथा, दहेज प्रथा, बाल विवाह प्रथा, सती प्रथा …
लड़की : सुनो कामदेव ! कैंडी और कन्फेक्शनरी से भरा अपना दिमाग उठाओ और यहाँ से दफा हो जाओ !
लड़का : क्षमा ! क्षमा ! क्षमा !

फिर अँधेरा !

दृश्य : दो
स्थान / प्रेमिकाओं का इनबॉक्स ! बसंत की शुभकामनाओं से इनबॉक्स भरा हुआ है !

इनबॉक्स / एक
एस एम् एस
लड़का – बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है …
लड़की – शटअप

इनबॉक्स / दो
एस एम् एस
लड़का – तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं …
लड़की – शटअप

इनबॉक्स / तीन
एस एम् एस
लड़का – गाता रहे मेरा दिल …
लडकी – शट – अप / शट – अप / शट – अप ! आर्चीज बकवास बंद करो !

फिर अँधेरा !

दृश्य : तीन
स्थान / रंग बिरंगे फूलों के बीच कहीं खिले हुए एक पीले फूल के अंदर !

लड़की : मौसम का क्या हाल है ? पेट कैसा है ?
लड़का : पीले – पीले कर रहा है सुबह से …
लड़की : क्या पिलाया ?
लड़का : पीला ! येलो !
लड़की : कैसा पीला ?
लड़का : सरसों के फूल जैसा पीला और गीला गीला भी !
लड़की : लगता है मौसम को बसंत हो गया है ! लव जिहाद से बचाना !
लड़का : जी ! एंटी रोमियो स्क्वाड देने का प्लान है
लड़की : मार्किट में आ गया है ए आर एस ?
लड़का : जी !
लड़की : बसंत को धमकाता है ?
लड़का : जी !
लड़की : वाह !
लड़का : बस एक बार मौसम बसंत से छूट जाये तो कोहरे तक जान बचेगी !
लड़की : कोहरा कहाँ है ?
लड़का : बाहर है !
लड़की : कोहरे में बसंत ले के आ गए ? मौसम का ग्लोबल वॉर्मिंग चेक करवा लेना, नहीं तो बसंत तक पीला पीला करेगा बाद में सब झड़ जायेगा !
लड़का : जी
लड़की : पतझर तक की दवा दे दी है !
लड़का : जी
लड़की : ( मुस्कुराती हुई ) मौसम पर कोई नियंत्रण नहीं है …
लड़का : ( भरी आँखों से ) तुम क्या जानो मौसम क्या है ?
लड़की : मैं तुम्हारे मौसम का डॉक्टर हूँ !
लड़का : मुझे नहीं पता था कि प्रेम में पागलों के डॉक्टर को मौसम का डॉक्टर कहते हैं !
लड़की : जी ?
लड़का : मेरा मौसम सोशल मिडिया में खुला बदन घूम रहा था !
लड़की : हम्म
लड़का : डॉक्टर साहेब मेरे मौसम को सोशल मिडिया के बसंत से बचा लो !
लड़की : अगर आप के भीतर बसंत की चाह नहीं है तो आप को मौसमी कलैंडर में भी बसंत नहीं मिलेगा !
लड़का : सोशल मिडिया में बसंत इतना भर गया है कि …
लड़की : कि ? क्या …
लड़का : बस एक बार मेरा मौसम सोशल मिडिया के बसंत से छूट जाये तो अगले मौसमी बसंत के अटैक तक जी जायेगा …
लड़की : दूसरों की प्रोफाइल में रहकर हम अपना मौसम खो देते हैं ! अपने मौसम के लिए हमें खुद जीवन के धूप में खड़ा रहना होगा !
लड़का : ये सब राजनीति बसंत की वजह से हुआ ! सॉरी मैंने इस मौसम में दुसरे प्रोफाइल से फ़्लर्ट किया
लड़की : अब किसी को इनबॉक्स में भी हैप्पी बसंत मत बोलना !
लड़का : बस एक बार मुझे सोशल मिडिया के बसंत से बचा लो मैं कभी दुबारा बसंत में झाकूँगा भी नहीं !
लड़की : रोगी बने रहो ! मत भूलो मैं तुम्हारे मौसम की डॉक्टर हूँ !
लड़का : मौन

फिर अँधेरा !

मंच पर प्रकाश वृत उभरता है !
सभी पात्र कामदेव स्क्वाड बनकर कोरस में : बसंत के चार यार / लड़का, लड़की, ग्राहक और बाज़ार / शुरू करो लव सेक्स और प्यार का व्यापार ! हम नहीं कहते जमाना कहता है !

( धनुष से बाण चलाते हुए ) शुरू करो लव सेक्स और प्यार का व्यापार …

रोमांटिक रस के संगीत में पर्दा गिरता है !

इस प्रयोगधर्मी नाटिका में किसी भी प्रकार के मंच सज्जा की कोई आवश्यकता नहीं है ! रचनात्मक प्रकाश और ध्वनि / संगीत से चारों दृश्य को अलग अलग ढंग से दिखाया जा सकता है !

 

बजट पच्चीसी

Illustration : Anirban Bora

Illustration : Anirban Bora

१.

मैं बजट हूँ !

समझौता के जादू को बजट कहते हैं ! मैं पत्नी के सहयोग से बनता हूँ ! दिन में घर का बजट ही रात में पति बन जाता है ! समय पर बिल भुगतान करना, कर्जों का सही समय पर निपटारा करना और अपने बचत, निवेश लक्ष्यों को हासिल करना भी मेरे ही अंतर्गत आता है ! घर का बजट बनाने का अर्थ है कि आप मुझे बना रहे हैं !

२.

मेरी बजट राशि !
जैसे घूमती हुई पृथ्वी घूमती हुई दिखाई नहीं देती, वैसे ही बजट भी हमारे इर्द गिर्द घूमता है पर मुझे कहीं घूमता हुआ दिखाई नहीं देता ! ऐसा जान पड़ता है कि मैं धन का नहीं, धन मेरा चक्कर लगा रहा है ! मेरे साथ चन्द्रमा और सूर्य भी मेरी धन राशि वृत्त पर चल रहे हैं ! मैं वृत्त में नहीं वित्त में पड़नेवाले विशिष्ट असंख्य तारा समूह में एक हूँ और सबके साथ मेरी राशि भी वित्त है !

३.

बजट का हनीमून !

मुझे अच्छी तरह पता है, बजट बनाने का मतलब है कि आप शादी के फंदे में फंस गए हैं ! मेरी गृहस्थी में बजट की शुरुआत हनीमून से ही हो गयी थी ! हनीमून पैकेज के साथ मेरे अंदर बजट शब्द की गंभीर यात्रा शुरू हो गयी ! शादी के तुरंत बाद मुझे पता चल गया था बजट का हनीमून से नाता है ! जितना बड़ा बजट उतना बड़ा हनीमून पैकेज ! बड़ा पैकेज मतलब बड़ा हनीमून, छोटा बजट मतलब छोटे पैकेज का छोटा हनीमून !

४.

भारतीय बजट !

फ्रांस में धन के आय और उसके व्यय की सूची को बजट कहते हैं ! फ्रांसीसी भाषा के शब्द से जन्मे इस बहुमंजिले शब्द से ही दुनिया लाभ में रहना सीखी है ! फ्रांस में आज बजट के साथ जो भी हो रहा हो, भारतीय बजट में अपनी आय और व्यय की भावना को मुझे बैंक खाते में रखना पड़ता है ! बहुमंजिला बजट को समझने की प्रतिभा मुझसे ज्यादा मेरी पत्नी में है !

५.

चालू खाता !

खाते ! खाते, खाते, खाते और खाते ! खाते – पीते फिर खाते ! खाते – खाते, पीते – पीते ! बैंक और खाते ! खाते – खाते, बैंक – बैंक ! खाते – बैंक, पीते – बैंक ! बैंक – बैंक ! खाते – खाते ! मेरा खाता , मेरा बैंक ! मेरा खाता मेरी खता ! खाता – खता, बैंक बैंक !

६.

बैलेंस बजट !

बजट ब्रह्म है ! वर्ष / केंद्रीय / कोष  / वित्त / मंत्री / आयोग / सरकार / योजना / ग्रामीण / बदलाव / संसद / प्रदर्शन / बिजली / सड़क / गैस / चर्चा / केंद्र / इत्यादि, इत्यादि ! मैं किसी भी शब्द से बजट पर कोई भी वाक्य पूरा कर सकता हूँ ! मेरा बजट मेरा ब्रह्म है ! मेरे बजट का बैलेंस हर शब्द में बना रहता है !

७.

पॉकेट मनी !

मेरे बजट में चार पॉकेट हैं ! दो पैंट के और दो शर्ट के ! मेरे पॉकेट मेरी पत्नी का ही कहा मानते हैं ! मैं सिर्फ उनको धोता और ढोता हूँ ! अपने साल की योजना का इरादा मैं अपने पॉकेट में ही रखता हूँ ! न जाने क्यों जब कभी बजट शब्‍द सुनाई देता है, मेरे हाथ पॉकेट में घुस जाते हैं !

८.

इकोनॉमिक्स !

दिन के, रात के, हफ़्ते के, महीने के, साल के, बजट को पहचानता हूँ ! जैसे घर में मैं अपनी पत्नी को सुनता हूँ वैसे ही टेलीविजन पर सचमुच में वित्त मंत्री को सुनता हूँ ! सिर्फ आलोचना नहीं करता ! मेरे बजट के इकोनॉमिक्स में रुपयों को छोड़ कर फिजिक्स, केमिस्ट्री, हिस्ट्री, जॉग्राफी, बायोलॉजी, स्पोर्ट्स, टेक्नोलॉजी, पर्यावरण, व्यापार, आकाश, पाताल, जंगल, पहाड़, सब है !

९.

मेरी लाइफ !

मेरी लाइफ इस साल भी स्टायलिश लुक के साथ मॉर्डन फीचर्स वाली इंटीरियर की होगी ! मेरे लिए कम बजट में फैमिली कार के बेहतर विकल्प इस साल भी आएंगे ! मार्किट में मल्टी साइज़ के ऑल्टो बजट से मैं इस साल भी बच नहीं पाउँगा ! बेहतर परफॉर्मेंस के साथ-साथ ज्यादा माइलेज के मामले में इस साल भी मेरी लाइफ आगे जाएगी ! किसी भी बजट में मुझे मेरे गंतव्य तक मेरी सरकार पहुँचा ही देगी !

१०.

मेरा हिसाब किताब !

पैसा कैसे काम करता है, इस बात को समझना ही बजट नहीं है ! शादी के कई साल बाद मुझे विश्वास हो गया है कि रोज़ सुबह पूरब में जो उगता है वो बजट है ! दोपहर को दिन भर का बजट आधा हो जाता है ! घरेलू काम की हिस्सेदारी की शेयरिंग ही असली बजट है ! गृहस्थी एक संयुक्त खाता है, बजट का हिसाब किताब दोनों प्राणी को रखना पड़ता है !

११.

बजट का बच्चा !

मेरे बजट के बारह दाढ़ हैं ! इन दांतों के बीच मेरे चार ज्ञान के दाँत हैं जो बजट के नाम पर लोहे का चना चबाते हैं ! दूध के दाँत टूटने तक माता पिता ही बच्चों का बजट हैं ! किशोरावस्था तक जैसे छुप छुप के मैंने इन्टरनेट पर सेक्स समझ लिया था वैसे ही भारतीय बच्चे यू – ट्यूब पर वित्त मंत्रियों को सुन सुन के बजट भी समझ लेंगे !

१२.

बजट पर ज़ुल्म !

बजट के इस पैकेज में हम नए दो हज़ार पांच सौ को विभिन्न स्तर पर भावनात्मक और शारीरिक रूप में ज्यादा जान जायेंगे ! नोटबंदी के नाम पर पिछले ढाई महिने में मुझ पर ना जाने क्या क्या जुल्म हुए, मेरे हज़ार पाँच सौ मेरे नहीं रहे ! लेकिन मैं बजट के साथ रहा किसी के आगे झुका नहीं !

१३.

हास्य बजट !
मुझे अपने बजट को पाने के लिए शेमलेस होना चाहिए था मैं कैश लेस हो गया ! मेरे इस बजट में हास्य बारह परसेंट से पंद्रह परसेंट पर पहुँच गया है ! वर वधु को इस साल भी लिफाफा टिकाया जायेगा ! मैंने सुना है बजट के दिव्यांगों के लिए नए बजट में हेल्पिंग किट्स सस्ते हो गए हैं ! व्यंग – आंगों को मेरा हास्य बजट सुनने पर भाषण के बजट पर लाभांश मिलेगा !

१४.

सबका रुपया एक है !

बजट में पत्नी माँग है और मैं पूर्ती हूँ ! प्रत्येक माह अपने आप को अनुशाशन में रखना होता है तब बजट में लाभ होता है ! मेरी अर्थपूर्ण चाहतों और अनावश्यक इच्छाओं को मुझसे अलग करने को मेरी पत्नी बजट मानती है ! जैसे मेरी आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपया एक है, वैसे ही बजट में अपनी अपनी अठ्ठनी होते हुए भी सबका रुपया एक है !

१५.

लाभ – लाइफ !

लव में लाभ को भी बजट कहते हैं, जैसे प्रेम में हानि को लाभ कहते हैं !

१६ .

स्मार्ट बजट !

मेरा स्मार्टफोन इस बजट में और स्मार्ट होगा ! इस बजट में स्मार्ट शहरों की तरह स्मार्टफोन के सोल्ड आउट होने की जानकारी मुझे फिर मिलेगी ! डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन दिये जाने के साथ – साथ फसलों में प्रचुरता भी इसी साल आएगी ! हेल्थ, एजुकेशन पर इस साल फिर फोकस होगा !

१७.

बजट का श्रृंगार !
बजट का बहिष्कार ही बजट का श्रृंगार है ! जिनके लिए बजट बनता है वही बजट का बहिष्कार करते हैं ! जो आज बनाते हैं वही कल उसकी चुटकी लेते हैं !  बजट एक ऐसा यूनिवर्सल चुटकुला है जो सबको पूरे साल याद रहता है और जिसे सब समझते हैं ! रहमत की बारिश के कीचड़ में इस साल फिर कमल का फूल खिलेगा !

१८.

एक साल की वॉरंटी वाला बजट !
नए बजट में अपने आप को अपग्रेड करने का ऑफर मुझे इस साल भी मिलेगा ! सारे एक्‍सचेंज ऑफर मुझे फिर से पेश किये जायेंगे ! फ्री रजिस्‍ट्रशन और एक साल की वॉरंटी वाला फेस्टिव ऑफर, फेस्टिवल सीजन में कैश डिस्‍काउंट के साथ मुझे इस बजट में फिर मिलेगा ! सोना जीतने का मौका मुझे नया बजट इस साल फिर देगा !

१९.

बजट के बड़े एलान !
‘ बजट इस साल घर का चौका – बर्तन, झाड़ू – पोछा नहीं करेगा ! मशीन से निकाल के कपडे भी नहीं फैलाएगा ! दुकान से राशन भी नहीं लाएगा ! सब्ज़ी खरीदने बाज़ार नहीं जायेगा ! मोबाइल का बिल नहीं भरेगा ! बजट अपना सर – चार्ज करेगा ! ‘ये मैं क्या बड़बड़ा रहा हूँ ! ‘ मुझे किसी बैंक में ले चलो, मुझे डिजिटल साक्षरता की ज़रूरत है !’

२०.

ग्रामीण कम – इन !

ग्रामीण तुम हमें आज ज़मीन दो हम तुम्हे कल घर देंगे ! गाँव में ऋण वसूली बजट के पीठ पीछे होगा ! तीसरा पूर्ण बजट तुम ले लो ! ग्रामीण तुमसे मुझे और कुछ नहीं चाहिए, मुझे कुछ नहीं चाहिए ! कम – इन ग्रामीण !

२१.

बजट का दर्ज़ी !

बजट का दर्ज़ी मेरा साइज़ जानता है ! बजट में मेरे मोबाइल, पर्स, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड के नाप से मेरी इज़्ज़त काटी जाती है ! इस साल युवाओं को अपने साइज़ का पासवर्ड बजट के दर्ज़ी को देना होगा जिससे बचने के लिए युवा अपने कपड़े खुद फाड़ेंगे जिसे सरकार अगले बजट में सिल देगी !

२२.

अच्छा बजट ही एक अच्छा पति है !

कुछ लोग कहते हैं बजट काम नहीं करते ! बजट के साथ यही समस्या है ! बजट का काम किसी को दिखता नहीं है ! अच्छे बजट के पास पैसा होता है, पैसा सबको दिखता है ! ख़राब बजट के पास दिल होता है जिसको अब प्रेमिका भी तोड़ देती है ! कोई ख़ाली जेब को बजट कहता है, एक्सपेंडीचर सेक्रेटरी मेरी पत्नी बचे हुए पैसों को बजट कहती है !

२३.

बजट छुक छुक !

बजट बुद्धिमान ! बजट शक्तिमान ! बजट सुपरमैन ! बजट लक्ष्मी ! बजट शक्ति ! बजट – बुद्धि उत्सुक होता है, बजट अपनी खुशियों की कॉस्मैटिक पटरी पर छुक – छुक होता है !

२४.

बजट पास !

बजट एक बार संसद में पास हो गया तो फिर साल भर तक मेरे पास नहीं आता ! बजट पास होने के बाद बजट को फेल करने की जिम्मेदारी मेरे ही कंधों पर होती है !

२५.

बजट पच्चीसी !

बजट को होना था समृद्धि का बजट सिंहासन बत्तीसी ! ड्रग्स ने बजट को बना दिया बजट बेताल पच्चीसी ! घर का पति मैं, बजट में एक्स व्यक्ति ! इति रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स, इति बजट पच्चीसी !!

किताब और मेला

पुस्तक प्रेमी

जैसे ही किताबों के सपने आने लगते हैं मैं समझ जाता हूँ किताबों का मेला लगने वाला है ! किसी भी पुस्तक मेला के लगने से पहले मुझे किताबों के सपने आने लगते हैं ! अच्छे, बुरे, किताबों से जुड़े तरह तरह के सपने देखने लगता हूँ ! किसी सपने में देखता हूँ कि चारो तरफ किताबों के पेड़ लगे हैं … कभी देखता हूँ सबने मिल कर इतनी किताबें लिख दी हैं कि पढ़ने के लिए उन्हें चारो तरफ बिखरा दिया गया है … लोग किताबों को घर नहीं ले जाना चाहते हैं क्योंकि घर पहुँचते ही एक किताब दूसरे किताब को बुला लेती है और बहुत जल्द घर में किताबों का ढेर लग जाता है … किसी सपने में लोग किताबों से डर कर उन्हें घर से बाहर कर देते हैं … बाहर इतनी किताबें हैं कि देख कर न चलें तो किताबों से ठोकर लग सकती है ! ऐसी ठोकर से बचने के लिए लोग किताब पढ़ना शुरू कर देते हैं ! सब जानते हैं किताबों से बचने का बस यही एक तरीका है, उनको चुप – चाप पढ़ लीजिये ! जब तक आप उसे पढ़ न लें, किताबें तब तक ही आपको डराती है ! सपने में एक दिन मैं सुनता हूँ कि विश्व पुस्तक मेला लगने वाला है ! मेरी आँखें खुल जाती हैं ! अखबार में पुस्तक मेला का समाचार देख कर अपने सपने को सच पाता हूँ ! मेला शब्द सुनते ही मेरी इन्द्रियों के पन्ने फड़फड़ाने लगते हैं, मेरे मुंह में पानी आने लगता है ! मैं किताब के पन्नों पर प्रिंट की रोशनाई की ताज़ी गंध सूँघने के लिए बैचैन हो जाता हूँ ! मैं एक किताबी कीड़ा हूँ, मेरी रीढ़ की हड्डी किताब चाटे बगैर सीधी नहीं होती !

निर्धारित दिन सुबह ग्यारह बजे मेला पहुँचने वाले पहले जत्थे में मैं भी शामिल था ! ट्वीट्राटी, फेसबुक, यू ट्यूब, इत्यादि से मेला न पहुँच पाने वाले भी मेले का हाल मुझसे ज्यादा जानते हैं क्योंकि मेला जाते ही मैं किताबों में खो जाता हूँ ! पुस्तक मेले में क्या हो रहा है मुझे इस बात की कोई सुधबुध नहीं रहती है ! जैसे ही मुझे कोई दिलचस्प किताब दिखती है, समय गवाएं बिना मैं उसे पढ़ने लगता हूँ ! किताब को पढ़ते समय मैं उस किताब में घुस जाता हूँ और किताब ही मेरी कोठरी बन जाती है ! जब तक मुझे पुस्तक मेले के चौकीदार किताब से खींच के बाहर नहीं कर देते हैं मैं किताब में ही रहता हूँ ! अगले दिन भी मेला पहुँच कर मैं फिर उसी किताब में घुस जाता हूँ ! जब तक किताब खत्म नहीं हो जाती है मैं किताब को नहीं छोड़ता हूँ ! किताबों के मेले की एक बहस में मेरे तर्क और उदहारण सुन कर जबसे लोग मुझे पाठक बुलाने लगे हैं, मैं लोगों और सोशल मीडिया से बचता फिरता हूँ ! सोशल मीडिया में सबने मिल कर मुझे गुमनाम पाठक बना दिया है और मेरी अनुपस्थिति पर फ़िज़ूल का चिटपुटिया बहस करते रहते हैं ! जबकि मैं सोशल मीडिया के पीठ पीछे चुपचाप कई किताबों को पढ़ कर निकल जाता हूँ !

आज मेले में घुसते ही मुझे कालिदास की शकुंतला मिल गयी ! उफ़ ! क्या मानुषी है ! क्लासिकल शकुंतला के बहाने मुझे साहित्य का ऐश्वर्य देखने का फिर से मन करने लगा ! मैंने प्रेम दुःख से भरे इस काव्य नाटक को पढ़ने के लिए पंडाल में किताब की ढेर के पीछे वाला गुप्त हिस्सा चुन लिया और एकांत में शकुंतला को पढ़ने लगा ! रह रह कर मैं शकुंतला के प्रेम प्रसंगों में खो जाता और उसके दुर्भाग्य पर चुपचाप अविरल रोता रहता ! रात हो गयी ! कहानी मेरे मन को छू गयी थी ! मछुआरे की अँगूठी को देख कर जैसे दुष्यंत को शकुंतला की याद आयी वैसे ही शायद मेले के किसी चौकीदार को मुझ पाठक की याद आ गयी थी ! किताब के एक प्रसंग में दुश्यन्त ने शकुन्तला को जैसे ही ढूँढना शुरू किया मैंने महसूस किया मेले का चौकीदार भी किताबों के छुपे पाठक को किताबों में ढूंढ रहा था ! पाठकों को बाहर खदेड़ने में कई प्रकाशक चौकीदार की मदद कर रहे थे ! मुझ जैसे ज़िद्दी पाठकों को बाहर तक ले जाने के लिए चारो तरफ सीटी बज रही थी ! मैंने दुःख की इस कथा को ख़तम किये बिना मेले से न निकलने की ठान ली और एक ऊँची टेबल के नीचे छुप के पढ़ने लगा ! मेनका की बेटी से अब मुझे पुस्तक मेले का कोई चौकीदार और प्रकाशक अलग नहीं कर सकता था ! अंत में दुष्यंत को शकुंतला मिल गयी पर मैं किसी चौकीदार को नहीं मिल सका !

जब किताब ख़तम हुई हॉल से सब जा चुके थे ! मेला कई घंटे पहले अगले दिन तक के लिए बंद हो चूका था ! लाखों किताबों के बीच मेले में, मैं अकेला छूट गया था ! मैं बिना हिले डुले स्थिति का जायजा लेने दूर से आ रही इधर उधर की आवाज़ों को जोड़ के समझने की कोशिश करने लगा ! घडी में रात के डेढ़ बज रहे थे ! पुस्तक मेले के पंडाल के बाहर का मैदान कोहरे में डूब गया था ! इस वक़्त पुस्तक मेले में मैं किसी चौकीदार के हाथ नहीं आना चाहता था ! यह पाठक का निजी क्षण था ! मैं नहीं चाहता था रात के दुसरे पहर पुस्तक मेले से निकलता हुआ पकड़ा जाऊं और सोशल मिडिया में अगली सुबह उछाल दिया जाऊं ! मुझे अपनी स्थिति में पाठक की मिसअंडरस्टूड स्थिति दिखने लगी और सोशल मीडिया में पाठकों की दुर्दशा पर कई दिखाऊ सेमीनार को जन्म देने का बहाना दिखने लगा ! जैसे ही इस घटना पर सहमति असहमति के लाखों चेहरे की सेल्फ़ी का हाहाकार मेरी कान में गूँजा, मैं इस डरावने ख़याल से निकल आया ! अचानक तभी कहीं से मुझे कई फुसफुसाहट की आवाज़ सुनायी देने लगी ! मैं थोड़ा सहम गया ! किताब पढ़ने की धुन में मैं स्टाल संख्या और हॉल संख्या भूल गया था ! फुसफुसाने की सब अज्ञात आवाज़ें आस पास से आ रही थी, लग रहा था कोई मेरा पीछा करता हुआ यहाँ तक आ पहुँचा है ! बड़ी सावधानी से किताब को कुतरने वाले मेले के वोकेशनल चूहे की तरह मैं पंडाल से बाहर निकलने की जुगत लगाने लगा ! बाहर कहीं अँधेरा था, कहीं रौशनी थी ! बाहर आकर मुझे लगा मैं एक नयी जगह आ गया हूं ! कहाँ गयी वो भीड़ ? कहाँ गए वो असँख्य खरीदार जिसमे मुझ जैसे पाठक दिन में खो जाते हैं !

बाहर आते ही मुझे एक नयी किस्म की भीड़ दिखी ! कुछ ठंढ से और कुछ इस दृश्य को देख कर मैं सिहर गया ! रात के सन्नाटे में बाहर किताबों का मेला लगा था ! पंडालों के भीतर से किताबें बाहर निकल के उत्सव मना रही थी ! ये दृश्य मेरे लिए बिलकुल नया था ! मैं पहली बार पुस्तकों का सच्चा मेला देख रहा था जहाँ किताबें उन्मुक्त थीं ! दूर तक किताब ही किताब … चारों तरफ किताबें बिखरी पड़ी थीं ! पेड़ों पर किताब लटक रहे थे ! मुझे लगा मेरा सपना सच हो गया है ! किताबें किलकारियां मार रही थीं ! उत्तेजना से मुझे और ठंढ लगने लगी ! ठंढ से बचने के लिए मैं कोई जुगाड़ की तलाश में लग गया ! मैंने गर्म कपडे तो पहन रखे थे पर मेरे पास रात की ठंढ की तैयारी नहीं थी ! आग कागज़ का दुश्मन होता है इसलिए अलाव लगाने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता था ! मैं एक पाठक हूँ और पुस्तक प्रेमी हूँ, मैं सोशल मीडिया के प्रेत की तरह औरों की किताब जला के हाथ नहीं सेंक सकता था ! मैंने देखा नौजवान किताबें बूढी किताबों को ध्यान से सुन रही थी और चुप थीं ! नयी मोटी किताब भी पुराने पतली किताब को सुन रही थी ! बुज़ुर्ग की इज़्ज़त किताबों की दुनिया में ज्यादा थी !

पुस्तक मेले में छात्रों का प्रवेश नि:शुल्क था ! कोई शरारती छात्रा पुस्तक मेले में आयी तो स्कूल ड्रेस में थी पर अंदर अपने कपडे बदल के स्कूल ड्रेस वाला अपना बैग भूल गयी थी ! पुस्तक मेले में पूरा बाल साहित्य इस बाल मानुषी की शरारत को घेर के भावुक हो कर सोया था ! ठंढ से बचने के लिए मैंने बाल साहित्य से छुप कर उस मानुषी के झोले से उसके यूनिफॉर्म का पिंक स्वेटर और पिंक स्कार्फ निकाल कर पहन लिया ! अब मैं आधा बाल मानुषी और आधा वयस्क था ! मुझे लगा आधी रात को अँधेरे में पुस्तकों को चीर कर निकला मुझ पाठक का ये एक नया बाल अर्ध नारीश्वर अवतार है जो अवतरित दृष्टि से एक नया सच देख पा रहा है ! दिन भर अपना सर्वस्व लुटा कर बाहर मेले में किताबें सुस्ता रही थीं ! पुस्तक – प्रेमियों की याद में कुछ किताबों ने रत जगा किया था ! किताब से निकल कर कई पात्र और चरित्र के पुतले किताबों का मेले में साथ दे रहे थे ! मुझे दूर कोहरे में डूबा मेरे प्रिय साबू का पुतला भी दिखा ! रात के इस पहर में ठंढ से बच कर पुस्तक मेले के सभी चौकीदार किताबों की गोद में दुबक के सो रहे थे जैसे उन्हें सपनो के गर्म संसार में ले जा कर छोड़ दिया गया हो ! मेरी नज़रों के सामने पुस्तक मेले की विद्रूपता पराकाष्ठा पर थी !

बाहर निकलते ही कुछ बड़ी और मोटी किताबों ने झुण्ड बना के मुझे घेर लिया ! मुझे देख कर सबके पन्ने फड़कने लगे ! उसकी फड़फड़ाहट की आवाज़ सुन कर कई किताबें मौन हो गयी और उनसे आ मिलीं ! ‘हमारे इस मेले में तुम्हारा क्या काम ?’ रोबदार आवाज़ में एक किताब ने अपने पन्ने खोल कर सवाल किया ! डर विस्मय और मिक्स्ड फीलिंग की वजह से कुछ हॉरर किताबों के अक्षर इधर उधर बिखर के भागने लगे ! कुछ किताबों ने मुझे बाल साहित्य से निकला कोई कठपुतली समझ लिया और पास आ कर मुझे छूने की कोशिश करने लगे ! मुझे लगा मैंने पुस्तक मेले के रंग को भंग कर दिया है ! ‘क्या तुम हमें चुराने आये हो ?’ मोटी किताब ने दूसरा सवाल किया ? मैं कोई जवाब देता इससे पहले एक पतली लंबी गोरी सस्ती फ्रेंच किताब जो अबतक जोर जोर से फुसफुसा रही थीं मुझे देख कर चिल्लाने लगीं ! ‘तुम कोई नयी किताब तो नहीं लिख रहे ?’ अपनी पतली आवाज़ में उसने घबराते हुए पूछा ! उसकी बात सुन कर कहीं से नि:शुल्क बाइबिल दौड़ा हुआ आया और मुझ पर दया बरसाने की प्रार्थना करने लगा ! ज्ञान की इस असली गंगा में मैंने चुप रहना ही ठीक समझा !

थिंक टैंक से निकल कर कुछ गंभीर किताब मार्च करते हुए मुझ तक आये और औपचारिक रूप से मेरा परिचय माँगा ! मैंने कहा मैं शुद्ध पाठक हूँ ! मुझे किताबों से सच्चा प्यार है ! पुस्तक मेला मेरे लिए किसी देवालय से कम नहीं है ! मेरी बात को सुनकर मोटी किताबें जो सबसे ज्यादा गुस्से में थीं उनका सारा पन्ना शांत हो गया ! मेरे पाठक होने के सम्मान में ऑटोग्राफ्ड बुक मेरे पास आकर मुझसे सोशल होने लगे ! मुझे उन पर दया आ रही थी, मुझे उनका सच पता था ! हस्ताक्षर वाले किताब सोल्ड फील कर रहे थे पर वो बिके नहीं थे ! उनकी हालत टोबा टेक सिंह जैसी थी ! वो चाह कर भी मेरा दस्तख़त नहीं ले पा रहे थे ! उन्हें किताब की सीमा कहाँ ख़त्म होती है और पाठक की सीमा कहाँ शुरू होती है इसका भ्रम हो गया था ! वे सब डिप्रेस्सेड थीं और वे पुस्तक मेले में मुक्त हो कर भी अपने आप को अनदेखे खूँटे में बंधा हुआ महसूस कर रही थीं !

मैंने देखा रात में किताबों के लिए पुस्तक मेले का सेल्फी पॉइंट एक भूतहा जगह बन जाती हैं जहाँ कोई भी किताब जाने से डरती हैं ! चुटकुले की किताब क्रिकेट खिलाडियों से किसी बात पर रूठी हुई थीं और बात बात पर हंसने की जगह रो रही थी ! अपने डिजिटल और प्रिंट में होने को लेकर चल रहे गंभीर बहस में हास्य किताबें मौन थीं ! एक शेर के दिल पर लिखी किताब का पेम्पलेट दहाड़ने की कोशिश कर रहा था ! जेएनयू घटना, दिल्ली में वाहन प्रदूषण, वर्तमान सरकार, भारतीय मीडिया, समलैंगिक अधिकारों की किताबों की तस्वीरें लापता हुए लोगों की तरह मेले में चिपकी हुई थीं ! पीछे पुस्तक मेले में कागज़ी घोड़े कलम तोड़ के दौड़ रहे थे ! कुछ घटिया किताबें जो पॉपुलर थी – उनके कैटेलॉगस – रात भर उड़ते रहे ! पेम्प्लेट्स आवारा होती हैं और अपने रीसाइकल्ड नियति की वज़ह से निडर और फ्री होती हैं !

किताबों ने मुझे बताया दुनिया में स्त्रियों द्वारा लिखी स्त्रियों को समझने वाली किताब सबसे ज्यादा बिक रही हैं ! पुरुषों में स्त्री को नए सिरे से समझने की होड़ लगी है ! मेले में पुरुष के सवाल से भरी किताब को किसी ने उठाया भी नहीं ! राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनाव, मौसम और नया साल का बोलबाला था ! फौजी किताबों की दाल गल नहीं रही थी उसमे कुछ काला था !

मैंने देखा राजनीति से संबंधित एक किताब का सेवानिवृत्त क़िताबों से कोई विमर्श चल रहा था ! दूर एक रौशनी के फव्वारे के पास व्यंग्य की जुगलबंदी चल रही थी जो धीरे धीरे कव्वाली का रूप ले रही थी ! राजनीति, अर्थशास्त्र, कला, संगीत, सिनेमा, खेल की कई किताबें प्रमुख घटनाओं की किताब को ध्यान से सुन रही थी ! पास में ही हिन्दी और धर्म एक साथ नाच रहे थे ! नाचते नाचते वो इतने एक हो गए कि हिंदी और धर्म में भ्रम होने लगा ! समझ में ही नहीं आ रहा था कि धर्म क्या है और हिंदी कौन है ? देखते देखते हिंदी धार्मिक हो गयी और धर्म सिर्फ हिंदी का हो कर रह गया !

एक किताब ने मुझे जो बताया वो बात मुझे पता थी ! उसने कहा देखने की किताब अलग होती है, खरीदने की किताब अलग होती है और पढ़ने वाली किताब बिलकुल अलग ! मेले में उपन्यास, संस्मरण, कहानी-संग्रह, कविता संग्रह, नाटक के साथ इतिहास, भूगोल, ज्ञान-विज्ञान, साहित्य, यात्रा, धर्म, भाषा, जीवन-वृत्त आदि सभी विषयों पर पुस्तकें थीं और ये उनका ही मेला था !

रात भर किताबों के साथ उनकी दुनिया में रह कर मैंने किताबों को थोड़ा और करीब से जाना ! किताबें बहुत कोमल मन की होती है ! पढ़ने का मन न हो फिर भी किसी किताब को कभी ठोकर मत मारिये ! लोगों की ठोकर से किताबें कराहती हैं ! जब आप किसी किताब को बिखरा हुआ देखें उसे समेटने की कोशिश जरूर करें ! किताब से जुड़े हर मामले में कोई न कोई आप का साथ जरूर दे देगा और आप कभी अकेले नहीं रहेंगे ! किताबें ज़िद्दी होती हैं ! दुनिया की हर किताब अपने पढ़े जाने का तब तक इंतज़ार करती हैं जब तक पाठक पढ़ रहे किताब को पढ़ कर ख़त्म न कर दे ! किताबों के पास धरती का धैर्य है ! आप जब भी किताबों से मिलेंगे किताबें कभी आप को निराश नहीं करेंगी ! किताबों में प्रतियोगिता नहीं होती प्रतियोगिता उसे पढ़ने वालों में होती है ! किताबों की आँख नहीं होती वो सबको एक दृष्टि से देखती हैं ! किताबें भोली होती हैं ! पढ़ने वाला अपनी लगाता है वर्ना किताब के पास तर्क शक्ति नहीं होती ! किताबे पढ़ना लिखना नहीं जानती उनके लिए काला अक्षर भैंस बराबर है ! अपने अमेज़न और फ्लिपकार्ट के सपनों के साथ किताबें अब पूरे विश्व में मिलती हैं ! ‘हर किताब, अब विश्वविख्यात’ ये किताबों के लिए नया नारा है !

मेले में सुबह तक मेरी पढ़ी हुई कई किताबें भी मुझसे मिलीं ! पढ़ी हुई किताबों से मिलना बहुत आत्मीय होता है ! पढ़ ली गयी किताब और पाठक के रिश्ते को मैं बाप और बेटी या माँ और बेटी के रिश्ते से कम नहीं मानता हूँ ! किसी किताब को पढ़ कर देखिये, आप को मेरी हर बात सच लगेगी ! किताब और पाठक या पाठिका का अमिट रिश्ता जीवन भर नहीं टूटता है ! पहला पाठक ही हर किताब का पहला प्यार है ! मैं किताबों को एक जीवित भावनाओं का पुलिंदा मानता हूँ ! किताबों में प्राण नहीं होता तो वो हमें हँसाती और रुलाती कैसे ? वो जीवित नहीं होती हैं तो हमारा जीवन कैसे बदलतीँ हैं ? किताबों का मेला नहीं लगता तो हम किताबों से मिलते कैसे ? नयी और पुरानी किताबों से हमारा परिचय कैसे होता ? रात की इस घटना के बाद मुझे एक बात अच्छी तरह समझ में आ गयी है कि हर किताब जाने या अनजाने में आप में एक परिवर्तन जरूर ले आता है ! जैसे पढ़ लिए जाने के बाद किताब एक पाठक पुरानी हो जाती है वैसे ही हम भी किसी किताब को पढ़ने के बाद एक किताब पुराने हो जाते हैं !

सुबह होने लगी थी ! किताबों ने मिल कर मेरे लिए कोरस में ‘हम होंगे कामयाब’ गीत गया और ख़ुशी ख़ुशी मुझे विदा किया ! पुस्तक मेले से लौटते हुए मेरी आँखें पता नहीं क्यों उस बाप की तरह भर गयी थी जो अपनी बेटी को हॉस्टल में छोड़ कर आ जाता है !

मैंने देखा एक पल में सभी किताबें अपनी जगह लौट गयी थीं ! मैं भी अपनी दुनिया में खोने के लिए लौट रहा था ! तभी बाहर से आती हुई एक मानुषी ने मुझसे पूछा ‘बुक फेयर कहाँ है ?’
‘जी ?’ मैं समझा नहीं …! क्या मैं कहीं खो गया हूँ ?’ मेरे मन में ये प्रश्न उठा !
‘बुक फेयर प्लीज ? फेसबुक लाइव करना है, जल्दी कहिये बुक फेयर कहाँ है ?’ उसने मुझे फिर टोका ! वो बहुत जल्दी में थी !
‘यही पुस्तक मेला है !’ मैंने जवाब दिया !
मानुषी ने मुझे ऐसे देखा जैसे साक्षात् प्रेमचंद को देख लिया हो !
क्या पुस्तक मेला और बुक फेयर दो अलग आयोजन हैं ? और अगर ऐसा है तो क्या किताबें ये जानती हैं ? पिंक स्कार्फ़ और स्वेटर उतारते हुए मैं सोचने लगा !
अचानक मानुषी चिल्लाने लगी ‘आए लव बुक्स … आए लव बुक्स !’ और आए लव बुक्स चिल्लाते हुए अंदर की तरफ भाग गयी ! उसे उस किताब का पोस्टर दिख गया था जिसको वो लाइव करने आयी थी ! मैं उसको पुस्तक मेले में जाता हुआ देखता रहा ! क्या पता मानुषी के रूप में अनायास ही मैं भविष्य की किसी लेखिका से सीधा संवाद कर चूका था ! इस कल्पना मात्र से ही मन में गुदगुदी हो रही थी ! मैं किताब के मेले से बच्चों की तरह नाचता हुआ लौट रहा था !