राष्ट्रपति चुनाव अर्थात …

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात राष्ट्रपति भवन से एक बग्घी आएगी और हमारे बीच से राष्ट्रपति को चुन कर राष्ट्रपति भवन ले जाएगी !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गहन विचार विमर्श !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात भोज, भोज, भोज और भोज !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात राष्ट्रपति के नाम की घोषणा !
राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार का विकल्प काल्पनिक होता है !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात पहले आप, पहले आप और पहले आप !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात समर्थन, समर्थन, और समर्थन !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात विपक्ष की सियासत में दरार !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात घोषणा, घोषणा, और घोषणा !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात किस प्रकार विपक्ष को एकजुट रखा जाए !
राष्ट्रपति की राह में दस्तख़त ही दस्तख़त होते हैं !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात दस्तख़त, दस्तख़त, दस्तख़त और दस्तख़त !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात केमिस्ट्री, केमिस्ट्री, केमिस्ट्री और केमिस्ट्री !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात बैठक, बैठक, बैठक, बैठक, और बैठक !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गैर – राजनीतिक व्यक्ति को ही राष्ट्रपति बनाया जाए !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गठबंधन, गठबंधन और गठबंधन !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात हम अपनी पसंद के उम्मीदवार को राष्ट्रपति नहीं बना सकते !

राजनीति में जितने भी व्यक्ति है सभी निष्पक्ष हैं, ईमान की बात कहते हैं, सिर्फ राष्ट्रहित की बात सोचते हैं, और भारत को अपनी पार्टी से बड़ा मानते हैं !
हमारे नेताओं के पास अपना विवेक, अपना अंतःकरण, और अपना ईमान है !
राष्ट्रपति मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और चेतावनी देते हैं !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गैर – राजनीतिक राष्ट्रपति की मांग !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात एक सर्वसम्मत उम्मीदवार !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात सर्वसम्मति किसी राजनीतिक व्यक्ति पर ही हो सकती है !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात ये आए और वो गए !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात विपक्षी दल सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से बचती है !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात आंकड़ों का खेल !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात प्रत्याशी की स्थिति मजबूत होती जाती है और विपक्ष कमज़ोर पड़ता जाता है !

 

Part – II

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात …

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात खानापूर्ति का मुक़ाबला !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात हेडलाइन के अलावा कुछ नहीं !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात शुरुआती ना – नुकर के बाद हामी !
राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार अर्थात सामाजिक प्रतीक !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात राजनीतिक फैसले जो मिनट और सेकेंड में बदलते हैं !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात संवाददाताओं से बातचीत !

हमारे पास राष्ट्रपति के इतने होनहार उम्मीदवार हैं कि दुसरे देश भी इसका लाभ ले सकते हैं !

पोस्टर – वार

चुनाव मैदान से ‘पोस्टर – वार’ का एक दृश्य ! इसमें मंच है ! पर्दा है ! पोस्टर है ! चेहरे हैं ! रंग है और नाटक का मसाला है !

Cut to –

चार पोस्टरों ने मुझे घेर लिया था ! चारों प्रचार पोस्टर थे ! शाब्दिक,ग्राफिक और तथ्यों से भरी उनकी अपनी – अपनी विचारधारा थी ! सब मुझ पर चिपकना चाह रहे थे ! एक सत्ता का पोस्टर था जो लगातार सत्ता में होने की वजह से परिवर्तन के सूत्रधार की भेष में था ! चेंज का एजेंट था ! देखने में हाथ से बना ये पोस्टर डिजिटल था ! दूसरा विपक्षी पोस्टर था ! वो जघन्य था ! रूढ़ियों से चिपका था ! तीसरा जनतांत्रिक पोस्टर था ! ये पोस्टर सबसे ज्यादा आकर्षक था क्योंकि इसमें मिडिल क्लास था ! चौथा पोस्टर एक कोलाज था ! जोड़ तोड़ से बना यह पोस्टर हिलते डुलते फ्रेम में किसी तरह फिट था ! ये चारो पोस्टर मुझे घेर के खड़े थे और मैं अवाक था ! जब बरसों तक सोयी राजनीती एक बड़ी करवट लेती दिखाई दे रही थी तभी ये घटना घट गयी थी ! पौ फटने को था ! सब जाग रहे थे ! मैं सुबह घूमने निकला था और उन्होंने सोचा मैं रात का भुला हूँ !

Cut to –

वार रूम था ! मुख्यालय था ! इनपुट डेटा था ! रणनीति थी ! तकनीक था ! उपकरण थे ! टीम थी ! प्रयोजन था ! कई दल थे ! ‘युद्ध’ का माहौल था ! हर तरफ बैठक चल रही थी ! रिजल्ट का सबको इंतज़ार था !

Cut to –

मैं पोस्टर में फँस कर चल नहीं पा रहा था ! आगे अब क्या करूँ कुछ सूझ नहीं रहा था ! पोस्टर से बच कर निकलने की मेरे पास कोई स्ट्रेटेजी नहीं थी ! सब पोस्टर से बच रहे थे और मैं फंस गया था ! पोस्टर मुझे घेर के अपने ‘आदमी घेरो अभियान’ में सफल हो गए थे और मैं ‘ पोस्टर से बचो ‘ खेल में हार गया था और अब शहर भर के सभी आदमीयों, औरतों, बच्चों और बूढ़ों को घेरने की उनकी उम्मीद बढ़ गयी थी !

Cut to –

कमल, हाथ, झाड़ू, साइकिल, हाथी, हल, तीर, नगाड़ा, लालटेन, हँसिया – हथोड़ा,फूल – पत्ती , शंख, चक्र,गदा, टेलीफ़ोन, सब वस्तु और जीव पोस्टर पर क्रांतिकारी हो गए थे !

Cut to –

पोस्टर, तख्तियों और बैनर के रूप में नौजवान, आधुनिक, उदार, और भ्रष्ट जिन चार पोस्टरों ने मुझे घेरा था उसके पीछे और भी पोस्टर थे ! कोरस में स्वास्थ, सेक्स, विकास, नारी मुक्ति, धर्म, दूकान, सामान, मकान, तम्बाकू, सबके पोस्टर थे ! उनमे बहुत सारे शब्द और चित्र का कोलाज था ! सबके मिलेजुले रंग थे ! पोस्टर में वे कौन – कौन थे, क्या – क्या थे कहना मुश्किल था ! बचपन से ले कर अब तक इनमे से कई पोस्टरों से मैं मिल चूका था ! उस पर लिखी  हर बात पढ़ चूका था ! उनके रंग में बारी बारी से रंगा जा चूका था ! कई पोस्टर का नारा तो मुझे याद भी था ! कुछ पोस्टर हवा में लहरा रहे थे ! इन सब में विज्ञापन के सैकड़ों पोस्टर उनका साथ दे रहे थे ! सब बहुत अब्सर्ड था !

Cut to –

तभी एक धमाका हुआ और बीस हज़ार पोस्टर का गोला मेरे आगे फट गया ! अफरा तफरी मच गयी ! चारो तरफ पोस्टर ही पोस्टर थे ! सब पोस्टर पर थे ! जो पोस्टर पर नहीं थे वो पोस्ट पर थे ! बड़े बड़े पोस्ट पर बड़े बड़े पोस्टर थे ! मुझसे बार बार कहने लगे कि मैं अपनी पीठ उनको दे दूँ ! मुझे लगा थपथपाएंगे पर उन्होंने झट पट पीठ पर एक पोस्टर चिपका दिया ! अब पोस्टर देखते ही लोग पीठ पर चटका लगाने लगे ! पीठ सहलाने वाला कोई नहीं था ! पीठ थपथपाने वाले मौके का फायदा उठा के पोस्टर चिपका गए ! पोस्टर की वज़ह से पीठ में खुजली होने लगी ! मुझे अपनी खुजली मिटाने के लिए किसी और की पीठ खुजानी पड़ी !

Cut to –

पीठ से अच्छी जगह किसी पोस्टर के लिए अब नहीं बची है ! जिनके पास इच्छा है उनके पास अपनी पीठ है ! पोस्टर की दुनिया में अब पीठ ही पूँजी है ! पुलीस का हमला पीठ पर होता है ! सरकार का पेट पर ! पोस्टर ने उनको एक कर दिया है ! पोस्टर की दुनिया में पीठ और पेट एक हो गए हैं ! जैसे ही पीठ और पेट एक होते हैं हाथ लहराने लगता है ! हमारी पीठ अब सबसे महँगी खाली जगह है ! जब तक अपनी रीढ़ की हड्डी न बेचें पीठ के मालिक हम ही होते हैं !

Cut to –

अजब देश की गजब होली खेली जा रही थी ! ‘पोस्टर वार’ में मैंने देखा एक पोस्टर दूसरे पोस्टर पर कीचड उछाल रहा था !  हाथ और पाँव से बने पोस्टर थे ! पर वो शरीर के नहीं शोषण की बैचैनी के पोस्टर थे ! झंडे में लिपटी औरत का पोस्टर न देश का था न महिला उत्पीड़न का ! मुझे बहुत आश्चर्य हुआ वो महंगे जूते का पोस्टर था ! कुछ पोस्टर में जलते हुए शब्द थे ! उनका हर अक्षर आग से लिपटा धू धू कर रहा था ! फेफड़े का पोस्टर पेड़ के जड़ बने थे ! हर पोस्टर मानव बम लग रहा था ! पोस्टर पर बच्चों तक को हर्फ़ बना दिया गया था और खुद उनका बस्ता बन गए ! कई पोस्टर बदनाम थे ! उनका गज़ब इतिहास था ! उन पर कालिख पोती जा चुकी थी ! कीचड़ उछाला जा चूका था ! उन्हें फाड़ा गया था ! उनमे से कई जले हुए पोस्टर थे जिन्हे जलाया गया था ! सबके अंदर एक पोस्टर छुपा था ! सब अपने अंदर के छुपे पोस्टर के साथ अश्लील हरकतों की फैंटसी रखते थे ! इन सबके बीच नौटंकी के पोस्टर भी थे ! चाय के भी पोस्टर थे जिस पर वाह उस्ताद लिखा था !

Cut to –

अब मुझे पता चला की मेरे अंदर भी एक पोस्टर है ! मिक्स्ड फीलिंग वाला पोस्टर ! हम देखते पहले हैं और पढ़ते बाद में हैं ! चित्र पहले और शब्द बाद में ! बच्चा पहले देखना सीखता है और पढ़ना बाद में ! हम आज कल आस पास क्या देख रहे हैं ? पोस्टर के साथ चित्र, प्रदर्शनी, झांकी, सिनेमा, टेलीविजन, कवर पेज, और हेड लाइन्स ! रंग विरंगे शब्दों के झूठे खोखले वादे और एक दुसरे पर फेके गए बदरंग पानी के गुब्बारे ! शानदार, जानदार, ईमानदार, बिकाऊ, विरोधी, बईमान ,विचार, पत्रकार जैसे कई शब्द पोस्टर से निकल कर मुझे चारो तरफ से खींचने लगे ! मेरी घबराहट बढ़ गयी ! सब गड्ड मड्ड हो गया ! पोस्टरों ने खिचड़ी पका के दिमाग की दही जमा दी थी ! समाधान ‘हाथ’ में है, ‘झाड़ू’ घर में है, ‘कमल’ मन में खिला है फिर भी चारो तरफ भ्रष्टाचार है, महँगाई है, घरके बाहर गंदगी है और मन अशांत है ! चारो ओर ये कैसा ‘पोस्टर वार’ है ?   मैं चीखना चाहता था ! मेरी आँखें भर आयीं !

Cut to –

इतने में आकाश से संविधान – वाणी हुई ” मत भूल बेटा, तेरे पास है नोटा , फिर क्यों तू रोता ” … मैं जोर से चिल्लाया ! ” नॉन ऑफ़ द अबोव, नॉन ऑफ़ द अबोव,  नॉन ऑफ़ द अबोव ” फिर अंग्रेजी में चीखा NOTA , NOTA , NOTA  !!!  हनुमान चालीसा पढ़ते ही जैसे भूत भाग जाते हैं वैसे ही पोस्टर ने मुझे मुक्त कर दिया ! उन्हें देख कर लग रहा था जैसे उन्हें सांप सूँघ गया हो ! सर, सर करने लगे ! मेरी भी हिम्मत बढ़ी  ! मैंने चैन की सांस ली ! पोस्टर को पता चल गया था कि मुझे अपने अधिकार और जिम्मेदारियों के साथ अपनी सभी संवैधानिक सुविधाओं का ज्ञान है ! जितना उन्होंने सोचा था उतना मुर्ख नहीं हूँ ! मैं नए भारत का पढ़ा लिखा और अपना विवेक रखने वाला एक मतदाता हूँ जो स्वतंत्र है और निर्भीक है !

Cut to –

तभी नींद भंग हो गयी ! मेरी आँख खुल गयी ! लगा कोई मोहभंग हो गया है ! बहुत देर तक निढाल मैं बिस्तर पर पड़ा रहा ! हवा तेज़ थी देखा तो पंखा चल रहा था ! अब बाहर निकल कर चल रहे  ‘पोस्टर वार’ के हर पोस्टर की सच्चाई का मुझे सामना करना था !

( प्रभात खबर में प्रकाशित )