इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन

मैं एक इंजीनियर हूँ ! मैंने आईआईटी से पढ़ाई की है और मुझे पता है ईवीएम में गड़बड़ी की जा सकती है ! इसलिए मैंने खुद ही एक इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन बनाने की ठान ली है, जो 2019 के आम चुनाव में काम आ सकता है !

वर्तमान ईवीएम मतलब इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में कई खामियाँ हैं ! मेरे ख्याल से इसमें ‘चाइल्ड लॉक’ का नहीं होना इसकी सबसे बड़ी कमी है, जिसकी वजह से ईवीएम से छेड़छाड़ संभव है !

स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव किसी भी देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए महत्‍वपूर्ण होते हैं ! इंजिनियर होने के नाते मैं भी वोटिंग सिस्टम को जितना हो सके उतना सरल करने के पक्ष में हूँ ! फर्जी मतदान तथा मतदान केन्द्र पर कब्जा और हैकिंग जैसे दोष पूर्ण व्यवहार निर्वाची लोकतंत्र भावना के लिए गंभीर खतरे हैं ! इसलिए मैं चुनाव आयोग से ये प्रार्थना करूँगा की देश का अगला आम चुनाव मेरी बनायीं हुई इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से ही कराए !

मेरी ही तरह जो यूजर ईवीएम से नाखुश हैं उनके लिए मेरी मशीन एक खुशखबरी है ! ढेरों बैठकें करने के बाद और एक दर्ज़न प्रोटोटाइपों की जांच – परीक्षण एवं व्यापक फील्ड ट्रायलों के बाद ही मैंने अपने इस इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन को फाइनल किया है ! यह छेड़छाड़ मुक्त तथा संचालन में सरल है ! मेरी बनायीं हुई मशीन पूरी तरह से सुरक्षित हैं और कोई भी यह नहीं साबित कर पाएगा कि मेरी ईवीएम से छेड़छाड़ हो सकता है !

मेरा मानना है इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन सिर्फ मतदान ही न कराये बल्कि कपडे धोये और जूस भी निकाल सके ! जरुरत पड़ने पर ऐ टी एम बन जाए और बहुत ही कम समय में इस से गाजर का हलवा भी गर्म किया जा सके ! सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय के सिद्धांत पर बनी ये मशीन जनता के काम आने वाली सभी मशीनों का गठबंधन है ! आम लोगों के लिए बनी मेरी मशीन सभी मशीनों के साथ ठीक से कैलिब्रेट हुई हैं ! लोकतंत्र की हिफाजत के लिए मैं किसी भी मशीन से हाथ मिलाने के लिए तैयार हूँ !

सब जानते हैं इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पांच – मीटर केबल द्वारा जुड़ी दो यूनिटों से बनी होती है इसलिए हर ईवीएम के दो हिस्से होते हैं ! एक हिस्सा होता है बैलेटिंग यूनिट जो मतदाताओं के लिए होता है, दूसरा होता है कंट्रोल यूनिट जो कि पोलिंग अफ़सरों के लिए होता है ! वर्तमान ईवीएम की ये सरलता ही सबसे बड़ा खतरा है ! जब तक मशीन में कुछ ऐसे यूनिट न हों जिसे समझने के लिए उसे ठोका जाए तब तक कोई भी मशीन मिशनरी है, मशीन नहीं !

कोई भी मशीन खराब नहीं होती पर उसे उपयोग करने वालों की उँगलियों का सब दोष होता है ! जनता की उँगलियों ने हर मशीन को इधर उधर ऊँगली करके खराब कर डाला है ! वैसे तो हर भद्र भारतीय नागरिक आपस में एक दुसरे को दिन पर उंगल करते हैं पर मशीन सामने आते ही उनकी उँगलियों के होश उड़ जाते हैं ! घबराहट में इधर की ऊँगली उधर कर के सारा खेल बिगाड़ देते हैं ! एक मशीन में ठीक से ऊँगली तक नहीं कर पाते हैं आज के आम नागरिक ! अंगुल न जाने मशीन खराब ! इस भीषण समस्या से लड़ने के लिए मेरी मशीन ‘ऑय सेंसर’ से लैस होगी और एक ऍप से सबके आँखों के इशारे पर नाचेगी ! आप नेता की तरफ निहारेंगे और मशीन कपडा धोते धोते वोट गिरा देगी !

हर बैलट बटन के पास एक स्पीकर भी होता है जो हर वोट के सही ढ़ंग से दर्ज होने के बाद तेज़ आवाज़ करता है और फिर चुप हो जाता है ! मेरे हिसाब से स्पीकर का चुप रहना स्पीकर की बर्बादी है ! मेरी मशीन में ये स्पीकर क्रिकेट कमेंट्री से ले कर ऍफ़ एम के गाने तक सुना सकेंगे ! अच्छी बात यह भी है कि यह मशीन मिक्सर और ग्राइंडर की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है ! मेरी यह मशीन मिक्सिंग, ग्राइंडिंग, ब्लेंडिंग, ग्रेटिंग और जुसिंग के लिए भी एक बढियां ऑप्शन है !

देश में बहु के बाद अब मशीन की बारी है ! जैसे कुशल सास को अपने बहु से हर काम कर लेने की उम्मीद होती थी वैसे ही अब जनता को अपने इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से हर काम के हो जाने की उम्मीद है ! मेरी मशीन यह चैलेंज लेने को तैयार है !

पहले गैस पर खाना बनाने के लिए किचन में काफी समय बिताना पड़ता था ! पर आज कल माइक्रोवेव यह सब काम बहुत जल्दी कर देता है और देशवासी अपना समय किचन के बजाए फेसबुक और व्हाट्सएप में बिता सकते हैं ! इसी बात को ध्यान में रख कर मैंने इसमें एक माइक्रोवेव का यूनिट भी जोड़ दिया है ! यह सब यूनिट पांच मीटर के सरकारी केबल से ही जुड़ा होगा ! केबल की बर्बादी हम नहीं होने देंगे ! ईवीएम के बचे हुए केबल से मशीन को देश से और देश को मशीन से बाँधने का प्रयास करेंगे !

मैंने इस मशीन में एक बहुत ही तगड़ा मोटर लगाया है ! यह मोटर एक मिनट में करीब दुनिया भर के अठारह हज़ार चैनल के चक्कर लगाने के काबिल है ! ख़ास बात यह भी है कि यूज़र्स इस मशीन को प्राइम टाइम पर चार अलग स्पीड पर इस्तेमाल कर सकते हैं !

इसके जूसर मिक्सर का मोटर पाँच सौ पचास वाट की बिजली पर चलती है जो की मासिक बिल के नज़रिये से ज़्यादा नहीं है ! इतनी पावर से आप मोटे छिलके वाली चीज़ें और हार्ड मसाले आसानी से पीस पाएंगे, पर मोटे छिलके वाले हार्ड नेता को ढूँढ के लाना और मशीन का इस्तेमाल करना आज की तारिख में नागरिक ग्राहकों की एक फैंटसी है !

यह मशीन सेमीऔटोमैटिक है ! ये भारतवासियों को चुनाव की याद दिलाएगा और समय आने पर इलेक्शन अलार्म भी बजाएगा ! यह जूसर मिक्सर वाला ई वी एम एक खूबसूरत बॉडी में आता है जो बाहर से बड़ी ही शानदार दिखती है ! मैंने इसको बनाने के लिए मज़बूत प्लास्टिक का उपयोग किया है ! इस पर पटक कर नारियल भी फोड़ सकते हैं ! चुनाव से पहले आम आदमी अगर हर ईवीएम से नारियल फोड़ लेगा तो हार का ठीकरा ईवीएम पर कभी नहीं फोड़ पायेगा !

इन सभी सुविधाओं के साथ आकर्षक डिज़ाइन और छोटे साइज की बेहतरीन रंगों के जबरदस्त कलर कॉम्बिनेशन की मेरी ये इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन हैंडल और पैनल के साथ बहुत सस्ती है ! मेरे द्वारा बनाया गया यह गजब का डिवाइस आप बाजार से साढ़े पांच हज़ार के वर्तमान प्राइस की तुलना में सिर्फ दो हज़ार दो सौ पच्चीस रुपये में घर ला सकते हैं ! मैं इस मशीन को देश हित में सस्ती किस्तों और किफायती किराये पर भी दे सकता हूँ ! इस बारे में और अधिक जानकारी मुझसे ले सकते हैं ! उम्मीद है चुनाव आयोग भी मेरी मशीन को सुरक्षित और सही मानेगा !

वोट देने के बाद इस मशीन से एक छपी हुई रसीद भी निकलेगी जो सभी लेन – देन के समाप्त हो जाने की लिखित घोषणा कर देगी ! वोटों की गिनती के बाद सभी नागरिक सील करने के बाद हर पोलिंग मशीन को अपना आइडेंटिटी कार्ड दिखा कर किसी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री की तरह मतगणना केंद्र से अपने अपने ईवीएम को अपने कंधों पर वापस घर तक ला सकते हैं !

ईवीएम का एक डे भी हो सकता है जिस दिन दीप जला के ईवीएम दिवाली मना सकते हैं ! इसके चारो तरफ दीप लगे है जिसे बैट्री से जलाया जा सकता है ! अपने इस मशीन को मैं मेक इन इंडिया के सिंह को खाने के लिए किसी चिड़ियाघर में भी छोड़ के आ सकता हूँ ! ये कागज़ी शेरों का पेट भी भर सकता है ! इसमें स्कैनर और प्रिंटर दोनों साथ हैं !

देशवासियों आशा है कि आप सब रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली मेरी इस मल्टी परपस ईवीएम मतलब इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन को छोड़कर बाकी सब घरेलू मशीनों के बारे में भी अच्छी तरह से शिक्षित होंगे और इसको ऊँगली करते हुए सब मशीनों की ठीक से ऊँगली कर सकेंगे ! हर ऊँगली और अँगूठे पर स्याही मशीन की सच्चाई है ! क्या आपको लगता है कि मैसेज का नोटिफिकेशन स्क्रीन पर पॉप – अप होना चाहिए ? अगर हां तो मेरी मशीन में कुछ स्मार्टफोन एप्लीकेशन की मदद से आप रेलगाड़ी में रिजर्वेशन करने जैसी सुविधाएँ हासिल कर सकते हैं !

मेरी इस नयी ईवीएम से पुरानी ईवीएम की तुलना में वोट डालने के समय में कमी आती है तथा ये परिणाम भी कम समय में घोषित करती है ! मैं जानता हूँ मेरे और देश के दुश्मन मेरी इस मशीन में भी त्रुटि ढूंढ ही लेंगे पर मैं सुझावों के लिए तैयार हूँ !

राम क्षण

मादक ध्वनि संकेत सबको आकर्षित कर रहा था ! कवि ने देखा मादा नर के कलगी को बार – बार चूम रही थी ! प्रेम में दोनों के पूंछ पेट गर्दन सब एक हो गए ! साँस साँस में एक हो कर दोनों पल भर में दो बदन एक प्राण हो गए ! ये प्रेम की पराकाष्ठा थी ! यही प्रेम का मूक क्षण था ! भक्ति प्रेम और समर्पण का जादुई क्षण भी यही था ! क्रौंच के बहाने प्रकृति प्रेम में लीन थी ! सृष्टि में यही राम क्षण था ! धरती पर प्रेम का ये रूप कवि अपनी नंगी आँखों से देख रहा था और अवाक था ! उसने देखा टहनी जिस पर प्रेमी जोड़ा बैठा था, पेड़ जिसकी वो टहनी थी, आकाश जिसके नीचे वो पेड़ था और कवि स्वयं प्रेम प्रकाश में नहा रहे थे और प्रेमी जोड़े के साथ राम में रम के राममय हो गए थे ! इस क्षण सा पवित्र कुछ भी नहीं था !

सहसा एक तीर नर क्रौंच की छाती चीर गया और सूखे पत्ते की तरह वो धरती पर आ गिरा ! नर अपने ही खून की धार में भीग रहा था ! असहाय प्यासी आँखें मादा को देख रही थीं ! रक्तरंजित क्रौंच पीड़ा से छटपटा रहा था ! दर्द और दुःख अश्रु धार में बहने लगे ! तीर नर को आर पार गाँथ चूका था ! रोती हुई मादा क्रौंच भयानक विलाप करने लगी ! नर ने दर्द के नशे में धीरे धीरे ऑंखें मूँद ली ! छटपटाते क्रौंच के आर्तनाद से द्रवित होकर कवि रोने लगा ! अपने प्रेमी नर के बिछोह में मादा ने अपना सिर पटक – पटकर कर प्राण त्याग दिया ! वियोग की दुःख से उसकी छाती फट गयी ! करुणा जाग उठी ! अविरल अश्रु की धार से सब ओझल हो गया था ! कीड़े-मकोड़े, छोटे सांप, घोंघे, सीपी, सारस के सब भोजन क्रौंच वध के साथ ही दुःख में मर गए ! जब भी किसी को किसी से प्रेम हो जाता है तो उसके बिना फिर जीना आज भी मुश्किल हो जाता है ! खेती की कम होती भूमि, सिमटते जंगल, कीटनाशकों का अंधाधुंध प्रयोग और मानवों की बढ़ती आबादी तो बस सारस के गायब होने का एक कारण होंगे, प्रेम के विलाप में वाल्मीकि के श्राप के शब्द धान के खेत, दलदल, तालाब, झील, और हवा में आज भी तैर रहे हैं !

मन का हुड़दंग

मैं एक ट्रोल हूँ

मैं एक ट्रोल हूँ ! मेरा नाम चट्टान भगत है ! मैं वायरल और क्रूर हूँ ! मैं गरज गंज के बरस नगर में रहता हूँ ! मैं सच्चा हुड़दंगी हूँ ! इन्टरनेट पर चहचहाने वाली फेयर एंड लवली लड़कियों का प्रोफाइल मेरा अड्डा है ! सेक्सिस्ट ट्विटर में बुद्धिमान युवा मेरे ग्राहक हैं ! मेरी कंपनी का नाम ड्रीमट्रोल है ! हम ‘ए’ लेवल का ट्रोल करते हैं ! स्टीरियोटाइप जीवन ही मेरी जननी है ! मैं गूगल सर्च से निकला हूँ ! मुझे स्कैंडिनेवियाई लोककथाओं और बच्चों की कहानियों से निकाल के लाया गया है ! मैं गंभीरता से देखा, पढ़ा और सुना जाता हूँ इसीलिए मैं महत्वपूर्ण हूँ ! मुझे केवल लंठ समर्थक समझना आप की भूल है ! हम अपना सारा काम छोड़ के बवाल मचाते हैं ! मुझे बीमार, बर्बाद और बेकार बोलने वालों को मेरी ताक़त का अंदाज़ा नहीं है ! केवल सोशल मीडिया में हंगामा मचाना ही मेरा मकसद नहीं है ! जो ये समझते हैं कि हमारे तूफान मचाने की राजनीति का मकसद एक पार्टी के हक में हिन्दू मुस्लिम गोलबंदी करना है वो भी सही नहीं हैं ! हमें गोल कर के वे भी बेकार में चौड़े हो रहे हैं ! तस्वीर निकालो, लाल रंग से घेर दो और व्हाट्स अप में फैला दो, ये अब धरना प्रदर्शन जैसा पुराना तकनीक है ! मैंने दो हज़ार के नोट में चिप डाला है ! यूनेस्को से प्रधानमंत्री को एप्रूव्ड करवाया है ! मेरी वजह से सोशल मिडिया अब सोचल – समझल मिडिया है ! मैं पत्रकारों और राजनेताओं की पसंद हूँ ! रिसर्च सेंटरों के आंकड़े मेरा यार हैं ! लोगों की प्रतिक्रिया के लिए इंटरनेट पर बेवकूफ और भड़काऊ बातें करता हूँ !

माइक्रो – ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर और हर तरह की सामाजिक नेटवर्किंग साइट पर अपमानजनक संदेश प्राप्त करने के लिए आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं ! भद्दी टिप्पणियां देना मेरा पेशा है ! सोशल मीडिया पर सबको सलाह देना मेरा काम है ! मैं अपना काम छोड़कर दूसरों की चिंता में ही डूबा रहता हूँ ! मुझसे दुश्मनी कर के आप ट्विटर के टॉप ट्रेंडिंग लिस्ट में शामिल हो सकते हैं ! मैं आप को रातों रात हैशटैग बना सकता हूँ ! मेरे उपद्रव को देखना है तो मुझसे जुड़ जाइये ! सोचल – समझल मीडिया की अपनी बदमाशियां हैं ! सिर्फ़ ज़ोर – ज़ोर से बोलना ट्रोलिंग नहीं है ! ट्रोल इन्टरनेट पर आत्म – जागरूकता का एक रूप है !

ट्रोल इन्टरनेट पर असामाजिक, झगड़ालू और धीमी गति से रेंगने वाला जीव होता है जो दूसरों के लिए जीवन को कठिन बनाता है ! घृणा फैलाना ‘पेड’ ट्रोल का धर्म होता है ! ऑनलाइन चर्चा अक्सर आप के हाथ से निकलते ही मुझ तक पहुँच जाती है ! अपने नृशंस ट्वीट्स के साथ मैं एक पल में अश्लील हो जाता हूँ ! भारतीय ट्रोल सबसे ज्यादा अपमानजनक, सबसे अधिक लिजलिजा और पृथ्वी पर सभी ट्रोल में सबसे बढ़कर अश्लील है ! मेरी बातों पर भरोसा न हो तो आप अपने ई – समाचार पत्रों, ई – पत्रिकाओं, ब्लॉगों, यू – ट्यूब और किसी भी प्लैटफॉर्म के कमेंट बॉक्स में जा कर खुद मेरा काम देख लीजिये !

वर्ल्ड वाइड वेब पर एक पेशेवर ट्रोल के रूप में अपने शिकार को लेबल करने से पहले मैं तौलता हूँ, फिर ट्रोलता हूँ ! जानबूझकर ट्रोल हिट लिस्ट बनाकर दूसरों को उत्तेजित या अपमानित करने का प्रयास करता हूँ ! इन्टरनेट पर मुझे कच्ची शराब जैसी सड़ांध पसंद है ! मेरा नारा है ‘ मेरे ट्रोल से ही चलेगा ये वतन, बढ़ा क़दम !’ राष्ट्रवाद को ट्रोलबाद से रिप्लेस करना है ! आप मेरी निंदा चुप रहकर कर सकते हैं ! अगर आप मेरा समर्थन कर भी रहे हैं तो एकदम सामने से मत कीजिये ! ट्रोल को इशारा काफी है ! मेरा समर्थन करने के लिए आपकी चुप्पी उस दिन सराही जाएगी जब हम सब इन्टरनेट पर अपनी पहचान खो चुके होंगे !

प्रकृति का ट्रोल मधुमख्खी है ! अगर आप मधुमख्खी के छत्ते को दुहना नहीं जानते तो मधुमख्खी के छत्ते में हाथ मत डालिये ! वो खुद अपना रस पी कर स्वाहा हो जायेगा ! आप ने निर्जन छत्ते जरूर देखे होंगे जिसे ट्रोल छोड़ चुके हैं ! ट्रोल को अनदेखा करना ही उनसे बचने का सबसे अच्छा तरीका है ! आप पाबंदियों के बारे में बात करना चाहते हैं तो मुझसे बात मत कीजिये ! आँख बंद कर के अपने आप से सिर्फ़ दो सवाल कीजिये ‘आप इन्टरनेट पर किसकी माला जपने आते हैं ? ‘ ‘महिलाओं पर हमला करने की अपनी विकृत इच्छा के बारे में आप क्या जानते हैं ?’ आप ने अपने ह्रदय के अंदर जा कर अगर इन दो प्रश्नों का जवाब दे दिया तो आप को अपने हर सवाल का जवाब मिल जायेगा !

दलाली, भ्रष्टाचार और गोरखधंधे में लिप्त देशभक्त ट्रोल की शक्ति को कभी नहीं पहचान पाएँगे ! सच्चा ट्रोल ये मानता है कि लोकतंत्र में स्वस्थ ट्रोल – तंत्र के लिए सरकार की आलोचना के साथ साथ नागरिकों का ट्रोल भी होना अत्यंत आवश्यक है ! मेरी मार्केटिंग स्ट्रैटेजी इंटरनेट को एक मंच मानती है, और सभी यूज़र्स आप जैसे जोकर या मुझ जैसे ट्रोल हैं ! ट्रोल का कोई लिंग नहीं होता, ट्रोल समलैंगिक होते हैं ! हर बात के लिए मेरे पास अपना आंकलन है !

मैं किसी के बेटे का नाम रखे जाने से शुरू होकर उसकी पत्नी की स्लीवलेस ड्रेस से होता हुआ उसकी माँ की ट्रेन यात्रा पर जा पहुँचता हूँ ! शारीरिक व्यायाम को भी धर्म से जोड़ सकता हूँ ! कोई मेरी बोलती बंद नहीं कर सकता, हम सब मिल कर उसे बोतली में बंद कर देते हैं ! हम अत्यधिक संगठित हैं ! ट्रोलिंग पाप या अपराध नहीं है ! लाखों ग्राहक के मनोरंजन के लिए ट्रोल इंटरनेट पर बदमाशी का एक सामान्य रूप है ! आप किसी को भी वोट करें कोई गलती नहीं करेंगे ! ग़लती तब करेंगे जब कौन अच्छा है उसे लेकर इन्टरनेट पर बहस करेंगे !

इन्टरनेट के बाहर अलग से मैग्निंफाइंग ग्लास लेकर भी मुझे ढूंढेंगे तो मैं नहीं मिलूँगा ! इन्टरनेट पर अभी तो मेरे होने और न होने पर ही बहस है ! मेरे लिए ख़ुशी की बात है कि मुझे भी स्टीरियोटाइप से ही देखा जा रहा है !

आप को ट्रोल की शुरुआत करनी है तो ट्रोल करते हुए गन्दी भाषा का उपयोग करें और ऐसा करने के लिए खुद को प्रेरित करें ! भारत में आप टैक्स से बच सकते हैं पर अपने टेक्स्ट से नहीं बच सकते ! मैं आप की मदद के लिए आ ही जाऊँगा ! अपनी ट्रोल शक्ति से राष्ट्रीय अल्पसंख्यकों के संरक्षण की निगरानी करते हुए ट्रोल परिषद की सलाहकार समिति ने मुझे सुझाव दिया है कि मैं ट्रोल पावर को निभाने और अपने मालिक के प्रोफाइल को बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत करूँ ! जो सबका मालिक है वो मेरा भी मालिक है ! सभी भारतीय ट्रोलर्स, भारतीय इंटरनेट ट्रॉलिंग को बेहतर बनाने के सुझाव दें ! आपके फीड से मुझे फ़ूड मिलेगा ! आप मेरी ऑनलाइन खरीदारी भी कर सकते हैं !

आज के ज़माने में सामाजिक नेटवर्किंग सेवा पर मेरे लिए अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट के साथ – साथ मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड के टीम को भी हर पल तैयार रहने का निर्देश दिया गया है ! संदेह व सूचना के आधार पर सोचल – समझल मिडिया में मेरी छापामारी जारी रहेगी ! रंग अबीर गुलाल के साथ साल में एक दिन होली का हुड़दंग अब सिर्फ बच्चों का खेल है ! इन्टरनेट पर तीन सौ पैंसठ दिन, मन का हुड़दंग ही होली का असली हुड़दंग है ! कमज़ोर मोबाइल सिग्नल वाले इस खेल से दूर रहें ! मेरा आनंद लेने के लिए आपके फोन का स्मार्ट होना जरुरी है ! आप मुझसे ट्रोलिंग अनुरोध भी कर सकते हैं ! मुझे ट्रोल फ्री नंबर पर फोन कीजिये ! आप गाइये सा रा रा, मैं गाऊंगा ट्रा ट्रा ट्रा !

अभिव्यक्ति : पंच – तंत्र का छठा सेंस

Jai Hind

Jai Hind

सैकड़ों साल से नदी – नाले – तालाब के पानी की गहराई नाप आने वाले कछुआ का प्लास्टिक प्रदूषण से असमय ही निधन हुआ था ! घुट कर मारे गए कछुआ की शोक सभा में अभिव्यक्ति पर काव्य पाठ होना तय हुआ ! जंगल में काव्य पाठ कोई नयी घटना नहीं थी ! अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की ऑनलाइन जंगल में आज फिर अग्नि परीक्षा थी !

स्वच्छ जंगल में अभिव्यक्ति पर विमर्श और काव्य-पाठ ? सुनते ही सिंह को डकार आ गया ! जोश में भूख से अधिक खा लिया गया ट्रेंड होता हुआ कल का वाइल्ड गधा अभी पेट में पचा नहीं था और अपच से रात भर नींद भी नहीं आयी थी ! अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर कविता पाठ और उस पर बहस कैसे पचेगा ये सोच कर सिंह का मुँह पहले कसैला फिर गधेला हो गया ! जंगल के अप्डेट्स के लिए अपने सहायक लकड़बघ्घे को मिस्ड कॉल दे कर सिंह ऊँघने की कोशिश करने लगे !

लकड़बघ्घे को जब किंग का मिस्ड काल मिला तब वो कछुए की याद में अपनी प्रोफाइल पिक बदल रहा था ! अपने बॉस सिंह के कॉल को रिप्लाई करने से पहले उसने सिंह के ट्वीट्स चेक किये ! सियारों के द्वारा साढ़े चार सौ बार री – ट्वीट हुआ ‘ गधे ऑन माइंड ‘ चौबीस घंटे पहले उनका लास्ट ट्वीट था ! व्हॉट्सएप पर भी ‘लास्ट सीन’ चौबीस घण्टे पहले का ही था ! कहते हैं लकड़बघ्घे को मिस्ड कॉल का इशारा ही काफी है !

अगली सुबह ऑनलाइन जंगल में कछुए की वनमानुष कद फोटो के सामने सब मौन थे ! गेंदे की हार में लिपटा कछुआ का फोटो वैसा ही लग रहा था जैसे वो प्लास्टिक के लिपटने से घुट – घुट के मरा था ! मोमबत्ती जल रही थी ! भावना बड़ी चीज़ है ! पशु – पक्षियों ने मिट्टी ला – लाकर शोक सभा का मंच बनाया था !

‘ आम तौर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को ‘ बोलने की आजादी ‘ के रूप में समझा जाता है, लेकिन वह सिर्फ बोलने की आजादी नहीं, उसमें और भी कई चीजें आती हैं ! जंगल को बेहतर बनाने के लिए हर काम इसमें शामिल है ! ‘ सिंह ने अपने अध्यक्षीय भाषण की शुरआत में ये साफ़ करते हुए शोक सभा की शुरआत की !

‘ जिस जंगल में पचास फ़ीसदी जानवर अशिक्षित हैं ! जहाँ के पैंतीस प्रतिशत पशुओं को पीने के लिए स्वच्छ जल उपलब्ध नहीं है ! जिस जंगल में विकास की ढोलक तो बजती है लेकिन यह भुला दिया जाता है कि ढोलक के आवरण के साथ ही दोनों छोर जानवर के खाल से बने हैं और खोखले हैं ! जहाँ प्रत्येक तीसरे दिन किसी न किसी के भूख से तड़प कर मर जाने की ख़बर आम है ! ऐसे में विचार और अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता का रोना व्यर्थ ही जान पड़ता है ! घड़ियाल के एक मण्डली के प्रतिनिधि ने शोक सभा का विरोध करते हुए कहा !

विलुप्त गिद्ध ने आगे जोड़ा ‘ पंच – तंत्र के निर्माताओँ ने अभिव्यक्ति को मूल अधिकारों का स्थान देकर हमें मुक्त आकाश में विचरण करने वाला पक्षी तो बना दिया है, लेकिन हमारे भोजन को हमसे छीन कर हमारे पंखों को काट दिया है ! आज हमारे बीच कछुआ होते तो मेरी बात का समर्थन करते !’ ये कहते हुए आखरी निरीह गिद्ध रो पड़ा !

‘ सवाल उठाना हमारा अधिकार है ! एक जानवर की सिर्फ इस अफवाह पर हत्या कर दी गई कि उसने गोमांस खाया था ? सिंह को ऐसा अपराध करने वालों को रोकना होगा ! जानवरों को अधिकार की गारंटी चाहिए ! सूचनाओं के अंबार में किसी किस्म की तानाशाही को छुपाया जाना संभव न होगा ! ‘ मोर बोल पड़ा !

‘ माना कि मूक रहना दासता की निशानी है और मुँह का खुलना आज़ादी का सूचक ! लेकिन मुँह का ज्यादा खुलना भी तो बीमारी का सूचक ही है ! जंगल में कहा जाता है कि ‘ हमारी आज़ादी वहीं पर खत्म होती है जहाँ पर दूसरे जानवर की नाक शुरु होती है ‘ खाने की स्वतंत्रता भी जीने के अधिकार में शामिल होना चाहिए ! कोई जानवर क्या खाता है, क्या पीता है, कैसे रहता है, और क्या पहनता है ? इसमें दूसरे जानवर की दखल – अंदाज़ी सही नहीं कही जा सकती है !’ बुजुर्ग बंदरों की आज़ादी पर गंभीर काम करने वाले शांत घोड़े ने कहा !

अभिव्यक्ति के बहस को हाथ से निकलता देख कर लकड़बघ्घे ने काव्य पाठ की घोषणा कर दी !

शोक सभा में पशुवादी एक्टिविस्ट चिंतक कवि खरगोश से जब जाति का कॉलम भरने को कहा गया था तो उसने रिक्त स्थान में ‘ पशु ‘ भरा था ! नवाचारी खरगोश के सिंग नहीं होते ! पशु कवि खरगोश ने अपनी पतली आवाज़ में पाठ शुरू किया ! खरगोश ने मुंह खोला ‘ मेरी कविता का शीर्षक है, सब ढोंग है ‘ ये सुनते ही जानवरों की पूँछ, सींग, पाँख और कुछ के नथुने फड़फड़ाने लगे ! खरगोश ने सब अनदेखा कर के पूरी ताक़त के साथ अपनी कविता पाठ शुरू की ! ‘ काला कौव्वा सिर्फ काँव काँव करता है … ‘ कविता की पहली ही पंक्ति सुन कर कव्वे क्यों चुप बैठते ! सब मिलकर सचमुच काँव – काँव करने लगे ‘ नौटंकी बंद करो ! सिंह, इस्तीफा दो ! ‘ काँव – काँव की शोर में कविता की अगली पंक्तियाँ किसी ने नहीं सुनी ! होली में अपने ऊपर रंग फेंकने के विरोध में डिजिटल जंगल के कुत्ते अपनी कविता लिख कर लाये थे जिस पर खरगोश की विवादास्पद कविता ने पानी फेर दिया था ! वे भी भोंकने लगे ! नौ सौ चूहे वाली बात के अफ़वाह पर बिल्लियों के पास भी एक कविता थी ! उनका कहना था न वो इतने चूहे खाती हैं न हज़ करने जाती हैं ! वो भी शोर मचाने लगीं ! मौका देख कर बन्दर भी खों – खों करने लगे ! ‘ जंगल के टुकड़े टुकड़े होंगे ! ‘ बंदरों का यह नारा सुन कर जंगल की सीमा पर जंगल की रक्षा करते हुए पशुओं का सर शर्म से झुक गया !

‘ यहाँ जंगल का कानून नहीं मेरा कानून चलेगा ! ये ठोस जंगल है ! यहाँ काठ के उल्लू नहीं रहते ! तुम सब डाल – डाल तो मैं पात पात ! ‘ सिंह ने गरजते हुए साफ़ किया ! ‘ ऐसी किसी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है जिससे जंगल की सुरक्षा को ख़तरा हो ! अन्य वनो के दुसरे पशु – पक्षियों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों पर आंच आए, जंगल का क़ानून व्यवस्था खराब हो, किसी जानवर या समूह का मानहानि हो, किसी जानवर को अपराध के लिए प्रोत्साहन मिले, और जंगल की एकता, संप्रभुता और अखंडता को ख़तरा हो ! मेरे इन विचारों के सबसे करीब कौन है ? ‘ सिंह ने फिर दहाड़ लगाई ! सिंह का क्रोध देख कर सभा में सब खड़े हो गए ! कोरस में सबने एक साथ तीन बार कहा ‘ मन की बात / मन की बात / मन की बात !’ शोर के बीच गैप मिलते ही सबको शांत करते हुए सहायक लकड़बग्घे ने कहा ‘ प्रतिभा और पशुता का सम्मान होना चाहिए ! समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, संवाद का है, कविता पाठ का है !’ सिंह ने खरगोश को गुर्राते हुए कहा ‘ मैं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर विश्वास करता हूं लेकिन यह उचित कानूनी ढांचे के भीतर होना चाहिए ! ‘ ऑनलाइन जंगल में रहने वाले जानते हैं कानूनी ढांचे के भीतर खाए हुए जानवरों के खाल भरे थे !

‘आखिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की जरूरत क्या है ?’ वाइल्ड ऍस का सवाल सुन कर सिंह ने मुस्कुराते हुए उसे सिर्फ नशीली आँखों से देखा और बोला ‘ चिढ़ानेवाला, असहज करनेवाला और बेहद अपमानजनक बातें करने वाले जानवर को मैं खा जाऊंगा ! ‘ सिंह की बात सुन कर गधा डर के ऐसा भागा कि फिर अपने विज्ञापनों में भी नहीं दिखा !

आज के काव्य पाठ का खुफिया महत्व था ! आगामी चुनाव के लिए जानवरों के मन को पढ़ा जाना था और हर शाख पर उल्लू बैठ कर जानवरों का दिमाग पढ़ रहे थे !

‘ पूरे जंगल में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को ढाल बनाकर अप्रिय स्थितियां पैदा की जा रही हैं ! ‘ ये कहता हुआ हाथी व्यथित लग रहा था ! पिनक में हाथी ने यू – टर्न ले लिया ! सब जानते हैं हाथी जितना बड़ा होता है उसका यू – टर्न भी उतना ही बड़ा होता है ! पास के अमरुद का बड़ा पेड़ हाथी के पिनक का शिकार हो गया और जाते जाते उस पर बैठे सभा के तोतों को हाथी उड़ा गया !

उड़ते तोतों को देख कर सुस्त भालू की मंडली जो आज तक कभी सरपंच का चुनाव भी नहीं जीत सकी थी, तोतों के हित में हाथी विरोध के नारे लगाने लगे !

इसी बीच शोक सभा में हो रहे इन घटनाओं को लेकर जानवरों के ट्वीट से जंगल भर गया !

‘ जंगल में सोशल मीडिया पर पशु अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरूपयोग कर रहे हैं ! साइबर सेल को पता है कि कौन क्या लिख रहा है ! ‘ लकड़बघ्घे ने मोबाइल स्क्रीन को देखते हुए कहा ! इस बात से सभी चूहे चोंके ! पीला लंगूर जो ऊंघ रहा था ये सुन कर जाग गया ! ‘ जानवर कृपया अन्धविश्वासी मनुष्यों जैसा वर्ताव न करें ! ‘ लकड़बघ्घे ने फोन को जेब में रखते हुए कहा !

जंगल का सांस्कृतिक परिदृश्य साफ़ था ! धनपशुओं की औलादों के सुझाये गए मार्ग पर सभी पशुवत चल रहे थे ! जंगल की राजनीति इसलिए नहीं सुधर रही थी क्योंकि पशु अपने अपने स्वार्थ में थे और निहित स्वार्थ में जंगल को किसी टहनी पर रखकर सब पशु बेशर्म हो गए थे !

वास्तविक स्वतंत्रता एक मिथक है ! स्वतंत्रता केवल सापेक्षता के माध्यम से परिभाषित किया जा सकता है ! जंगल में स्वतंत्र सिंह का जीवन सच्ची स्वतंत्रता की सबसे आदर्श परिभाषा है ! जंगल को सुचारू रूप से चलाने के लिए बोलने की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी बहुत ज़रूरी है और जंगल में इसे आज़ादी की पहली शर्त माना जाता है ! अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी अधिकारों की जननी है ! इन्ही हितों के लिए जंगल के राजा सिंह द्वारा जानवरों को भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई थी , ताकि पशु उन पर अमल कर सकें ! विचारों पर बहस और चर्चा कर सकें जिससे अन्य पशुओं और पक्षियों के साथ वन को समृद्ध बनाया जा सके !

भगदड़ में सभा समाप्त हो गयी ! मंच पर कछुआ का पोट्रेट घुट घुट के मरने के लिए अकेला रह गया था ! कछुआ प्लास्टिक प्रदुषण से यूँ ही घुट कर नहीं मरा था !

अगले दिन जंगल में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के रहते हुए स्वस्थ सोच को कैसे डेवेलॉप किया जाए, इस विषय पर ऑनलाइन इंटरेक्टिव सामग्री बनाने के लिए पड़ोसी देश भूटान से आये अतिथि याक के साथ सभी जानवर अपनी सेल्फी खिंचवाने में व्यस्त थे !

विकासशील जंगल में अभिव्यक्ति हमेशा की तरह धूर्त, चोट्टे, सेटिंग – बाज, सफेदपोश स्वार्थी जानवरों के कुर्बान चढ़ गया ! जंगल राज के पंच – तंत्र में सबका छठा सेंस कह रहा था कि कुछ तो गड़बड़ है, क्या गड़बड़ है ये अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के रहते हुए भी कोई व्यक्त नहीं कर पा रहा था !

जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

१.
मैश – अप के हमाम में बोलो हर हर गंगे
मिडिया के रिवेंज पोर्न में सब के पंगे नंगे
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

२.
बूथ दर बूथ पानी हुआ और दूध का दूध
प्रेग्नेंट थी सरकार अब है अबॉर्शन का मूड
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

३.
छोड़ो सबकुछ पकड़ सको तो सिग्नल को पकड़ो
क्या हो जो सबके कपड़े ले उड़ जाए इसरो
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

४.
उफ़ मतला, मक़ता, काफ़िया और रदीफ़
हैं व्याकरण के सब गुंडे हिन्दू और शरीफ़
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

५.
दो पाटन के बीच में कोई बाकी बचा न जात
रेडियो में कौन कर रहा है अपने मन की बात
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

६.
बुर्क़ा पहन के क्यों न निकली चल रहा अभियान
जाना था शमशान कहाँ चली तू बिजली की रमजान
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

७.
कफ़न में भी जेब होंगे डिजिटल जलेगी लाश
मरघट की करें राजनीति कैश है जिसके पास
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

८.
दो हज़ार का नोट चौक पर मांग रहा था भीख
पूछा तो बोला एक हज़ार से उसने ली है सीख
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

९.
गधे भी हार गए आदमी था लाचार
मान गए गधे अब आदमी करें उनका प्रचार
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

१०.
नए लुक में फिर आएगा हज़ार रुपये का नोट
लाइन में सब खड़े होकर पहले दे दो वोट
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

सिनेमा का दुखवा मैं कासे कहूँ ?

1.

पात्रों की भाषा को ‘सिनेमा की भाषा’ मानने वाले मुर्ख, ‘देखो’ बसंत आया

” … क्षेत्रीय भाषा बोलने वालों को नीचा दिखा कर अपनी श्रेष्ठता बनाने की कोशिश करने वाले, आप चाहें तो मुझे भी ‘दूस’ सकते हैं, पर सिर्फ़ अपनी मूर्खता की प्रबल दावेदारी बनाये रखने लिए कृपया सवाल मत कीजियेगा ! मेरी बात और ये चित्र नहीं समझे तो रहने दीजिये आप से नहीं होगा, ये अलग भाषा है जो सिनेमा बनाने के काम आती है ! सिनेमा समझने के लिए सिनेमा की भाषा सीखनी पड़ेगी ! सिनेमा के पात्रों की क्षेत्रीय भाषा पर स्टेटस पेल कर आप भाषायी लोगों में हीन भावना भर रहे हैं ! भाषाओँ की इस तौहीन के लिए भाषायी पात्र आपको कभी माफ़ करेंगे ! आप की शिकायत में ‘सिनेमा की भाषा’ दोषी है, ‘पात्रों की भाषा’ नहीं ! फेसबुक पर लाउड स्टेटस की राजनीती कर के आप भाषा की भावनाओं को अनजाने में ठेस पहुँचा रहे हैं ! महान फिल्मकार सत्यजीत रे के पात्रों ने भी क्षेत्रीय भाषा बोल कर विश्व के सिनेमाई भाषा में सर्वश्रेष्ठ स्थान पाया, पर रे ने कभी भाषा बोलने वालों को नहीं ‘दूसा’ ! जो पुरस्कार आपको मिला है वो पात्रों की भाषा का पुरस्कार है ! उक्त भाषा को पात्रों की भाषा बनाने का पुरस्कार भी सिनेमा का पुरस्कार नहीं होता …
‘सिनेमा की भाषा’ पर लगातार काम कर के आप अपनी उपस्थिति बना सकते हैं ! पात्रों की भाषा को ‘दूस’ कर आप अपने ही दर्शकों को बौखला रहे हैं ! जागिये कहीं ऐसा न हो कि आप न सिनेमा के रहे न भाषा के …” – मैं भी मूर्ख हूँ, इसलिए मूर्खों के साथ बहस से बचने के लिए अपने आप को मैंने खुली चिठ्ठी लिखी ‘ सिनेमा का दुखवा मैं कासे कहूँ ?’

2.

हिंदी सिनेमा / भारतीय सिनेमा, हिंदी फिल्म / भारतीय फिल्म, इंडियन सिनेमा / इंडियन फिल्म सही नाम है ! रीजिनल फिल्म / सिनेमा के लिए भारत के क्षेत्रीय भाषाओँ के साथ फिल्म / सिनेमा शब्द लगाइये ! बॉलीवुड कोई स्थान / भाषा नहीं है ! ‘बॉलीवुड’ बहुत मूर्खतापूर्ण शब्द है जो किसी दुसरे देश के एक नगर का पैरोडी है ! हम अपने सौ साल की कलात्मक यात्रा को ‘बॉलीवुड’ कह कर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हास्यास्पद क्यों हो जाते हैं ?

क्रमशः

ढाई आखर कैश का / PMGDISHA

डिजिटल साक्षर होने पर डिजिटल विद्यार्थी पी एम जी दिशा में चलने लगेंगे ! पी एम चाहे किसी भी देश में हों पी एम जी दिशा में चलने वाले बैंक पहुँच जायेंगे ! वहाँ उन्हें डिजिटल ठेंगा मिलेगा, डिजिटल लाइक मिलेगा, हैश टैग मिलेगा ! पी एम जी दिशा में आप के पास बैंक बैलेंस हो न हो ए टी एम जरूर होगा ! देश में चाहे कितना भी आर्थिक अँधेरा हो पी एम जी दिशा में सूरज कभी अस्त नहीं होगा ! डिजिटल साक्षरता में स्मार्ट फ़ोन का न होना ही अँगूठा छाप होना होगा ! डिजिटल साक्षरता में विद्या का कसम मोबाइल फ़ोन का ब्रांड होगा ! डिजिटल ज्ञान में मन की बात होगी ! डिजिटल साक्षर होते ही मेरा लिखा ढाई आखर कैश का सबको समझ में आ जायेगा !

चल ‘इसरो’ घर आपने, उपग्रह पहुँच गए आकाश – ‘अमीर इसरो’

इसरो रैन चुंनाव की, जागी रॉकेट के संग !
तन मेरो मन इंडियन को, दोउ भए एक रंग !!

इसरो दरिया ज्ञान का, उल्टी वा की धार !
जो उतरा सो उड़ गया, जो उड़ा सो पार !!

सैटेलाइट बनाई जतन से, चरखा दिया जला !
आया नेता खा गया, तू बैठी ढोल बजा !!

नेता सोवे सेज पर, मुख पर डारे विकास !
चल इसरो घर आपने, उपग्रह पहुँच गए आकाश !!

इसरो मौला के रुठते, पी एम के सरने जाय !
कहे इसरो पी एम के रुठते, मौला नहिं होत सहाय !!

– ‘अमीर इसरो’

‘ डिस्कवरी ऑफ शराफत ‘

प्राक्कथन

शराफत पर मेरी लिखी हुई किताब ‘ डिस्कवरी ऑफ शराफत ‘ आप सब शराफत से पढियेगा ! मेरा दावा है किताब पढ़ कर आप भावुक हो जायेंगे, आप का गला भर्रा जायेगा, आप की आँखें छलछला जाएँगी और आप अपनी शराफत को ढूंढते हुए न जाने कहाँ चले जायेंगे ! ‘संयुक्त राष्ट्र इज़्ज़त’ में ‘डिस्कवरी ऑफ शराफत’ के पाठ के दौरान सबका यही हाल था ! सब एक एक कर के सभा छोड़ कर न जाने कहाँ चले गए थे !

‘ शराफत माता की जय ‘ डिस्कवरी ऑफ शराफत का पहला अध्याय है !
भारत में शराफत के बहुत से मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, मठ और आश्रम हैं ! शराफत माता की जय आज भारतीय राजनीती में सफलता का पासवर्ड है ! कई आंदोलन में क्रांतिकारियों ने भरी सभा में ‘ शराफत माता की जय ‘ कह कर एक दुसरे की और हमारी आप की नींद उडा दी !

सेल्फी ही शराफत है ! सेल्फी शराफत का बिम्ब है ! सोशल साइट्स पर आप के पास शराफत का बिम्ब न हो तो दोस्तों को बम्बू कैसे करेंगे ?

इंटरनेट पर सब एक अलग व्यक्ति हैं ! इन्टरनेट की शराफत अलग होती है !

डिस्पोजेबल मानसिकता में फिट होने के लिए मैंने शराफ़त की पुड़िया बना ली है ! आप को जब भी शराफ़त की जरुरत हो आप कम से कम ग्यारह रुपये दे कर शराफत रिफिल करा सकते हैं ! शराफत की मांग को देखते हुए मैंने ये समाधान डिज़ाइन किया है ! यह पर्यावरण के लिए न अच्छा हो पर बुरा भी नहीं है ! बोतल की तुलना में शराफत का पाउच सस्ता है !

इज़्ज़त की दुल्हन के घूघँट को शराफत कहते हैं ! जैसी दुल्हन वैसी घूँघट !

विद्यालय और विश्वविद्यालय शराफ़त की फैक्ट्री है ! शराफ़त बायोडाटा का ऑक्सीजन है ! शराफ़त चरित्र प्रमाण पत्र का सुहाग है ! चरित्र प्रमाण पात्र के मिलते ही आप शराफ़त को पा लेते हैं ! शराफ़त एक हस्ताक्षर है ! प्रिंसिपल का ऑटोग्राफ है ! प्रमाण पत्र ही आदमी को शरीफ़ बनाता है, चाहे वो खुद जो कुछ भी हो !

धुल धूसरित चरित्र को धो कर चकाचक रखना भी शराफत है ! चरित्र कांति में बाल एक बड़ी भूमिका निभाता है ! शुष्क चरित्र वालों के लिए शराफत शैम्पू है ! शराफत का शैम्पू लगा कर सबका चरित्र लहराता है ! घने काले लंबे बालों जैसे चरित्र को धोने के लिए सबको शराफत का शैम्पू चाहिए !

वन डे शराफत ! बन्दे, वन डे शराफत को समझें ! शराफत एक पोशाक है ! अच्छी शराफत के लिए लोग अच्छे कपडे भी पहन लेते हैं ! शराफत जैकेट पहन कर मुझे पता चल गया है कि शराफत अब फैशन स्टेटमेंट है ! शराफत में एक दिन लाल गुलाब भी अपनी अचकन में टाँक कर देख लें ! एक दिन का लाल गुलाब ‘ वन डे शराफत ‘ है !

मैंने शराफत की मेहँदी भी लगा कर देख ली ! जीते जी अब तक कोई अपनी शराफत को सजा नहीं पाया है ! सजी हुई शराफत को लोग चार कंधे पर उठा लेते हैं ! यही शराफत की घर वापसी है !

‘ शराफत बंद उर्फ़ भारत बंद ‘ डिस्कवरी ऑफ शराफत का आखरी अध्याय है ! ‘ भारत बंद ‘ सभी राजनीतिक दलों के शराफत का महाकाव्य है ! लोकतंत्र में आप शराफत से शराफत का विरोध करने के लिए स्वतंत्र हैं ! आलोचना और विरोध शराफत का गहना है ! शराफत से विरोध करने का अधिकार हमारा मौलिक अधिकार है ! शराफत को विरोध से को कोई अलग नहीं कर सकता ! संविधान हमें विरोध करने का अधिकार देता है और हम शराफत से संविधान का पालन करते हैं ! लोकतंत्र में भूख हड़ताल शराफत की शुरुआत है और भारत बंद शराफत का अंत है ! भारत बंद अर्थात शराफत बंद ! संसद में शराफत को ही विपक्ष कहते हैं ! विपक्ष शराफत से संसद में हल्ला मचा सकता है और उसकी कार्रवाई ठप्प करा सकता है ! आज कल अक्सर कई मुद्दों पर नग्न विरोध प्रदर्शन से शराफत नंगी हो जाती है ! इतने रावण जलाने के बाद भी अब तक हमारी शराफत जल के राख नहीं हुई ! जनहित में भारत बंद राजनीतिक दलों की अमर शराफत है !

मैं सिर्फ़ इस किताब का लेखक नहीं शराफत का पुतला भी हूँ ! मेरा घुँघराला चरित्र है ! लोकतंत्र में लोग मुझ जैसे शराफत के पुतले को अपनी जेब में ले के घुमते हैं ! लोकतंत्र में सबके पास अपनी शराफत है ! डिस्कवरी ऑफ शराफत इस अध्ययन की स्थापना करता है कि कोई भी चिंतन शून्य में नही होता, परिवेश में होता है ! इसलिए प्रत्येक चिंतन में परिवेश तत्व व्याप्त रहता है, वह उसकी शक्ति भी होता है और सीमा भी होता है ! ‘ डिस्कवरी ऑफ शराफत ‘ भी एक परिवेश है, जिसके केन्द्र में व्यंग्य की निर्णायक भूमिका है ! इसलिए इस अध्ययन का श्रेय निस्संदेह व्यंग्य की जुगलबंदी को है और मैं उनके प्रति कृतज्ञ हूँ !

‘ डिस्कवरी ऑफ शराफत ‘ यूपीएससी परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम का हिस्सा हो जाये तो मैं हमेशा के लिए शरीफ हो जाऊँ ! अपनी ये किताब मैंने अपनी मातृभूमि को समर्पित किया है !

संजय झा मस्तान / बसंत २०१७ / मुम्बई

वैलेंटाइन जो देखन मै चला

श्री गणेश जी से मोदक ले कर, माँ सरस्वती से वीणा लेकर, शंकर भगवान से चाँद ले कर, कृष्ण भगवान से बाँसुरी ले कर, श्री राम जी से धनुष ले कर, यीशु मसीह के चेहरे से करुणा ले कर और युद्ध के यूनानी देवताओं की कठोरता के साथ बासंती पीले और जूनून के सूर्ख लाल रंग के वस्त्र में, सफ़ेद बाल दाढ़ी लगाकर सांता क्लॉज़ की तरह चौदह फ़रवरी को मैं संत वैलेंटाइन बन के तैयार हो गया और जय मातादी बोल कर प्रेमियों से मिलने निकल पड़ा !

संत वैलेंटाइन का मेरा ये रूप सबसे पहले कुत्तों ने देखा और भौंकने लगे ! पता नहीं मेरे वैलेंटाइन भेष में ऐसा क्या मिश्रण हो गया था जो कुत्तों को आकर्षित कर रहा था ! श्वान – दल ने मेरे जश्न में जुड़ने का मौका नहीं गवाँया और आगे पीछे साथ चलने लगे ! लोकल कुत्तों ने दल बना के मुझे घेर लिया था और भौंक भौंक के मुझसे मेरा परिचय पूछने लगे ! व्यक्ति को जीवन व्यतीत करने के लिए क्या पहनना है और कैसे जश्न मनाना है इन बातों से आधुनिक कुत्तों का क्या लेना देना ? यह सोच कर सोसाइटी के डस्टबिन के पास रुक कर मैंने उनसे बात करने की भी कोशिश की ! मैंने उन्हें बहुत पुचकारा पर वो मानने सुनने को तैयार नहीं थे ! मैंने बाँसुरी भी बजाई पर वो चुप नहीं हो रहे थे ! भौं – भौं का जवाब भौं – भौं से देना मैंने ठीक नहीं समझा और चुपचाप चलता रहा और गुनगुनाता रहा ‘संत वैलेंटाइन चले बाज़ार कुत्ते भौंके हज़ार … ‘

श्वान – दल के शोर का फायदा हुआ ! शोर सुन कर आस पास खेल रहे बच्चों के बाल हनुमान दल ने मुझे देख लिया ! संत वैलेंटाइन का मेरा ये रूप देख कर बच्चे ताली बजाने लगे और खुश हो गए ! मेरे साथ बच्चों को खुश देख कर पास में खड़ा हवा मिठाई बनाने वाला मेरे साथ चल पड़ा ! बच्चों के संग मुझे और हवा मिठाई वाले को साथ देख कर खिलौने वाला भी साथ में आ गया और कुत्तों को भगाने में मेरी मदद करने लगा ! खिलौने वाले के साथ एक बहुरूपिया भी था जो चुनाव के माहौल से प्रेरित हो कर सभी दलों के झंडे और टोपी पहन कर सर्वदलिय नेता का भेष बना कर घूम रहा था और अपनी पार्टी के प्रचार का स्वांग कर के मोहल्ले में सबका मनोरंजन कर रहा था ! सब मेरे साथ चल दिए ! संत वेलेंटाइन बना मैं अब एक छोटे मोटे मेले से घिर गया था ! भीड़ से घिरते हुए अपनी हालत देख कर मुझे लगा संत वैलेंटाइन प्रेम के नहीं विज्ञापन के अच्छे ब्राण्ड एम्बेसडर हो सकते हैं !

शोर और बच्चों की तालियाँ सुन कर बड़े दुकानदार निकल कर मुझे देखने लगे और मुझसे मेरा डिटेल लेने लगे ! मैंने उन्हें बताया वैलेंटाइन ईसाई चर्च में एक साधु था जो भारत में अब प्रेम का ऑनलाइन देवता हो गया है और मैं वही हूँ ! कई शताब्दी पहले के संत को साक्षात देख कर दुकानदार पहले किसान की तरह डर गया फिर कंज्यूमर की तरह कंफ्यूज हो गया पर मेरे साथ बच्चों का बाजार देख कर खुश हो गया ! मुझे देख कर दुकानदार को विशाल खिलौने की दुकान का आइडिया आ गया था और दुकानदार चाह रहा था मैं सदा के लिए उसके दूकान में रुक जाऊं ! दुकानदार की बात सुन कर मैं डर गया और डर के मारे सांता क्लॉज़ की तरह हँसने लगा ! दूकान में क़ैद होने के डर से नर्वस मैं “हो हो हो’ कह कर उसकी बात का स्वागत किया ! मेरे साथ सब बच्चे भी ‘हो हो हो / हो हो हो’ कर के हंसने लगे ! दुकानदार ने मुझे आँख मार कर कहा ठीक है बाबा आप आगे बढिए मुझे आप का व्यापार रहस्य समझ में आ गया है ! दुकानदारों की चंगुल से निकल कर मैं प्रेमियों से मिलने बढ़ गया !

बहरूपिया, दुकानदार और बच्चों की नज़रों से मुझे ये पता चल गया कि सुंदरता देखने वाले की नजर में है ! अपनी समझ से पौराणिक देवताओं और विशुद्ध रूप से काल्पनिक चरित्र की विशेषताओं के रूप में मेरा वैलेंटाइन भेष धर्मनिरपेक्ष था और पौराणिक आंकड़ों के साथ मिल कर नया समीकरण बना रहा था ! अब तक दुकानदारों की सेल्फियों में सफेद बालों वाली तस्वीर के साथ मैं व्हाट्सएप्प का माल बन चूका था ! अब मुझे सिर्फ़ प्रेमियों की तलाश थी ! मोहल्ले के ग्लोब से निकल कर मैं अब सोसाइटी की गैलेक्सी में आ गया था ! मुझे लगा अब प्रेमी दूर नहीं !

बच्चों ने छोड़ा तो मुझे बूढ़ों ने पकड़ लिया जिनका वेलेंटाइन वीक में वेलेंटाइन वीक था पर कामदेव स्ट्रांग रहा था ! मेरे पिंक स्टॉकिंग्स देख कर वो भी मचलने लगे ! हाथ जोड़ के बूढ़ों ने एक स्वर में कहा ‘प्रभु मेरे ह्रदय के कोलाहल को कम कीजिये !’ ‘इसके लिए ऑनलाइन होना जरुरी है’ ये कहते हुए मैंने सबको प्रेम से मोदक चखाया और आगे बढ़ गया !

साथ साथ एक ही क़ुलफ़ी खाते हुए मुझे प्रेमी का एक जोड़ा दिख ही गया ! प्रेमी के इस युगल जोड़े के प्रेम को देख कर मेरा ह्रदय भर गया ! आलिंगन चुम्बन से दूर मुझे ये शुद्ध प्रेमी लगे ! मेरे अंदर का वैलेंटाइन जाग गया था ! वैलेंटाइन उवाच : समाज में दहेज के अभाव में वेश्यावृत्ति में धकेल दी गई लड़कियाँ क्या जानें चॉकलेट डे, प्रपोज़ डे, और प्रोमिस डे का स्वाद ! जैसे ही मैं गुलाब देने प्रेमी युगल की ओर बढ़ा छुपे हुए एक दल ने मुझ पर पिंक चड्डी कहते हुए हमला बोल दिया ! प्रेमी भी उनसे मिले हुए थे ! वो प्रेमी नहीं मुझ जैसे वैलेंटाइन को फ़साने का जाल थे ! चारो तरफ भगदड़ का माहौल बन गया ! मैंने पीताम्बरी खोल के उनको अपना लाल लंगोट भी दिखाया पर बात बनी नहीं ! मेरा चाँद बिखर गया ! वीणा के तार टूट गए ! मोर पंख बाँसुरी, मोदक धनुष सब चूर चूर हो गए !

शराब की लत और बलात्कार जैसी बीमारियों से लड़ने की जगह भूले बिसरे किसी संत को बाँधने की कोशिश करने वाले कौन है ये लोग ? मैं चीख पड़ा ! वैलेंटाइन की सच्चाई यह है कि वह एक व्यक्ति बिल्कुल नहीं है, वह एक विचार है ! मेरी बातों को सुन कर कार्यकर्ताओं के दल ने ऐसे मुंह बनाया जैसे एस एम एस की जगह कागज़ पर हाथ से लिखी चिठ्ठी देख ली हो ! ‘बाबरी वाले समाज में नहीं बराबरी वाले समाज में ही प्रेम पल सकता है ! आप मुझे फादर वैलेंटाइन भी कह सकते हैं ! आप अगर वैलेंटाइन के सहस्त्र नाम ले कर भी पुकारें तो वैलेंटाइन बन के मुझे और आप को ही समाज में आना पड़ेगा !’ मैं लगातार बड़बड़ा रहा था !

मुझ पर काबू पाने के लिए फोन कर के किसी ने निःशुल्क कीटनाशक ब्रिगेड को बुलवा लिया था और वो मेरा निरीक्षण कर के मुझे धुएँ से बेहोश करने की तरक़ीब निकाल रहे थे ! आदमी होने के सबूत के लिए मैंने उन्हें ‘हैप्पी वैलेंटाइन डे’ भी कहा पर तब तक देर हो चुकी थी, मैं उनका शिकार हो चूका था ! कीटनाशक ब्रिगेड के किसी ज़हरीली गैस ने मुझे बेहोश कर दिया ! बाद में पता चला था कि मुझे बचाने के लिए प्रेमियों ने एम्बुलेंस बुलाया पर अफ़सोस जवाब में स्कूल बस आया ! संत वैलेंटाइन की कृपा से मुझे कुछ हुआ नहीं था ! इस दुनिया में आज सब चीजों की तरह प्यार का उत्सव भी नष्ट हो सकता है, इस बात को समझने के लिए संत वैलेंटाइन के साथ किया गया यह बाजारू व्यवहार सबसे अच्छा उदहारण है !

वैलेंटाइन डे धीरे धीरे नाईट की तरफ बढ़ रहा था ! सब जानते हैं वैलेंटाइन – डे का प्यार नाइट में किसी काम का नही होता ! शाम हो रही थी ! लड़की, लड़का, गुलाब, चॉकलेट, टेडी बियर, सब घर लौट रहे थे ! सबके प्यार का एक दिवसीय बुखार उतर चूका था ! संत वैलेंटाइन अपना एक दिन का मेला ख़त्म कर के साल भर के लिए इटली लौट गए थे ! हवा मिठाई वाले की सब हवा निकल गयी थी ! खिलौने वाला अब सिर्फ टैक्स भरने वाला भर रह गया था ! फसल – दराती, हाथ, साइकिल, लालटेन और हाथी के झंडे के साथ सड़क पर चलता हुआ बहुरूपिया अब साधारण नागरिक दिख रहा था ! सब जानते हैं प्रेम नगरों में संत वैलेंटाइन दिवस के दिन स्त्री पुरुष के दो लिंगों के साथ पुलिसिंग तीसरा लिंग होता है !

प्रेमियों और बच्चों ने मिल कर मुझे मेरे घर पहुँचाया ! घर पहुँच कर होश आने के बाद हारमोनियम पर मैंने ये निर्गुण गाया ! ” सुनो कामदेव कहे साधु वैलेंटाइन, टैं – टैं – टैं , वैलेंटाइन जो देखन मै चला वैलेंटाइन ना मिल्या कोय, जो दिल खोजा आपनो मुझसा वैलेंटाइन न कोय “