अथ सेल्फी कथा… / फोटोफिलॉसॉफी‬

फोटो में जा के कोई लौट आया हो ऐसा पहले कभी नहीं हुआ ! कई महीने लापता रहने के बाद मेरी मुलाकात एक ऐसे व्यक्तित्व से हुई जो फोटो में रहकर लौटने का दावा कर रहा है …

आप इतने दिन कहाँ रहे ?
फोटो में था !
फोटो में तो कभी दिखे नहीं ?
सेल्फ़ी में नहीं गया, इसीलिए बचा रहा ! फोटो में रहना है तो सेल्फ़ी से बचिए !
इतने दिन आप फोटो में ही रहे ?
हाँ ! आप मेरा भरोसा क्यों नहीं कर रहे हैं ? मैं अकेला नहीं था वहां ! लाखों लोग फोटो में रहते हैं !
आप खाते क्या थे ?
फोटो में बहुत खाना है ! आपने खाने का फोटो नहीं देखा है ?
आप सोते कहाँ थे ?
फोटो में नींद नहीं आती है ! देखिये आप दुनिया की बात कर रहे हैं ! मैं फोटो की बात कर रहा हूँ … फोटो की दुनिया अलग है !
आप लौटे क्यों ?
बहुत सारे फोटो यहाँ खराब हो रहे हैं ! मैं उनको वापस ले जाने आया हूँ, फोटो की दुनिया में ही फोटो सुरक्षित हैं !
सेल्फ़ी से क्या शिकायत है आपको ?
सेल्फ़ी अहंकार से बनता है, फोटो विनम्रता से ! सेल्फ़ी एक भ्रम है ! सेल्फ़ी फोटो का इस्तेमाल कर के भ्रम फैला रहा है ! सेल्फ़ी कभी फ्रेम में नहीं रह सकते गौर से देखिये जातक का एक हाथ फ्रेम में नहीं दिखेगा ! गर्भ – नाल की तरह एक हाथ या छड़ी सेल्फ़ी से जुडी रहती है ! फोटो इस बात की इजाजत नहीं देता कि कुछ फ्रेम से बाहर रह जाए ! जो फ्रेम से बाहर छूट जाता है वो फोटो में नहीं होता ! फोटो में रहने के लिए आपको फ्रेम में रहना होगा !
सेल्फ़ी के लिए आपका क्या संदेश है ?
सेल्फ़ी को हाथ ले डूबेगा ! जहाँ जहाँ हाथ जायेगा सेल्फ़ी ले आएगा ! सेल्फ़ी दुर्दशा से दुनिया को फोटो ही बचाएगा !
अपने बारे में और बताइए ?
फोटो फ्रेम से कभी बाहर नहीं जाता ! और क्या कहूँ ?
‘ मैं कौन हूँ ‘ ये सवाल जब आपके मन में आता है तो आप क्या जवाब देते हैं ?
मैं फोटो हूँ ! केवल फोटो और कोई नहीं !
आप किसके फोटो हैं ?
मैं अपना फोटो हूँ ! फोटो की दुनिया में भ्रम और द्वन्द नहीं है ! अगर आप फ्रेम में हैं तो फिर कहीं रहें या न रहें फोटो में सदा के लिए रहते हैं !
फोटो में रह कर आप को इस दुनिया की याद नहीं आयी ?
दुनिया तो फोटो में ही है ! हर व्यक्ति का फोटो है ! हर स्थान का फोटो है ! दुनिया लगातार फोटो बनने का सपना देख रही है ! लगातार फोटो खिंचा जा रहा है इस दुनिया में सब फोटो होना चाह रहे हैं !
फोटोग्राफर और फोटो का क्या सम्बन्ध है ?
फोटो हर फोटोग्राफर का लक्ष्य है !
फोटो से पहले क्या अस्तित्व होता है हमारा ?
फोटो से पहले सब हैंडराइटिंग होते हैं ! फिर जो सोचते हैं उसके फोटो हो जाते हैं !
आप की बातों से लगता है फोटो पर दुनिया टिकी है ?
दुनिया प्रेम के बल पर टिकी है और प्रेम सिर्फ फोटो के बल पर टिका है ! प्रेम से आप फोटो निकाल लें तो खाली फ्रेम बचेगा !
सब फोटो ही है तो दुनिया में विचार क्यों हैं ?
विचार से सहमत हों न हों फोटो से सब होते हैं !
फोटो से छेड़ – छाड़ होने की बात सुनने में आई है ! आप का क्या विचार है ?
हम सबको फोटो सीमा में रहना जरुरी है ! फ्रेम से निकलेंगे तो अश्लील हो जायेंगे !
फोटो क्यों जरुरी है ?
फोटो नहीं तो आप कहाँ ?
आप फोटो के पार कुछ नहीं देखते ?
आप राजनीती की बात कर रहे हैं और मैं फोटो की बात कर रहा हूँ ! गोल दुनिया गोलाई में फँसी है ! त्रिकोण में प्रेम फंसा है ! चौकौर खाने में हमारा अस्तित्व है ! फोटो के बिना आप चौकौर अकार के रिक्त स्थान हैं !
मतलब ?
अगर फोटो नहीं है तो आप का परिचय रिक्त है ! फोटो से ही फ्रेंड बनते हैं, प्रेमी बनते हैं, देश – भक्त बनते हैं, नागरिक बनते हैं ! फोटो युग में फोटो ही सबसे बड़ा योग है ! हर समस्या का हल फोटो है ! अब सारे कर्मों का फल फोटो में ही है …! व्यापार, विज्ञान, कला एवं मनोरंजन आदि में फोटो से ही अध्ययन हो पा रहा है ! हर समस्या का हल फोटो है ! हमें बहुत काम करना है ! कितना सारा स्पेस है जिसे हमें भरना है …

फोटो फिलॉसॉफी के बीच से अचानक फोटो महाशय उठ कर चल दिए ! फोटो का फोटो लेने कुछ फोटो आ गए और बीच बीच में फोटो के साथ सेल्फ़ी लेने लगे ! इंटरव्यू बाकी है ! फोटो सेशन के बाद फोटो लौटने वाला है ! फोटो से आप के कुछ सवाल हैं तो कहिये …