पूर्ण बजट ग्रहण

पूर्ण बजट ग्रहण

बजट में दिलचस्पी रखने वाले लोग देश के अलग – अलग हिस्सों के लिए बने बजट का दीदार सोशल मिडिया के कई प्लेटफार्म से कर रहे हैं ! दशकों बाद बजट ज्यादा बड़ा और चमकीला दिखाई दे रहा है ! बजट ग्रहण को लेकर कई तरह के अंधविश्वास होने के बाद भी लोग इसे बड़ी तादाद में देख रहे हैं ! बजट ग्रहण के दौरान रुपयों की छाया मनुष्यों पर पड़ती दिखाई देती है ! इस बार राहू की छाया से ग्रसित बजट को देख श्रद्धालुओं ने ईश वंदना शुरू कर दी है !

साल में एक दिन जब धन और सरकार के बीच नागरिक आ जाता है तो उसकी छाया बजट पर पड़ती है ! इससे बजट के छाया वाला भाग अंधकारमय रहता है और इस स्थिति में जब हम नागरिक को देखते हैं तो वो हमें काला दिखाई पड़ता है इसी वजह से इसे बजट ग्रहण कहा जाता है ! धन की परिक्रमा के दौरान नागरिक बजट और सरकार के बीच में इस तरह आ जाता है कि नागरिक बजट की छाया से छिप जाता है ! यह तभी संभव है जब सरकार, धन और बजट अपनी कक्षा में एक दूसरे के बिल्कुल सीध में हों ! भारत के लोगों को बजट के नाम पर इस बार इस बार ब्लडबजट सुपरबजट और ब्लूबजट एक साथ नज़र आ गया है !

बजट प्रार्थना / #बजटप्रार्थना

– हे प्रभु रेलगाड़ी और हवाई जहाज में फर्क बनाये रखना !

– हे प्रभु सबी गोल चीजों की कीमत एक कर दो ! एक शेप, एक प्राइस ! 

– हे प्रभु हम सब गरीबी रेखा में रह लेंगे पर रेखा को और गरीब मत करना !

– हे प्रभु बजट में लगे सभी शुन्यों से भी काम लेना नहीं तो वो बस ज़ीरो बन के रह जाते हैं ! 

– हे प्रभु ब’ ज’ ट’ को टजब या जबट होने से बचाना ! अक्षरों को अच्छे दिन का पता न चले नहीं तो ग’ ज’ ब’ हो जाएगा !  

– हे प्रभु गरीब रेखा से खुश हैं पर अमीर को सनी लिओनी न मिल जाए !

– हे प्रभु इस बार बजट को आम बजट मत कहना, आदमी आम खा चुके हैं, मौसम बदल चूका है !

– हे प्रभु थोड़ा बजट अगले साल के लिए भी बचाना !