चीनी टोबाटेक सिंह

इंडिया टुडे का ‘कवर बम’

फोटोशॉप वॉर में इंडिया टुडे के फेंके गए कवर बम से पाकिस्तान जाने के इंतज़ार में चीनी टोबाटेक सिंह पागल हो गया है ! इंडिया टुडे मैगजीन के एक कवर ने चीन में हंगामा मचा दिया है ! कवर में चीन को बड़ी सी मुर्गी और पाकिस्तान को उसका बच्चा दिखाया गया है ! इसको देखकर चीनी लोग खुश नहीं हैं ! कवर देखकर चीनी टोबाटेक सिंह इसलिए भी ज्यादा भड़के हुए हैं क्योंकि तिब्बत और ताइवान को इसमें चीन का हिस्सा नहीं दिखाया गया है ! गुस्से में चीनी टोबाटेक सिंह पागलखानों में इंडिया टुडे की मैगजीन कवर को अपने – अपने अंदाज में फोटोशॉप कर रहे हैं ! एक पागल ने पूरे भारत में (जम्मू – कश्मीर छोड़कर) चीन का कब्जा दिखाया है ! औपड़ दि गड़ गड़ दि अनैक्स दि बेध्यानां दि मुँग दि दाल आफ दी चीन गवर्नमेंट !

अभिव्यक्ति : पंच – तंत्र का छठा सेंस

Jai Hind

Jai Hind

सैकड़ों साल से नदी – नाले – तालाब के पानी की गहराई नाप आने वाले कछुआ का प्लास्टिक प्रदूषण से असमय ही निधन हुआ था ! घुट कर मारे गए कछुआ की शोक सभा में अभिव्यक्ति पर काव्य पाठ होना तय हुआ ! जंगल में काव्य पाठ कोई नयी घटना नहीं थी ! अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की ऑनलाइन जंगल में आज फिर अग्नि परीक्षा थी !

स्वच्छ जंगल में अभिव्यक्ति पर विमर्श और काव्य-पाठ ? सुनते ही सिंह को डकार आ गया ! जोश में भूख से अधिक खा लिया गया ट्रेंड होता हुआ कल का वाइल्ड गधा अभी पेट में पचा नहीं था और अपच से रात भर नींद भी नहीं आयी थी ! अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर कविता पाठ और उस पर बहस कैसे पचेगा ये सोच कर सिंह का मुँह पहले कसैला फिर गधेला हो गया ! जंगल के अप्डेट्स के लिए अपने सहायक लकड़बघ्घे को मिस्ड कॉल दे कर सिंह ऊँघने की कोशिश करने लगे !

लकड़बघ्घे को जब किंग का मिस्ड काल मिला तब वो कछुए की याद में अपनी प्रोफाइल पिक बदल रहा था ! अपने बॉस सिंह के कॉल को रिप्लाई करने से पहले उसने सिंह के ट्वीट्स चेक किये ! सियारों के द्वारा साढ़े चार सौ बार री – ट्वीट हुआ ‘ गधे ऑन माइंड ‘ चौबीस घंटे पहले उनका लास्ट ट्वीट था ! व्हॉट्सएप पर भी ‘लास्ट सीन’ चौबीस घण्टे पहले का ही था ! कहते हैं लकड़बघ्घे को मिस्ड कॉल का इशारा ही काफी है !

अगली सुबह ऑनलाइन जंगल में कछुए की वनमानुष कद फोटो के सामने सब मौन थे ! गेंदे की हार में लिपटा कछुआ का फोटो वैसा ही लग रहा था जैसे वो प्लास्टिक के लिपटने से घुट – घुट के मरा था ! मोमबत्ती जल रही थी ! भावना बड़ी चीज़ है ! पशु – पक्षियों ने मिट्टी ला – लाकर शोक सभा का मंच बनाया था !

‘ आम तौर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को ‘ बोलने की आजादी ‘ के रूप में समझा जाता है, लेकिन वह सिर्फ बोलने की आजादी नहीं, उसमें और भी कई चीजें आती हैं ! जंगल को बेहतर बनाने के लिए हर काम इसमें शामिल है ! ‘ सिंह ने अपने अध्यक्षीय भाषण की शुरआत में ये साफ़ करते हुए शोक सभा की शुरआत की !

‘ जिस जंगल में पचास फ़ीसदी जानवर अशिक्षित हैं ! जहाँ के पैंतीस प्रतिशत पशुओं को पीने के लिए स्वच्छ जल उपलब्ध नहीं है ! जिस जंगल में विकास की ढोलक तो बजती है लेकिन यह भुला दिया जाता है कि ढोलक के आवरण के साथ ही दोनों छोर जानवर के खाल से बने हैं और खोखले हैं ! जहाँ प्रत्येक तीसरे दिन किसी न किसी के भूख से तड़प कर मर जाने की ख़बर आम है ! ऐसे में विचार और अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता का रोना व्यर्थ ही जान पड़ता है ! घड़ियाल के एक मण्डली के प्रतिनिधि ने शोक सभा का विरोध करते हुए कहा !

विलुप्त गिद्ध ने आगे जोड़ा ‘ पंच – तंत्र के निर्माताओँ ने अभिव्यक्ति को मूल अधिकारों का स्थान देकर हमें मुक्त आकाश में विचरण करने वाला पक्षी तो बना दिया है, लेकिन हमारे भोजन को हमसे छीन कर हमारे पंखों को काट दिया है ! आज हमारे बीच कछुआ होते तो मेरी बात का समर्थन करते !’ ये कहते हुए आखरी निरीह गिद्ध रो पड़ा !

‘ सवाल उठाना हमारा अधिकार है ! एक जानवर की सिर्फ इस अफवाह पर हत्या कर दी गई कि उसने गोमांस खाया था ? सिंह को ऐसा अपराध करने वालों को रोकना होगा ! जानवरों को अधिकार की गारंटी चाहिए ! सूचनाओं के अंबार में किसी किस्म की तानाशाही को छुपाया जाना संभव न होगा ! ‘ मोर बोल पड़ा !

‘ माना कि मूक रहना दासता की निशानी है और मुँह का खुलना आज़ादी का सूचक ! लेकिन मुँह का ज्यादा खुलना भी तो बीमारी का सूचक ही है ! जंगल में कहा जाता है कि ‘ हमारी आज़ादी वहीं पर खत्म होती है जहाँ पर दूसरे जानवर की नाक शुरु होती है ‘ खाने की स्वतंत्रता भी जीने के अधिकार में शामिल होना चाहिए ! कोई जानवर क्या खाता है, क्या पीता है, कैसे रहता है, और क्या पहनता है ? इसमें दूसरे जानवर की दखल – अंदाज़ी सही नहीं कही जा सकती है !’ बुजुर्ग बंदरों की आज़ादी पर गंभीर काम करने वाले शांत घोड़े ने कहा !

अभिव्यक्ति के बहस को हाथ से निकलता देख कर लकड़बघ्घे ने काव्य पाठ की घोषणा कर दी !

शोक सभा में पशुवादी एक्टिविस्ट चिंतक कवि खरगोश से जब जाति का कॉलम भरने को कहा गया था तो उसने रिक्त स्थान में ‘ पशु ‘ भरा था ! नवाचारी खरगोश के सिंग नहीं होते ! पशु कवि खरगोश ने अपनी पतली आवाज़ में पाठ शुरू किया ! खरगोश ने मुंह खोला ‘ मेरी कविता का शीर्षक है, सब ढोंग है ‘ ये सुनते ही जानवरों की पूँछ, सींग, पाँख और कुछ के नथुने फड़फड़ाने लगे ! खरगोश ने सब अनदेखा कर के पूरी ताक़त के साथ अपनी कविता पाठ शुरू की ! ‘ काला कौव्वा सिर्फ काँव काँव करता है … ‘ कविता की पहली ही पंक्ति सुन कर कव्वे क्यों चुप बैठते ! सब मिलकर सचमुच काँव – काँव करने लगे ‘ नौटंकी बंद करो ! सिंह, इस्तीफा दो ! ‘ काँव – काँव की शोर में कविता की अगली पंक्तियाँ किसी ने नहीं सुनी ! होली में अपने ऊपर रंग फेंकने के विरोध में डिजिटल जंगल के कुत्ते अपनी कविता लिख कर लाये थे जिस पर खरगोश की विवादास्पद कविता ने पानी फेर दिया था ! वे भी भोंकने लगे ! नौ सौ चूहे वाली बात के अफ़वाह पर बिल्लियों के पास भी एक कविता थी ! उनका कहना था न वो इतने चूहे खाती हैं न हज़ करने जाती हैं ! वो भी शोर मचाने लगीं ! मौका देख कर बन्दर भी खों – खों करने लगे ! ‘ जंगल के टुकड़े टुकड़े होंगे ! ‘ बंदरों का यह नारा सुन कर जंगल की सीमा पर जंगल की रक्षा करते हुए पशुओं का सर शर्म से झुक गया !

‘ यहाँ जंगल का कानून नहीं मेरा कानून चलेगा ! ये ठोस जंगल है ! यहाँ काठ के उल्लू नहीं रहते ! तुम सब डाल – डाल तो मैं पात पात ! ‘ सिंह ने गरजते हुए साफ़ किया ! ‘ ऐसी किसी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है जिससे जंगल की सुरक्षा को ख़तरा हो ! अन्य वनो के दुसरे पशु – पक्षियों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों पर आंच आए, जंगल का क़ानून व्यवस्था खराब हो, किसी जानवर या समूह का मानहानि हो, किसी जानवर को अपराध के लिए प्रोत्साहन मिले, और जंगल की एकता, संप्रभुता और अखंडता को ख़तरा हो ! मेरे इन विचारों के सबसे करीब कौन है ? ‘ सिंह ने फिर दहाड़ लगाई ! सिंह का क्रोध देख कर सभा में सब खड़े हो गए ! कोरस में सबने एक साथ तीन बार कहा ‘ मन की बात / मन की बात / मन की बात !’ शोर के बीच गैप मिलते ही सबको शांत करते हुए सहायक लकड़बग्घे ने कहा ‘ प्रतिभा और पशुता का सम्मान होना चाहिए ! समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, संवाद का है, कविता पाठ का है !’ सिंह ने खरगोश को गुर्राते हुए कहा ‘ मैं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर विश्वास करता हूं लेकिन यह उचित कानूनी ढांचे के भीतर होना चाहिए ! ‘ ऑनलाइन जंगल में रहने वाले जानते हैं कानूनी ढांचे के भीतर खाए हुए जानवरों के खाल भरे थे !

‘आखिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की जरूरत क्या है ?’ वाइल्ड ऍस का सवाल सुन कर सिंह ने मुस्कुराते हुए उसे सिर्फ नशीली आँखों से देखा और बोला ‘ चिढ़ानेवाला, असहज करनेवाला और बेहद अपमानजनक बातें करने वाले जानवर को मैं खा जाऊंगा ! ‘ सिंह की बात सुन कर गधा डर के ऐसा भागा कि फिर अपने विज्ञापनों में भी नहीं दिखा !

आज के काव्य पाठ का खुफिया महत्व था ! आगामी चुनाव के लिए जानवरों के मन को पढ़ा जाना था और हर शाख पर उल्लू बैठ कर जानवरों का दिमाग पढ़ रहे थे !

‘ पूरे जंगल में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को ढाल बनाकर अप्रिय स्थितियां पैदा की जा रही हैं ! ‘ ये कहता हुआ हाथी व्यथित लग रहा था ! पिनक में हाथी ने यू – टर्न ले लिया ! सब जानते हैं हाथी जितना बड़ा होता है उसका यू – टर्न भी उतना ही बड़ा होता है ! पास के अमरुद का बड़ा पेड़ हाथी के पिनक का शिकार हो गया और जाते जाते उस पर बैठे सभा के तोतों को हाथी उड़ा गया !

उड़ते तोतों को देख कर सुस्त भालू की मंडली जो आज तक कभी सरपंच का चुनाव भी नहीं जीत सकी थी, तोतों के हित में हाथी विरोध के नारे लगाने लगे !

इसी बीच शोक सभा में हो रहे इन घटनाओं को लेकर जानवरों के ट्वीट से जंगल भर गया !

‘ जंगल में सोशल मीडिया पर पशु अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरूपयोग कर रहे हैं ! साइबर सेल को पता है कि कौन क्या लिख रहा है ! ‘ लकड़बघ्घे ने मोबाइल स्क्रीन को देखते हुए कहा ! इस बात से सभी चूहे चोंके ! पीला लंगूर जो ऊंघ रहा था ये सुन कर जाग गया ! ‘ जानवर कृपया अन्धविश्वासी मनुष्यों जैसा वर्ताव न करें ! ‘ लकड़बघ्घे ने फोन को जेब में रखते हुए कहा !

जंगल का सांस्कृतिक परिदृश्य साफ़ था ! धनपशुओं की औलादों के सुझाये गए मार्ग पर सभी पशुवत चल रहे थे ! जंगल की राजनीति इसलिए नहीं सुधर रही थी क्योंकि पशु अपने अपने स्वार्थ में थे और निहित स्वार्थ में जंगल को किसी टहनी पर रखकर सब पशु बेशर्म हो गए थे !

वास्तविक स्वतंत्रता एक मिथक है ! स्वतंत्रता केवल सापेक्षता के माध्यम से परिभाषित किया जा सकता है ! जंगल में स्वतंत्र सिंह का जीवन सच्ची स्वतंत्रता की सबसे आदर्श परिभाषा है ! जंगल को सुचारू रूप से चलाने के लिए बोलने की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी बहुत ज़रूरी है और जंगल में इसे आज़ादी की पहली शर्त माना जाता है ! अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी अधिकारों की जननी है ! इन्ही हितों के लिए जंगल के राजा सिंह द्वारा जानवरों को भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई थी , ताकि पशु उन पर अमल कर सकें ! विचारों पर बहस और चर्चा कर सकें जिससे अन्य पशुओं और पक्षियों के साथ वन को समृद्ध बनाया जा सके !

भगदड़ में सभा समाप्त हो गयी ! मंच पर कछुआ का पोट्रेट घुट घुट के मरने के लिए अकेला रह गया था ! कछुआ प्लास्टिक प्रदुषण से यूँ ही घुट कर नहीं मरा था !

अगले दिन जंगल में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के रहते हुए स्वस्थ सोच को कैसे डेवेलॉप किया जाए, इस विषय पर ऑनलाइन इंटरेक्टिव सामग्री बनाने के लिए पड़ोसी देश भूटान से आये अतिथि याक के साथ सभी जानवर अपनी सेल्फी खिंचवाने में व्यस्त थे !

विकासशील जंगल में अभिव्यक्ति हमेशा की तरह धूर्त, चोट्टे, सेटिंग – बाज, सफेदपोश स्वार्थी जानवरों के कुर्बान चढ़ गया ! जंगल राज के पंच – तंत्र में सबका छठा सेंस कह रहा था कि कुछ तो गड़बड़ है, क्या गड़बड़ है ये अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के रहते हुए भी कोई व्यक्त नहीं कर पा रहा था !

जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

१.
मैश – अप के हमाम में बोलो हर हर गंगे
मिडिया के रिवेंज पोर्न में सब के पंगे नंगे
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

२.
बूथ दर बूथ पानी हुआ और दूध का दूध
प्रेग्नेंट थी सरकार अब है अबॉर्शन का मूड
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

३.
छोड़ो सबकुछ पकड़ सको तो सिग्नल को पकड़ो
क्या हो जो सबके कपड़े ले उड़ जाए इसरो
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

४.
उफ़ मतला, मक़ता, काफ़िया और रदीफ़
हैं व्याकरण के सब गुंडे हिन्दू और शरीफ़
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

५.
दो पाटन के बीच में कोई बाकी बचा न जात
रेडियो में कौन कर रहा है अपने मन की बात
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

६.
बुर्क़ा पहन के क्यों न निकली चल रहा अभियान
जाना था शमशान कहाँ चली तू बिजली की रमजान
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

७.
कफ़न में भी जेब होंगे डिजिटल जलेगी लाश
मरघट की करें राजनीति कैश है जिसके पास
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

८.
दो हज़ार का नोट चौक पर मांग रहा था भीख
पूछा तो बोला एक हज़ार से उसने ली है सीख
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

९.
गधे भी हार गए आदमी था लाचार
मान गए गधे अब आदमी करें उनका प्रचार
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

१०.
नए लुक में फिर आएगा हज़ार रुपये का नोट
लाइन में सब खड़े होकर पहले दे दो वोट
जोगीरा सा रा रा रा रा रा रा

‘ डिस्कवरी ऑफ शराफत ‘

प्राक्कथन

शराफत पर मेरी लिखी हुई किताब ‘ डिस्कवरी ऑफ शराफत ‘ आप सब शराफत से पढियेगा ! मेरा दावा है किताब पढ़ कर आप भावुक हो जायेंगे, आप का गला भर्रा जायेगा, आप की आँखें छलछला जाएँगी और आप अपनी शराफत को ढूंढते हुए न जाने कहाँ चले जायेंगे ! ‘संयुक्त राष्ट्र इज़्ज़त’ में ‘डिस्कवरी ऑफ शराफत’ के पाठ के दौरान सबका यही हाल था ! सब एक एक कर के सभा छोड़ कर न जाने कहाँ चले गए थे !

‘ शराफत माता की जय ‘ डिस्कवरी ऑफ शराफत का पहला अध्याय है !
भारत में शराफत के बहुत से मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, मठ और आश्रम हैं ! शराफत माता की जय आज भारतीय राजनीती में सफलता का पासवर्ड है ! कई आंदोलन में क्रांतिकारियों ने भरी सभा में ‘ शराफत माता की जय ‘ कह कर एक दुसरे की और हमारी आप की नींद उडा दी !

सेल्फी ही शराफत है ! सेल्फी शराफत का बिम्ब है ! सोशल साइट्स पर आप के पास शराफत का बिम्ब न हो तो दोस्तों को बम्बू कैसे करेंगे ?

इंटरनेट पर सब एक अलग व्यक्ति हैं ! इन्टरनेट की शराफत अलग होती है !

डिस्पोजेबल मानसिकता में फिट होने के लिए मैंने शराफ़त की पुड़िया बना ली है ! आप को जब भी शराफ़त की जरुरत हो आप कम से कम ग्यारह रुपये दे कर शराफत रिफिल करा सकते हैं ! शराफत की मांग को देखते हुए मैंने ये समाधान डिज़ाइन किया है ! यह पर्यावरण के लिए न अच्छा हो पर बुरा भी नहीं है ! बोतल की तुलना में शराफत का पाउच सस्ता है !

इज़्ज़त की दुल्हन के घूघँट को शराफत कहते हैं ! जैसी दुल्हन वैसी घूँघट !

विद्यालय और विश्वविद्यालय शराफ़त की फैक्ट्री है ! शराफ़त बायोडाटा का ऑक्सीजन है ! शराफ़त चरित्र प्रमाण पत्र का सुहाग है ! चरित्र प्रमाण पात्र के मिलते ही आप शराफ़त को पा लेते हैं ! शराफ़त एक हस्ताक्षर है ! प्रिंसिपल का ऑटोग्राफ है ! प्रमाण पत्र ही आदमी को शरीफ़ बनाता है, चाहे वो खुद जो कुछ भी हो !

धुल धूसरित चरित्र को धो कर चकाचक रखना भी शराफत है ! चरित्र कांति में बाल एक बड़ी भूमिका निभाता है ! शुष्क चरित्र वालों के लिए शराफत शैम्पू है ! शराफत का शैम्पू लगा कर सबका चरित्र लहराता है ! घने काले लंबे बालों जैसे चरित्र को धोने के लिए सबको शराफत का शैम्पू चाहिए !

वन डे शराफत ! बन्दे, वन डे शराफत को समझें ! शराफत एक पोशाक है ! अच्छी शराफत के लिए लोग अच्छे कपडे भी पहन लेते हैं ! शराफत जैकेट पहन कर मुझे पता चल गया है कि शराफत अब फैशन स्टेटमेंट है ! शराफत में एक दिन लाल गुलाब भी अपनी अचकन में टाँक कर देख लें ! एक दिन का लाल गुलाब ‘ वन डे शराफत ‘ है !

मैंने शराफत की मेहँदी भी लगा कर देख ली ! जीते जी अब तक कोई अपनी शराफत को सजा नहीं पाया है ! सजी हुई शराफत को लोग चार कंधे पर उठा लेते हैं ! यही शराफत की घर वापसी है !

‘ शराफत बंद उर्फ़ भारत बंद ‘ डिस्कवरी ऑफ शराफत का आखरी अध्याय है ! ‘ भारत बंद ‘ सभी राजनीतिक दलों के शराफत का महाकाव्य है ! लोकतंत्र में आप शराफत से शराफत का विरोध करने के लिए स्वतंत्र हैं ! आलोचना और विरोध शराफत का गहना है ! शराफत से विरोध करने का अधिकार हमारा मौलिक अधिकार है ! शराफत को विरोध से को कोई अलग नहीं कर सकता ! संविधान हमें विरोध करने का अधिकार देता है और हम शराफत से संविधान का पालन करते हैं ! लोकतंत्र में भूख हड़ताल शराफत की शुरुआत है और भारत बंद शराफत का अंत है ! भारत बंद अर्थात शराफत बंद ! संसद में शराफत को ही विपक्ष कहते हैं ! विपक्ष शराफत से संसद में हल्ला मचा सकता है और उसकी कार्रवाई ठप्प करा सकता है ! आज कल अक्सर कई मुद्दों पर नग्न विरोध प्रदर्शन से शराफत नंगी हो जाती है ! इतने रावण जलाने के बाद भी अब तक हमारी शराफत जल के राख नहीं हुई ! जनहित में भारत बंद राजनीतिक दलों की अमर शराफत है !

मैं सिर्फ़ इस किताब का लेखक नहीं शराफत का पुतला भी हूँ ! मेरा घुँघराला चरित्र है ! लोकतंत्र में लोग मुझ जैसे शराफत के पुतले को अपनी जेब में ले के घुमते हैं ! लोकतंत्र में सबके पास अपनी शराफत है ! डिस्कवरी ऑफ शराफत इस अध्ययन की स्थापना करता है कि कोई भी चिंतन शून्य में नही होता, परिवेश में होता है ! इसलिए प्रत्येक चिंतन में परिवेश तत्व व्याप्त रहता है, वह उसकी शक्ति भी होता है और सीमा भी होता है ! ‘ डिस्कवरी ऑफ शराफत ‘ भी एक परिवेश है, जिसके केन्द्र में व्यंग्य की निर्णायक भूमिका है ! इसलिए इस अध्ययन का श्रेय निस्संदेह व्यंग्य की जुगलबंदी को है और मैं उनके प्रति कृतज्ञ हूँ !

‘ डिस्कवरी ऑफ शराफत ‘ यूपीएससी परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम का हिस्सा हो जाये तो मैं हमेशा के लिए शरीफ हो जाऊँ ! अपनी ये किताब मैंने अपनी मातृभूमि को समर्पित किया है !

संजय झा मस्तान / बसंत २०१७ / मुम्बई

वैलेंटाइन जो देखन मै चला

श्री गणेश जी से मोदक ले कर, माँ सरस्वती से वीणा लेकर, शंकर भगवान से चाँद ले कर, कृष्ण भगवान से बाँसुरी ले कर, श्री राम जी से धनुष ले कर, यीशु मसीह के चेहरे से करुणा ले कर और युद्ध के यूनानी देवताओं की कठोरता के साथ बासंती पीले और जूनून के सूर्ख लाल रंग के वस्त्र में, सफ़ेद बाल दाढ़ी लगाकर सांता क्लॉज़ की तरह चौदह फ़रवरी को मैं संत वैलेंटाइन बन के तैयार हो गया और जय मातादी बोल कर प्रेमियों से मिलने निकल पड़ा !

संत वैलेंटाइन का मेरा ये रूप सबसे पहले कुत्तों ने देखा और भौंकने लगे ! पता नहीं मेरे वैलेंटाइन भेष में ऐसा क्या मिश्रण हो गया था जो कुत्तों को आकर्षित कर रहा था ! श्वान – दल ने मेरे जश्न में जुड़ने का मौका नहीं गवाँया और आगे पीछे साथ चलने लगे ! लोकल कुत्तों ने दल बना के मुझे घेर लिया था और भौंक भौंक के मुझसे मेरा परिचय पूछने लगे ! व्यक्ति को जीवन व्यतीत करने के लिए क्या पहनना है और कैसे जश्न मनाना है इन बातों से आधुनिक कुत्तों का क्या लेना देना ? यह सोच कर सोसाइटी के डस्टबिन के पास रुक कर मैंने उनसे बात करने की भी कोशिश की ! मैंने उन्हें बहुत पुचकारा पर वो मानने सुनने को तैयार नहीं थे ! मैंने बाँसुरी भी बजाई पर वो चुप नहीं हो रहे थे ! भौं – भौं का जवाब भौं – भौं से देना मैंने ठीक नहीं समझा और चुपचाप चलता रहा और गुनगुनाता रहा ‘संत वैलेंटाइन चले बाज़ार कुत्ते भौंके हज़ार … ‘

श्वान – दल के शोर का फायदा हुआ ! शोर सुन कर आस पास खेल रहे बच्चों के बाल हनुमान दल ने मुझे देख लिया ! संत वैलेंटाइन का मेरा ये रूप देख कर बच्चे ताली बजाने लगे और खुश हो गए ! मेरे साथ बच्चों को खुश देख कर पास में खड़ा हवा मिठाई बनाने वाला मेरे साथ चल पड़ा ! बच्चों के संग मुझे और हवा मिठाई वाले को साथ देख कर खिलौने वाला भी साथ में आ गया और कुत्तों को भगाने में मेरी मदद करने लगा ! खिलौने वाले के साथ एक बहुरूपिया भी था जो चुनाव के माहौल से प्रेरित हो कर सभी दलों के झंडे और टोपी पहन कर सर्वदलिय नेता का भेष बना कर घूम रहा था और अपनी पार्टी के प्रचार का स्वांग कर के मोहल्ले में सबका मनोरंजन कर रहा था ! सब मेरे साथ चल दिए ! संत वेलेंटाइन बना मैं अब एक छोटे मोटे मेले से घिर गया था ! भीड़ से घिरते हुए अपनी हालत देख कर मुझे लगा संत वैलेंटाइन प्रेम के नहीं विज्ञापन के अच्छे ब्राण्ड एम्बेसडर हो सकते हैं !

शोर और बच्चों की तालियाँ सुन कर बड़े दुकानदार निकल कर मुझे देखने लगे और मुझसे मेरा डिटेल लेने लगे ! मैंने उन्हें बताया वैलेंटाइन ईसाई चर्च में एक साधु था जो भारत में अब प्रेम का ऑनलाइन देवता हो गया है और मैं वही हूँ ! कई शताब्दी पहले के संत को साक्षात देख कर दुकानदार पहले किसान की तरह डर गया फिर कंज्यूमर की तरह कंफ्यूज हो गया पर मेरे साथ बच्चों का बाजार देख कर खुश हो गया ! मुझे देख कर दुकानदार को विशाल खिलौने की दुकान का आइडिया आ गया था और दुकानदार चाह रहा था मैं सदा के लिए उसके दूकान में रुक जाऊं ! दुकानदार की बात सुन कर मैं डर गया और डर के मारे सांता क्लॉज़ की तरह हँसने लगा ! दूकान में क़ैद होने के डर से नर्वस मैं “हो हो हो’ कह कर उसकी बात का स्वागत किया ! मेरे साथ सब बच्चे भी ‘हो हो हो / हो हो हो’ कर के हंसने लगे ! दुकानदार ने मुझे आँख मार कर कहा ठीक है बाबा आप आगे बढिए मुझे आप का व्यापार रहस्य समझ में आ गया है ! दुकानदारों की चंगुल से निकल कर मैं प्रेमियों से मिलने बढ़ गया !

बहरूपिया, दुकानदार और बच्चों की नज़रों से मुझे ये पता चल गया कि सुंदरता देखने वाले की नजर में है ! अपनी समझ से पौराणिक देवताओं और विशुद्ध रूप से काल्पनिक चरित्र की विशेषताओं के रूप में मेरा वैलेंटाइन भेष धर्मनिरपेक्ष था और पौराणिक आंकड़ों के साथ मिल कर नया समीकरण बना रहा था ! अब तक दुकानदारों की सेल्फियों में सफेद बालों वाली तस्वीर के साथ मैं व्हाट्सएप्प का माल बन चूका था ! अब मुझे सिर्फ़ प्रेमियों की तलाश थी ! मोहल्ले के ग्लोब से निकल कर मैं अब सोसाइटी की गैलेक्सी में आ गया था ! मुझे लगा अब प्रेमी दूर नहीं !

बच्चों ने छोड़ा तो मुझे बूढ़ों ने पकड़ लिया जिनका वेलेंटाइन वीक में वेलेंटाइन वीक था पर कामदेव स्ट्रांग रहा था ! मेरे पिंक स्टॉकिंग्स देख कर वो भी मचलने लगे ! हाथ जोड़ के बूढ़ों ने एक स्वर में कहा ‘प्रभु मेरे ह्रदय के कोलाहल को कम कीजिये !’ ‘इसके लिए ऑनलाइन होना जरुरी है’ ये कहते हुए मैंने सबको प्रेम से मोदक चखाया और आगे बढ़ गया !

साथ साथ एक ही क़ुलफ़ी खाते हुए मुझे प्रेमी का एक जोड़ा दिख ही गया ! प्रेमी के इस युगल जोड़े के प्रेम को देख कर मेरा ह्रदय भर गया ! आलिंगन चुम्बन से दूर मुझे ये शुद्ध प्रेमी लगे ! मेरे अंदर का वैलेंटाइन जाग गया था ! वैलेंटाइन उवाच : समाज में दहेज के अभाव में वेश्यावृत्ति में धकेल दी गई लड़कियाँ क्या जानें चॉकलेट डे, प्रपोज़ डे, और प्रोमिस डे का स्वाद ! जैसे ही मैं गुलाब देने प्रेमी युगल की ओर बढ़ा छुपे हुए एक दल ने मुझ पर पिंक चड्डी कहते हुए हमला बोल दिया ! प्रेमी भी उनसे मिले हुए थे ! वो प्रेमी नहीं मुझ जैसे वैलेंटाइन को फ़साने का जाल थे ! चारो तरफ भगदड़ का माहौल बन गया ! मैंने पीताम्बरी खोल के उनको अपना लाल लंगोट भी दिखाया पर बात बनी नहीं ! मेरा चाँद बिखर गया ! वीणा के तार टूट गए ! मोर पंख बाँसुरी, मोदक धनुष सब चूर चूर हो गए !

शराब की लत और बलात्कार जैसी बीमारियों से लड़ने की जगह भूले बिसरे किसी संत को बाँधने की कोशिश करने वाले कौन है ये लोग ? मैं चीख पड़ा ! वैलेंटाइन की सच्चाई यह है कि वह एक व्यक्ति बिल्कुल नहीं है, वह एक विचार है ! मेरी बातों को सुन कर कार्यकर्ताओं के दल ने ऐसे मुंह बनाया जैसे एस एम एस की जगह कागज़ पर हाथ से लिखी चिठ्ठी देख ली हो ! ‘बाबरी वाले समाज में नहीं बराबरी वाले समाज में ही प्रेम पल सकता है ! आप मुझे फादर वैलेंटाइन भी कह सकते हैं ! आप अगर वैलेंटाइन के सहस्त्र नाम ले कर भी पुकारें तो वैलेंटाइन बन के मुझे और आप को ही समाज में आना पड़ेगा !’ मैं लगातार बड़बड़ा रहा था !

मुझ पर काबू पाने के लिए फोन कर के किसी ने निःशुल्क कीटनाशक ब्रिगेड को बुलवा लिया था और वो मेरा निरीक्षण कर के मुझे धुएँ से बेहोश करने की तरक़ीब निकाल रहे थे ! आदमी होने के सबूत के लिए मैंने उन्हें ‘हैप्पी वैलेंटाइन डे’ भी कहा पर तब तक देर हो चुकी थी, मैं उनका शिकार हो चूका था ! कीटनाशक ब्रिगेड के किसी ज़हरीली गैस ने मुझे बेहोश कर दिया ! बाद में पता चला था कि मुझे बचाने के लिए प्रेमियों ने एम्बुलेंस बुलाया पर अफ़सोस जवाब में स्कूल बस आया ! संत वैलेंटाइन की कृपा से मुझे कुछ हुआ नहीं था ! इस दुनिया में आज सब चीजों की तरह प्यार का उत्सव भी नष्ट हो सकता है, इस बात को समझने के लिए संत वैलेंटाइन के साथ किया गया यह बाजारू व्यवहार सबसे अच्छा उदहारण है !

वैलेंटाइन डे धीरे धीरे नाईट की तरफ बढ़ रहा था ! सब जानते हैं वैलेंटाइन – डे का प्यार नाइट में किसी काम का नही होता ! शाम हो रही थी ! लड़की, लड़का, गुलाब, चॉकलेट, टेडी बियर, सब घर लौट रहे थे ! सबके प्यार का एक दिवसीय बुखार उतर चूका था ! संत वैलेंटाइन अपना एक दिन का मेला ख़त्म कर के साल भर के लिए इटली लौट गए थे ! हवा मिठाई वाले की सब हवा निकल गयी थी ! खिलौने वाला अब सिर्फ टैक्स भरने वाला भर रह गया था ! फसल – दराती, हाथ, साइकिल, लालटेन और हाथी के झंडे के साथ सड़क पर चलता हुआ बहुरूपिया अब साधारण नागरिक दिख रहा था ! सब जानते हैं प्रेम नगरों में संत वैलेंटाइन दिवस के दिन स्त्री पुरुष के दो लिंगों के साथ पुलिसिंग तीसरा लिंग होता है !

प्रेमियों और बच्चों ने मिल कर मुझे मेरे घर पहुँचाया ! घर पहुँच कर होश आने के बाद हारमोनियम पर मैंने ये निर्गुण गाया ! ” सुनो कामदेव कहे साधु वैलेंटाइन, टैं – टैं – टैं , वैलेंटाइन जो देखन मै चला वैलेंटाइन ना मिल्या कोय, जो दिल खोजा आपनो मुझसा वैलेंटाइन न कोय “

कैशलेस इकॉनमी का पहला कदम

काले धन पर अंकुश लगाने जब मैं कैशलेस की दिशा में चलने लगा तब मैंने महसूस किया मेरा कोई पीछा कर रहा है ! मैंने देखा साइबर अपराधी बैंकों के डेटाबेस लिए छुप के खड़े थे उन्होंने मुझे देख लिया था और मेरा पीछा कर रहे थे ! नज़र बचा कर साइबर अपराधियों से बचने के लिए मैं पांच सौ और हज़ार की खाली जगह में जा कर छुप गया ! हज़ार पाँच सौ के खाली गढ्ढों में बहुत शोर था वहाँ ड्रग्स, तस्करी, दांव, डकैती, कर चोरी, रिश्वतखोरी सब अपना सर पीट के रो रहे थे ! नकदी जो अभी भी छोटे मूल्य के घरेलू भुगतान में काम आ रहा था, मुझे साइबर अपराधियों से छुपते देख लिया और रेंगता हुआ मेरे पास आ गया ! ” जरा सोचो, आपकी कोई लीकेज और भ्रष्ट practices हो तो याद करो ” नकदी मुझसे फुसफुसा के बात करने लगा ! “व्हाट ?? ” मैंने चिढ के कहा ! ” जरा सोचो, आपकी कोई लीकेज और भ्रष्ट practices हो तो याद करो ” नकदी मुझसे फुसफुसा के फिर बोला ! मैंने उसकी तरफ देखा और कोई जवाब नहीं दिया ! हम दोनों की नज़रें मिलीं और एक साइलेंट पल बीत गया ! वो बस मुझे मुस्कुराता हुआ घूर रहा था ! ” डिजिटल प्रणाली का कोई मुकाबला नहीं है फिर भी मुझे डिजिटल लेनदेन से क्यों डर लगता है ? ” मैंने पूछा ! ” यहाँ बहुत सी बातें अवैध हैं ” नकदी ने कहा ! ” डिजिटल लेनदेन से डरते क्यों हो ? कैशलेस इकॉनमी में और कोई रास्ता नहीं है ” मैंने इशारे से साइबर अपराधियों की तरफ़ इंगित किया ! उसने मुझे ऐसे देखा जैसे वहां कोई न हो ! ” जरा सोचो, आपकी कोई लीकेज और भ्रष्ट practices हो तो याद करो ” नकदी मुझसे फुसफुसा के तीसरी बार फिर बोला ! मैं समझ गया नकदी नोटबंदी से डिप्रेस्सेड हो कर अपना मानसिक संतुलन खो रहा है !
नकली मुद्रा के खतरे से बचते हुए सामने से किसी देश की एक कैशलेस अर्थव्यवस्था चली आ रही थी ! उसके साथ क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और ऑनलाइन बैंकिंग भी चल रहे थे ! सफेद और शुद्ध अर्थव्यवस्था देखने में बहुत सुंदर लग रही थी ! नकदी और मैं हज़ार पाँच सौ के जाने से बने गड्डों में साइबर अपराधियों से बचने के लिए ये विद्रूप तमाशा देख रहे थे !
” उठो, देखो एटीएम में पैसा आ गया है ! सब अपना कार्ड स्वाईप करने जा रहे हैं ! जाओ बैंक से पैसे भर लाओ ” पत्नी ने जगा दिया और कैशलेस इकॉनमी का मेरा डरावना सपना टूट गया ! बैंक जाने के लिए जब मैं घर से निकला तो बाहर लेन – देन का कर्कश रिकॉर्ड बज रहा था ! बैंक की लंबी यात्रा के लिए पाँव नहीं उठ रहे थे …

दी लास्ट शो

हज़ार

हज़ार

पांच सौ

शो बीच में ही रुक गया ! सर्कस की दुनिया में भारत सर्कस का कैश शो देखने दुनिया आती ! कैश का सर्कस, सर्कस का सबसे खतरनाक खेल था ! यह खेल हृदय रोगियों और बच्चों के लिए नहीं था फिर भी वे सब शो में हिस्सा लेने आते थे ! कैश शो में पांच सौ हज़ार को ड्रम्स में भर – भर के डायनामाइट से उड़ाया जाता और खिलाडी बने दर्शक जान पर खेल कर रुपयों को घर ले जाने के लिए लूटते ! यह एक हॉरर खेल था और रात में अकेले खेलने के लिए उचित नहीं था ! फिर भी सरकस के लास्ट शो में इसे लोग खेलते थे ! अमीर जीवन जीने के लिए लोग सर्कस का ये शो खेलने और देखने आते ! शो का ऐसा असर होता कि दरिद्र दर्शक धनी हो जाते !  सबकी जेब में एक – एक हज़ार का और एक – एक पांच सौ के नोट आने की सर्कस के जोकर्स की चेतावनी सच हो जाती ! खेल का यही चमत्कार था ! इसीलिए भारत सर्कस दुनिया का सबसे अनोखा सर्कस था !

सर्कस में यही एक शो था जिसे जोकर्स भी बैठ के देखते थे ! खेल शुरू हो चूका था ! हवा में लटकते हुए गुल्लकों में जोकर्स बैठे थे ! उनके बैठने की यही जगह थी ! वे गिरती चवन्नी की झन की आवाज़ के साथ मंच पर गिरते हुए एंट्री लेते ! वो ऐसे थूकते कि चवन्नी का भ्रम होता ! लोग जब उन्हें उठाने के लिए झुकते तो वे खूब हँसते ! कैश के इस ख़तरनाक खेल में अठ्ठनी और चवन्नी जोकर्स बनते थे ! चवन्नी को लेकर सीरियस होना फज़ूल है इसलिये सर्व-सम्मति से सर्कस में खिलाड़ी दर्शकों ने उन्हें जोकर मान लिया था ! हर रात कैश के खेल का शो कौड़ियों से शुरू हो कर लाखों करोड़ों तक पहुँच जाता ! हज़ार पांच सौ कैश शो के हीरो थे !

इस खेल को देखने से पहले जोकर्स सर्कस के दर्शकों के लिए एक भविष्यवाणी पढ़ते थे ! भविष्यवाणी के शब्द थे  ‘लार्ड कुबेर इलेक्ट्रॉनिक मनी ले कर आएँगे ! मिस्टेक होता जायेगा, कर्रेक्शन्स आते जायेंगे ‘ ! इन खेलों को देखने के लिए जमाखोरी, सूदखोरी, मुनाफाखोरी जैसे दर्शनों से सर्कस के दर्शक को गुप्त परिचय कराया जाता ! जोकर दर्शकों का चेहरा पढ़ते और कान में आ कर उन्हें बताते कि वे कंजूस हैं या कामचोर ! दर्शक अपने बारे में सुनकर डरने का अभिनय करते हुए हँसते ! फिर सब हंसने लगते ! शो आगे बढ़ जाता !

खेल में बनिए और बिचौलिए बनावटी और दिखावटी नाम के चरित्र बनते ! कैश के शो के क्लाइमेक्स में हज़ार पांच सौ मिल कर बनावटी बनिए और  दिखावटी बिचौलिए की मदद से काले धन की निर्ममता से नकली हत्या करते थे ! मंच पर ये थ्री डी के लाइट इफ़ेक्ट में होता जिसकी गंभीरता का काला हास्य भीड़ समझ लेती और सर्कस के लास्ट शो में सब खूब हँसते और शो ख़त्म होने के बाद हँसते हँसते कैश ले कर अपने अपने घर जाते !

आज कैश शो बीच में ही रुक गया था ! हज़ार पांच सौ जैसे सुपरस्टार के मंच पर रहते रहते सब मिलकर हज़ार पांच सौ पर हंसने के लिए इतने चुटकुले बना लेंगे लोगों ने कभी सोचा नहीं था ! कैश शो के रुकते ही दर्शक दीर्घा में बैठे सर्कस के दर्शक की भीड़ कोरस में रोने लगी और रोते रोते हंसने लगी ! भीड़ की सोशल मीडिया पर सारे तर्क शास्त्री अर्थ शास्त्री बन गए ! कैश ट्रैश हो गया ! रातों रात पांच सौ हज़ार हैश टैग बन गए ! करोड़ कौड़ी हो गया ! हज़ार पांच सौ कैश के शो में चलेबल – रनेबल था, मंच पर अचानक अनेबल हो गया ! भीड़ आपस में बैठ कर तरह – तरह की चिंताएं करने लगी ! दर्शक जहाँ थे वहीँ बैठे बैठे अपने शब्दकोश बनाने लगे ! विचार प्रसारित करने लगे ! दर्शकों में बैठे शराबी अपनी जेबों की नोटों के साथ बच्चों की तरह खेलने लगे और हज़ार के नोट में चखना भर के सेल्फी लेने लगे ! हज़ार इससे ज्यादा पहले कभी अपमानित नहीं हुआ था ! अपनी नज़र में वो दलालों के क़दमों से भी नीचे गिर चूका था ! कैश शो के रुकते ही मंच पर हज़ार पांच सौ दोनों खड़े थे ! पाँच सौ का मुंह उतर गया था ! हज़ार अवाक था !

अभी अभी हज़ार पांच सौ को बीच शो में ही नौकरी से निकाल दिया गया था ! अब तक जो शो का वी आई पी था एक पल में बेसाहारा बन गया था ! सर्कस की कुरूप सच्चाई आज हज़ार पांच सौ के सामने थी ! हज़ार पांच सौ को लगा अब तक उनकी की गयी चापलूसी और भीड़ से मिले चरण स्पर्श का ऋण वे भाषण दे कर ही अदा कर सकते हैं ! चाकरी छोड़ कर मंच पर से उतरने से पहले पांच सौ ने सर्कस के आयोजकों से माइक ले लिया और मौन हो गयी ! ‘ एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर मुझे कूदना सीखाने से ले कर इस खतरनाक खेल तक मुझे किसने पहुँचाया ? ‘  सबने पहली बार रुपये को बोलते हुए सुना ! रुपया उनसे बात करे कईयों के गले से ये बात नहीं उतरी ! भीड़ में बैठे  इंटेलेक्चुअल्स पांच सौ को भाषण देते हुए देख कर हज़ार पांच सौ को उसके मुँह पर ही कोसने लगे ! हज़ार पांच सौ को ये महसूस हो गया कि सब उनसे एक पल में दूर हो गए हैं और नफरत करने लगे हैं ! हाथ का मैल कह कर उनसे हाथ झाड़ने लगे हैं ! हज़ार पांच सौ का दिल टूट गया ! और वो कराहने लगे और बारी बारी से माइक पर अपने दिल की बात करने लगे ! “ इंटेलेक्चुअल्स मुझे क्यों कोस रहे हैं ? बुद्धिजीवी मुझे क्यों गालियाँ दे रहे हैं ? मुझे समझने में आप कहाँ चूक गए ? मुझसे क्या भूल हुई ? “ पांच सौ बोली ! “ इंटेलेक्चुअल्स देश के मूड को पढ़ने में नाकाम क्यों रहे ? “ अब बोलने की बारी हज़ार की थी ! हज़ार का स्वर सपाट था जैसे कहीं कुछ हुआ ही न हो ! “ मेरी कंडीशनिंग किसने की ? जीने के लिए आग पर चलना मुझे किसने सिखाया ? मेरा स्वामी कौन था ? मेरे धारक कहाँ गए ? मेरे धारक … मेरे धारक  “ इतना कह कर दोनों एक साथ रोने लगे ! अब तक पांच सौ और हज़ार भीड़ में फेनोमेना थे पर अब शो के बीच में ही मंच पर अनाथ मेमना हो गए ! दर्शकों की भीड़ ने न जाने क्या सोच कर कुछ पल तक उनको रोने दिया ! भीड़ की अब यही सहानुभूति उनके लिए बची थी, जो उन्हें भीड़ से मिल रही थी !  हज़ार पांच सौ भौचक्के थे ! अचानक उनसे कोई डर नहीं रहा था ! सब तरफ से रिजेक्ट होते देख कर, पाँच सौ ने फिर कहना शुरू किया ! ” सर्कस संघ का शुक्रिया ! सर्कस सोसाइटी वाले, मेरे खेल प्रेमियों, मेरी एक आखरी इच्छा जरुर पूरी करना ! संस्कृति के नुक्कड़ों पर न रख सको तो कम से कम किसी चौक चौराहे पर मेरे नाम से कोई सड़क या चौराहा जरूर बनवा देना “ दोनों एक पल के लिए मौन हो गए ! सब मौन थे ! जसे श्रधांजलि देने में होते हैं ! “ दे दे मेरा पांच रुपैया बारह आना …”  गाते हुए पांच सौ रोने लगी और सबको भावुक कर दिया ! भीड़ ये गीत गुनगुनाने लगी ! तालियाँ बजी ! हर्ष ध्वनि हुआ ! पांच सौ की आँखें डबडबा गयीं ! सब कुछ बहुत नाटकीय हो गया ! भीड़ का समाज एक झटके में नए खेल के लिए तैयार हो गया था ! पांच सौ और हज़ार अब तक जहाँ पूंजीवाद के नाम पर यूज्ड हो रहे थे अब उसी नाम पर वहीँ अब्यूज़्ड होने लगे !  नाटक शुरु होने से पहले जो नाटक होता है वो शुरू हो चूका था ! आम लोगों के साथ खाने, पीने और घूमने का सबसे ज्यादा पोलिटिकल स्टंट किसने किया है ? लोग ये गूगल करने लगे ! उत्तर में पांच सौ हज़ार का नाम सबसे ऊपर था ! प्रशंसा युग के चाटुकार पत्रकारिता काल में रुपया को बचाने कोई नहीं आया गुजरे वक़्त से सारे रिश्ते टूट चुके थे !

खेल में परदे के पीछे बैठा हुआ काला धन ये सब अपनी आँखों से देखने के लिए घबराया हुआ दौड़ा दौड़ा ग्रीन रूम से मंच पर आ गया और अचानक हांफता हुआ स्पॉट लाइट में फंस गया ! वो पहली बार सबको साफ़ दिख रहा था ! काले धन को मेकअप करने का मौका नहीं मिला था ! वो अपनी सादगी में भी भयानक लग रहा था !

आज सर्कस के कैश शो के बीच में ही 8 बजे भारत सर्कस के प्रमुख की एक घोषणा ने खेल बदल दिया ! भारत सर्कस के प्रमुख की बात किसी सरकारी कानून से कम नहीं था ! प्रमुख सर कह रहे है तो सही ही कह रहे होंगे भीड़ ने सोचा और उनकी हर बात कानून हो कर लागू हो गया ! हज़ार पांच सौ आज आधी रात से अब चाकरी में नहीं होंगे ! चलता हुआ कैश शो बीच में ही रुक गया !

आना, सवैया, पहाड़े में ज़िंदगी का हिसाब लगाने वाला समाज पनियाही आँखों से सर्कस का ये लास्ट शो देख रहा था ! कैश शो के रुकते ही भीड़ शो ख़त्म होने के उल्लास में ताली बजा कर हर्ष ध्वनि में चिल्लाने लगी ! अफरा – तफरी में सब उल्टा पुल्टा होने लगा ! लोग टेलीविज़न में छपने लगे और अख़बार में दिखने लगे ! डिजिटल होते हुए देश के डिजिटल शून्य और डिजिटल एक, भीड़ को चीर कर सामने मंच पर आ गए और मंच का संचालन करने लगे ! भीड़ ने अपने विचार प्रक्रिया से पांच सौ हज़ार को तत्काल हटा दिया ! सबकी नज़रों के सामने भीड़ धीरे धीरे डिजिटल अंक में बदलने लगा !

सर्कस का अर्थशास्त्र जोकर ही समझ सकता है, भीड़ भरे किसी शो का कोई बेपरवाह दर्शक नही ! आगे बढ़ कर चवन्नी – छाप जोकर्स ने ही नया डिजिटल शो संभाला ! अपने पुश्तैनी भारत सरकस में इन जोकरों का इतिहास चवन्निया मेम्बरी से ही शुरू हुआ था ! जोकर अपने गुलाबी और बैंगनी कपड़ों में मिल कर दस रूपये की साइज़ का बच्चों के स्टीकर टाइप दो हज़ार का नोट बन गए ! एक दिन के दूधमुँहे नोट का अभिनय सब जोकर मिल कर बहुत खूबी से करने लगे ! जोकर्स ने दर्शकों का ध्यान खींचना शुरू कर दिया ! एक पैसे से दो हज़ार तक की नए डिजिटल कहानी में पांच सौ और हज़ार से एक पल में सबका कनेक्ट ख़तम हो गया !  ‘ चूरन वाला नोट ‘ चिल्लाती हुई शो में बॉयफ्रेंड के साथ आयी लड़कियों ने जोकर्स का साथ देना शुरू कर दिया ! भीड़ में सबकी अपनी अपनी सेल्फी थी ! भीड़ के पास सबकुछ अपना था ! अपने सिद्धांत, अपनी पूंजी ! अपनी किताबें, अपनी फिल्म, अपने ब्लॉग ! नई दुनिया की नयी जेनेरेशन भीड़ पर सबसे ज्यादा यकीन करती है और पैसा भीड़ का सबसे बड़ा सिद्धांत है ! भीड़ सर्कस के इस खेल को देश की व्यख्या कहने लगी ! जोकर्स के डिजिटल खेल से इकॉनमी के माइक्रो मच्छर मंगल यान से मार्स पर जाने का सपना देखने लगे ! शो में इस बार कोई भविष्य वाणी नहीं हुआ सबको सीधा भविष्य दर्शन हो गया ! भीड़ के सामने हज़ार पांच सौ का जाना बचे खुचे का जाना हो कर रह गया ! दो हज़ार का टिकट कूपन सा दिखने वाला नोट जोकर्स ने शो में सबके लिए बाँट दिए ! भीड़ को राहत मिली ! कुछ ही देर में ज़ोकरों ने अच्छे खासे सर्कस को नौटंकी बना दिया ! दर्शकों ने भी बिना बात के नाचने का मन बना लिया ! अब्दुला की शादी के सब बेगाने, दीवाने बन के नाचने लगे ! भीड़ में कौन कहाँ सक्रिय हो गए कहना मुश्किल हो गया ! सब अपने कूपन लहराने लगे और उन्हें छोटे छोटे रुपयों में बदलवाने के लिए बैंक की ओर बढ़ गए ! सर्कस के बाहर भी लोग खुश थे ! न पैसा है न बदलवाने की झंझट कहते और मुस्कुराते !  लोग देख रहे थे और नौटंकी चल रहा था ! लग रहा था लास्ट शो में ख़ुशी की सबको कोई नयी करन्सी मिल गयी थी ! और इस करंसी का आनंद लेने के लिए काम करते हुए लोग कतार में खड़े हो गए ! पांच सौ हज़ार के युग में कोई बर्तन मांजना नहीं चाहता था, पर अब जनता सब करने को तैयार थी !

अपने सपनो का भारत देखने के लिए लोग लाइन में खड़े हो गए ! जिन्हें नहीं आती थी वो भी पैसों के लिए ए टी एम के सामने एक्टिंग करने लगे और भीड़ में एक दुसरे के भाषण की खूबियों से पेट भरने लगे ! लोगों ने उम्रदराज़ लोगों को बैंकों के आगे झुकते देखा ! सबको मनोवैज्ञानिक आज़ादी मिल गयी थी ! एक युवती ने ख़ुशी में अपना टॉप उतार दिया ! वामपंथी और समाजवादी, पुंजीपतियों की मदद के लिये सडकों पर आ गये ! ज़माना सच में बदलने लगा ! जिस तरह की हताश युवाओं ने शिक्षा पायी, आनन फानन में सबको रोज़गार मिल गया !  इसी दिन के लिए पाल पोस के नयी पीढ़ियों को बड़ा किया गया था ताकि ऐसे युद्ध में वो पुरानी पीढ़ी को डिस्पोज़बल कप्स में पानी पिलाये ! जोकर्स ने युवाओं की हताशा को ऊलजुलूल के लिंक से विद्रोह में बदलना चाहा पर खुद हताश हो गए !

नोट बदल गया था लोग बदल गए थे ! पैसा निकालने की सीमा समाप्त हो गयी ! एटीएम से अब एक दिन में कोई कुछ भी निकाल सकता था ! सुबह की चाय से लेकर लेटने की चटाई तक ! दूध , ब्रेड, अंडा और सब्जी तरकारी के साथ गुप्त रूप से ए टी एम की मशीन में जरुरत का सब सामान मिलने लगा ! जिनके पास गुप्त पासवर्ड था वे लोग दूध जमा कर के ए टी एम की मशीन से दही निकालने लगे ! कहीं कहीं किसी मशीन से घी भी निकला और फिर मशीन बंद हो गयी !

टेलीविज़न पर बैठे कबाड़ी बीस रुपये किलो के भाव से हज़ार और पांच सौ को तौलने निकल पड़े ! दवाई की कम्पनियों और डॉक्टरों की फ़ौज ने सबको बिमार, बहुत बिमार बना दिया था ! शहरों में लोगों को सबसे पहले हॉस्पिटल की याद आयी ! गाँव में बैंक के समीप खुले आकाश के नीचे ज़ेरॉक्स मशीन लग गए ! सबका धंधा चल पड़ा ! नोट-एक्सचेन्ज फ़ॉर्म एक नया सर्कस था !

दुनिया जानती है भारत सर्कस के कैश शो में दर्शक की भीड़ पैसे वाली पार्टी है ! इस भीड़ के पास पैसे की अपनी परंपरा है, पैसे की विरासत है, और पैसे का गौरव है ! इसीलिए ये शो चल रहा था ! भीड़ प्राय: बुद्धि विरोधी होते हैं और भीड़ सिर्फ बेहतर जीवन शैली के लिए जीती है ! भीड़ का समाज एक झटके में नए खेल के लिए तैयार हो गया ! व्यापारियों ने अपने दिमाग में जुगाड़ का गणित झटपट लगा लिया ! कर्मचारियों की सैलरी कैश हो गयी ! उनके दिमाग में उनका कर्मचारी नोट बदलवाने के लिए लाइन में खड़ा हो चूका था ! पांच सौ हज़ार को पूरी पिक्चर समझ में आ गयी ! सरकस में उनकी शो की तम्बू का बम्बू उठ चूका था ! बचत का मतलब सिर्फ महिलायें जानती थी ! महिलाओं का जो गुप्त धन नंगा हुआ उस पर जोकर हंसने लगे ! कोई कह रहा था पांच सौ की इस नोट से ये लड़ाई पांच सौ वर्षों से चल रही थी, आज जीत मिली है ! कोई एक हाथ में सौ सौ के नोट का पंखा बना कर दुसरे हाथ से सेल्फी ले रहा था ! सौ का नोट सबसे ज्यादा बिजी हो गया ! अपने से सभी छोटे नोटोँ का वो फिर से लीडर बन बैठा ! सौ के नीलेपन में थोड़ा मोर पँख और घुल गया , सौ आसमान का राजा नील कंठ हो गया !

शो खत्म होते होते ये ऑफिसियल हो गया था कि देश की अस्सी प्रतिशत आबादी को कैश का ये शो अब सर्कस में नहीं चाहिए इसलिए इस खेल को अब खत्म कर देना चाहिए ! असली नकली के अपने हर रूप में अब तक सबके जीवन में काम आने वाला और हर लिंग की मर्दानी ताक़त हज़ार पांच सौ, बड़े बे आबरू हो कर मंच पर से उतरे ! कोई कह रह था ऐसा पहले भी हुआ है ! कोई कह रह था ऐसा ही कुछ उसने कभी सपने में देखा था !

अपने अपने कैमरे के सामने सब सौ – सौ के नोट लेते देते ह्यूमन लगने लगे !  हज़ार पांच सौ स्कूल, अस्पताल, रोड और रेल लाइन से भी विदा हो गए ! सरकार के साथ साथ  पुलिस, पंचायत, बाजार, फ़ौज, सबका कल्याण हुआ ! एक, दो, पांच, दस के सिक्कों की टोपी पहने जोकर सफ़ेद – ग्रे – काला झंडा लिए ‘भूखे हैं, हम भी भूखे हैं’ कह कर छाती पीटने लगे, यह सब देख कर लास्ट शो में दर्शकों का हँसते हँसते बुरा हाल था ! खुल्ले के फेर में इस दूकान से उस दूकान भीड़ चक्कर नहीं लगाना चाहती ! इसीलिए नए सरकस में इन जोकरों की उपस्थिति ज्यादा फनी हो गया था ! जोकर की नौकरी नए सर्कस में पक्की हो गयी !

इस बीच किसी जोकर ने पांच सौ हज़ार की पीठ पर सरकस की शो का अमर वाक्य लिख दिया था ! मंच पर से उतरने के लिए जैसे ही वे दोनों मुड़े सबने उनकी पीठ पर ‘द – एन्ड’ पढ़ लिया ! जाते जाते उनपर कोई जूते फेंकने लगा तो किसी ने स्याही लहरा दी ! किसी जोकर ने उसी वक़्त लाइट्स आउट कर दिया ! पांच सौ हज़ार अँधेरे में हमेशा के लिए डूब गए ! कैश खत्म, शो ख़तम ! ये उनका लास्ट शो था ! हज़ार पाँच सौ जाते जाते मंच के अँधेरे में काले धन से मिल गए और अँधेरे में अफरा तफरी मचाने की कोशिश की ! इसी अफरा तफरी के हिसाब-किताब की मज़बूरी में सर्कस लास्ट शो के बाद दो दिन तक बंद रहा !

 

लल्लन टॉप में प्रकाशित 

मैं बैन का समर्थक नहीं

 

मैं बैन का समर्थक नहीं

मैं बैन का समर्थक नहीं

 

एक /

हम अभी लाइव टेलीकास्ट के लिए तैयार नहीं …

हमें क्रिकेट लाइव दिखाना आता है, देश नहीं
उपवास नहीं
उत्सव, त्यौहार नहीं
बलिदान नहीं, अधिकार नहीं

हमें फैशन शो दिखाना आता है
संस्कार नहीं
हमला नहीं , वार नहीं
हम अभी लाइव टेलीकास्ट के लिए तैयार नहीं !

हमें भाषण दिखाना आता है
खेल नहीं. पुरस्कार नहीं
समाचार नहीं
हम अभी लाइव टेलीकास्ट के लिए तैयार नहीं !

हमें मेंडेट दिखाना आता है
कैंडिडेट नहीं
हमें चमत्कार दिखाना आता है
पत्रकार नहीं
हम अभी लाइव टेलीकास्ट के लिए तैयार नहीं !

हम बैनर बनने को तैयार है
हम अभी बैन होने को तैयार नहीं …

 

दो /

बैन का पहाड़ा

बैन एकम बैन
बैन दूनी सर्कस
बैन तिये स्टेटस
बैन चौके बकवास
बैन पंजे काला
बैन छके हास्य
बैन सत्ते नैन
बैन अठ्ठे रुपया
बैन नामे एन डी टी वी
बैन दसे बांस

डिजिटल कचरा

 

digital-data

डिजिटल डाटा

 

डिजिटल कचरे में शब्द कम होते हैं, चित्र ज्यादा

 

एक /

कुत्ता जल रहा है ! लड़की मर रही है ! भाषण चल रहा है ! ब्रीफकेश, अटैची, हैंडबैग सब नोटों से भरा है ! अपनी अपनी तस्वीरों में लोग द्वारका, आगरा, और कशमीर से लेकर कन्या कुमारी तक खड़े हैं ! मसूर और मूँग की दाल, आलू और टमाटर के साथ फोटो खिंचा रहे हैं ! सब एक दुसरे को श्रद्धांजलि और जन्मदिन मुबारक एक ही फोटो पर दे रहे हैं ! फोटो में कोई उज्जैन जा रहा है तो कोई साकीनाका ! बाढ़ के दौरा में मंत्रीजी के हेलीकॉप्टर से पीड़ित कम दिख रहे थे और फोटोशॉप ज़्यादा ! फोटो शॉप की मदद से किसी ने सबकी थाली गायब कर दी है , अस्पतालों में पागलों की तरह लोग फर्श पर खाते दिख रहे हैं ! पेट पर लात और पीठ पर लाश, गाय और गुजरात, हर तरफ है फोटोशॉप का पलटवार ! डिजिटल रायता फ़ैल चूका है !

दो /

कोई फर्श पर खा रहा है तो कोई गाय की पीठ पर, कोई पाकिस्तान के नक़्शे पर खा रहा है तो कोई अपनी ही कार्टून पर ! कोई लाल पानी पर खा रहा है तो कोई आदिवासी के कंधे पर ! बहुत लोग अपने मन की बात पर खा रहे हैं, कविता कहानी जिस पर भी आपका मन हो आप खा सकते हैं ! किसी दिन हम लाल किला पर खा लेते हैं और किसी दिन पथ्थर फेंकते कश्मीर पर ! कोई अपने कहे की फोटो पर ही खा रहा है, कोई सबकी सुन कर खा रहा है ! जो भूखे हैं उनके फोटो पर भी कोई खा रहा है ! जितने देशवासी उतनी थाली और जितनी थाली उतने छेद ! फोटो शॉप से थाली को मिटाया जा रहा है, सबके लिए खाना है पर सबकी थाली गायब …

* कंडीशंस अप्लाई / इस पोस्ट पर आप चाहें तो खा सकते हैं, पर भूख नहीं मिटेगी, पेट नहीं भरेगा

 

Pic Credit : Google

सावधान !

” युद्ध शुरू हो चुका है ” / ” पाक साफ “/ ” पाकिस्तान पूरी तरह से ख़त्म हो गया ” इत्यादि इत्यादि ! देशवासियों कृपया ऐसे स्टेटस से बचें और घर बैठे बैठे सोशल मीडिया पर एक दुसरे के स्टेटस से युद्ध न करें ! सर्जिकल स्ट्राइक युद्ध नहीं है ! ये एक सैन्य कार्रवाई है जिसके लिए प्रधान मंत्री और सेना बधाई के पात्र हैं ! पर ये युद्ध नहीं है ! अधीर न हों ! युद्ध में सोशल मीडिया सबसे पहले हम सबका साथ छोड़ देगा या ये कहिये हम छूट जायेंगे ! युद्ध हुआ तो बिजली और पानी जैसी बुनियादी चीजों के लिए देशवासी बैचैन हो जायेंगे ! आप का स्टेटस पढ़ने के लिए सोशल साइट पर कोई नहीं होगा जब युद्ध की स्थिति में एयर स्ट्राइक से देश को जूझना होगा ! युद्ध से हम डरते नहीं हैं ! धैर्य रखें, जरुरत हुई तो युद्ध भी होगा और सबको सेना की मदद भी करनी होगी जिसकी कोई जानकारी हम सबको नहीं है ! जैसा आप सोचते हैं युद्ध वैसा नहीं होगा ! युद्ध टेलीविजन पर नहीं होगा ! युद्ध सबकी आँखों के सामने होगा और तबाही चारों ओर होगी ! जलने और मरने से चारों तरफ हाहाकार होगा ! सिस्टम और इंफ़्रास्ट्रक्चर चरमरा जायेगा ! आप सावधान नहीं हुए तो अफ़वाह के शिकार होंगे और हर हाल में देश का नुकसान होगा ! सावधान ! युद्ध टेस्ट मैच नहीं है ! युद्ध से तबाही की कल्पना आप सब खुद कीजिये और प्लीज इसकी कामना आने वाली पीढ़ी और बच्चों के हित में मत कीजिये ! सेना को अपना काम करने दीजिये और चलिए हम सब अपना काम करें ! जय हिन्द !