लाल बत्ती नहीं अब ‘एल’ बोर्ड का कोहिनूर लगेगा

जहाँ भूमि के नियमों का पालन नहीं होता वहाँ ट्रैफिक के नियमों का क्या होगा ?

भारतीय सड़क मतलब स्ट्रीट फूड, शॉपिंग और पार्किंग का जागृत अड्डा ! भारतीय सड़कें अर्थात व्यावसायिक स्थान ! हमारे देश में अच्छी सड़क बाज़ार के लिए अच्छा कमर्शियल लोकेशन है ! बचपन के हैप्पी बर्थडे पार्टी से लेकर सारे त्योहार, जवानी का हुड़दंग और शादी ! आंदोलन, जुलुस, भाषण के पंडाल, से लेकर अंतिम यात्रा और उसके भोज तक का सफ़र सब सड़क पर ! माता की चौकी और देवताओं का पलंग हम सब सड़क पर लगा लेते हैं ! सड़क पर रोज़ का आना जाना अब योग का एक ऐसा आसन हो गया है जिसे बाबा रामदेव द्वारा बेचा जाना बचा है ! सड़क की इसी बाज़ारू संस्कृति के कीचड़ में खिला कमल है लालबत्ती वाली कार ! सड़क की भीड़ सिर्फ़ लाल बत्ती को रास्ता देने के लिए तैयार है बाकी सबको सड़क पर दंगल लड़ के जीतना होता है फिर जाना होता है ! जिस भूमि पर ट्रैफिक लाइट और डिस्को लाइट में अब भी फर्क करना बचा है वहाँ लाल बत्ती ही एक नियम है जिसका सब पालन करते हैं !

जहाँ पैदल चलने वालों के लिए कोई फुटपाथ नहीं वहाँ भारतीय सड़कों की कुछ विशेषताएँ हैं ! भारतीय सड़कों पर हम भारतीय ड्राइविंग कम कुश्ती ज्यादा करते हैं ! हमारे यातायात व्यवहार में गाली और हॉर्न देना शामिल है ! गाडी चलाते हुए भड़कना – फड़कना पड़ता है ! भारतीय सड़कों पर अक्सर आपको अपना रास्ता निकालने के लिए मौखिक रूप से सामने वाले को धमकाना पड़ता है ! मारपीट के लिए तैयार रहना पड़ता है इसीलिए लाल बत्ती का लगाना जरुरी होता है ! लाल बत्ती मतलब भारतीय सड़क पर अश्वमेध का घोड़ा जिसे आप पकड़ नहीं सकते, रोक नहीं सकते, किसी कीमत पर बाँध नहीं सकते ! लाल बत्ती के आते ही सब समर्पण कर देते हैं ! मानवतावादी, बुद्धिवादी, एक्टिविस्ट, चिंतक, लेखक, कवि, गाड़ी चलाते हुए सभी ऐसा ही करते हैं ! ड्राइविंग करते समय भारतीय अगर रियर – व्यू मिरर का उपयोग करने लगें तो उनको अपनी विनम्रता उसमे जरूर दिख जाएगी !

लाल बत्ती के कल्चर की तरह लाल बत्ती के नियम बहुत अलग हैं ! लाल बत्ती पर कोई कानून लागू नहीं हैं ! कोई लेन प्रणाली की बंदिश नहीं, कोई यातायात नियंत्रण नहीं, कोई अंडरपास या ओवरहेड क्रॉसिंग कुछ भी नहीं ! सभी गाड़ियों से आप चिपक सकते हैं पर लाल बत्ती से चिपक सकें इतना फेविकोल किसी की छाती में नहीं ! लाल बत्ती देख कर हॉर्न भी खामोश हो जाता है !

एक मई से लाल बत्ती का इस्तेमाल बंद करने के फैसले के बाद भारतीयों को लाल बत्ती निकाल के अपनी – अपनी गाडी में ‘एल’ बोर्ड लगा लेना चाहिए ! ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना, सीट बेल्ट पहनना, काले काँच की खिड़कियां न लगाना, ड्राइविंग करते समय फोन पर बात न करना और अन्य सभी बुनियादी नियमों का पालन करना लाल बत्ती की तरह ही ‘एल’ बोर्ड पर लागु नहीं होता ! ‘एल’ बोर्ड का पावर लाल बत्ती से कम नहीं ! ‘एल’ बोर्ड ड्राइवर की क्षमता का प्रतीक है यह दर्शाता है कि कार चलाने वाला व्यक्ति एक लर्नर है और अन्य ड्राइवरों को लाल बत्ती की गाडी की तरह उसका ध्यान रखना चाहिए ! इसका मतलब है चालक सीखने के चरण में है और लाल बत्ती की तरह सड़क पर उसका सात खून माफ़ है !

जब गाडी का ब्रेक खराब होता है तो मैं हॉर्न तेज़ करवा लेता हूँ ! हर भारतीय खास है, हर भारतीय वीआईपी है ! हम सड़क के मालिक हैं ! गाड़ियों में लाल बत्ती नहीं अब ‘एल’ बोर्ड का कोहिनूर लगेगा !