वैलेंटाइन जो देखन मै चला

श्री गणेश जी से मोदक ले कर, माँ सरस्वती से वीणा लेकर, शंकर भगवान से चाँद ले कर, कृष्ण भगवान से बाँसुरी ले कर, श्री राम जी से धनुष ले कर, यीशु मसीह के चेहरे से करुणा ले कर और युद्ध के यूनानी देवताओं की कठोरता के साथ बासंती पीले और जूनून के सूर्ख लाल रंग के वस्त्र में, सफ़ेद बाल दाढ़ी लगाकर सांता क्लॉज़ की तरह चौदह फ़रवरी को मैं संत वैलेंटाइन बन के तैयार हो गया और जय मातादी बोल कर प्रेमियों से मिलने निकल पड़ा !

संत वैलेंटाइन का मेरा ये रूप सबसे पहले कुत्तों ने देखा और भौंकने लगे ! पता नहीं मेरे वैलेंटाइन भेष में ऐसा क्या मिश्रण हो गया था जो कुत्तों को आकर्षित कर रहा था ! श्वान – दल ने मेरे जश्न में जुड़ने का मौका नहीं गवाँया और आगे पीछे साथ चलने लगे ! लोकल कुत्तों ने दल बना के मुझे घेर लिया था और भौंक भौंक के मुझसे मेरा परिचय पूछने लगे ! व्यक्ति को जीवन व्यतीत करने के लिए क्या पहनना है और कैसे जश्न मनाना है इन बातों से आधुनिक कुत्तों का क्या लेना देना ? यह सोच कर सोसाइटी के डस्टबिन के पास रुक कर मैंने उनसे बात करने की भी कोशिश की ! मैंने उन्हें बहुत पुचकारा पर वो मानने सुनने को तैयार नहीं थे ! मैंने बाँसुरी भी बजाई पर वो चुप नहीं हो रहे थे ! भौं – भौं का जवाब भौं – भौं से देना मैंने ठीक नहीं समझा और चुपचाप चलता रहा और गुनगुनाता रहा ‘संत वैलेंटाइन चले बाज़ार कुत्ते भौंके हज़ार … ‘

श्वान – दल के शोर का फायदा हुआ ! शोर सुन कर आस पास खेल रहे बच्चों के बाल हनुमान दल ने मुझे देख लिया ! संत वैलेंटाइन का मेरा ये रूप देख कर बच्चे ताली बजाने लगे और खुश हो गए ! मेरे साथ बच्चों को खुश देख कर पास में खड़ा हवा मिठाई बनाने वाला मेरे साथ चल पड़ा ! बच्चों के संग मुझे और हवा मिठाई वाले को साथ देख कर खिलौने वाला भी साथ में आ गया और कुत्तों को भगाने में मेरी मदद करने लगा ! खिलौने वाले के साथ एक बहुरूपिया भी था जो चुनाव के माहौल से प्रेरित हो कर सभी दलों के झंडे और टोपी पहन कर सर्वदलिय नेता का भेष बना कर घूम रहा था और अपनी पार्टी के प्रचार का स्वांग कर के मोहल्ले में सबका मनोरंजन कर रहा था ! सब मेरे साथ चल दिए ! संत वेलेंटाइन बना मैं अब एक छोटे मोटे मेले से घिर गया था ! भीड़ से घिरते हुए अपनी हालत देख कर मुझे लगा संत वैलेंटाइन प्रेम के नहीं विज्ञापन के अच्छे ब्राण्ड एम्बेसडर हो सकते हैं !

शोर और बच्चों की तालियाँ सुन कर बड़े दुकानदार निकल कर मुझे देखने लगे और मुझसे मेरा डिटेल लेने लगे ! मैंने उन्हें बताया वैलेंटाइन ईसाई चर्च में एक साधु था जो भारत में अब प्रेम का ऑनलाइन देवता हो गया है और मैं वही हूँ ! कई शताब्दी पहले के संत को साक्षात देख कर दुकानदार पहले किसान की तरह डर गया फिर कंज्यूमर की तरह कंफ्यूज हो गया पर मेरे साथ बच्चों का बाजार देख कर खुश हो गया ! मुझे देख कर दुकानदार को विशाल खिलौने की दुकान का आइडिया आ गया था और दुकानदार चाह रहा था मैं सदा के लिए उसके दूकान में रुक जाऊं ! दुकानदार की बात सुन कर मैं डर गया और डर के मारे सांता क्लॉज़ की तरह हँसने लगा ! दूकान में क़ैद होने के डर से नर्वस मैं “हो हो हो’ कह कर उसकी बात का स्वागत किया ! मेरे साथ सब बच्चे भी ‘हो हो हो / हो हो हो’ कर के हंसने लगे ! दुकानदार ने मुझे आँख मार कर कहा ठीक है बाबा आप आगे बढिए मुझे आप का व्यापार रहस्य समझ में आ गया है ! दुकानदारों की चंगुल से निकल कर मैं प्रेमियों से मिलने बढ़ गया !

बहरूपिया, दुकानदार और बच्चों की नज़रों से मुझे ये पता चल गया कि सुंदरता देखने वाले की नजर में है ! अपनी समझ से पौराणिक देवताओं और विशुद्ध रूप से काल्पनिक चरित्र की विशेषताओं के रूप में मेरा वैलेंटाइन भेष धर्मनिरपेक्ष था और पौराणिक आंकड़ों के साथ मिल कर नया समीकरण बना रहा था ! अब तक दुकानदारों की सेल्फियों में सफेद बालों वाली तस्वीर के साथ मैं व्हाट्सएप्प का माल बन चूका था ! अब मुझे सिर्फ़ प्रेमियों की तलाश थी ! मोहल्ले के ग्लोब से निकल कर मैं अब सोसाइटी की गैलेक्सी में आ गया था ! मुझे लगा अब प्रेमी दूर नहीं !

बच्चों ने छोड़ा तो मुझे बूढ़ों ने पकड़ लिया जिनका वेलेंटाइन वीक में वेलेंटाइन वीक था पर कामदेव स्ट्रांग रहा था ! मेरे पिंक स्टॉकिंग्स देख कर वो भी मचलने लगे ! हाथ जोड़ के बूढ़ों ने एक स्वर में कहा ‘प्रभु मेरे ह्रदय के कोलाहल को कम कीजिये !’ ‘इसके लिए ऑनलाइन होना जरुरी है’ ये कहते हुए मैंने सबको प्रेम से मोदक चखाया और आगे बढ़ गया !

साथ साथ एक ही क़ुलफ़ी खाते हुए मुझे प्रेमी का एक जोड़ा दिख ही गया ! प्रेमी के इस युगल जोड़े के प्रेम को देख कर मेरा ह्रदय भर गया ! आलिंगन चुम्बन से दूर मुझे ये शुद्ध प्रेमी लगे ! मेरे अंदर का वैलेंटाइन जाग गया था ! वैलेंटाइन उवाच : समाज में दहेज के अभाव में वेश्यावृत्ति में धकेल दी गई लड़कियाँ क्या जानें चॉकलेट डे, प्रपोज़ डे, और प्रोमिस डे का स्वाद ! जैसे ही मैं गुलाब देने प्रेमी युगल की ओर बढ़ा छुपे हुए एक दल ने मुझ पर पिंक चड्डी कहते हुए हमला बोल दिया ! प्रेमी भी उनसे मिले हुए थे ! वो प्रेमी नहीं मुझ जैसे वैलेंटाइन को फ़साने का जाल थे ! चारो तरफ भगदड़ का माहौल बन गया ! मैंने पीताम्बरी खोल के उनको अपना लाल लंगोट भी दिखाया पर बात बनी नहीं ! मेरा चाँद बिखर गया ! वीणा के तार टूट गए ! मोर पंख बाँसुरी, मोदक धनुष सब चूर चूर हो गए !

शराब की लत और बलात्कार जैसी बीमारियों से लड़ने की जगह भूले बिसरे किसी संत को बाँधने की कोशिश करने वाले कौन है ये लोग ? मैं चीख पड़ा ! वैलेंटाइन की सच्चाई यह है कि वह एक व्यक्ति बिल्कुल नहीं है, वह एक विचार है ! मेरी बातों को सुन कर कार्यकर्ताओं के दल ने ऐसे मुंह बनाया जैसे एस एम एस की जगह कागज़ पर हाथ से लिखी चिठ्ठी देख ली हो ! ‘बाबरी वाले समाज में नहीं बराबरी वाले समाज में ही प्रेम पल सकता है ! आप मुझे फादर वैलेंटाइन भी कह सकते हैं ! आप अगर वैलेंटाइन के सहस्त्र नाम ले कर भी पुकारें तो वैलेंटाइन बन के मुझे और आप को ही समाज में आना पड़ेगा !’ मैं लगातार बड़बड़ा रहा था !

मुझ पर काबू पाने के लिए फोन कर के किसी ने निःशुल्क कीटनाशक ब्रिगेड को बुलवा लिया था और वो मेरा निरीक्षण कर के मुझे धुएँ से बेहोश करने की तरक़ीब निकाल रहे थे ! आदमी होने के सबूत के लिए मैंने उन्हें ‘हैप्पी वैलेंटाइन डे’ भी कहा पर तब तक देर हो चुकी थी, मैं उनका शिकार हो चूका था ! कीटनाशक ब्रिगेड के किसी ज़हरीली गैस ने मुझे बेहोश कर दिया ! बाद में पता चला था कि मुझे बचाने के लिए प्रेमियों ने एम्बुलेंस बुलाया पर अफ़सोस जवाब में स्कूल बस आया ! संत वैलेंटाइन की कृपा से मुझे कुछ हुआ नहीं था ! इस दुनिया में आज सब चीजों की तरह प्यार का उत्सव भी नष्ट हो सकता है, इस बात को समझने के लिए संत वैलेंटाइन के साथ किया गया यह बाजारू व्यवहार सबसे अच्छा उदहारण है !

वैलेंटाइन डे धीरे धीरे नाईट की तरफ बढ़ रहा था ! सब जानते हैं वैलेंटाइन – डे का प्यार नाइट में किसी काम का नही होता ! शाम हो रही थी ! लड़की, लड़का, गुलाब, चॉकलेट, टेडी बियर, सब घर लौट रहे थे ! सबके प्यार का एक दिवसीय बुखार उतर चूका था ! संत वैलेंटाइन अपना एक दिन का मेला ख़त्म कर के साल भर के लिए इटली लौट गए थे ! हवा मिठाई वाले की सब हवा निकल गयी थी ! खिलौने वाला अब सिर्फ टैक्स भरने वाला भर रह गया था ! फसल – दराती, हाथ, साइकिल, लालटेन और हाथी के झंडे के साथ सड़क पर चलता हुआ बहुरूपिया अब साधारण नागरिक दिख रहा था ! सब जानते हैं प्रेम नगरों में संत वैलेंटाइन दिवस के दिन स्त्री पुरुष के दो लिंगों के साथ पुलिसिंग तीसरा लिंग होता है !

प्रेमियों और बच्चों ने मिल कर मुझे मेरे घर पहुँचाया ! घर पहुँच कर होश आने के बाद हारमोनियम पर मैंने ये निर्गुण गाया ! ” सुनो कामदेव कहे साधु वैलेंटाइन, टैं – टैं – टैं , वैलेंटाइन जो देखन मै चला वैलेंटाइन ना मिल्या कोय, जो दिल खोजा आपनो मुझसा वैलेंटाइन न कोय “