भजन का वजन

मेरा ह्रदय ये जानता है कि भजन के वजन की कमी का कारण पैट्रोल के बढे हुए दाम हैं, पर अपनी भौतिक जरूरतों के इन्द्रियों से हार गए भजन के वजन की चर्चा किस मुँह से अपने भजन मंडली में करूँ, ये सोच कर नर्क भोग रहा हूँ ! अपनी इनकम डबल करने के लिए मैं भजन गाता हूँ, मंडली को कहीं ये पता चल गया तो मेरी भक्ति पर सब हसेंगे !

खाली और खुले हाथों से अपने भजन का वजन एक हफ्ते से बढ़ाने में लगा हूँ ! भजन का वजन कम होते ही भजन की लम्बाई भी कम हो गयी है ! कम वजन के मेरे भजन कम दूरी के हो कर ईश्वर तक पहुँच नहीं पा रहे हैं !

नागरिक की हैसियत से उदार नीतियों का वामपंथी भजन, राइटिस्ट का रूढ़िवादी भजन, समझौता वाला सरकारी भजन, एक एक कर के मैंने सब भजन गा कर देख लिया है ! महँगाई पर किसी भजन का असर नहीं हो रहा है ! मेरे कंज्यूमर पडोसी और मोहल्ले के इनवेस्टर्स रात में अच्छे दिन का भजन गा ही कर रहे थे कि सुबह महँगाई बेकाबू हो गई !

देश में गाँव के गरीब और गरीबी रेखा के नीचे भजन करने वाले लोगों के वजन को घटता देख कर अपना वजन बढ़ाने लिए मैंने भजन के साथ उपवास भी शुरू कर दिया है ! दिन भर के पेट का उपवास तो किसी तरह काट लेता हूँ पर रात भर मन में सौतन महँगाई से सहवास का क्या करूँ ये समझ नहीं पा रहा हूँ ? महँगाई मुझे और मेरी भजन साधना को भ्रष्ट कर रही है !

दिन की शुरुआत मैं हल्के-फुल्के भजन से करता हूँ , क्योंकि इससे भजन की भूख बढ़ती है ! सुबह उठते ही कम से कम दो भजन जरूर गाता हूँ ! आज सुबह जैसे ही मैंने भजन गाना शुरू किया, पत्नी मुझे पलट के घूरने लगी मानो मुझसे पूछ रही हो मेरी प्रशंसा में गाये जाने वाले गीत का वजन कम क्यों हुआ ? भजन में वजन की कमी अब पत्नी से भी छुपी नहीं है ! पत्नी बगल में सोयी रहती है इसीलिए मैंने भजन को गुनगुनाना उचित समझा !

आवेग में आकर कोई भी भजन गाने का फैसला ठीक नहीं होता ! उच्चस्तरीय भजन के लिए शरीर को शिथिल और मन को उदासीन करना पड़ता है ! भजन का वजन बढ़ाने के लिए मुझे कुछ घरेलु उपाय अपनाना पड़ा है जिसे आप भी अपना सकते हैं !

घर में देखिए कि बाजार जा कर किन चीजों की खरीदारी करनी है और उन सामानों की लिस्ट बनाइए, जो आपको खरीदने हैं और उनके भजन शुरू कर दीजिये ! लिस्ट बनाने के बाद भजन करने में आसानी होती है ! घर से निकलते ही भजन शुरू कर दीजिये ! ऐसा नहीं करने से खाने पर आपका खर्च आने वाले महीनों में बढ़ने वाला है !

जून में कम बारिश के चलते पहले ही सब्जियों के दाम बढ़ने लगे हैं ! इसके साथ मॉनसून के फेल होने का असर भी महंगाई पर पड़ सकता है ! नागरिकों को मज़बूत मानसून भजन की भी जरुरत है जिसे गा कर मानसून को खुश किया जा सके !

जबसे रेलवे ने किराये में बढ़ोतरी की है, उसका असर मुझ जैसे कंज्यूमर यात्रियों पर हुआ है ! जब भी माल भाड़े में बढ़ोतरी होती है, बाज़ार में सभी प्रॉडक्ट्स और कमोडिटी पर असर पड़ता है, ऐसे हालात में मुझे ईश्वर भजन का नहीं अच्छे और नए रेलवे भजन की जरुरत है जिसे सुनकर रेलवे फ़ौरन अपने भाड़े में कमी कर सके !

इराक संकट भी सामने है, जिससे इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम बढ़ रहे हैं ! हमें इराक भजन की भी जरुरत है ! शुगर इंपोर्ट पर पाबंदी से डोमेस्टिक मार्केट में इसकी कीमत भी बढ़ रही है ! अब हमें अच्छे और ज्यादा मीठे शुगर भजन की जरुरत है !

पत्नी को खुश करने के लिए पत्नी भजन अब आउट डेटेड है, पत्नी को ‘प्रेमिका भजन’ की जरुरत है ! पत्नी को प्रेमिका मानने में ही क़ानूनी भलाई है ! पत्नी के हक़ में मेरे हर भजन का सीधा प्रसारण हो ताकि पत्नी को पता चले कि मैं किसका भजन गा रहा हूँ ! मेरे भजन को राम चंद्र जी के आधार से लिंक कर दिया जाए ताकि भौतिक भजन से भी उनसे भक्ति बनी रहे !

हर प्रोडक्ट अपने ब्रांड का भजन गा रहा है ! सदियों से गाये जाने वाले भजनों का असर ईश्वर पर नहीं हुआ लेकिन बाजार में कंज्यूमर पर बाजारू भजन का असर हो रहा है ! धीरे धीरे मुझ पर भी भजन का असर होने लगा है ! जिस तरह जीवन में स्वस्थ रहने के लिए सही डाइट का पता होना जरूरी है, उसी तरह भक्ति में हर भक्त को अपने भजन के सही वजन का पता होना भी जरुरी है ! भजन का वजन तर्क पर नहीं, श्रद्धा एवं विश्वास पर अवलंबित है !

महँगाई की मार से मेरे भजन का वजन इतना कम हो चूका है कि मैं भजन कर के बाजार में जब कुछ खरीदने जाता हूँ तो उस वस्तु का मूल्य पहले से अधिक हो चुका होता है ! पिछले एक हफ्ते से मेरे भजन का वजन लगातार घट रहा है ! मेरे भजन की शक्ति इतनी क्षीण हो गयी है कि ‘पत्नी भजन’ का असर पत्नी पर ही नहीं हो पा रहा है !

पाय लागी फ़ुटबॉल

पाय लागी फ़ुटबॉल

मैं फ़ुटबॉल से थोड़ा अपसेट हूँ ! फुटबॉल को जिस काम को करने के लिए रोका जाए वो जानबूझकर उस काम को करता है ! फ़ुटबॉल बार – बार इलेक्ट्रिक प्लग की तरफ जाता है ! फुटबॉल को लगता है प्रॉब्लम मुझमे है और मैं फूटबाल की कोई बात नहीं मानता ! फुटबॉल की इन हरकतों से गुस्सा आने पर मैं फूटबाल की पिटाई कर देता हूँ और उसे बाथरूम में बंद कर देता हूँ !

मैं सुबह ब्रश करने से लेकर नाश्ता करने और स्कूल जाने तक हर काम मोबाइल पर फ़ुटबॉल देखते हुए ही करता हूँ ! मेरे माता – पिता मल्टी नेशनल कंपनी में काम करते हैं ! वे अक्सर घर पर दफ़्तर का काम करते हुए अपना मोबाइल मुझे पकड़ा दिया करते हैं ताकि मैं उनके काम में बाधा न बनूँ ! फ़ुटबॉल मोबाइल से निकल कर मेरे दिमाग में टप्पे खाने लगता है !

मैं जहाँ भी जाता हूँ फ़ुटबॉल लुढ़कता हुआ मुझ तक पहुँच जाता है ! जहाँ वो नहीं लुढ़क पाता वहां वो किसी अजनबी से किक की मदद ले लेता है ! ऐसा वो कैसे करता है मुझे नहीं पता ! पर वो लुढ़कता हुआ हमेशा मेरे आस पास ही रहता है !

मोबाइल पर कल रात मैं करीब बारह घंटे तक लगातार फुटबॉल खेलता रहा, या शायद इससे भी ज्यादा देर तक मुझे ठीक से याद नहीं है ! मुझे बस इतना याद है कि शाम को चार बजे से मैंने वीडियो गेम खेलना शुरू किया था और जब खेलना खत्म किया था उस वक्त सुबह के करीब साढ़े पाँच बजे थे !

मेरी आंख सुबह देर से खुली ! स्कूल जाने की जल्दबाज़ी में हर काम मैं हड़बड़ी में कर रहा था ! कभी दूध का मग टेबल से गिर रहा था तो कभी जूते के खुले फीते उलझने के कारण मैं गिरते – गिरते बच रहा था ! मुझे स्कूल पहुंचना था और मैं लेट हो रहा था ! फुटबॉल यह सब देख कर हंस रहा था !

अपने ऊपर फुटबॉल को हँसता देख कर मुझे गुस्सा आ गया ! फ़ुटबॉल जानता है हमारी भावनाओं का हमारे शरीर से सीधा कनेक्शन होता है ! वो ये अच्छी तरह जानता है कि हम जो महसूस करते हैं उसका असर हमारे पूरे शरीर पर पड़ता है !

मैंने अपनी पिता की तरह फुटबॉल को कड़ी नज़रों से देखा !
‘ फुटबॉल के एडवाइस की कोई वैल्यू नहीं है ‘ ये कहता हुआ फूटबाल मेरी तरह पलंग के नीचे लुढ़क गया !
‘ तुम मुझसे सजेशन और एडवाइस देना बंद करो ” मैं अपनी माँ की तरह चीखा !
‘ तुम बैक आंसरिंग बहुत करते हो ‘ फूटबाल ने पलंग के नीचे से आवाज़ दी !
सिचुएशन को देखते हुए मैं स्कूल बस की तरफ भागा ! मेरे दिमाग में मेरे पीछे मेरा फूटबाल लुढ़क रहा था !

मेरे पेट के कीड़ों ने मुझे बताया फ़ुटबॉल फुल – टाइम मेरा पर्सनल असिस्टेंट बनना चाहता है ! इस बात से मैं डर गया और फैमिली व्हाट्सऐप ग्रुप में सबकुछ मैंने माता पिता से बता दिया !

फ़ुटबॉल में गोलकीपर ही एक मात्र ऐसा खिलाड़ी होता है जिसे गेंद को रोकने के लिए अपना हाथ इस्तेमाल करने की अनुमति होती है, लेकिन वह अपने गोल के सामने पेनल्टी एरिया तक ही ऐसा कर सकता है ! फुटबॉल के इस नियम के आधार पर बिस्तर के पेनेल्टी एरिया में पिताजी घर के गोलकीपर हैं और एक शाम को अपने मोबाइल से फुटबॉल गेम के ऍप को अपने हाथों से उठा कर उन्होंने डीलीट कर दिया !

फुटबॉल को पता था कि मैं पहले से ही ओवरवेट बच्चा था और पूरे समय घंटों बैठ कर वीडियो गेम्स खेलने से मेरा वजन और बढ़ गया था ! मैं ऐसा टीनएजर बन रहा था, जिसके मेडिकल जांच में प्री-डायबिटिक लक्षण पाए गए थे ! इसका मतलब था कि मैं अठारह साल का होने से पहले ही डायबिटिक बनने के कगार पर था ! मेरी समस्याओं की जड़ में वीडियो गेम के इस्तेमाल को दोषी माना गया !

पहले कम्‍प्‍यूटर पर, फि‍र लैपटॉप और अब स्‍मार्ट फोन पर मुझे वीडियो गेम खेलते हुए लगातार कई वर्ष बीत चुके हैं ! मुझे पता भी नहीं चलता और मेरी उँगलियाँ गेम को डाउनलोड कर लेती हैं !

मेरी पहली भावना ‘मैं खुश हूँ’ फुटबॉल को छीन कर मेरी दूसरी भावना ‘मैं व्यस्त हूँ’ के पास भेज देती है ! उसी समय तीसरी भावना ‘मैं चिंतित हूँ’ चौथी भावना ‘मैं नाराज़ हूँ’ से फूटबाल छीन कर मेरी पाँचवी भावना ‘मुझे आश्चर्य हो रहा है’ की तरफ उछाल देती है ! चाहे मैं कहीं भी रहूँ फुटबॉल मेरे दिमाग में हर दिन नब्बे मिनट तक गेमिंग करता है ! मेरी भावनाओं के बाइस खिलाड़ी दिन रात मेरे दिमाग के दोनों हिस्सों में फूटबाल खेलते रहते हैं !

मेरे दिमाग के सेंटर सर्कल में ‘मैं शर्मिंन्दा हूँ’ है ! दूसरी गतिविधियों में शामिल होने के दौरान भी मैं ऑनलाइन गेम के बारे में ही सोचता रहता हूँ ! बेचैनी जैसी असल जीवन की समस्याओं से भागने के लिए मैं वर्चुअल फुटबॉल गेम का सहारा लेता हूँ ! मेरी भावनाएँ कच्चे खिलाड़ी नहीं हैं ! मेरी भावनाएँ एक ही मैच में बेहतरीन फ़ुटबॉल टैलेंट और बेकार एक्टिंग का नमूना एकसाथ पेश कर सकती हैं !

मेरी एक भावना जब कभी सामने वाली भावना से भिड़ती है तो वो ऐसी चोट लगने का ‘नाटक’ करते हैं जैसे कोई बहुत बड़ा हादसा हो गया हो ! मेरे दिमाग में खेल चलता रहता है !

पहले पैंतालीसवें मिनट में ‘मैं ठीक हूँ’ ‘मैं एडिक्ट नहीं हूँ’ ‘फिर मिलेंगे’ सभी भावनाएँ वहां आ गई और गर्मा – गर्मी बढ़ने का ख़तरा पैदा हो गया है ! भावनाओं की भीड़ की वजह से खेल को रोकना पड़ा है ! मैच के पहले हॉफ़ में मेरी भावनाओं की दोनों ही टीमों में से कोई गोल नहीं कर सकीं !

फर्स्ट हॉफ के अंत में मेरी पहली भावना ‘मैं खुश हूँ’ के चेहरे पर कनफ्यूजन साफ – साफ पसरा हुआ है ! वर्चुअल फुटबॉल के ऑनलाइन वीडियो गेम खेलने की आदत ने रियल फुटबॉल को आलसी बना दिया है ! मेरा रिजल्ट आ गया है ! मैं, अपने दिमाग में दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल स्टार आज अपनी क्लास में फेल हो गया हूँ !

दूसरे हाफ में भी मेरी भावनाएँ खेल रही हैं ! मेरी भावनाओं की हताशा बढ़ रही है ! गेम खेलने का टाइम लगातार बढ़ता जा रहा है ! मेरी विपरीत भावना ‘मैं शांत हूँ’ और ‘मैं दुःखी हूँ’ भी फुटबॉल खेलने लगे हैं ! मैं खेल में खोया रहता हूँ और किसी सोशल फंक्शन में नहीं जाता ! ऑनलाइन खाना आर्डर कर के अपने आप को कमरे में बंद कर लेता हूँ ! मेरी ये कहानी आप सभी के लिये हैं जिन्होंने भारतीय फुटबॉल से उम्मीदें छोड़ दी हैं ! वीडियो गेम की लत से बच्चों के मुँह लगे फुटबॉल को पाय लागी फ़ुटबॉल कहना जरुरी है ! इस युग में घर की मुर्गी दाल बराबर हो न हो घर के वीडियो गेम माँ – बाप बराबर जरूर हो गए हैं !

गुब्बारे में क्या था ?

गुब्बारे में क्या था ?

‘ गुब्बारे में क्या था ? ‘ पत्नी ने जब पूछा तो मेरी इन्द्रियाँ वातावरण सूंघने लगीं ! पत्नी ने ऐसे पूछा जैसे मैंने कोई बैंक लूट लिया हो और गुब्बारे में भर कर घर ले आया हूँ !
‘ क्या था गुब्बारे में ? ‘ मैंने भी पलट कर पूछ लिया ! किसी रिफ्लेक्स एक्शन की तरह ये रिफ्लेक्स प्रश्न था !
‘ तुम पर जो फूटा है उस गुब्बारे में क्या था ? पत्नी ने सख़्ती से पुछा !
‘ मुझ पर जो फूटा है उस गुब्बारे में क्या था ? मैंने भी आश्चर्य से पुछा !

इस बार होली के गुब्बारे में कहीं किसी पर उम्मीद की किरण फूटी थी तो कहीं किसी की किस्मत ! पता नहीं मेरे गुब्बारे में क्या भरा था ? मैं तेजी से सोचने लगा ! गुब्बारा तो मुझ पर फेंका गया था, पर मेरी पत्नी के तेवर से लगा जो मुझ पर फेंका गया था वो उस पर फूट पड़ा है !

मेरी शादी उसी लड़की से हुई है जिस पर मैंने अपने कुँवारेपन में जीवन का पहला और आखरी गुब्बारा फेंका था ! इस पल जो नाक और भौं चढ़ा कर मेरे सामने खड़ी थी मैंने उस पर इत्र और गुलाब जल भरा गुब्बारा फेंका था ! पच्चीस साल बाद पता नहीं कौन सा गुब्बारा मुझ पर फूटा है ! मेरा सफ़ेद बुशर्ट जो पीछे से लाल हो चूका था मेरे सामने था !

‘ ये लाल दाग़ किसी रंग का तो नहीं लगता है ? ‘ पत्नी ने कहा ! गुब्बारे में क्या था इस पर गहन शोध की ज़रूरत इस होली से पहले शायद न आई हो ! अब मेरी पत्नी हर दाग और उसकी छींटों को और क़रीब से देख रही थी, साथ ही साथ रंग, खुशबू और बदबू सभी का आकलन कर रही थी ! ‘ अनार का रस ? ‘ गाढ़े लाल दाग़ को देखते हुए मैंने पत्नी की तरफ़ देख कर पूछा ! ‘ अनार का रस ? ‘ पत्नी ने ऐसे पूछा जैसे उसने सांप देख लिया हो और मुझे वो दिखाई नहीं दे रहा हो ! लाल रंग देख कर मुझे लगा गुब्बारे में अनार का रस भरा था ! मैंने सोचा क्या पता मुझ पर गुब्बारे फेंकने वाले को पता हो कि मैं बीमार हूँ ! मेरी सेहत की फिक्र में उसने गुब्बारे में अनार का रस भर के मुझ पर फेंका हो ! क्या मेरे गुब्बारे में अनार का रस भरा था ?

‘ ये सफ़ेद दाग क्या है ? ‘ सहसा पत्नी चीखी मानो किसी तरल पदार्थ से भरा गुब्बारा घर में उस पर फट गया हो ! क्रोध अगर तरल पदार्थ के रूप में भरा जा सकता तो मेरी पत्नी गुब्बारे में भरी हुई मिलती !

‘ सफ़ेद दाग ? ‘ मैंने भी सवाल दोहरा दिया ! ‘ हाँ – हाँ सफ़ेद दाग ‘ सुनते नहीं क्या ? कान पर कोई गुब्बारा तो नहीं पड़ा है ? पत्नी चिंतित होते हुए बोली ! मुझे पता नहीं क्या हो गया था ! इस होली में मैं लोगों के व्यवहार से गूंगा बहरा ही हो गया था ! मैं अवाक था ! ‘ लाल को अनार कहा, सफ़ेद को माखन मत कह देना ! ‘ पत्नी बड़बड़ा रही थी ! ‘ तुम पर तो कोई अपना काला – धन भी फेंक देगा तो तुमको पता नहीं चलेगा ! ‘ माखन, काला धन ? ‘ मैं चौंका ! क्या मेरे गुब्बारे में किसी का माखन भरा था ?

कल तक माखन एक दुग्ध – उत्पाद था ! गुब्बारे में आज का माखन एक यूथ – उत्पात है ! ‘ माखन रूपी काले धन ‘ को पानी से मिलाया जाए तो क्या होता है ? सर्च इंजन ने बताया ‘ माखन रूपी काले धन’ को अगर पानी में मिलाया जाए तो ‘काला धन’ गाढ़ा हो कर ‘लिक्विड’ फॉर्म में रह सकता है ! पर कई नागरिकों ने कहा कि ‘ माखन ‘ से ‘ काले धन ‘ को इकट्ठा कर गुब्बारे में भरना मुमकिन नहीं और इसके लिए कई दिन तक ‘ काला धन ‘ जमा करते रहना होगा और गुब्बारा भरने लायक ‘ काला धन ‘ जुटाने में कई महीने के ‘ माखन ‘ लग जाएंगे ! माखन और काला धन के चक्कर में मेरे दिमाग का मंथन हो गया ! मुद्दा और पेचीदा तब हो गया जब ये पता चला कि सरकार की नज़र भी ‘काले धन’ पर है और ‘काले धन’ का भी बैंक होता है !

‘ भोले मत बनो ‘ पत्नी ने झूठ बोले कौआ काटे वाली अदा में कहा ‘ तुम्हे हर रंग का मतलब पता है ! दिन भर ‘ केसरिया केसरिया ‘ ठुमरी गाते हो ! मैं जानती हूँ ‘ हरा रंग ‘ मेरी सौत है ! असली माखन चोर तो तुम ही हो ! कहीं कोई गोपी उलाहना देने न चली आये ‘ तुम्हारे लाल ने मुझ पर माखन फेंका है ! ‘ मैंने देखा मेरी पत्नी पर फाग चढ़ गया है ! माखन – माखन करती गज़ब की सूंदर गोपी लग रही थी ! मेरे अंदर गुब्बारे फूटने लगे जिनमे मैंने पच्चीस साल पहले इत्र और गुलाब जल भरा था ! आज की गोपियाँ माखन का हर स्वाद जानती हैं ! ताजा माखन मधुर, हलका, नेत्रों को हितकारी, रक्त पित्त नाशक, तनिक कसैला और तनिक अम्ल रसयुक्त होता है ! बासी माखन खारा, चटपटा और खट्टा हो जाने से वमन, बवासीर, चर्म रोग, कफ प्रकोप, भारी और मोटापा करने वाला होता है ! गोपियाँ जानती हैं बासी माखन सेवन योग्य नहीं ! गोपियों को कन्हैया को जो भाता है वही ताज़ा माखन पसंद है ! इस वैचारिक मंथन से मेरे शरीर में कम्पन होने लगा !

मुझ पर जो फूटा है उस गुब्बारे में क्या था, ये साबित होना बाक़ी है ! उधर, सड़कों पर गुब्बारे पड़ना जारी है ! लड़के भी फेंक रहे हैं और लड़कियां भी ! मैंने सुना लोग एक – दूसरे से कह रहे हैं ‘ गुब्बारा मारने से पहले बता दो भई तुम्हारे गुब्बारे में क्या भरा है ?

बैंक में चूना

” बैंक में चूना लगाना सबके बस की बात नहीं ! “

भारत सरकार द्वारा जारी किए गए मतदाता आईडी कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस / पैन कार्ड / आधार कार्ड / पासपोर्ट / फोटो आईडी की स्वयं साक्ष्य प्रति / निवास का सबूत – हाल के टेलीफोन बिल / बिजली बिल ( दो महीने से अधिक पुराना नहीं ) / बैंक पासबुक का बैंक के अधिकारियों द्वारा सही रूप में प्रमाणित नवीनतम खाता विवरण / सरकार द्वारा जारी जाति प्रमाणपत्र / नगर पालिका के मोहर के साथ अपनी हाल की तस्वीर की दो प्रतियां ( 6 महीने से अधिक पुरानी नहीं ) / अपने पहचान के सभी सबूत लेकर मैं बैंक के चौकीदार के पास पहुँच गया ! चौकीदार मेरी खाली जेबों की निरक्षण के बाद ये सब पेपर्स देखना चाहता था ! सभी कागज़ों के सूक्ष्म निरिक्षण के बाद उसने उनका एक पुलिंदा बनाकर उसने किसी जन्मकुण्डली की तरह लपेट दिया और पुरस्कार की तरह ससम्मान मुझे भेंट कर दिया ! उन कागज़ों को लेते हुए अगर कोई अपने मोबाईल से फोटो खींच लेता तो उसे देखकर लगता जैसे मैं बैंक के चौकीदार से किसी राष्ट्रीय स्तर का पहचान पत्र पुरस्कार ले रहा हूँ !

अपने गुटका साधना को भंग करते हुए उसने मौन रस थूका और पूछा ” क्या काम है ? “
” साहब से मिलना है ” मैंने कहा !
” कौन से वाले साहब से ? ” मुँह में बचा हुआ मौन का उप – रस भी अब ज़मीन सूँघ रहा था ! वो मौन रस से पूरी तरह बाहर आ गया था !
” चूना वाले साहब से ” मैंने जवाब दिया !
” चूना ?? ” उसने मुझ पर दया की दृष्टि डालते हुए पूछा !
” हाँ ” मैंने गर्दन हिलाया !
” कित्ते का ?? ” दर्द भरी आवाज़ में उसने हलके से पूछा !
” अभी पता नहीं, साहब से मिलने पर पता चलेगा ” मैंने जवाब दिया !
पता नहीं क्यों उसकी आँखें भर आयी और उसने मुझे ढाँढस देते हुए इज़्ज़त से बोला ” हिम्मत कर के सीधे ब्रांच मैनेजर के पास चले जाइये ” उसने मुझे बैंक के एयर कंडीशंड वातावरण में प्रवेश करने की इज़ाज़त दे दी !

बैंक में कामकाजी वातावरण था ! बचत और ब्याज की चिंता में लोग एक दुसरे से पूछ – पूछ कर नए – नए फॉर्म में तरह तरह के सवाल का जवाब भर रहे थे ! मैं सबको देख रहा था पर मुझ पर किसी का ध्यान नहीं था ! मैं सीधा ब्रांच मैनेजर की कैबिन में घुस गया ! यह कमरा बैंक का सबसे ठंढा कमरा था ! बैंक छोटा था लेकिन बैंक मैनेजर का कमरा बड़ा था !

कैबिन में मेरे प्रवेश करते ही मैनेजर साहब ने अपने आप को चेक़ बुक की तरह समेट लिया और कलम की तरह अकड़ के बैठ गए ! अब मेरे लचीले होने की बारी थी ! एक हाथ से अपने कागज़ों को समेटते हुए मैंने दूसरे हाथ से एक – हथ्था अभिवादन किया ! बैंक मैनेजर ने मुझे कैशलेस ए टी एम की तरह देखा और अपने मोबाइल को घूरते हुए लोन मुद्रा में चले गए ! कैबिन में अगर कोई अपने मोबाईल से फोटो खींच लेता तो उसे देखकर लगता जैसे मैं किसी बैंक के मैनेजर के मोम के पुतले के सामने खड़ा उसे निहार रहा हूँ ! कैबिन में टंगे हुए महात्मा गाँधी की तस्वीर यह सब देख रही थी ! थोड़ी देर में कैबिन के किसी अदृश्य शक्ति ने हमें स्टेचू के खेल से निकाला ! इससे पहले मैं अपना मुँह खोलता मुझे मैनेजर की आवाज़ सुनाई दी ! ” होम लोन ? “
” न ! “
” क्रेडिट कार्ड ? “
” न !! “
” परसनल लोन ? “
” न !!! “
” पेंशन ? “
मैंने ना कहने के लिए गर्दन हिला दिया !
” फिर क्यों आये हैं ? “
” मैं चूना लगाने आया हूँ ! “
बैंक मैनेजर ने मुझे ऐसे देखा जिससे मुझे पहली बार लगा जैसे वो मुझे पहचान गया हो और मैं उसके काम का आदमी हूँ !
” मैं बैंक में चुना लगाना चाहता हूँ ! बैंक के चौकीदार ने बताया चूना लगाने के लिए मुझे ब्रांच मैनेजर से मिलना होगा ! ” मैंने अपनी बात पूरी की ! यह सुनते ही न जाने क्यों ब्रांच मैनेजर ने राहत की सांस ली !
” बैंक में चूना लगाना सबके बस की बात नहीं ! ” मैनेजर ने मुझे चैलेंज करते हुए कहा !
” मेरे ग्रेट ग्रैंड फादर अमर चूनावाला थे, ग्रैंड फादर अकबर चूनावाला थे और मेरे फादर अन्थोनी चूनावाला हैं ! चूना लगाना हमारा पारंपरिक काम है ! ” मैंने अपने सारे पहचान पत्रों को टेबल पर फैलाते हुए जवाब दिया ! ” मैं बस एक बार आपके बैंक में साधारण चूना लगाना चाहता हूँ ! “
मैनेजर मुस्कुराए ! ” बैंक में चूना लगाना ईको फ्रेंडली काम है ! बैंक में आप साधारण चूना नहीं लगा सकते ! ” बैंक मैनेजर ने दिलचस्पी लेते हुए कहा ! उन्होंने आगे कहा ” चूना लगाने वाले को हम ही चुनते हैं, कोई भी बैंक में चूना नहीं लगा सकता ! बैंक विशाल संगठन हैं, चूना लगाना एक ऐतिहासिक प्रक्रिया है ! एक एप्लिकेशन लिख कर दीजिये कि इस बैंक में आप चूना लगाना चाहते हैं ! ” अपने पारंपरिक अनुभव से मैं जानता हूँ कि बैंकों में चूना लगाने में हर तरह का हथकंडा अपनाया जाता है ! मैं चुप ही रहा ! मैंने पत्र में लिखा – ‘ मैं एक गैर – लाभकारी आम आदमी हूँ ! जीवन यापन और मेरी ज़िन्दगी को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए मुझे बैंक में चूना लगाने का काम देने की कृपा करें ! ‘ एप्लिकेशन दे कर मैं बैंक में चूना लगाने के सपनो में खोया हुआ घर लौट आया !

‘ बैंक का लक्ष्य गरीबी को कम करना है ! ‘ बैंक की एक दिवार पर धूमिल अक्षरों में यह लिखा था ! जिसे पढ़ कर मेरी हाथ में खुजली होने लगी ! मुझे उस पर चूना लगाना था ! मुझे बैंक के कई स्लोगन पर चूना लगाना था ! दीवार पर चूना लगाना दीवार के इतिहास को छुपाने की प्रक्रिया भी है ! सब जानते हैं सफ़ेद चूना काला जादू है जिससे सबकुछ पूर्ववत हो जाता है ! बैंक में चूना लगाने का ये काला जादू मैं करना चाहता था !

एक हफ्ते बाद मुझे बैंक में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया !

” आप के हिसाब से बैंक में कौन से महीने में चूना लगाया जाता है ? ” उनका पहला प्रश्न था !
” लोग बैंक में मार्च या अप्रैल में यह सोचकर चूना लगाते हैं कि चूने के सफेद रंग को देखकर ग्राहक आकर्षित होंगे ! जबकि ये धारणा बिल्कुल ही गलत है ! ग्राहक ब्याज को देखकर आकर्षित होती है ना कि चूने के सफेद रंग को देखकर ! ” मैंने जवाब दिया !

” बैंक को चूना लगाने की जरुरत क्यों पड़ती है ? ” दूसरा सवाल था !
” राशि जमा रखने तथा ऋण प्रदान करने के अतिरिक्त बैंक अन्य कई गुप्त काम भी करता है जिसके रंगीन इश्तहारों से बैंक की दिवार का रंग ख़राब हो जाता है ! ग्राहकों में अपनी साख बनाये रखने के लिए बैंक को अपनी दीवारों पर चूने की सफेदी करते रहना पड़ता है ! ” मैंने जवाब दे कर उनको संतुष्ट किया !

” बैंक में चूना लगाने के लिए आप को कितना समय चाहिए ? उनका तीसरा प्रश्न था !
” बैंक में आप बार बार चूना नहीं लगा सकते ! बैंक में चूना लगाना एक ऐसी परियोजना है जिसे एक दिन से भी कम समय में पूरा किया जाना चाहिए नहीं तो इससे ग्राहक सेवा में खलल पड़ती है ! बैंक मैनेजर कस्टमर के घेरे में आ जाता है ! उसके केबिन का ए सी काम करना बंद कर देता है ! झुण्ड में लोग बैंक में घुस जाते हैं और ब्रांच मैनेजर का केबिन रिकॉर्डिंग और लाइव कार्यक्रम का रिले सेंटर बन जाता है ! ” मैंने जवाब दिया !

एक हफ्ते बाद रिज़ल्ट आ गया ! बैंक में चूना लगाने का काम आखिर मुझे मिल ही गया !
नियत सुबह जब मैं बैंक में चूना लगाने का अपना रोज़गार करने पहुँचा तो गार्ड द्वारा पता चला बैंक को कोई और चूना लगा गया था ! काम काज ठप्प था !

खैनी के लिए चूना लेने जब पास के पान बीड़ी की दूकान पर पहुँचा तो पान वाला किसी से कह रहा था ” चूना खाइए पर चूना लगाइए मत ! वो ईमारत खड़ी हैं जिनमे चूना लगा है ! चूना लगने के बाद क्या मजाल है कि ढांचा टस से मस हो जाए ! ” सब घंटा घर की तरफ देख रहे थे मैं भी देखने लगा !

दो कोहरा एक काला एक गोरा

फोटो : गूगल के कोहरे से

गोरा – ( कैमरे में देखते हुए ) मैं सफ़ेद कोहरा हूँ ! मुझे बोलते हुए आप नहीं देख सकते क्योंकि मैं अभी घना हूँ ! मुझे बस आप सुन सकते हैं ! कड़ाके की ठंड है और मैं दिन भर छाया रहूँगा ! मेरी वजह से दोपहर तक सड़कों पर वाहन लाइट जलाकर रेंगते रहेंगे !

काला – ( कैमरे में देखते हुए ) मुझे भी बोलते हुए आप नहीं देख सकते क्योंकि आप सब जानते हैं रंगों का सफर कर्म से होकर आज की तथाकथित जाति पर आकर पूर्णत: विकृत हो चला है ! मुझे देखने की कोशिश करेंगे तो मैं आपकी आँखों में चुभ जाऊँगा ! मैं काला कोहरा हूँ !

गोरा – जैसे कुछ व्यक्ति मुझ सफ़ेद कोहरे की तरह योग्यता या शुद्धाचरण न होते हुए भी स्वयं को ऊंचा या ऊंची जाति का और पवित्र मानने लगे हैं वैसे ही कुछ अपने को ( काले कोहरे को इंगित करते हुए ) काले कोहरे की तरह नीच और अपवित्र समझ कर इम्पोर्टेंस भी लेने लगे हैं !

काला – संविधान में रंग और जाति के आधार पर भेदभाव पर रोक है, लेकिन ( सफ़ेद कोहरे को देखते हुए ) तुम जैसे सफ़ेद धुंध की वजह से समाज और सरकार उसे रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं …

गोरा – ( काले कोहरे को काटते हुए ) पहले हम सुर और असुर, फिर आर्य और अनार्य और फिर वैष्णव और शैव में बदल गए ! फिर ब्राह्मण और शूद्र में बदल कर धर्म का नाश कर दिया ! इस दौरान लोगों ने अपने – अपने वंश चलाये ! फिर ये वंश समाज में बदल गए ! अब काला और गोरा कोहरा सबके सामने है …

काला – ( सफ़ेद कोहरे को काटते हुए ) आज मैं अभी लाईव हूँ , प्रेस कॉन्फ्रेंस जैसा माहौल है पर सफ़ेद कोहरे की वजह से कुछ भी साफ़ नहीं है …

गोरा – ( हँसते हुए ) कोहरा काल में काले कोहरे के फेसबुक लाइव कार्यक्रम से क्या होगा ?

काला – ( कैमरे में देखते हुए ) सफ़ेद कोहरे के ख़िलाफ़ आज मैंने अपनी चुप्पी तोड़ी है …

गोरा – लेकिन अगर वाकई गलत हो रहा है तो चुप्पी तोड़ना भी समाधान नहीं ! अब तो विरोध जताने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती ( हँसता है )

काला – सुन ओ सफ़ेद कोहरे, तुम्हारी वजह से पता ही नहीं चलता क्या सही है, क्या गलत ! सफ़ेद कोहरे की वजह से न्याय व्यवस्था पर भरोसा करना कठिन हो चला है, इसलिए मुझे लाइव आना पड़ा !

गोरा – अपने काले कोहरे की लाइव चादर को उतना ही फैलाओ जितना …

काला – क्या जितना ? किसके जितना ? हमारे देश में जितनी फ़िल्में हैं, जितने विज्ञापन हैं, जितनी ब्यूटी मैग़ज़ीन्स हैं और टीवी सीरियल हैं, सब कहते रहते हैं कि काला रंग पर्याप्त सुंदर नहीं हैं ! ख़ूबसूरती की जो परिभाषा गढ़ी गई है काला रंग उसमे फिट नहीं है ! बहुत से मुल्कों में काले रंग को लेकर हीन भावना है ! काले कोहरे पर रंग भेद का अभियान ‘डार्क इज़ ब्यूटीफ़ुल’ भी लागू नहीं होता ( रुआँसा हो जाता है )

गोरा – गोरी त्वचा के लिए दीवानगी मैंने भी देखी है काले ! तुम्हारा दुःख समझ सकता हूँ दोस्त ! देश के कॉस्मेटिक बाज़ार में गोरापन बढ़ाने वाली क्रीम की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है ! यहां तक कि बॉलीवुड के कई अभिनेता और अभिनेत्रियां इन कॉस्मेटिक्स का विज्ञापन भी करते रहे हैं ( रोते हुए ) फिर भी किसी सफेदी में मुझ सफ़ेद कोहरे का नाम तक नहीं लेते …

काला – सफ़ेद कोहरे तुम चाहते क्या हो ? मेरा ‘लाइव’ क्यों मार रहे हो ?

गोरा – ( कैमरे में देखते हुए ) मुझे बिना अंधविश्वास का जीवन चाहिए ! एक जीवन जिसमें आस्था मानवता के प्रति हो, न कि एक अज्ञात भगवान के प्रति ! जीवन जो दूसरे मनुष्यों के लिए करुणा और सम्मान पर आधारित हो ! गरिमा और आत्मसम्मान से भरा जीवन ! जाति व्यवस्था से परे जीवन ! इसलिए मैं लाइव हूँ …

काला – मैं सबसे पहले यह बता दूँ कि दुनिया में किसी भी समाज, व्यवस्था और धर्म का निर्माण किसी भी ईश्वर, अल्लाह या गॉड ने नहीं किया है …

गोरा – पर भारत में पिछले कुछ समय में दलितों और ऊंची जातियों के बीच काला कोहरा बढ़ा है ! हालांकि सरकारें अलग अलग समय पर दलितों के उत्थान के लिए कदम उठाती रही हैं ! एनडीए ने राष्ट्रपति पद के लिए दलित उम्मीदवार ही चुना …

काला – ( गोरे कोहरे को काटते हुए ) जाति पर भाषण मत पढ़ो, कोहरे की बात करो … अपनी बात करो ! सब जानते हैं दुनिया की सभी व्यवस्थाओं को मनुष्य ने बनाया है !

गोरा – तो ? समाज में तुमने जिस प्रकार विघटन किया है, क्षय किया है, प्रगति में बाधक बने हो उसे देखते हुए कई समाज सुधारको और संगठनों ने समय समय पर तुम पर बैन नहीं लगाया है … ?

काला – गोरे भाई साहेब राजनीति में कोहरा बनाना और कोहरा लागू करना केवल एक भौगोलिक प्रक्रिया नहीं है !

गोरा – जानता हूँ देखते नहीं मैं भी लाइव हूँ … ! ( कैमरा में देखते हुए ) जिनकी भी रुचि दलित विषय में है, जो नस्लीय, जातिगत, लिंगगत और धर्मांध दुनिया के खिलाफ हैं ! उन्हें मेरा लाइव जरूर देखना चाहिए !

काला – तुम जैसे सफ़ेद कोहरे अक्सर दिखावटी शान , चमड़ी के रंग, खाने-पीने की आदतों, महिलाओं से द्वेष, होमोफ़ोबिया और जातिवाद के इर्द – गिर्द फ़ैल के वातावरण को धुंधला बना देते हैं ! तुम ही सभी अपराधों की जड़ हो ! ( कैमरे में देखते हुए ) राजनीति में अन्धकार सफ़ेद कोहरे से है !

गोरा – ( कैमरे में देखते हुए ) सभी जानते हैं मुझे ! मैं सभी पंचायतों ,प्रखंडों ,जिला एवं प्रदेशों में एक उच्च जाति का कोहरा हूँ ! ( काले कोहरे से ) काले कोहरे तुम चाहते क्या हो ? मेरा ‘लाइव’ क्यों मार रहे हो ?

काला – ( कैमरे में देखते हुए ) मैं चाहता हूँ कि जब मैं सड़कों पर चलूं तो सुरक्षित महसूस करूं और एक वज़ूद की तरह रहूँ ! मुझे स्त्रियों की तरह छूने या तंग करने का अधिकार किसी को न हो !

गोरा – फिर मेरे पास क्या कर रहा है ?

‘लाइव’ दर्शकों के ठहाके का आइकॉन हवा में तैरने लगते हैं !

( काला अवाक और मौन ! गोरा मौन पर चेहरे पर जीत की मुस्कराहट )

काला – क्यों ? तुम नहीं जानते तुम्हारा और मेरा जनम – जनम का साथ है !

गोरा – जनम का साथ है ? दूर हो यहाँ से !

काला – हम सगे हैं ! अच्छे और बुरे, सच्चाई और झूठ एक विशेष परिप्रेक्ष्य के सभी रिश्तेदार हैं !

गोरा – तू जानलेवा है !

काला – हम दोनों के बीच रासायनिक संबंध है ! हम मिल कर ही तो कोहरेवाद को समाप्त करने के विभिन्न प्रयास आज भी यदा कदा करते रहते हैं !

गोरा – तुम्हारे कैमरे में अतीत का काला कोहरा है !

काला – गोरे एक बात बताओ, हम और तुम क्यों हैं ?

गोरा – क्योंकि हम रंग में देखते हैं

काला – अतीत में इतनी धूल नहीं थी, और जलवायु भी बेहतर थी ! अतीत में कोहरा नहीं था ! अब अतीत शब्द के अर्थ का अनर्थ हो गया है !

गोरा – ( कैमरे में देखते हुए ) व्हाइट कोहरा और ब्लैक कोहरा इसमें कोई ताल मेल नहीं है …

काला – गोरे कोहरे सच कह रहे हो ! तुम सिर्फ जनवरी में बीस इक्कीस दिन के लिए माने जाते हो, मैं तीन सौ पैंसठ दिन का हूँ ! मुझे फैलने के लिए गर्म मौजे, इनर जैकेट, टोपा, मफलर, दस्ताने, रजाई के मौसमी नाटक की कोई जरुरत नहीं होती ! हमारा कोई मेल नहीं ! तुम ग्राउंड – स्तरीय हो ! मैं आकाश स्तरीय हूँ !

गोरा – ( कैमरे में देखते हुए ) हालांकि प्रमाणों की आवश्यकता नहीं है, परंतु अपने विचारों को पुष्ट करने के लिए मैं बताना चाहता हूं कि कुछ जातियों की संरचना ( काले की तरफ देखते हुए ) नकल से हुई है !

काला – ( कैमरा में देखते हुए जोश में ) मित्रों ! देखिये तथाकथित जातिवादी व्यवस्था की आड़ में मुझ जैसे सनातन काले कोहरे को भी बदनाम ‍किए जाने का कुचक्र बढ़ा है ! सैकड़ों वर्ष की गुलामी के काल में जातिवाद का कोहरा इतना नहीं था जितना की आजादी के बाद इन सत्तर वर्षों के सफ़ेद कोहरे में देखने को मिला है !

गोरा – ( कैमरा में देखते हुए ) भारत के नागरिकों खांसी, गले और सीने में जलन जैसी समस्याओँ के मालिक मेरे सामने खड़े हैं !

काला – काला और सफेद सोच मूलतः सोच का एक बहुत आलसी तरीका है !

गोरा – वास्तव में हम दोनों को बहुत सोचने की जरूरत नहीं है ( हँसता है ) काले और सफेद रंग में चीजों को देखना मानवीय स्वभाव है !

काला – काले और सफेद रंग में चीजें देखकर हमें सही निर्णय लेने में मदद मिलती है !

गोरा – फिर हमें काले और सफेद सोच से मुक्ति कैसे मिलेगी ?

काला – ( कैमरे में देखते हुए ) इससे साफ हुआ कि देश में मौजूदा दौर में जाति प्रथा को ख़त्म करने का शोर भले ज्यादा हो कोहरा कम नहीं हुआ है !

गोरा – मौसम विभाग का कहना है कि दिनभर धुंध जैसी स्थिति बनी रह सकती है …

काला – भारत के मौसम की आधिकारिक भविष्यवाणी करना स्वयंवर में धनुष तोड़ने जैसा है !

गोरा – ( कैमरे में देखते हुए ) भारत भविष्य में कोहरा प्रधान देश बना रहेगा …

लाउडस्पीकर की आवाज़ – कोहरा क्रांति बंद करो ! ( दोनों कोहरे ऑफ लाइन हो जाते हैं ) मैं मौसम विभाग बोल रहा हूँ, दर्शकों मुझे बोलते हुए आप नहीं देख सकते क्योंकि अभी घना कोहरा है ! कोहरे ने सबकुछ अपने चपेट में ले लिया है ! सेंसिटिव लोगों के लिए यह काफी नुकसानदायक भी होता है !

पूर्ण बजट ग्रहण

पूर्ण बजट ग्रहण

बजट में दिलचस्पी रखने वाले लोग देश के अलग – अलग हिस्सों के लिए बने बजट का दीदार सोशल मिडिया के कई प्लेटफार्म से कर रहे हैं ! दशकों बाद बजट ज्यादा बड़ा और चमकीला दिखाई दे रहा है ! बजट ग्रहण को लेकर कई तरह के अंधविश्वास होने के बाद भी लोग इसे बड़ी तादाद में देख रहे हैं ! बजट ग्रहण के दौरान रुपयों की छाया मनुष्यों पर पड़ती दिखाई देती है ! इस बार राहू की छाया से ग्रसित बजट को देख श्रद्धालुओं ने ईश वंदना शुरू कर दी है !

साल में एक दिन जब धन और सरकार के बीच नागरिक आ जाता है तो उसकी छाया बजट पर पड़ती है ! इससे बजट के छाया वाला भाग अंधकारमय रहता है और इस स्थिति में जब हम नागरिक को देखते हैं तो वो हमें काला दिखाई पड़ता है इसी वजह से इसे बजट ग्रहण कहा जाता है ! धन की परिक्रमा के दौरान नागरिक बजट और सरकार के बीच में इस तरह आ जाता है कि नागरिक बजट की छाया से छिप जाता है ! यह तभी संभव है जब सरकार, धन और बजट अपनी कक्षा में एक दूसरे के बिल्कुल सीध में हों ! भारत के लोगों को बजट के नाम पर इस बार इस बार ब्लडबजट सुपरबजट और ब्लूबजट एक साथ नज़र आ गया है !

हिस्ट्री की स्त्री

हिस्ट्री की स्त्री

शादी के बाद जब से मैंने अपनी पत्नी से कहा है कि मेरी प्रेम कहानी अब हिस्ट्री हो गयी है, तब से हिस्ट्री की बात चलते ही मेरी पत्नी के सामने मेरी पुरानी प्रेमिका खड़ी हो जाती है ! कल मेरे मुँह से हिस्ट्री की स्त्री पद्मावती का नाम सुनते ही मेरी पत्नी के कान खड़े हो गए !

मेरी पत्नी हिस्ट्री की छात्रा रही है और लगातार मेरे ब्राउज़र के हिस्ट्री की जाँच करती रहती है ! मेरे जीवन के पूर्व की घटनाओं और उससे जुड़े लोगों के जीवन का अध्ययन ही मेरी पत्नी के ज्ञान का स्त्रोत है ! उनको इतिहास की सभी तारीखें याद हैं, जैसे मेरी प्रेमिका 2009 में दुबई शिफ्ट हो गई ! साल 2013 में दुबई – देवी को बच्चा हुआ ! 2014 में 24 मई को इंडिया आयी, 22 जून को चली गयी …

अतीत की घटनाओं के बारे में मेरी पत्नी के मौखिक इतिहास के ज्ञान को सुन कर इससे पहले कि आप किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचे आपको बता दूँ मेरी शादी के सात वर्ष बाद भी मेरी पत्नी का प्यार मुझसे कम नहीं हुआ है ! एक पुरुष की पहुंच के बाहर की बारीक संवेदनाओं का अनुभव एक स्त्री ही कर सकती है !

मुझसे प्रेम की वजह से ही मेरी पत्नी का मेरी हिस्ट्री की स्त्री से प्रेम बना हुआ है !

इतिहास का क्षेत्र बड़ा व्यापक है ! किसी के प्राचीन इतिहास को जानना एक कठिन प्रक्रिया है ! वैसे तो इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से शुरू होता है, पर मेरी इस कहानी का इतिहास मेरा आधुनिक काल का इतिहास है – जिसमे मेरे जीवन का आधुनिक काल दर्ज़ है ! मेरा प्राचीन अतीत – जिसमें मेरे बचपन का इतिहास दर्ज़ है और मेरी शादी के बाद अर्थात स्वतंत्रता के बाद का इतिहास – मेरे जीवन काल के ये खंड मेरी पत्नी को मेरे इतिहास की कहानी का कालानुक्रमिक विवरण देते हैं ! मेरी पत्नी का मानना है कि विकिपीडिया पर उनके बारे में पढ़ा जाता है जिनका अपना इतिहास नहीं होता !

मैं अपना इतिहास लिखना कहाँ से शुरू करूँ ? मेरा इतिहास मंदिरों, परिसरों, महलों, मस्जिदों, कब्रों आदि से भरा है ! मैं अपनी हिस्ट्री की स्त्री के साथ इन स्थानों में भटक चूका हूँ ! मेरा इतिहास जान कर कोई भी डर सकता है इसलिए मेरे इतिहास में सूर्यास्त के बाद प्रवेश कानूनी तौर पर प्रतिबंधित है !

मॉडर्न इतिहास की एक स्त्री ने अपने बेटे का नाम तैमूर रखा तो मेरे घर में ये बड़ी बहस का विषय बन गया था ! कई लोगों ने इसे व्यक्तिगत मामला कहा तो कई लोगों ने इस बात पर एतराज़ जताया और कहा कि एक जालिम आक्रमणकारी के नाम पर बेटे का नाम रखना ग़लत है ! इस इतिहास की वजह से देश की घर – घर की हवा में जहरीली गैसों की मात्रा कानूनी तौर पर तय सीमा को पार कर गयी थी !

आज टेलीविजन पर दिखाए गए इतिहास को सिनेमा में दिखाए गए इतिहास से मिलाना एक्स गर्लफ्रेंड को पत्नी से मिलाने जैसा है ! ऐसी ऐतिहासिक मिलन से पैदा मिक्स्ड मिडिया का इफ़ेक्ट आप के जीवन की शांति भंग कर सकता है !

ज्ञान और गूगल पर आधारित इतिहास एक पिघलने वाला पात्र है जिसे जो चाहे अपने मनपसंद आकार में ढाल सकता है !

इसलिए फास्ट फॉरवर्ड …

अब किस्सा ये है कि दुबई की देवी, ‘पद्मावती’ कॉन्ट्रोवर्सी के बाद मेरा ‘इतिहास’ जानना चाहती है ! मेरे लिए ये बहुत नाज़ुक मसला बन गया है ! मैं पद्मावती को खुद नहीं जानता !

नौ हज़ार वर्षों के इतिहास, सभ्यता और विरासत में हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख जैसे चार धर्मों की जन्मस्थली के सत्ताईस यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों, साठ राष्ट्रीय उद्यान, चार सौ जंगली जीवन अभयारण्य, साढ़े सात हज़ार किलोमीटर समुद्री तटों , लाखों हेक्टेयर जंगल, डेढ़ सौ नृत्य रूपों, आयुर्वेद और योग में पांच हज़ार वर्षों के अनुभव और बाइस भाषाओं में डेढ़ हज़ार बोलियों के साथ जो कोई भी पांच वर्षों तक साधारणतः भारत में रहा है, वह भारत का इतिहास हो गया है ! अपनी हिस्ट्री की इस्त्री को कौन सा इतिहास समझाऊं ? यही मेरी उलझन है !

पुरुष चाहे जितना अक्लमंद हो, ऐसी कुछ बातें पृथ्वी पर मौजूद हैं जिन्हें समझना संभव नहीं है, ऐसी बातों में प्रमुख है स्त्री ! स्त्री को समझने में पुरुष नाकाम रहा है ! अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार भारत के हिस्ट्री में स्त्री को देवी का दर्जा दिया गया है ! ,यह बात और है कि इस देवी के साथ हमारा समाज क्या सुलूक करता है ये भी टाइम्स ऑफ इंडिया को पता है !

हमारे देश में इतिहास हाथ के कौशल से तैयार किए गए रचनात्मक उत्पाद हैं जिनके लिए किसी आधुनिक मशीनरी और उपकरणों की मदद नहीं ली जाती पर इसका उपयोग प्रशासन की मशीनरी में सफलतापूर्वक उत्पात मचाने के लिए किया जाता है ! आजकल हस्त – निर्मित उत्पादों को फैशन और विलासिता की वस्तु माना जाता है और हमारा हैण्ड मेड हिस्ट्री उन्ही में से एक है !

मेरी इतिहास में पद्मावती कैसे घुस गयी ? यही सोचता हुआ मैं भी इतिहास में घुसने की कोशिश करने लगा ! इतिहास में प्रवेश करने के लिए कोई कठोर नियम नहीं है ! कोई भी इतिहास में प्रवेश कर सकता है ! भारतीय राजनीति में कई प्रसिद्ध लोग जो अपनी जवानी में ही इतिहास में प्रवेश कर गए थे, आज भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक बन गए हैं !

मैं भी इतिहास में प्रवेश करने की कोशिश करने लगा ! इतिहास रिश्तों की एक गुफा है और इस गुफा के अंदर सबकी हिस्ट्री की स्त्री रहती है ! वहां अँधेरा था ! दोनों तरफ पत्थर की बनी हुई ध्वस्त कलाकृतियां थीं ! गुफा में इन इतिहासों पर चलना सबसे बड़ी टेढ़ी खीर थी ! इतिहास के रास्ते दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में से एक हैं जिस पर हर पल मौत मंडराती रहती है ! इतिहास के इन रास्तों से गुजरने वाला कभी भी मौत के मुंह में जा सकता है ! इन इतिहासों से गुजरना तो दूर इन्हें देखना ही बड़ा भयावह होता है ! अगर इन इतिहासों में कोई झाँकने की सोचे तो उसे दिलो – दिमाग से फौलादी होना चाहिए !

गुफा में भारत के विविध पारम्परिक वर्गों के धर्मों से जुड़े रीति – रिवाज़ों के अनुरूप करोड़ों इतिहास बिखरे हुए थे ! कुछ इतिहास तो मूल रूप से सिनेमा के लिए ही बनाए गए थे जो विवादों के कारण लोगों द्वारा बहुत पसन्‍द किए जाते हैं !

काल्पनिक पद्मावती राजस्थान की लोक चेतना में अपने सतीत्व की रक्षा के लिए जौहर करने वाली एक अत्यंत साहसी रानी के रूप में उपस्थित हैं पर गुफा में कई पद्मावती जातिगत उपेक्षा, सैलरी में अंतर, बलात्कार और यौन उत्पीड़न, जैसी असमानताओं से घिरी थी ! विद्वानों का मानना है कि प्राचीन भारत में महिलाओं को जीवन के सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ बराबरी का दर्जा हासिल था !

गुफा में ऐतिहासिक महिलाओं की कमी थी ! पद्मावती को समझने के लिए गुफा में पद्मावती से मिलना बहुत जरुरी था ! मैं इतिहास की गुफा में घुसा हुआ था ! मेरी पत्नी बाहर से ये सब देख रही थी ! मेरी हालत विचित्र थी ! अपनी पद्मावती को इतिहास की पद्मावती में ढूंढ रहा था !

‘ सेल्स में घुसिए इतिहास में क्यों घुस रहे हैं ? ‘ मेरी पत्नी ने कहा ‘ घुसना है तो शेयर मार्किट में घुसिए ‘ वो आगे बोली ! ‘ देखिये युवाओं को वो भी पॉलिटिक्स में ही घुस रहे हैं, और आप आउट डेटेड इतिहास में घुस रहे हैं ! ‘

फास्ट फॉरवर्ड …

तुम इतिहास में घुसे की नहीं ? मेरी प्रेमिका ने पूछा ‘ तुम अपने इतिहास से इतना डरते क्यों हो ? उसने मुझ से हैश टैग में इंस्टाग्राम पर पूछा !

मैं अपनी प्रेमिका को ये कैसे समझाऊँ कि मेरे हर इतिहास के पीछे की वास्तविक कहानी फुलाए हुए अहंकार के संघर्ष से उत्पन्न हुई व्यथा की कहानी है !

मेरे इतिहास में मेरी पत्नी के साथ मेरा पहला युद्ध हिस्ट्री की स्त्री के लिए ही हुआ !

फास्ट फॉरवर्ड …

मेरी पत्नी मेरा इतिहासकार है ! पत्नियों से बेहतर इतिहासकार मैंने नहीं देखा ! मेरी स्त्री के पास एक ऐसा शास्त्र है जिसके अंतर्गत मुझसे जुडी पृथ्वी और उसके वायुमण्डल के बाहर होने वाली घटनाओं का अवलोकन भी किया जा सकता है !

फास्ट फॉरवर्ड …

देश में रोटी का इतिहास चाहे न हो संगमरमर का इतिहास है !

इति

भीड़ की बरसात

भीड़ और बरसात में मुझे समानता दिखती है ! भीड़ शब्द का उपयोग ऐसे स्थान पर किया जाता है, जहाँ मनुष्य का कोई समूह हो ! जहाँ लोग बिना किसी पंक्ति के यहाँ – वहाँ एकत्रित हो जाते हैं ! बरसात में पानी के बूंदों का भी यही हाल होता है ! बादलों को चीर कर पानी की बूँदें भीड़ की तरह समूह में धरती पर बरस पड़ती हैं और यहाँ – वहाँ एकत्रित हो जाती हैं ! मुख्यतः हम भीड़ को हमेशा कंट्रोल कर मार्ग को सामान्य बनाने की कोशिश करते रहते हैं ! बरसात के पानी के साथ भी यही किया जाता है ! भारत में बरसात कृषि, नदी व्यवस्था, जल भंडार और वनस्पतियों और जीवों के उत्थान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है ! देश की राजनीती में सत्ता के उत्थान के लिए भीड़ भी उतनी ही जरुरी है ! बरसात भारत का वित्त मंत्री है ! भीड़ भारत का कानून मंत्री है ! बरसात देश के सकल घरेलू उत्पाद को प्रभावित करता है ! भीड़ भी यही करती है ! मेरा मानना है कि पानी की तरह भीड़ का भी संचय और उपयोग हो सकता है ! राष्ट्रीय राजनीति में जबसे भीड़ की बरसात होने लगी है प्राकृतिक बरसात की पहले जैसी हैसियत नहीं रही ! भीड़ की बरसात के माध्यम से राजनितिक मौसम समाज को उसका असली चेहरा दिखा देता है !

आज भीड़ की बरसात के अनगिनत सब्सक्राइबर्स, फॉलोवर्स और व्यूअर्स हैं ! सभी अखबारों की हेडलाइंस और न्यूज चैनलों की सुर्खियों में शुमार ‘भीड़ की बरसात’ सोशल मीडिया पर भी हर मौसम में ट्रेंड करने लगा है ! अपने मजेदार गंवई अंदाज, दिलचस्प चाल – ढाल और बेलगाम ठसक के कारण भीड़ कई नेताओं और अभिनेत्रियों से भी ज्यादा पहचाना जाता है ! बरसात शब्द सुनने में जितना रोमांटिक है, देखने में भीड़ की बरसात भी मिडिया में उतनी ही बढ़िया और रिफ्रेशिंग होती है !

एक ऐसी ही भीड़ की बरसात के मौसम में चार पैर, एक लंबी पूंछ, दो सींग, दो कान, दो आंख, एक बड़ी नाक, बड़ा मुँह और एक सिर वाले जानवर को पशु – मेले से लेकर मैं अपने घर के लिए निकल पड़ा ! सोशल मिडिया का जमाना है इसलिए जानवर का नाम नहीं बताऊंगा !

जानवर के साथ मुझे देखने बारिश के बूंदों की तरह लोग आने लगे ! भीड़ का स्टॉल लग चूका था ! लोग टप – टप टपकने लगे ! कुछ जींस-टी शर्ट में थे और कुछ पैंट क़मीज़ पहने हुए थे ! धीरे धीरे लोग पानी की तरह जमा हो कर भीड़ का हिस्सा बनने लगे ! भीड़ की बरसात की अनुमानित तिथि नहीं होती ! इसके बादल सोशल मिडिया पर बनते हैं ! सबकुछ ‘इट डिपेंडस’ पर निर्भर करता है ! भीड़ के मैकेनिज्म की खोज इलेक्ट्रॉनों, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की खोज जैसी जटिल है और सामाजिक वैज्ञानिक इस पर काम कर रहे हैं ! भीड़ की डिजिटल और डेटा हिस्ट्री तैयार हो रही है !

सड़क पर जानवर के साथ अब भीड़ भी मेरे साथ चल रही थी ! मेरे एक तरफ जानवर था और एक तरफ भीड़ ! मैं भीड़ और जानवर के बीच में था ! भीड़ मेरे साथ चल रहे बड़े जानवर को पहचानती थी ! मैंने देखा जानवर के चेहरे पर हारे हुए आदमी सा भाव है जो जीवित है किंतु सामाजिक रूप से मरा हुआ है ! मुझे लगा मैं अपनी पूँजी को नहीं आइना देख रहा हूँ !

यह मवेशी जानवर रूप में मेरी पूंजी थी ! हम दोनों में सामाजिक समझौता था ! अपने जीवन में हम दोनों एक दूसरे के काम आने वाले थे ! मुझे लगा जानवर मुझसे कह रही है कि वो घडी आ गयी है जब हम एक दुसरे के काम आने वाले हैं ! मैंने अपनी पूंजी की रास और जोर से अपनी मुठ्ठी में भींच ली ! ‘जीते जी मेरी मुठ्ठी से कोई माई का लाल मेरी पूंजी नहीं छीन सकता ! मैं भारत का नागरिक हूँ ! ‘ मैं बुदबुदाया ! मुझे लगा मवेशी मुझे तनाव में देख कर मुझ पर हंस रही है !

घबराकर मैं चुप हो गया था पर घबराहट में मेरे साथ का जानवर बोलने लगा ! लोग दंग रह गए !

भीड़ जानवर की बातें सुनने के लिए बढ़ने लगी ! ‘ आप कौन लोग हैं ? और आप के एकत्र होने का उदेश्य क्या है ? ‘ जानवर ने भीड़ से पुछा !
‘ हम बेरोज़गार और बिलकुल निठ्ठले हैं ! मोबाइल रिचार्ज करने के लिए इधर उधर मारे – मारे भटक रहे हैं ! ‘ भीड़ ने कोरस में कहा ! ‘ फिर ठीक है ‘ जानवर ने कहा ! ‘ भीड़ हंसने लगी !

इस तरह किसी जानवर ने अब तक भीड़ से बातें नहीं कीं थीं ! फिर कुछ समय के लिए खामोशी छा गई ! बोलते हुए जानवर का वीडियो सेंट और शेयर होने लगा ! सेंट – शेयर के क्लिक – क्लिक से लाइक – लाइक भीड़ बढ़ने लगी ! सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म्स कड़कने लगे ! लोल से लोल टकराने लगे ! भीड़ को कुछ चटपटा चाहिए था ! जानवर सब समझ गया ! जानवर जानता था कि भीड़ में से कई लोग अनपढ़ और साधारण मनुष्य हैं ! उनके दिलों तक पहुँचने के लिए उसने उसी ‘मोबाइली’ भाषा का इस्तेमाल किया जिसे भीड़ समझ सकती थी !

भीड़ एक ऐसे क्लोज़्ड ग्रुप को कहते है जहाँ इसका पता लगा पाना मुश्किल हो जाता है कि कौन, कौन है और कहाँ से आया हैं ! भीड़ में औरतें कम होती हैं ! औरतों को चूल्हा – चौका करना पड़ता है ताकि बच्चों के जगने के पहले खाने का इंतजाम हो सके और वो भीड़ बन सकें !

भीड़ सीधी – सादी  परिश्रमी और ईमानदार होती है ! जो भीड़ को कॉम्प्लिकेटेड मानते हैं वो अपने आप को कम पहचानते हैं ! पानी की तरह भीड़ बहुत सरल होती है ! भीड़ सब देखना और जानना चाहती है ! सबकुछ अपने मोबाईल में रिकॉर्ड करना चाहती है ! भीड़ ने मेरी मानसिक अवस्था की तस्वीरें मोबाइल से अनगिनत दिशाओं में तरंगित कर दीं ! बोलते हुए जानवर को देखने धीरे – धीरे बरसात का जल और भीड़ की संख्या दोनों बढ़ने लगीं ! आपसी भाईचारा हमारी परंपरा का हिस्सा रहा है जो अब भीड़ के काम आ रही है ! हिंद देश के निवासी भीड़ में सब जन एक थे ! बढ़ती हुई भीड़ का शोर धीरे – धीरे हमारे क़रीब आता जा रहा था ! आवाज़ें तेज़ होने लगीं ! मैं और जानवर डरे हुए बढ़ रहे थे ! जानवर ने देखा भीड़ ने मुझे डंक मार दिया था !

मैं कोई मवेशी चोर नहीं था और न ही कोई दलाल था ! मेरे पास मेरे और जानवर के सभी जरुरी कागज़ात थे ! फ़ेक न्यूज़ कोई नई चीज़ नहीं है, अर्धसत्य से पूर्ण असत्य तक, सदियों से हर रंग – रूप के झूठ चलते रहते हैं, लेकिन ये सब इतना संगठित हो कर पहले कभी भीड़ नहीं बनी ! मोबाइल इंटरनेट पर लोग अपनी जरुरत की वस्तुओं के साथ खूनी वायरल वीडियो भी आर्डर कर रहे हैं ! जानवर के साथ बने फेक न्यूज़ से मेरे इर्द – गिर्द  खुदरा भीड़ खनकने लगी थी ! दालों, अनाजों और सब्जियों की भीड़ मां – बहन की गंदी – गंदी गालियां दे रही थी ! तेज़ आवाज़ ! खूब हल्ला ! धम – धड़ाक ! दौड़ने – भागने और चिल्लाने की आवाज़ें, मानो कोई हमला हुआ हो ! भीड़ की नाराज़गी बच्चों की तुनकमिजाजी जैसी होती है !

‘ अरे पकड़ो ! ‘ आवाज़ आयी ! भीड़ भागने लगी !
‘ देखो, छिपा है ! ‘ आवाज़ आयी ! भीड़ ढूंढने लगी !
‘ मारो ! ‘ आवाज़ आयी ! भीड़ मारने लगी !
‘ चोर है ! ‘  आवाज़ आयी ! भीड़ कोरस में  ‘ चोर, चोर, चोर … ! ‘
‘ इसको नहीं छोड़ेंगे ! ‘ आवाज़ आयी ! भीड़ किसी को ढूंढने लगती है !
‘ जो बचाने आएगा, उसको भी मारेंगे ! ‘ आवाज़ आयी !  भीड़ कोरस में ‘ मारो, मारो मारो … !’
‘ गिरोह है ! ‘ आवाज़ आयी ! गिरोह का सामना करने के लिए भीड़ गिरोह बन गयी !
‘ आग लगा देंगे ! ‘ आवाज़ आयी ! कोई आग लगा देता है !
‘ मार देंगे ! ‘ आवाज़ आयी ! कोई मार देता है !
‘ फूंक दो ! ‘ आवाज़ आयी ! कोई फूंक देता है  !

तरह तरह के फोटो के साथ नफ़रत, हिंसा, भ्रामक जानकारियाँ, आधा – सच, आधा झूठ ये सब इंडस्ट्रियल स्केल पर लघु उद्योग की तरह पैदा किया जा रहा है, और मोबाईल पर बाँटा जा रहा है ! सोशल साइट्स का नतीजा यह हुआ है कि चारों तरफ लोगों के ऊपर अकेलेपन की भावना हावी होने लगी है और वे दूसरों से कटे – कटे रहने लगे हैं ! कटे – कटे रहने का स्वभाव लोगों में शक की भावना पैदा करता है, खासकर जब पड़ोस में हर वक्‍त हिंसा और अपराध का खतरा मँडराता रहता हो ! शक की भावना बहुत जल्द इंसान के जत्थे को पत्थर – दिल भीड़ बना देती है ! कानून अपने हाथ में ले कर भीड़ ने जनता की भलाई करने के लिए एक अनोखा तरीका निकाला है ! जब लोग मिल – जुलकर एक ही मकसद को हासिल करने के लिए काम करते हैं, तो उन्हें काफी हद तक कामयाबी मिलती है !

मृत्यु को करीब देख कर चार पैर के जानवर ने दो पैरों पर खड़े हो कर अपने दो पैरों से हाथ जोड़ के भीड़ को प्रणाम किया ! सब चकित थे ! सबने मेरी तरफ प्रशंशा से देखा जैसे मैं जानवर का गॉड फादर हूँ ! ‘ कोई जानवर दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता, या तो मुझे खा लो या मेरा दूध पी लो ! ‘ जानवर की ये बात सुन कर भीड़ को लगा जानवर ने उन पर पैलेट गन से ब्लास्ट कर दिया है ! ‘ तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा नहीं कर सकते इसलिए दोष मत लगाओ, कि तुम पर भी दोष न लगाया जाए ‘ जानवर आगे बोला !  ‘ लोगों के समूहों को उन्मादी भीड़ में तब्दील कर देने में सोशल मीडिया का सबसे बड़ा योगदान है ! कौन भड़काऊ तस्वीरें और पोस्ट डाल रहा है.? ‘ जानवर ने कड़क आवाज़ में पूछा ! ‘ क्या चलता है उन्मादी भीड़ के दिमाग़ में यह मुझसे बेहतर कौन बता सकता है जिसने ख़ुद ऐसी भीड़ का सामना किया हो ! ‘ जानवर के मनोहर शब्द सुन कर भीड़ अचम्भे में पड़ गयी ! ‘ स्थिति को काबू में करने के लिए क्या बेक़ाबू होना जरुरी है ? ‘ जानवर ने पूछा ! भीड़ बारिश के बुलबुले की तरह फटने लगी ! ‘ कृपया हमेशा तथ्यों की जांच करें ! हम सभी से अपील करते हैं कि दुर्भावनापूर्ण वीडियो को ध्यान न दें, जिससे कि समुदायों में अविश्वास पैदा हो ! ‘ धीरे – धीरे जानवर एक लाजवाब शिक्षक बन गया ! काफी हद तक सभी भारतीय शिक्षक ही हैं ! जानवर के उपदेश ने भीड़ के दिलों पर ऐसी गहरी छाप छोड़ी कि वे ऐसे शांत स्वभाव वाले जानवर को परेशान करने के लिए अपने मन को समझा नहीं पा रहे थे !

भीड़ की सबसे अच्छी बात ये होती है कि इसके पास लक्ष्य नहीं होता है ! उनको जो चैनल दिखा दो वो देखने लगती है ! भीड़ का असली मजा वही लेता है जो इस बात को जानता है और जिसके हाथ में भीड़ का रिमोट होता है ! आज सोशल मिडिया भीड़ का स्वामी है !

भीड़ की बरसात में भींग कर जब मैं लोगों के नीचे दबा पड़ा था वहीँ भीड़ में एक भाई साहेब दबे – दबे ही मेरा फोन नंबर मांग रहे थे ! मैं अपना फोन नम्बर देने ही वाला था कि मेरी नाक पर किसी की लात के प्रहार ने मेरी आँखें सुन्न कर दीँ ! मैं म्यूट मोबाइल की तरह अचेत हो गया ! बरसती भीड़ और लोगों की चीख चिल्लाहट की कीचड़ में मेरे होश का कमल खिल कर मुरझा गया था ! कई पंजे मेरी गाल पर पहले ही पड़ चुके थे ! हालात भीड़ के नियंत्रण में हैं इस भरोसे के साथ लोगों के चेहरों पर लाइक्स के सारे इमोटिकॉन बिखर गए थे ! जिसके मन में जो आ रहा था सोशल मीडिया पर अपनी ऊँगली से दबा रहा था ! क्लिक – क्लिक की अदृश्य आवाज़ आसमान में गूँज रही थी और लोग सुन रहे थे ! भीड़ चेहरा – विहीन होती है पर भीड़ का हर चेहरा वायरल होने को तैयार था ! भीड़ को गिरफ्तार करने के लिए भेजे गए सिपाही खाली हाथ लौट रहे थे ! सिपाहियों का असर भीड़ पर नहीं हुआ ! अलग अलग रास्तों के कुछ धार्मिक चरवाहे भी आये ! ‘ ये ‘भेड़’ वर्ग के लोग हैं इसीलिए ‘भीड़’ हैं ! इनको तुम जैसा गृहस्थ चरवाहा ही मंज़िल तक ले जा सकता है ! ‘ वे मुझसे बोले ! ‘ ये भेड़ नहीं हैं, ये भीड़ है, सब भूखे भेड़िया हैं ! ‘ यहाँ से निकलो, भागो ! जानवर को घेरने वाली भीड़ को गिरफ्तार करने के लिए भेजा गया दरोगा सिपाही के साथ खाली हाथ लौटते हुए मुझसे बोला ! धर्म और पुलिस अपना काम कर रही थी ! भीड़ भोंके हज़ार, मेरा जानवर चले बाज़ार ! भारतीय जानवर भारतीय भीड़ के साथ बढ़ रहा है ! भीड़ को आप चाहे न पहचान पाए हों पर जानवर को आप जरूर पहचान गए होंगे ! मैं जीते जी भीड़ की बरसात में सोशल मिडिया पर मर चूका था !

योग क्रिमिनल  

सामान्यतः लोग योग को एक ऐसे रूप में जानते हैं जिसमें हठ पूर्वक कुछ शारीरिक एवं मानसिक क्रियाओं के नियमित अभ्यास से आप अपना खोया हुआ स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त कर सकते हैं ! जबकि ऐसा नहीं है ! अब योग का कोई गलत आसन आपको योग अपराधी बना सकता है ! अब ठीक से योग नहीं करना क्राइम है और गलत तरीके से योग करने वाले योग क्रिमिनल हैं !

दरअसल योग एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां भारत सरकार और योग करनेवालों के बीच संवाद पूरी तरह टूटा हुआ है !

विश्व योग दिवस के दिन मुझे एक योग इंस्पेक्टर अपने दो योग सिपाहियों के साथ पकड़ कर पुलिस आसन में पूछताछ स्टेशन ले गए !

‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे दो सौ रुपये लें और मुझे जाने दें ! ‘ मैंने प्रार्थना की !

‘ योग क्रिमिनल को ऐसे कैसे जाने दें ? ‘ योग इंस्पेक्टर त्रिफला चूर्ण जी ने कहा !

‘ योग करना क्राइम है ? ‘ मैंने आश्चर्य से भड़कने का नाटक किया !

‘ आसन को गलत करना क्राइम है ! ‘ त्रिफला जी उवाच ! ‘ योग का बेहतर लाभ पाने के लिए जरूरी है उसकी क्रियाओं का सही अभ्यास ! क्योंकि योग क्रियाओं का गलत अभ्यास शरीर को लाभ पहुंचाने की बजाय समस्याओं का कारण बन सकता है ! कचहरी में आपके योग शिक्षक या योग गुरु के साथ बात करना बेहतर होगा ! ‘ त्रिफला चूर्ण जी ने अपना गला साफ़ करते हुए अपना निर्णय सुनाया !

‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे चार सौ रुपये लें और मुझे जाने दें !’ मैंने दुबारा प्रार्थना की !

‘ हम अक्सर किसी आसन को महज़ इसलिए स्वीकार कर लेते हैं, क्योंकि वे हमारी परंपरागत मान्यताओं के अनुरूप होती हैं ! ऐसा करते वक़्त हम न तो इन आसनो के पीछे के तर्कों की परवाह करते हैं, न उनके प्रभावों की प्रामाणिकता जांचने की ज़हमत उठाते हैं ! ‘ त्रिफला चूर्ण जी मुझे मुक्त और मुफ़्त प्रवचन दिए जा रहे थे ! ‘ ऐसे समय में जब फ़र्ज़ी आसन बनाने और उन्हें प्रसारित करने का कारोबार चरम पर है, हमें योग को लेकर न सिर्फ़ सावधान रहना चाहिए, बल्कि मीडिया पर भी सवाल करने चाहिए ! ‘ त्रि. चूर्ण जी ने मैराथन योग वचन में लघु विराम लिया ! मैंने उनके आगे का अदृश्य माइक अपनी और खिंच लिया ! ‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे पाँच सौ रुपये लें और मुझे जाने दें !’ मैंने करुण गुहार की !

‘ सत्य वचन श्रीमान ! पाई पाई जोड़ना योग है ! आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का उपक्रम पेड़ पर लटक कर नहीं करना चाहिए ! ‘ व्हॉट ??? मैं डर से चीख पड़ा !

‘ आज योग आसन करना एक बड़ी चुनौती है ! आजकल योग के नाम पर जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है ! ‘ रिलैक्स श्रीमान ! त्रिचूर्ण जी ने जादूगर की तरह अपनी दोनों हाथ की हथेलियों को हवा में लहराते हुए अपनी हस्तमुद्रा से हाथों की आकृति पान के समान बना दिया और मेरी तरफ मुस्कुराते हुए  कहा ‘ सरकार को जनता के शरीर, मन और प्राण की चिंता खाए जा रही है ! ‘ फिर मुझे घूरते हुए  बोले ‘ पता नहीं जनता का पेट कब भरेगा ? ‘ योग इंस्पेक्टर मुझे अपलक देख रहे थे ! शायद वो मेरा चेहरा पढ़ रहे थे !

‘ पान मुद्रा ‘ मैं अपने आप में बुदबुदाया ! मुझे तत्क्षण लगा कि अब ये मेरी सेल्फी लेंगे और ठीक वही हुआ ! उन्होंने आधे पान में अपना चेहरा खिंचा और सोशल मिडिया पर प्रसारित कर दिया !

मैं डर गया मुझे लगा अब मेरे वायरल होने की बारी है ! ‘ सर ! सारे नियम योग में दिए गए हैं ! ट्रैफिक के नियम से लेकर इ वि एम् तक के नियम ! मैंने सब पढ़े हैं ! सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे सात सौ रुपये लें और मुझे जाने दें !’ मैंने कातर स्वर में कहा ! ‘ मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूँ, जो लैंगिक समानता, शिक्षा, गरीबी – उन्मूलन, मानवाधिकार और दक्षिण एशिया में शांति जैसे मुद्दों पर हर दिन आधी रात से ही लगातार सक्रिय रहता है ! मैं योग दिवस की भावना में बह गया था ! ‘ ये सब कहते हुए मैंने महसूस किया मेरा पेट भारी हो गया है ! तनाव से मेरे फेट में गैस भर गया था ! त्रिफला चूर्ण को फाँकने की तीव्र इच्छा प्रबल हो गयी ! ‘ योग विज्ञान और उसकी क्रियाओं की संवैधानिक महत्ता आधुनिक राजनितिक विज्ञान भी स्वीकार करता है फिर मैं किस खेत की मूली हूँ ! ‘ मैंने नाटकीय अंदाज में कहा ! ‘ मैं जानता हूँ केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय का आयुष विभाग प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों, खासकर योग को स्वच्छ रखने की मुहिम चला रहा है ! उसी विभाग के आप योग इंस्पेक्टर हैं ! सरकार की इस पहल से सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में योग प्रशिक्षकों व योग थेरेपिस्ट के लिए रोजगार के मौके पैदा हुए हैं ! इसलिए योग क्राइम भी बढ़ा है जिसके लिए आप जैसे योग्य क्राइम इंस्पेक्टर हैं ! योग क्राइम की रोक थाम के लिए आप का हर काम सराहनीय है सर ! ‘ मैंने एक ही सांस में सब कह दिया था ! मरे पेट में बल पर गया !

‘ आप ने सरकारी योग के लिए क्या किया है ? ‘ इस सवाल से त्रिफला ने मेरा मुंह बंद कर दिया !

इस सीधे प्रश्न के तनाव से मेरे अंदर कुछ फट गया  ‘ पु उउउउउउउऊँ ईईईई … ‘ अंदर तनाव के गोले के फटते ही मैं पवन मुक्त हो गया था !

साइलेंस उधर !

साइलेंस इधर !

मैंने योग इंस्पेक्टर त्रिफला सिंह को देख कर अशिष्ट होने की अपराध में नज़रें झुका लीं !

‘ जी ! थोड़ा गैस हो गया है ! माफ़ कीजिये ! ‘ मैंने संवाद को फिर से जोड़ा ! ‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे सात सौ रुपये लें और मुझे जाने दें ! ‘ मैंने पवन मुक्त प्रार्थना की !

‘ योग क्राइम कर के आप राहत की सांस लेते हैं ? कैसे ले पाते हैं ? ‘ मेरे अशिष्ट पवन मुक्त आसन से वो बौखलाया हुआ था ! ‘ आप जानते हैं योग पेट के लिए किया जाता है ! ‘ उसने ऊँची आवाज में मुझसे कहा ! मैंने देखा पेट मरोड़ का तनाव उसके चेहरे पर साफ़ था ! तो क्या योग इंस्पेक्टर त्रिफला चूर्ण स्वयं योग अपराधी है ? मेरा दिमाग तेजी से जेम्स बांड बन गया !

‘ योग शरीर के लिए किया जाता है ! ‘ मैंने शांत स्वर में कहा !

‘ आप का पेट क्या पाकिस्तान में है ? आपका पेट आपके शरीर में ही है न ? अपने शरीर को सुनें ! ‘

योग इंस्पेक्टर लगभग चीख पड़ा ! पेट के गैस की छटपटाहट कोई भी उसके चेहरे पर पढ़ सकता था ! उसकी पीड़ा मुझे आनंद दे रही थी ! ‘ सर आप की हवा टाइट है ! ‘ पकडे जाने की हड़बड़ाहट में उसके पेट का गोला भी जग जीतने इसरो के रॉकेट जैसा निर्भय और उन्मुक्त हो कर निकल पड़ा !

‘ पों ऊँ  उउउउउउऊँ ‘ इंस्पेक्टर साहब तनाव मुक्त होते ही पवन मुक्त हो गए !

साइलेंस इधर !

साइलेंस उधर !

इस बार अशिष्ट वे हुए थे फिर भी सब कुछ अनदेखा करते हुए नज़रें मैंने ही झुका लिया !

मुझे लगा मेरी हवा मुक्त हो कर उनकी हवा को भी मुक्त होने की राह दिखा गयी ! मैं योग इंस्पेक्टर के ही नहीं बल्कि ड्यूटी अफसर के कुछ काम आ गया था ! मेरा अपराध बोध थोड़ा कम हो गया ! मुझे लगा सात सौ रुपये का शगुन ही हवा बन कर निकला है ! अच्छा अवसर मान कर मैंने जेब से सात सौ रुपये निकाल लिया ! मुझे योग के इस अपराध जाल से निकलना था !

‘ सर आपका पवन मुक्त आसन भी देख लिया ! पर्यावरण में होने वाले बदलावों से हम सभी प्रभावित होते हैं ! स्वस्थ समाज के लिए संतुलित पर्यावरण अत्यंत आवश्यक है ! पर्यावरण को प्रदूषित होने से रोकने की जिम्मेदारी हम सबकी है ! ऐसे में यह आवश्यक है कि हम हर तरह के प्रदूषण पर लगाम लगाएं ! योग गुरु बन कर भारत दुनिया की सबसे भयानक योग – प्रदूषण की स्थिति का सामना कर रहा है ! ‘ ये कहते हुए कम शब्दों में मैंने अच्छे नागरिक होने का परिचय दे दिया ! गैस निकलने के बाद त्रिफला चूर्ण जी का चेहरा शांत हो गया था ! मैंने सोचा यही सही समय है ! उन्होंने भी मेरे चेहरे को पढ़ लिया था ! ‘ कुछ हस्त मुद्रा कीजिये ! ‘ उन्होंने कहा !

 ‘ जी ! ‘ दान मुद्रा में अपना हाथ बढ़ाते हुए मैंने कहा ! मेरे हाथ में पांच सौ का एक नया नोट और सौ – सौ  के दो नोट मिला के तीन पत्ते थे ! वे भी तीन थे !
‘ नए योग कानून के हिसाब से हर सप्ताह मुझे कितनी बार योग – अभ्यास करना चाहिए ? ‘ मैंने अपना समय बचाने के लिए पूछा !
‘ मुझे हफ्ता दे कर आप हर दिन अभ्यास कर सकते हैं ! ‘ योग इंस्पेक्टर त्रिफला जी सहज उत्तर देते हुए बोले ! ‘ योग दान के लिए शुक्रिया ! ‘
‘ योग के दान के लिए आप का भी शुक्रिया ! ‘ व्यावहारिक बनते हुए मैंने भी जवाब दिया !
‘ प्रिय मित्र श्रीमान, मैं इस ग़लतफ़हमी को साफ करना चाहता हूं कि योग उतना योग नहीं है जितना लोग सोचते हैं ! ‘ इंस्पेक्टर साहेब फिर से चहकने लगे थे !
‘ हाल के समय में फ़ेक योग यानी फ़र्ज़ी आसनों का सबसे जीता – जागता उदाहरण शवासन हैं ! आपको बता दें कि शवासन एक ऐसा आसन है जिसमें शव की मुद्रा में लेट कर शरीर और दिमाग को आराम दिया जाता है ! किसानों ने क्या किया इस आसन के साथ ? क्या सरकार उनकी खेत में अपनी बीज बोती है ? फिर किसानों ने कैसे योग जैसे सरकारी खेती में अपने आंदोलन बोए ? शवासन क्या अब ऐसे प्रयोग के लिए ही बचा है ? आंदोलन की जगह अगर वो ये आसन अपनी खेतों में करते तो आज कर्ज़ माफ़ी के लिए उन्हें आत्महत्या न करना पड़ता !’
साइलेंस इधर !
साइलेंस उधर !
‘ योग लंबे वक्त तक एक बंद दुनिया थी, जिसमें कुछ ही लोगों की पता नहीं कैसे एंट्री होती थी ! लेकिन सोशल मीडिया ने योग की बंद दुनिया को छिन्न भिन्न कर दिया है ! आप शवासन क्यों कर रहे थे ? उसके इस सवाल से मेरे कान खड़े हो गए ! अब क्या हुआ ? मैंने डरते डरते सोचा !
‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! ‘
‘ अपने शहर में योग आसन की निगरानी करने वाले एक समूह से जुड़ जाइये !, जिसे स्थानीय लोग खुद ही मिल कर चला रहे हैं ! ये नेटवर्क स्थानीय निवासियों का एक समूह है जो मीडिया में दिखाए गए शहरों के योग प्रदूषण को मापते हैं और उनके आंकड़ों को ट्विटर पर जारी करते हैं ! ‘
योग का अभ्यास आज से ही आरंभ करने का दृढ़ संकल्प कर इसके विभिन्न लाभों को स्वयं अनुभव कीजिए ! फेसबुक और इंस्टाग्राम के बिना योग फीकी है ! हर वक्त अपना सोशल मीडिया अकाउंट अपडेट करते रहें ! तेजस्वी स्वास्थ्य, सफलता, शांति, समृद्धि तथा अमरत्व के लिए ईश्वरीय आशीर्वाद आप को प्राप्त हो ! तीन सौ साठ डिग्री फिटनेस पा कर आप हर कोण से अपना सेल्फी ले सकें ! एक कुर्सी पर स्वस्थ और तटस्थ बैठने की स्थिति को आप भी जल्द प्राप्त  करें
कंप्यूटर के सामने बैठे रहने का आदर्श आसन आप को प्राप्त हो ! सबको गूगल खोज में आप मिल जाएँ ! मेरे मन में आप के लिए यही स्टेटस हैं !

‘ किसी ने ठीक कहा है योग में आय का कोई तय पैमाना नहीं है ! ‘ मैंने सोचा ! पर योग क्रिमिनल का ज्यादा सोचना क्या ठीक है ? मुक्ति मिलते ही मैं सर पर पाँव रख कर भाग गया !

स्वर्ग में एडमिशन

स्वर्ग

स्वर्ग में एडमिशन भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा है, जिसके लिए हम सब मरते हैं ! आज अखिल भारतीय स्वर्ग संस्थान के प्रवेश परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं ! स्वर्ग में एडमिशन के लिए अखिल भारतीय स्वर्ग संस्थान ने रिजल्ट और मेरिट लिस्ट दोनों जारी कर दी है ! मरने के बाद उम्मीदवार अपना परिणाम स्वर्ग की अॉफिशियल वेबसाइट पर जाकर भी देख सकते हैं !

एंट्रेस एग्‍जामिनेशन फॉर स्वर्ग का आयोजन पुरे देश में रोज़ किया जाता है ! स्वर्ग में एडमिशन की इस प्रवेश परीक्षा को मृत्यु लोक की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षा मानी जाती है ! ऊपर वाले की सरकार अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्वर्ग में एडमिशन की लिस्ट की कन्फर्म और वेटिंग की स्थिति भी बता देती है ! रोज की तरह आज सुबह भी स्वर्ग में एडमिशन की प्रक्रिया कुछ वजहों को लेकर चर्चा में रही !

वर्तमान अध्यात्म और मानव अनुभव के अनुरूप जब मैं स्वर्ग के पास पहुंचा तब स्वर्ग में एडमिशन का ख़्वाब देखने वालों की स्वर्ग के मेन डोर पर ही काफी भीड़ थी ! सूचना की कमी से भ्रम और अराजकता बनी थी ! प्रवेश फार्म और स्पष्टीकरण प्राप्त करने के लिए देश के कई किसानों के खड़े होने के कारण चल रहे भ्रम की स्थिति में ऐसा लग रहा था कि किसान आंदोलन धरती से उठ कर स्वर्ग के दरवाज़े पर पहुँच गया है ! भ्रम और अराजकता के बीच यमराज ने अभी तक आज का एडमीशन शुरू नहीं किया था !

‘ मैं यमराज हूँ ! ‘ यमराज ने अपना फॉर्मल परिचय दिया ! ‘ स्वर्ग उन लोगों के लिए है जिन्होंने मरने से पहले अच्छे काम किए हैं और नरक की बात मैं यहाँ नहीं करना चाहता ! आप लोग भी अपना परिचय दीजिये ! ‘ यमराज ने मेरी तरफ देखते हुए बोलने का इशारा किया ! ‘ मैं परमानंद की अवस्था में अपनी जमीन जोत रहा था ! खेत ही मेरा स्वर्ग था ! अपनी जमीन को जोतने में इतना डूबा हुआ था कि पता ही नहीं चला कब गोली चली और मैं मर गया ! ‘
‘ खेत में आपको लगता था कि आप स्वर्ग में हैं ? आप जर्नलिस्ट हैं क्या ? ‘ यमराज ने मुझसे प्रश्न किया ! ‘ मैं किसान हूँ ! ‘ मैंने उत्तर दिया !
‘ किसान थे ! अभी आप स्वर्ग में एडमिशन के प्रत्याशी हैं और आप का नाम वेटिंग लिस्ट में भी नहीं है ! खाली हाथ स्वर्ग आये हैं ? ‘ यमराज ने पूछा !
‘ मैं किसान हूँ ‘ मैंने दुबारा कहा ! ‘ ये स्वर्ग है, बैंक नहीं ! ‘ यमराज हँसते हुए बोले ! ‘ बार बार किसान कह कर मुझे मत डराइए ! अपने कर्मो का फसल कहाँ छोड़ आये ? ‘ सभी आत्मा हंस पड़े ! मैं झेंप गया ! यमराज ने मुझे बुद्धिजीवी मान कर बात आगे बढ़ा दी !
‘ सुना है कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम में प्रमुख लोग क़र्ज़ माफी के ख़िलाफ़ हैं ?
‘ अधिकतर किसान अपना कर्ज़ समय पर चुकाते हैं ‘ मैंने जवाब दिया !
‘ किसानों की आत्महत्या के पीछे प्रमुख कारण वित्तीय समस्या ही है ! छोटे ऋणों ने मुझे मारा है ! ‘
यदि आपको अपनी मृत्यु की शिकायत करनी है तो आत्महत्या हॉटलाइन से संपर्क करें ! यमराज ने मुझे फिर हुड़का ! ‘ कृषि की रिपोर्ट मिडिया करती है और मिडिया को मैं भी जानता हूँ ! ‘ अपनी सेल्फी लेते हुए यमराज ने मुझ पर तंज़ किया ! ‘ दस किसान रोज मरते हैं ! ‘ सरकार ने किसानों से किया चुनावी वादा पूरा कर दिया है फिर आप क्यों मरे ?
‘ मेरे मरने के बाद क़र्ज़ माफ़ किया गया ! ‘ मैंने जवाब दिया !
‘ आप नए किसान होंगे ! मैं पुराना यमराज हूँ ! मुझे सरकारी आंकड़ा मत दीजिये ! मैं सबके दाने – दाने को जानता हूँ ! बैंकों से फसली ऋण ले कर माफ़ कराना कहाँ का फैशन है ? दूसरे सेक्टर के बारे में सोचिये ! कलाकारों और फिल्मकारों के बारे में सोचिये ! बेचारों को कोई क़र्ज़ भी नहीं देता ! प्राइवेट स्वर्ग में एडमिशन लीजिये ! मैनेजमैंट कोटा में फार्मर्स कोटा भी है ! स्वर्ग में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय धार्मिक पात्रता परीक्षा पास कीजिये ! आत्महत्याओं पर शोध से पता चला है कि मीडिया द्वारा असंवेदनशील रिपोर्टिंग की वजह से कई किसान मारे गए हैं ! डायरेक्टरेट ऑफ स्वर्ग के मुताबिक आज के स्वर्ग में एडमिशन प्रक्रिया का ऐलान बाद में किया जाएगा ! यमराज आगे बोले ‘ किसान भाई घर और खेत के आसपास के स्वर्गों की एक लिस्‍ट तैयार करें ! फिर उनमें से उन स्वर्गों को शॉर्टलिस्‍ट करें जहां आप एडमिशन के लिए आवेदन करेंगे ! सब बैकुण्ठ जायेंगे तो खेत कौन जोतेगा ? आप सब में से जो जा सकते हैं अच्छे और प्राइवेट स्वर्गों में जाइये ! बाज़ार और सरकार के फ़ैसले किसान के ख़िलाफ़ गए हैं ! बेकाबू किसानों के आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस को गोलियां चलानी पड़ी ! मैंने भी सब देखा है ! कई जगहों पर किसानों ने प्याज़ और टमाटर सड़क पर ही गिरा दिए ! किसानों का प्रदर्शन बताता है कि परिस्थितियां बिगड़ी हैं ! मेरे पास छोटा सा सरकारी स्वर्ग है ! दूसरी और पुण्य आत्माएँ भी हैं, मैं सभी किसान भाइयों को स्वर्ग में एडमिशन कैसे दे सकता हूँ ? ‘
आदत से मज़बूर किसान स्वर्ग के सामने यमराज के मनमाने और भेदभावपूर्ण नीतियों के ख़िलाफ़ नारे लगाने लगे ! मुझ जैसे कुछ किसानों ने नर्क का रास्ता लेने की जगह फिर से भारत में किसान बनने की ठान ली और लौट चले !