बजट पच्चीसी

Illustration : Anirban Bora

Illustration : Anirban Bora

१.

मैं बजट हूँ !

समझौता के जादू को बजट कहते हैं ! मैं पत्नी के सहयोग से बनता हूँ ! दिन में घर का बजट ही रात में पति बन जाता है ! समय पर बिल भुगतान करना, कर्जों का सही समय पर निपटारा करना और अपने बचत, निवेश लक्ष्यों को हासिल करना भी मेरे ही अंतर्गत आता है ! घर का बजट बनाने का अर्थ है कि आप मुझे बना रहे हैं !

२.

मेरी बजट राशि !
जैसे घूमती हुई पृथ्वी घूमती हुई दिखाई नहीं देती, वैसे ही बजट भी हमारे इर्द गिर्द घूमता है पर मुझे कहीं घूमता हुआ दिखाई नहीं देता ! ऐसा जान पड़ता है कि मैं धन का नहीं, धन मेरा चक्कर लगा रहा है ! मेरे साथ चन्द्रमा और सूर्य भी मेरी धन राशि वृत्त पर चल रहे हैं ! मैं वृत्त में नहीं वित्त में पड़नेवाले विशिष्ट असंख्य तारा समूह में एक हूँ और सबके साथ मेरी राशि भी वित्त है !

३.

बजट का हनीमून !

मुझे अच्छी तरह पता है, बजट बनाने का मतलब है कि आप शादी के फंदे में फंस गए हैं ! मेरी गृहस्थी में बजट की शुरुआत हनीमून से ही हो गयी थी ! हनीमून पैकेज के साथ मेरे अंदर बजट शब्द की गंभीर यात्रा शुरू हो गयी ! शादी के तुरंत बाद मुझे पता चल गया था बजट का हनीमून से नाता है ! जितना बड़ा बजट उतना बड़ा हनीमून पैकेज ! बड़ा पैकेज मतलब बड़ा हनीमून, छोटा बजट मतलब छोटे पैकेज का छोटा हनीमून !

४.

भारतीय बजट !

फ्रांस में धन के आय और उसके व्यय की सूची को बजट कहते हैं ! फ्रांसीसी भाषा के शब्द से जन्मे इस बहुमंजिले शब्द से ही दुनिया लाभ में रहना सीखी है ! फ्रांस में आज बजट के साथ जो भी हो रहा हो, भारतीय बजट में अपनी आय और व्यय की भावना को मुझे बैंक खाते में रखना पड़ता है ! बहुमंजिला बजट को समझने की प्रतिभा मुझसे ज्यादा मेरी पत्नी में है !

५.

चालू खाता !

खाते ! खाते, खाते, खाते और खाते ! खाते – पीते फिर खाते ! खाते – खाते, पीते – पीते ! बैंक और खाते ! खाते – खाते, बैंक – बैंक ! खाते – बैंक, पीते – बैंक ! बैंक – बैंक ! खाते – खाते ! मेरा खाता , मेरा बैंक ! मेरा खाता मेरी खता ! खाता – खता, बैंक बैंक !

६.

बैलेंस बजट !

बजट ब्रह्म है ! वर्ष / केंद्रीय / कोष  / वित्त / मंत्री / आयोग / सरकार / योजना / ग्रामीण / बदलाव / संसद / प्रदर्शन / बिजली / सड़क / गैस / चर्चा / केंद्र / इत्यादि, इत्यादि ! मैं किसी भी शब्द से बजट पर कोई भी वाक्य पूरा कर सकता हूँ ! मेरा बजट मेरा ब्रह्म है ! मेरे बजट का बैलेंस हर शब्द में बना रहता है !

७.

पॉकेट मनी !

मेरे बजट में चार पॉकेट हैं ! दो पैंट के और दो शर्ट के ! मेरे पॉकेट मेरी पत्नी का ही कहा मानते हैं ! मैं सिर्फ उनको धोता और ढोता हूँ ! अपने साल की योजना का इरादा मैं अपने पॉकेट में ही रखता हूँ ! न जाने क्यों जब कभी बजट शब्‍द सुनाई देता है, मेरे हाथ पॉकेट में घुस जाते हैं !

८.

इकोनॉमिक्स !

दिन के, रात के, हफ़्ते के, महीने के, साल के, बजट को पहचानता हूँ ! जैसे घर में मैं अपनी पत्नी को सुनता हूँ वैसे ही टेलीविजन पर सचमुच में वित्त मंत्री को सुनता हूँ ! सिर्फ आलोचना नहीं करता ! मेरे बजट के इकोनॉमिक्स में रुपयों को छोड़ कर फिजिक्स, केमिस्ट्री, हिस्ट्री, जॉग्राफी, बायोलॉजी, स्पोर्ट्स, टेक्नोलॉजी, पर्यावरण, व्यापार, आकाश, पाताल, जंगल, पहाड़, सब है !

९.

मेरी लाइफ !

मेरी लाइफ इस साल भी स्टायलिश लुक के साथ मॉर्डन फीचर्स वाली इंटीरियर की होगी ! मेरे लिए कम बजट में फैमिली कार के बेहतर विकल्प इस साल भी आएंगे ! मार्किट में मल्टी साइज़ के ऑल्टो बजट से मैं इस साल भी बच नहीं पाउँगा ! बेहतर परफॉर्मेंस के साथ-साथ ज्यादा माइलेज के मामले में इस साल भी मेरी लाइफ आगे जाएगी ! किसी भी बजट में मुझे मेरे गंतव्य तक मेरी सरकार पहुँचा ही देगी !

१०.

मेरा हिसाब किताब !

पैसा कैसे काम करता है, इस बात को समझना ही बजट नहीं है ! शादी के कई साल बाद मुझे विश्वास हो गया है कि रोज़ सुबह पूरब में जो उगता है वो बजट है ! दोपहर को दिन भर का बजट आधा हो जाता है ! घरेलू काम की हिस्सेदारी की शेयरिंग ही असली बजट है ! गृहस्थी एक संयुक्त खाता है, बजट का हिसाब किताब दोनों प्राणी को रखना पड़ता है !

११.

बजट का बच्चा !

मेरे बजट के बारह दाढ़ हैं ! इन दांतों के बीच मेरे चार ज्ञान के दाँत हैं जो बजट के नाम पर लोहे का चना चबाते हैं ! दूध के दाँत टूटने तक माता पिता ही बच्चों का बजट हैं ! किशोरावस्था तक जैसे छुप छुप के मैंने इन्टरनेट पर सेक्स समझ लिया था वैसे ही भारतीय बच्चे यू – ट्यूब पर वित्त मंत्रियों को सुन सुन के बजट भी समझ लेंगे !

१२.

बजट पर ज़ुल्म !

बजट के इस पैकेज में हम नए दो हज़ार पांच सौ को विभिन्न स्तर पर भावनात्मक और शारीरिक रूप में ज्यादा जान जायेंगे ! नोटबंदी के नाम पर पिछले ढाई महिने में मुझ पर ना जाने क्या क्या जुल्म हुए, मेरे हज़ार पाँच सौ मेरे नहीं रहे ! लेकिन मैं बजट के साथ रहा किसी के आगे झुका नहीं !

१३.

हास्य बजट !
मुझे अपने बजट को पाने के लिए शेमलेस होना चाहिए था मैं कैश लेस हो गया ! मेरे इस बजट में हास्य बारह परसेंट से पंद्रह परसेंट पर पहुँच गया है ! वर वधु को इस साल भी लिफाफा टिकाया जायेगा ! मैंने सुना है बजट के दिव्यांगों के लिए नए बजट में हेल्पिंग किट्स सस्ते हो गए हैं ! व्यंग – आंगों को मेरा हास्य बजट सुनने पर भाषण के बजट पर लाभांश मिलेगा !

१४.

सबका रुपया एक है !

बजट में पत्नी माँग है और मैं पूर्ती हूँ ! प्रत्येक माह अपने आप को अनुशाशन में रखना होता है तब बजट में लाभ होता है ! मेरी अर्थपूर्ण चाहतों और अनावश्यक इच्छाओं को मुझसे अलग करने को मेरी पत्नी बजट मानती है ! जैसे मेरी आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपया एक है, वैसे ही बजट में अपनी अपनी अठ्ठनी होते हुए भी सबका रुपया एक है !

१५.

लाभ – लाइफ !

लव में लाभ को भी बजट कहते हैं, जैसे प्रेम में हानि को लाभ कहते हैं !

१६ .

स्मार्ट बजट !

मेरा स्मार्टफोन इस बजट में और स्मार्ट होगा ! इस बजट में स्मार्ट शहरों की तरह स्मार्टफोन के सोल्ड आउट होने की जानकारी मुझे फिर मिलेगी ! डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन दिये जाने के साथ – साथ फसलों में प्रचुरता भी इसी साल आएगी ! हेल्थ, एजुकेशन पर इस साल फिर फोकस होगा !

१७.

बजट का श्रृंगार !
बजट का बहिष्कार ही बजट का श्रृंगार है ! जिनके लिए बजट बनता है वही बजट का बहिष्कार करते हैं ! जो आज बनाते हैं वही कल उसकी चुटकी लेते हैं !  बजट एक ऐसा यूनिवर्सल चुटकुला है जो सबको पूरे साल याद रहता है और जिसे सब समझते हैं ! रहमत की बारिश के कीचड़ में इस साल फिर कमल का फूल खिलेगा !

१८.

एक साल की वॉरंटी वाला बजट !
नए बजट में अपने आप को अपग्रेड करने का ऑफर मुझे इस साल भी मिलेगा ! सारे एक्‍सचेंज ऑफर मुझे फिर से पेश किये जायेंगे ! फ्री रजिस्‍ट्रशन और एक साल की वॉरंटी वाला फेस्टिव ऑफर, फेस्टिवल सीजन में कैश डिस्‍काउंट के साथ मुझे इस बजट में फिर मिलेगा ! सोना जीतने का मौका मुझे नया बजट इस साल फिर देगा !

१९.

बजट के बड़े एलान !
‘ बजट इस साल घर का चौका – बर्तन, झाड़ू – पोछा नहीं करेगा ! मशीन से निकाल के कपडे भी नहीं फैलाएगा ! दुकान से राशन भी नहीं लाएगा ! सब्ज़ी खरीदने बाज़ार नहीं जायेगा ! मोबाइल का बिल नहीं भरेगा ! बजट अपना सर – चार्ज करेगा ! ‘ये मैं क्या बड़बड़ा रहा हूँ ! ‘ मुझे किसी बैंक में ले चलो, मुझे डिजिटल साक्षरता की ज़रूरत है !’

२०.

ग्रामीण कम – इन !

ग्रामीण तुम हमें आज ज़मीन दो हम तुम्हे कल घर देंगे ! गाँव में ऋण वसूली बजट के पीठ पीछे होगा ! तीसरा पूर्ण बजट तुम ले लो ! ग्रामीण तुमसे मुझे और कुछ नहीं चाहिए, मुझे कुछ नहीं चाहिए ! कम – इन ग्रामीण !

२१.

बजट का दर्ज़ी !

बजट का दर्ज़ी मेरा साइज़ जानता है ! बजट में मेरे मोबाइल, पर्स, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड के नाप से मेरी इज़्ज़त काटी जाती है ! इस साल युवाओं को अपने साइज़ का पासवर्ड बजट के दर्ज़ी को देना होगा जिससे बचने के लिए युवा अपने कपड़े खुद फाड़ेंगे जिसे सरकार अगले बजट में सिल देगी !

२२.

अच्छा बजट ही एक अच्छा पति है !

कुछ लोग कहते हैं बजट काम नहीं करते ! बजट के साथ यही समस्या है ! बजट का काम किसी को दिखता नहीं है ! अच्छे बजट के पास पैसा होता है, पैसा सबको दिखता है ! ख़राब बजट के पास दिल होता है जिसको अब प्रेमिका भी तोड़ देती है ! कोई ख़ाली जेब को बजट कहता है, एक्सपेंडीचर सेक्रेटरी मेरी पत्नी बचे हुए पैसों को बजट कहती है !

२३.

बजट छुक छुक !

बजट बुद्धिमान ! बजट शक्तिमान ! बजट सुपरमैन ! बजट लक्ष्मी ! बजट शक्ति ! बजट – बुद्धि उत्सुक होता है, बजट अपनी खुशियों की कॉस्मैटिक पटरी पर छुक – छुक होता है !

२४.

बजट पास !

बजट एक बार संसद में पास हो गया तो फिर साल भर तक मेरे पास नहीं आता ! बजट पास होने के बाद बजट को फेल करने की जिम्मेदारी मेरे ही कंधों पर होती है !

२५.

बजट पच्चीसी !

बजट को होना था समृद्धि का बजट सिंहासन बत्तीसी ! ड्रग्स ने बजट को बना दिया बजट बेताल पच्चीसी ! घर का पति मैं, बजट में एक्स व्यक्ति ! इति रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स, इति बजट पच्चीसी !!

एंग्री सोशल मैन

एंग्री सोशल मैन गुस्से में खड़ा ही रहता है !
एंग्री सोशल मैन राष्ट की इज्जत को की – बोर्ड में रखता है !

एंग्री सोशल मैन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पुतला है !
एंग्री सोशल मैन का गुस्सा ऑड – ईवन नहीं होता !
एंग्री सोशल मैन अपना गुस्सा अपने पोस्ट पर पब्लिक कर देता है !
एंग्री सोशल मैन सच्चा देश भक्त है !
एंग्री सोशल मैन जे एन यू को गाली देता है !
एंग्री सोशल मैन का डायजेस्टिव सिस्टम इंटेलेक्टयूएल का पाखण्ड, विरोध का अपच, विचारधारा का अजीर्ण भी डाइजेस्ट कर लेता है !
एंग्री सोशल मैन बकचोदी नहीं करता !
एंग्री सोशल मैन आमिर खान की फ़िल्म को बायकॉट करता है !
एंग्री सोशल मैन भारत माता की जय नहीं बोलता !
एंग्री सोशल मैन विनम्र श्रद्धांजलि भी गुस्से में देता है !
एंग्री सोशल मैन किसी गुमनाम लड़ाई में सबकी मदद करता है !
एंग्री सोशल मैन रिएक्ट कर के अंड बंड, अकर बकर, अंट शंट, आलतू फालतू, बातें नहीं करता !
एंग्री सोशल मैन का गुस्सा ब्रेक नहीं लेता !
एंग्री सोशल मैन का बस नाम ही पढ़ते रहते हैं,
एंग्री सोशल मैन मिस्टर इंडिया है !

एंग्री सोशल मैन की तस्वीरों के पीछे माओत्से झांकते हैं !
एंग्री सोशल मैन रविश कुमार को गाली देता है !
एंग्री सोशल मैन महान गुप्त गतिविधियों में लिप्त रहता है !
एंग्री सोशल मैन के अनुयायी गलियों में नहीं गालियों में सबका पीछा करते हैं !
एंग्री सोशल मैन मुठ्ठी तान नहीं सकता, उसकी मुठ्ठी में फ़ोन रहता है !

एंग्री सोशल मैन शेयर का चहेता, लाइक का प्रेमी, कमैंट्स का फॉलोवर, और सोशल मिडिया का जंतर – मंतर है !
एंग्री सोशल मैन हर सोशल प्लेटफार्म पर गुस्से में ही मिलेगा !
एंग्री सोशल मैन वर्चुअल दुनिया में हँसता है !
एंग्री सोशल मैन का गुस्सा उसके ‘फ्रेंड्स’ झेलते हैं !

मेरे अंदर एक लाल पान की बेगम है

 

लाल पान की बेगम

लाल पान की बेगम

मेरे अंदर एक लाल पान की बेगम है जिसका मैं गुलाम हूँ ! मेरा मुख्य कर्तव्य दिन रात उस स्त्री की सेवा से जुड़ा हुआ है ! मेरे अंदर उसको बराबरी का दर्जा हासिल है ! अंदर की उकता देनेवाली पुनरावृत्ति और स्नायुओं में भर गयी जड़ता से वो मुझे मुक्त कराती है और वही स्त्री मुझे आत्मनिर्भर बनाती है ! मेरे ह्रदय को एक नहीं अनेक स्त्रियों ने ढाला है ! मैं अपनी स्त्री के बारे में लिख सकता हूँ इसीलिए लिख रहा हूँ ! माँ, बहन, प्रेमिका, दोस्त, पत्नी और अब बेटी, रिश्तों की हर तह में स्त्री को जानने की ललक ही रही होगी जिसकी वजह से मुझे इतना स्त्री धन मिला है ! मौसी, बुआ, मामी, चाची, भाभी, बहु और सबकी बेटियाँ ! बहुत बड़े परिवार के साथ रह कर पला बढ़ा जिसकी वजह से मेरा संसार स्त्रियों से भरा है !

नाट्य, कलाकर्म, साहित्य और अब सिनेमा से जुड़ा जीवन ! गुरु, गाइड, दोस्त, सहकर्मी, अजनबी सब किस्म की स्त्रियों से मिलने और सीखने का सौभाग्य मिला ! स्त्रियों के साथ इतने रिश्तों में जीना, मेरा ही नहीं किसी भी भारतीय या विश्व के स्वस्थ समाज में बिताये अपने बचपन और जी रहे किसी भी उम्र के आदमी का सामान्य जीवन है, जिस पर लाखों करोड़ों लोगों की तरह मुझे भी गर्व है ! मैं आज भी स्त्रियों से आकर्षित और प्रभावित होता रहता हूँ और स्त्री ही मेरे भीतर उत्सव और आनंद का बीज बोती है !

जब भी अपने अंदर झांकता हूँ, मुझे लगता है मेरे अंदर भी एक स्त्री है जो पल रही है और मुझे पाल रही है ! मेरे अंदर की लाल पान की बेगम ही मेरी दुर्गा है, देवी है, काली है, सहचरी है, मेरे जीवन की प्राण शक्ति है ! जो मेरे भीतर के आशावादी, विजयी और सुंदर चेतना की सच्चाई है ! इस स्त्री पर अभी तो कुछ सौ शब्द लिख रहा हूँ पर मैं स्त्री पर अपने हर शब्द न्योछावर कर के उसकी आँचल में बांधेने को तैयार हूँ ! दस दिनों का दशहरा या नौ दिनों की नवरात्रि मेरे लिए स्त्रयों में मेरी आस्था से फिर फिर जुड़ने का संकल्प है !

शब्द

मेरी कई बातों का अर्थ आप नहीं लगा पाएंगे, मेरी दोस्ती शब्दों से है और बहुत सारे शब्द मुझसे मिले हुए हैं ! जैसे ही आप रंग बदलेंगे, वो अर्थ बदल लेंगे

Chaos चतुर्दशी

मुम्बई में आज chaos चतुर्दशी का कैओसशोत्सव कैओसोल्लास से मनाया जा रहा है ! चौबीस घंटे में से इक्कीस घंटे उन्नीस मिनट का समय मुम्बई में chaos चतुर्दशी का है ! chaos चतुर्दशी के कैओसशोत्सव में अठारह मार्ग पचास रास्ते पचास हज़ार पुलिस सब के सब कैलाश के नहीं कैओसोल्लास के वन – वे पर है ! आज मुम्बई वासी धार्मिक श्रद्धा और परंपरागत कैओसोल्लास के बीच गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कर रहे हैं ! Chaos चतुर्दशी के पर्व पर ही दस दिवसीय कैओसशोत्सव का समापन होगा ! भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को chaos चतुर्दशी कहा जाता है ! डेढ़ दिन के chaos – चतुर्थी वाले दस दिन के chaos – चतुर्दशी वालों पर हँस रहे हैं ! सोसाइटी के पूजा, अर्चना, आरती, गणपति, प्रतिमा, अनंत, शांति, समृद्धि, प्रसाद, प्रभु, भगवान, प्रार्थना, दक्षिणा, सब एक साथ गणपति की पूजा, अर्चना, प्रतिमा, आरती, प्रसाद के साथ कैओस कर रहे हैं ! सबकी प्रार्थना एक थी, ” इक्कीस लड्डुओं का भोग लगाया है गणेश बाबु, नाचने में आज ज्यादा ना नुकुर मत करना नहीं तो Dj को बुरा लगेगा ” ! गणपति ने मुम्बई की लाज रख ली, खूब नाचे और सबको नचाया …

भीड़ वाली सेल्फ़ी

दोस्तों की उछलकूद है भीड़ वाली सेल्फ़ी / अपने ही आसपास दोस्तों के साथ कहीं भी बन जाती है भीड़ वाली सेल्फ़ी / भीड़ वाली सेल्फ़ी खींचने के लिए कोई दोस्त फ्रेम से बाहर नहीं जाता / दोस्त दोस्त के बीच में ही खिंच जाती है भीड़ वाली सेल्फ़ी / दोस्तों के बीच बहुत पॉपुलर है भीड़ वाली सेल्फ़ी / शार्ट नोटिस पर कोई अचानक ले लेता है भीड़ वाली सेल्फ़ी / जब तक आप कपडे, बाल, मुस्कुराहट ठीक करते हैं, क्लिक हो जाती है किसी दोस्त की मोबाइल में भीड़ वाली सेल्फ़ी / देर रात किसी के वॉल पर अचानक उग आती है भीड़ वाली सेल्फ़ी / जिसका हाथ लम्बा होता है वही लेते हैं भीड़ वाली सेल्फ़ी / आवाज़ देना न भूलें, जब भी कोई ले रहा हो भीड़ वाली सेल्फ़ी / कोई रह न जाये फ्रेम से बाहर जब आप ले रहे हों भीड़ वाली सेल्फ़ी … /
अकेलेपन का हाहाकार है, अकेले ली गयी कहीं भीड़ से बाहर स्वयं की सेल्फ़ी …

रीसायकल नींद

नींद टूट गयी ! टूटी हुई नींद किसी के काम नहीं आती ! लोग उठने से पहले टूटी हुई नींद को एक बार जोड़ने की कोशिश जरूर करते हैं ! पर हार के कभी तकिये के पास या पलंग के नीचे छोड़ के उसे भूल जाते हैं ! बिस्तर झाड़ते हुए या कमरे की सफाई करते हुए फिर कभी उनकी तरफ कोई नहीं देखता ! हफ़्तों और महीनों की टूटी हुई नींद पड़े पड़े अपने आप हवा में घुल जाती हैं और धीरे धीरे किसी की नयी नींद से जुड़ जाती हैं …

कैलेंड्स

यूनानी सभ्यता में ‘कैलेंड्स’ का अर्थ था – ‘चिल्लाना’। उन दिनों एक आदमी मुनादी पीटकर बताया करता था कि कल कौन – सी तिथि, त्योहार, व्रत आदि होगा। नील नदी में बाढ़ आएगी या वर्षा होगी। इस ‘चिल्लाने’ वाले के नाम पर ही – दैट हू कैलेंड्स इज ‘कैलेंडर’ शब्द बना। वैसे लैटिन भाषा में ‘कैलेंड्स’ का अर्थ हिसाब-किताब करने का दिन माना गया। उसी आधार पर दिनों, महीनों और वर्षों का हिसाब करने को ‘कैलेंडर’ कहा गया है।

एक सचित्र देश के कैलेंडर की कहानी आज मुझसे सुनिए ! देश में शराब की एक कंपनी अपने हर राज्य की सुन्दर बदन वाली लड़कियों को एक साथ एक जगह जमा कर के बिकिनी में उनके बदन की तस्वीरें खींचते और उनका कैलेंडर बनाकर शराब और हवाई जहाज़ की टिकिटों के साथ उन कैलेंडरों को बैंक में दे आते !

बैंक के आदर्श लिबरल और आदर्श भक्त कर्मचारियों के बीच कैलेंडर की लड़कियों का समान अधिकार था ! कैलेंडर की बारह महीनो की बारह लड़कियाँ दिन रात सत्रह बैंक के कर्मचारियों के दिलों दिमाग में ‘कैलेंड्स’ करतीं और कर्मचारी नशे में मदहोश हवाई यात्रा करते हुए बैंक का सारा पैसा कैलेंडर के मालिक को ‘कैलेंड्स’ कर के दे देते ! अपने हुस्न और अपनी क़ातिल अदाओं के जरिये लड़कियाँ सबके होश उड़ा रही थी ! हर हाल में कैलेंडर सफल था ! कैलेंडर का मालिक हर साल कैलेंडर के लिए नयी लड़कियाँ ढूंढ लेता और उन्हें बैंक में ‘कैलेंड्स’ करने पहुंचा देता ! कैलेंडर की दुनिया सेक्स और पैसे के इर्दगिर्द घूमती रही ! शराब के सबसे बड़े व्यापारी पर किसी की नज़र नहीं पड़ी !

कैलेंडर की लड़कियाँ खूबसूरत थीं, प्रतिभावान थीं ! कोई स्विमिंग चैम्पियन थी ! कोई नर्तकी, कोई घुड़सवार थी तो कोई सुपर मॉडल, कोई गायक थी तो कोई बेली डांसर ! उन्हें कैलेंडर से निकल कर सोसाइटी में पहुंचना था ! कैलेंडर से निकल कर लड़कियों को सिनेमा के सुनहरे परदे पर पहुँचना था ! कैलेंडर की लड़कियों को पत्र-पत्रिकाओं और चैनलों की खबरों में सुर्खियों में रहना था !

एक दिन कैलेंडर का मालिक देश के बैंक का बहुत सारा पैसा ले कर देश से बाहर भाग गया !

कैलेंडर की लड़कियों को जैसे ही पता चला उनके कैलेंडर का जन्मदाता और मालिक भाग गया है वे एक दुसरे को फ़ोन करने लगीं ! बिकिनी संसार में अफरा तफरी मच गयी ! कितने आईने टूट गए ! मालिक मार्च के महीने में भागा था इसीलिए सब मार्च को फ़ोन लगा रही थी ! कई फोन डिब्बाबंद थे ! सबने देखा साल में नौ महीने बचे हैं ! न जाने क्यों सब डर गयीं ! गर्ल नेक्स्ट डोर वाले रोल में अंग प्रदर्शन कर के फेमस अगस्त ने फ़रवरी को फोन किया ! अपने चीक बोन से प्यार करने वाली अक्टूबर की नीली लड़की ने न्यूडिटी कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था ! बोल्डनेस की सारी हदें तोड़ने वाली दिसम्बर को वो पीछे छोड़ना चाहती थी ! उसने जनवरी को फोन किया ! ड्रॉप डेड गॉर्जियस रो रही थी ! बेडमिंटन प्लेयर अचम्भे में हँस रही थी ! सबकी बिकिनी बॉडी थी ! सबको कैलेंडर में बिकना था ! बारह महीनों के न जाने कितने कैलेंडर लड़कियों को किंग ऑफ गुड टाइम्स रुला के पीछे छोड़ गए थे !

कैलेंडर की जल परियों ने मिल कर देश के राष्ट्रपति से अपनी शिकायत की ! राष्ट्रपति ने कैलेंडर की लड़कियों को देश की औरतों के अधिकार के लिए लड़ने की प्रेरणा दे कर उन्हें उनकी ही कैलेंडर की तारिख दिखा कर विदा कर दिया !

लड़कियों को पता था अब कलैंडर के भरोसे जीवन काटना मुश्किल हो जायेगा ! सब हॉट लड़कियाँ कोल्ड हो गयीं ! कैलेंडर से कैलेंडर की लापता लड़कियाँ भी निकल आयीं थी ! कैलेंडर की लड़कियाँ चिल्ला रहीं थीं और देशवासी ‘कैलेंड्स’ कर रहे थे ! कैलेंडर की लड़कियों के साथ कामकाजी और मिडिल क्लास को रोटी, कपड़ा और मकान की चिंता करने के लिए छोड़ कर एयरलाइन्स और शराब का व्यापारी देशवासियों और बैंक को चूना लगा के भगोड़ा हो गया था ! बारह साल से कैलेंडर का ये खेल चल रहा था ! अब कोई क्या ‘कैलेंड्स’ लगाये ? अब ‘कैलेंड्स’ लगाये होत क्या जब पंछी छोड़ गया देश !

काला हास्य सूँ – सूँ, कूँ – कूँ

रेडिओ दिवस पर
देश में आज
हर फ्रीक्वेंसी में
सूँ – सूँ, कूँ – कूँ क्यों है

जे एन यू टूँ उऊऊँ – टूँ उऊऊँ
कश्मीर किर्र किर्र किर्र किर्र
राजनीति टी – ईईईई टी – ईईईई
नेता टाआआ – टाआआ टीईईईई
टीईईईई – टीईईईई
टूँ उऊऊँ – टूँ उऊऊँ
सूँ – सूँ, कूँ – कूँ

हर फ्रीक्वेंसी में
सूँ – सूँ, कूँ – कूँ क्यों है

आज रेडियो तरंग
में इतने रंग क्यों है
हर फ्रीक्वेंसी में
सूँ – सूँ, कूँ – कूँ क्यों है

शासन सन सन सुउउउउउ
कानून टूँ टूँ टूँ टूँ टूँ टूँ
बहुमत खट्ट खट्ट खट्ट खट्ट
देशभक्ति टी – ईईईई टी – ईईईई
टीईईईई – टीईईईई
टूँ उऊऊँ – टूँ उऊऊँ
सूँ – सूँ, कूँ – कूँ

हर फ्रीक्वेंसी में
सूँ – सूँ, कूँ – कूँ क्यों है

रेडियो के पास
आज की रात
क्यों नहीं है
मेरे मन की बात ?

हाहाकार

सुनो पुरुष, योनि का कोई पिछला दरवाज़ा नहीं होता ! तुम स्त्री से आँख मिलाने अगर उसके सामने नहीं आ सकते तो जा के अपने लिंग में अपना मुंह छुपा लो ! अपने पथरीले काले ह्रदय को अगर उसके लाल सिन्दूर से ढंकना चाहते हो तो याद रखो स्त्री के पांच दिन का बहता हुआ रक्त स्त्राव तुम्हे नंगा कर के बहा देगा ! शनि के पत्थर पर तेल चढ़ा कर तुम स्त्री को शनि से दूर नहीं रख सकते ! फेंका हुआ तेल तुम्हे पवित्र नहीं रख सकता ! स्त्री का ह्रदय स्त्री की बपौती है तुम्हारी माँ की आँख नहीं ..