हिस्ट्री की स्त्री

हिस्ट्री की स्त्री

शादी के बाद जब से मैंने अपनी पत्नी से कहा है कि मेरी प्रेम कहानी अब हिस्ट्री हो गयी है, तब से हिस्ट्री की बात चलते ही मेरी पत्नी के सामने मेरी पुरानी प्रेमिका खड़ी हो जाती है ! कल मेरे मुँह से हिस्ट्री की स्त्री पद्मावती का नाम सुनते ही मेरी पत्नी के कान खड़े हो गए !

मेरी पत्नी हिस्ट्री की छात्रा रही है और लगातार मेरे ब्राउज़र के हिस्ट्री की जाँच करती रहती है ! मेरे जीवन के पूर्व की घटनाओं और उससे जुड़े लोगों के जीवन का अध्ययन ही मेरी पत्नी के ज्ञान का स्त्रोत है ! उनको इतिहास की सभी तारीखें याद हैं, जैसे मेरी प्रेमिका 2009 में दुबई शिफ्ट हो गई ! साल 2013 में दुबई – देवी को बच्चा हुआ ! 2014 में 24 मई को इंडिया आयी, 22 जून को चली गयी …

अतीत की घटनाओं के बारे में मेरी पत्नी के मौखिक इतिहास के ज्ञान को सुन कर इससे पहले कि आप किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचे आपको बता दूँ मेरी शादी के सात वर्ष बाद भी मेरी पत्नी का प्यार मुझसे कम नहीं हुआ है ! एक पुरुष की पहुंच के बाहर की बारीक संवेदनाओं का अनुभव एक स्त्री ही कर सकती है !

मुझसे प्रेम की वजह से ही मेरी पत्नी का मेरी हिस्ट्री की स्त्री से प्रेम बना हुआ है !

इतिहास का क्षेत्र बड़ा व्यापक है ! किसी के प्राचीन इतिहास को जानना एक कठिन प्रक्रिया है ! वैसे तो इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से शुरू होता है, पर मेरी इस कहानी का इतिहास मेरा आधुनिक काल का इतिहास है – जिसमे मेरे जीवन का आधुनिक काल दर्ज़ है ! मेरा प्राचीन अतीत – जिसमें मेरे बचपन का इतिहास दर्ज़ है और मेरी शादी के बाद अर्थात स्वतंत्रता के बाद का इतिहास – मेरे जीवन काल के ये खंड मेरी पत्नी को मेरे इतिहास की कहानी का कालानुक्रमिक विवरण देते हैं ! मेरी पत्नी का मानना है कि विकिपीडिया पर उनके बारे में पढ़ा जाता है जिनका अपना इतिहास नहीं होता !

मैं अपना इतिहास लिखना कहाँ से शुरू करूँ ? मेरा इतिहास मंदिरों, परिसरों, महलों, मस्जिदों, कब्रों आदि से भरा है ! मैं अपनी हिस्ट्री की स्त्री के साथ इन स्थानों में भटक चूका हूँ ! मेरा इतिहास जान कर कोई भी डर सकता है इसलिए मेरे इतिहास में सूर्यास्त के बाद प्रवेश कानूनी तौर पर प्रतिबंधित है !

मॉडर्न इतिहास की एक स्त्री ने अपने बेटे का नाम तैमूर रखा तो मेरे घर में ये बड़ी बहस का विषय बन गया था ! कई लोगों ने इसे व्यक्तिगत मामला कहा तो कई लोगों ने इस बात पर एतराज़ जताया और कहा कि एक जालिम आक्रमणकारी के नाम पर बेटे का नाम रखना ग़लत है ! इस इतिहास की वजह से देश की घर – घर की हवा में जहरीली गैसों की मात्रा कानूनी तौर पर तय सीमा को पार कर गयी थी !

आज टेलीविजन पर दिखाए गए इतिहास को सिनेमा में दिखाए गए इतिहास से मिलाना एक्स गर्लफ्रेंड को पत्नी से मिलाने जैसा है ! ऐसी ऐतिहासिक मिलन से पैदा मिक्स्ड मिडिया का इफ़ेक्ट आप के जीवन की शांति भंग कर सकता है !

ज्ञान और गूगल पर आधारित इतिहास एक पिघलने वाला पात्र है जिसे जो चाहे अपने मनपसंद आकार में ढाल सकता है !

इसलिए फास्ट फॉरवर्ड …

अब किस्सा ये है कि दुबई की देवी, ‘पद्मावती’ कॉन्ट्रोवर्सी के बाद मेरा ‘इतिहास’ जानना चाहती है ! मेरे लिए ये बहुत नाज़ुक मसला बन गया है ! मैं पद्मावती को खुद नहीं जानता !

नौ हज़ार वर्षों के इतिहास, सभ्यता और विरासत में हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख जैसे चार धर्मों की जन्मस्थली के सत्ताईस यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों, साठ राष्ट्रीय उद्यान, चार सौ जंगली जीवन अभयारण्य, साढ़े सात हज़ार किलोमीटर समुद्री तटों , लाखों हेक्टेयर जंगल, डेढ़ सौ नृत्य रूपों, आयुर्वेद और योग में पांच हज़ार वर्षों के अनुभव और बाइस भाषाओं में डेढ़ हज़ार बोलियों के साथ जो कोई भी पांच वर्षों तक साधारणतः भारत में रहा है, वह भारत का इतिहास हो गया है ! अपनी हिस्ट्री की इस्त्री को कौन सा इतिहास समझाऊं ? यही मेरी उलझन है !

पुरुष चाहे जितना अक्लमंद हो, ऐसी कुछ बातें पृथ्वी पर मौजूद हैं जिन्हें समझना संभव नहीं है, ऐसी बातों में प्रमुख है स्त्री ! स्त्री को समझने में पुरुष नाकाम रहा है ! अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार भारत के हिस्ट्री में स्त्री को देवी का दर्जा दिया गया है ! ,यह बात और है कि इस देवी के साथ हमारा समाज क्या सुलूक करता है ये भी टाइम्स ऑफ इंडिया को पता है !

हमारे देश में इतिहास हाथ के कौशल से तैयार किए गए रचनात्मक उत्पाद हैं जिनके लिए किसी आधुनिक मशीनरी और उपकरणों की मदद नहीं ली जाती पर इसका उपयोग प्रशासन की मशीनरी में सफलतापूर्वक उत्पात मचाने के लिए किया जाता है ! आजकल हस्त – निर्मित उत्पादों को फैशन और विलासिता की वस्तु माना जाता है और हमारा हैण्ड मेड हिस्ट्री उन्ही में से एक है !

मेरी इतिहास में पद्मावती कैसे घुस गयी ? यही सोचता हुआ मैं भी इतिहास में घुसने की कोशिश करने लगा ! इतिहास में प्रवेश करने के लिए कोई कठोर नियम नहीं है ! कोई भी इतिहास में प्रवेश कर सकता है ! भारतीय राजनीति में कई प्रसिद्ध लोग जो अपनी जवानी में ही इतिहास में प्रवेश कर गए थे, आज भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक बन गए हैं !

मैं भी इतिहास में प्रवेश करने की कोशिश करने लगा ! इतिहास रिश्तों की एक गुफा है और इस गुफा के अंदर सबकी हिस्ट्री की स्त्री रहती है ! वहां अँधेरा था ! दोनों तरफ पत्थर की बनी हुई ध्वस्त कलाकृतियां थीं ! गुफा में इन इतिहासों पर चलना सबसे बड़ी टेढ़ी खीर थी ! इतिहास के रास्ते दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में से एक हैं जिस पर हर पल मौत मंडराती रहती है ! इतिहास के इन रास्तों से गुजरने वाला कभी भी मौत के मुंह में जा सकता है ! इन इतिहासों से गुजरना तो दूर इन्हें देखना ही बड़ा भयावह होता है ! अगर इन इतिहासों में कोई झाँकने की सोचे तो उसे दिलो – दिमाग से फौलादी होना चाहिए !

गुफा में भारत के विविध पारम्परिक वर्गों के धर्मों से जुड़े रीति – रिवाज़ों के अनुरूप करोड़ों इतिहास बिखरे हुए थे ! कुछ इतिहास तो मूल रूप से सिनेमा के लिए ही बनाए गए थे जो विवादों के कारण लोगों द्वारा बहुत पसन्‍द किए जाते हैं !

काल्पनिक पद्मावती राजस्थान की लोक चेतना में अपने सतीत्व की रक्षा के लिए जौहर करने वाली एक अत्यंत साहसी रानी के रूप में उपस्थित हैं पर गुफा में कई पद्मावती जातिगत उपेक्षा, सैलरी में अंतर, बलात्कार और यौन उत्पीड़न, जैसी असमानताओं से घिरी थी ! विद्वानों का मानना है कि प्राचीन भारत में महिलाओं को जीवन के सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ बराबरी का दर्जा हासिल था !

गुफा में ऐतिहासिक महिलाओं की कमी थी ! पद्मावती को समझने के लिए गुफा में पद्मावती से मिलना बहुत जरुरी था ! मैं इतिहास की गुफा में घुसा हुआ था ! मेरी पत्नी बाहर से ये सब देख रही थी ! मेरी हालत विचित्र थी ! अपनी पद्मावती को इतिहास की पद्मावती में ढूंढ रहा था !

‘ सेल्स में घुसिए इतिहास में क्यों घुस रहे हैं ? ‘ मेरी पत्नी ने कहा ‘ घुसना है तो शेयर मार्किट में घुसिए ‘ वो आगे बोली ! ‘ देखिये युवाओं को वो भी पॉलिटिक्स में ही घुस रहे हैं, और आप आउट डेटेड इतिहास में घुस रहे हैं ! ‘

फास्ट फॉरवर्ड …

तुम इतिहास में घुसे की नहीं ? मेरी प्रेमिका ने पूछा ‘ तुम अपने इतिहास से इतना डरते क्यों हो ? उसने मुझ से हैश टैग में इंस्टाग्राम पर पूछा !

मैं अपनी प्रेमिका को ये कैसे समझाऊँ कि मेरे हर इतिहास के पीछे की वास्तविक कहानी फुलाए हुए अहंकार के संघर्ष से उत्पन्न हुई व्यथा की कहानी है !

मेरे इतिहास में मेरी पत्नी के साथ मेरा पहला युद्ध हिस्ट्री की स्त्री के लिए ही हुआ !

फास्ट फॉरवर्ड …

मेरी पत्नी मेरा इतिहासकार है ! पत्नियों से बेहतर इतिहासकार मैंने नहीं देखा ! मेरी स्त्री के पास एक ऐसा शास्त्र है जिसके अंतर्गत मुझसे जुडी पृथ्वी और उसके वायुमण्डल के बाहर होने वाली घटनाओं का अवलोकन भी किया जा सकता है !

फास्ट फॉरवर्ड …

देश में रोटी का इतिहास चाहे न हो संगमरमर का इतिहास है !

इति

अलविदा Cassini

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बीस साल तक अंतरिक्ष में रहने के बाद नासा का विख्यात कासिनी अंतरिक्ष यान आज शनि ग्रह के ऊपर से गुजरते हुए मौत की नींद सो गया. आज शनि ग्रह के बारे में जो कुछ भी जानकारी मौजूद है वो इसी यान की वजह से हम तक पहुंची. अलविदा Cassini

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात …

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात राष्ट्रपति भवन से एक बग्घी आएगी और हमारे बीच से राष्ट्रपति को चुन कर राष्ट्रपति भवन ले जाएगी !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गहन विचार विमर्श !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात भोज, भोज, भोज और भोज !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात राष्ट्रपति के नाम की घोषणा !
राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार का विकल्प काल्पनिक होता है !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात पहले आप, पहले आप और पहले आप !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात समर्थन, समर्थन, और समर्थन !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात विपक्ष की सियासत में दरार !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात घोषणा, घोषणा, और घोषणा !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात किस प्रकार विपक्ष को एकजुट रखा जाए !
राष्ट्रपति की राह में दस्तख़त ही दस्तख़त होते हैं !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात दस्तख़त, दस्तख़त, दस्तख़त और दस्तख़त !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात केमिस्ट्री, केमिस्ट्री, केमिस्ट्री और केमिस्ट्री !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात बैठक, बैठक, बैठक, बैठक, और बैठक !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गैर – राजनीतिक व्यक्ति को ही राष्ट्रपति बनाया जाए !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गठबंधन, गठबंधन और गठबंधन !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात हम अपनी पसंद के उम्मीदवार को राष्ट्रपति नहीं बना सकते !

राजनीति में जितने भी व्यक्ति है सभी निष्पक्ष हैं, ईमान की बात कहते हैं, सिर्फ राष्ट्रहित की बात सोचते हैं, और भारत को अपनी पार्टी से बड़ा मानते हैं !
हमारे नेताओं के पास अपना विवेक, अपना अंतःकरण, और अपना ईमान है !
राष्ट्रपति मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और चेतावनी देते हैं !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गैर – राजनीतिक राष्ट्रपति की मांग !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात एक सर्वसम्मत उम्मीदवार !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात सर्वसम्मति किसी राजनीतिक व्यक्ति पर ही हो सकती है !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात ये आए और वो गए !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात विपक्षी दल सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से बचती है !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात आंकड़ों का खेल !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात प्रत्याशी की स्थिति मजबूत होती जाती है और विपक्ष कमज़ोर पड़ता जाता है !

 

Part – II

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात …

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात खानापूर्ति का मुक़ाबला !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात हेडलाइन के अलावा कुछ नहीं !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात शुरुआती ना – नुकर के बाद हामी !
राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार अर्थात सामाजिक प्रतीक !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात राजनीतिक फैसले जो मिनट और सेकेंड में बदलते हैं !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात संवाददाताओं से बातचीत !

हमारे पास राष्ट्रपति के इतने होनहार उम्मीदवार हैं कि दुसरे देश भी इसका लाभ ले सकते हैं !

हवा की खेती

हवा

हवा की खेती एक लोकप्रिय खेती है ! इस खेती को करने का संकल्प ही इसका बीज है ! हर साल जब हम इकठ्ठे होकर लालकिले पर तिरंगे को लहराते हुए देखते हैं तो एक ‘हवा’ बनती है !

सूखे खेतों में खेती का बंपर उत्पादन ही हवा की खेती है ! हवा की खेती के तहत ग्रामीण इलाकों में सिंचाई, क़र्ज़, बिजली, प्राथमिक शिक्षा, चिकित्सा सेवा, सड़कों का निर्माण, आदि बुनियादी ढांचे के ‘विकास की हवा’ की पैदावार होती है !

सांप्रदायिकता हमेशा आधुनिक समाज के लिए खतरा होगी इसीलिए हवा जरुरी है ! बिना विचार हवा नहीं बहती ! नास्तिक, कम्यूनिस्ट, आंबेडकराइट, लोहियाइट, सावरकराइट सब हवा के फसल हैं ! गली – चौराहों पर रखी तरह तरह की मूर्तियाँ हवा के बीज हैं !

हवा की खेती शहरी खेती है ! हवा की खेती करने वाला किसान सिर पर मटमैली पगड़ी नहीं बाँधता ! हवा के किसान की फसलें साल के बारहों महीने लहलहाती हैं ! अपनी कुंठा, बेचैनी, बेबसी और लाचारी से बचने के लिए लोग इस हवा का सेवन करते हैं !

भारत जैसे एक बहु – धार्मिक समाज में, एक धर्म के सामान्य धर्मनिरपेक्ष हित दूसरे धर्म के अनुयायी के हितों से भिन्न और भिन्न हैं इसीलिए यहाँ हवा की खेती होती है ! सांप्रदायिक वातावरण में हवा की खेती राजनीतिक व्यापार है !

हवा के खेती में विभिन्न धर्म या विभिन्न समुदायों के अनुयायी के हितों को पूरी तरह से असंगत, विरोधी और शत्रुतापूर्ण माना जाता है ! हवा के बीज़ खुले तौर पर टीवी पर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया पर सभी धर्मों के संस्थानों में मिलते हैं !

हर कोई हवा की खेती के माध्यम से राष्ट्र को बदलना चाहता है ! हवा की खेती करने वाला किसान फार्मर कम फ़ासिस्ट ज्यादा होता है ! हवा की खेती करने वाला किसान मीडिया को नियंत्रित करता है ! सांप्रदायिक हिंसा हवा की प्रसिद्ध फसल है !

हवा की खेती की ताकत आलोचना में है ! हवा की खेती से कोई भी खुद को को एक व्यापार – प्रेमी, निवेशक – अनुकूल प्रशासक, एक करिश्माई नेता के रूप में पुनर्निर्मित कर सकता है ! भारत के सबसे विवादास्पद राजनीतिज्ञ हवा की खेती के सबसे महंगे फसल होते हैं !

हवा की खेती केवल ऑनलाइन, सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से होती है ! जो मिडिया पर अपनी पकड़ रखते हैं और टेलीविजन देखते हैं वो हवा की खेती की हर फसल को पहचान सकते हैं ! हवा की खेती देश की सेवा में होती है और हर एक नागरिक की सेवा में होती है !

रोजगार और विकास की हवा हवा की खेती की सबसे अच्छी और उन्नत किस्म है ! दलित हवा को दंगा कराने और आग लगाने का जन्मसिद्ध लाइसेंस मिला है ! अल्पसंख्यकों के खिलाफ जो हवा बनती है वो व्यक्तिगत डोमेन में बहती है !

विकास की देशव्यापी हवाओं को जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है ! देश भर में हवा संकट का राग अलापते हुए सरकार ने देश भर में विकास की हवा को आपस में जोड़ने का लुभावना हवाई प्रस्ताव जनता के सामने छोड़ दिया है !

लाखों और करोड़ो लोगों के प्रयास से एक हवा बनती है ! ‘विकास की हवा’ एक राष्ट्रीय संसाधन है ! महत्वपूर्ण बात ये है कि किसी भी क्षेत्र में उपलब्ध ‘विकास की हवा’ के उपयोग की प्राथमिकताएँ सोच विचार कर तय होनी चाहिए और ‘हवा’ की उपलब्धता के अनुकूल ही उपयोग का नियोजन होना चाहिए !

हवा की ही हवा बन रही है ! विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार विकासशील देशों में विकास के हवा की भारी किल्लत है ! विरोधी लहर हवा की खेती का सबसे बड़ा दुश्मन है !

यदि आप हवा की खेती में शामिल होना चाहते हैं, तो वस्तु के बजाय, अपनी शिक्षा और नेटवर्क का उपयोग करें ! हवा की खेती में क्रांतिकारी बदलाव के लिए हमारे देश को वास्तव में युवाओं की ज़रूरत है !

बूँद बूँद हवा से ही अफ़वाह भी बनती है, जो अच्छी हवा की फसल को नष्ट कर देती है ! जब तक हम अपनी वैचारिक जनसंख्याँ – वृध्धि पर जल्द से जल्द लगाम नहीं लगाते तब तक भारत में हवा की खेती का भविष्य उज्जवल है !

संकट काल में हवा की खेती देश का संकट दूर करता है ! विकास की हवा जिन्दगी के साथ भी, जिन्दगी के बाद भी !

विश्वसनीय चेतावनी : कृषि का अभ्यास न हो तो हवा की खेती न करें !

हैश टैग

हैश टैग

 

जिस चीज़ पर मेरा विश्वास होता, उसके लिए मैं खड़ा नहीं हो पाता ! सोशल मीडिया पर अपनी रीढ़ की हड्डी से निराश हो कर मैं एक दिन वर्चुअल दुनिया से बाहर निकल गया !

सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म पर मेरी रीढ़ की हड्डी मेरा साथ छोड़ चुकी थी ! दिन भर अलग अलग प्लेटफॉर्म्स के हर वॉल के हर पोस्ट पर बिन पेंदी के लोटे की तरह मैं इधर उधर लुढ़कता रहता और सोशल मीडिया पर दूसरों के विचारों, चित्रों, और उनके जीवन की घटनाओं आदि को बिना सोचे समझे लाइक करता फिरता ! पल में माशा, पल में तोला और जहाँ जरुरत न हो मैंने वहां भी मुँह खोला ! अच्छे बुरे हर विचार को कब मेरा समर्थन मिल जाता मुझे पता भी नहीं चलता था ! घूम घूम कर मेरी गर्दन सबकी हाँ में हाँ मिला देती ! मेरे पास न अपना कोई विचार था न कोई विषय ! मेरी गर्दन मेरे वश में नहीं रह गयी थी ! मेरी गर्दन हर बात पर हर जगह हिलती रहती और चारों ओर घूमने लगी थी ! लुंज – पुंज होती रीढ़ की हड्डी की वजह से गर्दन की कमांड और कंट्रोल की मेरी दोनों ताक़तें कमज़ोर हो गयी थी ! रीढ़ की हड्डी के बिना मैं लगातार सब पर फ़ब्तियां कसता और सबकी छोटी – मोटी बातों का बेहूदा जवाब देता ! जहाँ रीढ़ की हड्डी के साथ टिक कर खड़ा होना पड़ता वहां मेरा पैर किसी साबुन के विज्ञापन से टकरा कर फिसल जाता और मैं भाग जाता ! कई बार ऐसा होता कि मेरा मन लोगों को मुँहतोड़ जवाब देने का करता, मगर अपनी ढीली रीढ़ की हड्डी की वजह से कुछ कह नहीं पाता ! बिना रीढ़ की हड्डी के मैं सोशल मीडिया पर हर एप्लिकेशन का आनंद लेने लगा था ! इसी वज़ह से मेरे ऐसे फ्रेंड्स बढ़ने लगे थे जिन्हे मैं जानता तक नहीं था ! मैं इतना अ – सामाजिक हो गया था कि बिना रीढ़ की हड्डी के खुद को सामाजिक स्थितियों में डाल देता !  मेरी रीढ़ में अनचाहे व्हाट्सएप को अनइंस्टॉल करने की ताक़त तक नहीं बची थी ! पारस्परिक संबंध के लिए दिन में कई बार लाइव हो कर भी जीवन के स्पर्श की चाह में मैं रीढ़हीन मरा – मरा सा भटकता रहता !

तीन कारणों से मुझे अपनी गर्दन को कसने की आवश्यकता हो गयी थी ! सोशल मिडिया पर गर्दन के चारों ओर घूम जाने की वजह से मुझे इस बात का डर हो गया था कि कहीं कोई मेरा चक्रवर्ती गला काट न ले ! मुझे अपनी गर्दन को स्थिर रखने के लिए उसे बांधना जरुरी हो गया था ! दूसरा कारण ये था कि मैं बिन पेंदे का लोटा बनकर लुढ़क लुढ़क के पिचकने लगा था ! मुझे अपनी   पात्रता की शेप बचानी थी ! गर्दन को बाँधने का तीसरा कारण ये था कि गर्दन सीधी रहे ताकि मैं व्हाइट कॉलर पहन सकूँ ! मेडिकल साइंस ने भले ही कितनी तरक्की कर ली हो उसके पास उन रहस्यमयी और शिथिल कर देने वाले मर्ज़ का इलाज नहीं है, जिसने मनुष्य की सोशल मिडिया की भूख को अपनी गिरफ्त में ले लिया है !

अलग – अलग जीवों की अलग – अलग प्रकार के गर्दन और रीढ़ की समस्याएं हैं ! अपनी इसी रीढ़ की समस्या का हल ढूंढने के लिए वर्चुअल दुनिया से बाहर भटकते भटकते मुझे एक कुत्ता दिखा ! कुत्ते की गर्दन में पट्टा था ! पट्टे पर ध्यान जाते ही मुझे ज्ञान रूपी कुत्ता काट गया ! सहसा मुझे ये बात समझ में आ गयी कि पृथ्वी जैसे पेशेवर परिवेश में हमें गर्दन के ऊपर को छोड़कर अपने शरीर के किसी अन्य हिस्से पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है ! मुझे लगा अगर मैं  भी अपने सभी पट्टों को जोड़ कर अपनी गर्दन में पहन लूँ तो शायद मेरी रीढ़ की हड्डी सीधी हो जाए ! नाम, फोन नंबर, मेल आईडी और सेल्फी जैसे पट्टों को जोड़ कर मैंने नंबर साइन जैसा हैश टैग बना दिया और बेहतर दुनिया के लिए मैंने अपनी गर्दन में हैश टैग पहन लिया ! अपना नाम, फोन नंबर, ई मेल आई डी, और एक सेल्फ़ी में मेरी गर्दन चारों तरफ से फँस चुकी थी ! अपनी गर्दन को हैश टैग के चौकोर में फँसाते ही, मेरी रीढ़ की हड्डी तन कर कड़क हो गयी !

गले में हैश टैग के लगते ही मैं पूरी तरह एक्शन में आ गया ! सबसे पहले हैश टैग के अंदर और हैश टैग के बाहर से सेल्फ़ी खिंचवायी ! सोशल मिडिया में अपलोड किया ! एक आदमी के गले में चौकोर चार खानों वाला पट्टा सबको लुभा गया ! हैश टैग के लगते ही मैं बड़ी आसानी से टैग होने लगा ! हॉट – डॉट लड़कियाँ मुझे टैग करने लगीं ! देखा देखी सबने अपनी गर्दन हैश टैग में फंसा लिया ! सोशल मीडिया पर सबकी रीढ़ की हड्डी ढीली हो गयी थी ! जिन्होंने अपनी गर्दन में हैश टैग नहीं फंसाया वो पास की गर्दन में फंसे हुए हैश टैग में खुद फंस गए ! हैश टैग पहने जैसे ही कोई दो व्यक्ति आप को घेरेंगे आपकी गर्दन हैश टैग में खुद व खुद फंस जाएगी ! लोग फंसते चले गए और हैश टैग का मैट बन गया ! सोशल मीडिया के लॉगरिथम से एक हो कर मैं तत्क्षण वायरल हो गया ! विचित्र समाज का ये विद्रूप बिम्ब था ! किसी साइंस फिक्शन के व्यंग्य रूप सा मेरा यह नया रूप था ! अब मैं हैश टैग था ! दुनिया का सबसे ताक़तवर प्रतीक ! मेरे पास सोशल मिडिया के आर पार का रोड मैप आ गया था ! फ़ायर ब्रांड वाली शक्ति मेरे पास आ गयी ! मेरी रीढ़ की हड्डी इस्पात की तरह स्थिर और कठोर हो गयी ! मैं सोशल मीडिया पर किसी को भी भष्म कर सकता था और किसी की भी उत्पत्ति मेरे हाथ में थी ! देखते देखते मैं काल वायरल हैश टैग देव हो गया ! मुझे देख कर पडोसी का कुत्ता भौंकने लगा ! शायद उसे भी अपने चमड़े के कॉलर से आज़ादी चाहिए थी ! मैंने उसे भी टैग कर दिया ! सोशल मिडिया पर इसलिए कुत्तों से जुडी समस्याएँ जल्द वायरल हो जाती हैं !

हैश टैग कॉलर को मनुष्य शर्ट, ब्लाउज, जैकेट या कोट की गर्दन के चारों तरफ लगा के मेरी तरह श्री हैश टैग हो सकते हैं ! आपकी चक्रवर्ती गर्दन हैश टैग से एकाग्रचित्त हो सकती है ! अपनी रीढ़ की हड्डी सीधी कर के जिसे किसी दुसरे व्यक्ति की गर्दन का समर्थन करना हो वो हैश टैग पहन सकता है ! हिजाब के साथ भी हैश टैग पहना जा सकता है ! यदि लंबे बाल हैं, तो बाल गर्दन से बाहर होना चाहिए ! वर्ल्ड वाइड वेब पर हैश टैग अब आधुनिक फैशन का पोशाक है ! आईने के बाद हैश टैग ही मनुष्य को अपना चेहरा दिखा सका है !

हैश टैग एक सामाजिक चिकित्सा उपकरण है ! हैश टैग सरवाइकल कॉलर नहीं, हैश टैग सरवाइवल कॉलर है ! गले में हैश टैग की वजह से अब मेरी अलग वेशभूषा है इसलिए अब मेरी अलग जीवनशैली होगी ! युवा जीवनशैली ! जनता सबकुछ चुनती है ! जनता ने मुझे अपना प्रतीक चुना है ! समाज में मैं उनका सबसे ज्यादा साथ दूँगा जो नयी बात कहेंगे, ऐसी बातें जो आज समाज के लोगों को पसंद आए ! आज हैश टैग के माध्यम से सरकार जनता को नई योजनाओं के बारे में जानकारी देती है और एक आम आदमी मुझ जैसे छोटे से हैश टैग के जरिए एक छोटी सी मुहिम को क्रांति बना देने की शक्ति रखता है ! सोशल मीडिया पर हर व्यक्ति अपने विचारों को प्रभावी बनाने के लिए हैशटैग का प्रयोग कर सकता है ! जो मेरे साथ रहेंगे उनको कभी इमेज मेकओवर की जरूरत नहीं पड़ेगी ! जो पकडे हैश टैग का हाथ , सोशल मिडिया उसके साथ !

वार्निंग : जिस हैशटैग के बारे में आपको पता न हो, उस पर प्रतिक्रिया न दें ! हर टेक्नोलॉजी की तरह इसका भी एक नकारात्मक पहलू है ! कई बार शरारती तत्व गलत किस्म के समाज – विरोधी हैशटैग शुरू कर देते हैं ! यदि आप उन्हें अच्छे से समझे बिना उसके बारे में ट्वीट करने लगेंगे या सोशल मिडिया के दुसरे प्लेटफार्म पर ले कर जायेंगे तो जाने – अनजाने में आप उनके समाज -विरोधी कार्य में शामिल हो जाएँगे !

निंदामूर्ति की कड़ी निंदा

The Thinker a bronze sculpture by Auguste Rodin

इस लेख के लिए मुझ पर कड़ी निंदा का अभियोग लग सकता है !

जब भी कोई मेरी कड़ी निंदा करता है, या मैं किसी की भी कड़ी निंदा करता हूँ मैं कमल बन के खिल जाता हूँ ! कड़ी निंदा का ख्याल मुझे उत्तेजित करने लगा है ! निंदा को कड़ी करने के उपाय पर सब से ज्यादा काम मैंने किया है ! मैं यह भी स्पष्ट कर दूँ कि मैं किसी भी धर्म, दर्शन, संप्रदाय अथवा विधि का विरोध नहीं करता हूँ ! इस बात के लिए आप मेरी कितनी भी कड़ी निंदा कर लें पर मैं सभी जीवित लोगों में सबसे बुद्धिमान हूँ, क्योंकि मैं ये जानता हूँ कि मैं कुछ नहीं जानता हूँ ! जो पवित्र और अपवित्र कार्यों को विभाजित करते हैं वही मुझसे नफरत करते हैं !

निंदा करने के शैक्षणिक तरीकों का मुझे कोई अनुभव नहीं था ! पहले मैं एक चिंतक था फिर निंदक हुआ ! निंदक के रूप में मैं बेरोज़गार हो गया था ! किसी ने अपने आँगन में मेर लिए कुटिया नहीं छवाया ! मैंने आँगन से पार किये जाने की निंदा को कड़ी करने की ठान ली ! निंदक की ज़िद हर चिंतक जानता है और हम सब चिंतक हैं ! हम सब चिंतक ये जानते हैं कि अगर निंदक ने निंदा करने की ठान ली तो उसे चिंतक का बाप भी नहीं रोक सकता है ! निंदक अपने आखरी दम तक निंदा करता है ! कुछ निंदक अपने उड़ते प्राण पखेरू तक की निंदा कर डालते हैं !

देखा – देखी हर काम के लिए लोग निंदा का सहारा लेने लगे हैं इसीलिए साक्षरता की गहराई में गिरावट आ गयी है ! अब निंदा की वैसी खाई भी नहीं रही जिसमे निंदक अनंत डुबकी लगा सकें ! चिंतकों ने अपनी चिंताओं से निंदा की खाइयों को पाट दिया है ! निंदा आज सफाचट हो कर चिंता से एक हो गयी हैं !

कड़ी निंदा का विषय क्या हो ? विषय वही जो निंदा को भाये ! प्राचीन काल में निंदा चुनिंदा बातों की हुआ करती थीं ! आज डिजिटल हो कर सबकुछ निंदनीय हो गया है ! जहाँ सबकुछ निंदनीय हो गया है वहाँ निंदा को और कड़ी कैसे की जाए ? मेरे इस दर्शन की व्युत्पत्ति इसी सवाल से हुई ! यह सवाल मेरे मन को मथने लगा ! मैं निंदा रस में डूब के तर जाने की कल्पनाओं के गोते लगाने लगा !

मित्रों क्या आप जानते हैं कि कल आपका मित्र आपके बारे में क्या कह रहा था ?
फिर आप उसकी जवाबी निंदा कैसे करेंगे ? क्या आप जानते हैं आप के लिए उसकी निंदा के क्या आयाम थे ? निंदा अपने हर कोण में बदल जाती है ! आपके ज्ञान का प्रकाश निंदा को और मुलायम बना सकती है ! असावधानी वश निंदा में किसी भी तरह की मिलावट उसे तारीफ बना सकती है ! फिर आप अपनी निंदा को कड़ी कैसे करेंगे ? सच में आप अपनी निंदा के बारे में क्या जानते हैं ? और महत्वपूर्ण यह है कि हम जो कुछ भी जानते हैं वो हम कैसे जानते हैं ? हमारे दिव्य ज्ञान का माध्यम क्या है जिसपर हमारी निंदा आश्रित है या होगी ? शराब की चाहे जितनी पी ले कड़ी निंदा का एक बोतल कोई नहीं पी सकता है और बिडम्बना ये है कड़ी निंदा की प्यास कभी नहीं बुझती है !

जनता जनार्दन अब आंकड़े बन गए हैं ! अब हर निंदा आंकड़े करती है ! आंकड़ों को कड़ा कैसे करें ? निंदा रस में डूबी रहने की वजह से आँकड़े सदा मुलायम होते है ! निंदा के आंकड़ों को निंदा रस से अलग करना टेढ़ी खीर है ! दूर देश की गधों के राज्य में हुए कई दंगों के अपराधी किसी दूसरे दूर देश की राज्य के चरवाहा विद्यालय के चारा बन गए तो कहीं झाड़ू के तिनके बिखर के डूबते हाथों का सहारा भी नहीं बन सके ! निंदा कहीं धरती की महबूबा कहीं अम्मा तो कहीं माई माटी मनुष्य वाली ममता बन कर भारत माता की नक़्शे को ढोते आदिवासी के स्केच में वायरल हो रही है ! निन्दाओं के हाहाकार की कीचड़ में कब प्रशंशा के कमल खिल गए देशवासियों को पता ही नहीं चला ! बांसूरीवाले के पीछे निंदा रस के नशीले चूहे कतार में कब अपनी ही कुर्तो की जेब को कुतरने लगे इसका किसी को होश नहीं रहा ! पृथ्वी पर कड़ी निंदा एक सांस्कृतिक दुर्घटना है जिसके हम सब शिकार हैं ! किसी भी संत, व्यक्ति धर्म या दर्शन को मानने से पहले कभी भी प्रश्न करने से मत झिझकें ! सत्य की करें या न करें अपनी निंदा की खोज जरूर करें !

निंदा जिसके बाएं हाथ का खेल है वही कड़ी निंदा का असली खिलाडी है ! खुद को बेहतर महसूस कराने के लिए मैं अपनी ही निंदा को कड़ी करके अपनी ही कड़ी निंदा करता हूँ ! अपनी निंदा अपना विकास ! सार्वजनिक स्थानों पर आत्म – निंदा दूसरों के लिए असुविधाजनक हो सकती है परन्तु रिपब्लिक को यही शक्ति देती है और भटके हुए नागरिकों को मुक्ति प्रदान करती है ! निंदा को कड़ी करने की विधि और कुछ नुस्खे देशहित में सबसे शेयर कर रहा हूँ ! सब लाइन पर बने रहे पर मौन रहे ! कोई सुझाव न दें ! निंदा को कड़ी करने के लिए पहले अपने आंकड़ों की शक्ति को टटोलें ! आंकड़ों के लिए न्यूज़ चैनल की बातों को कटोरे में अच्छे से छान लें ! निंदा इन्ही आंकड़ों पर खड़ी हो कर कड़ी होगी ! चैनल की बातों को नहीं छानने से कड़ी निंदा हो नहीं पाएगी और बातों का बतंगड़ बन जायेगा ! अब आंकड़ों से निंदा रस का मख्खन निकालने के लिए आंकड़ों को फेटने की जरुरत है ! कड़ी निंदा करने के लिए मध्यम तेज गति में आंकड़ों को हर दिशा में फेंटने में तकरीबन तीन चार मिनट का समय लगता है ! गतिशील कड़ी निंदा आंकड़ों से ऊपर उठ जाएगी, बचा हुआ पानी रोके रखें ! अब निंदा की कड़ाई आप के हाथों में है ! अच्छी कड़ी निंदा की पहचान ये है की उसे कोई पचा न सके ! निंदा को हल्के हाथों से दबा कर उसे कड़ी करते रहें ! जब आपको लगे कड़ी निंदा बहुत हो चुकी है, सब पानी छोड़ दें और निंदा को फिर से आंकड़ों में मिल जाने दें ! कड़ी निंदा पूरी तरह से एक भारतीय व्यंजन है ! कड़ी निंदा बहुत ही लोकप्रिय डिश है ! कड़ी निंदा करने में जितना सरल है स्वाद में उतना ही मज़ेदार भी है ! इतने सारे गुणों से भरपूर होने की वजह से इसे अपने भोजन में शामिल तो करना ही चाहिए ! कड़ी निंदा से मिर्ची लगानी हो तो आंकड़ों को फेंटते समय निंदा में नमक मिला लाल मिर्च पाउडर डाल ले !

जो आपकी निंदा नहीं करते हैं उन्हें अनदेखा न करें, वही आप की कड़ी निंदा कर सकते हैं ! ऐसी बात जिसमे आप की निंदा नहीं है, जिसमें आप के बारे में कुछ भी बुरा नहीं है और जिसकी आपको कोई आवश्यकता नहीं है, उसे जरूर सुनें ! कड़ी निंदा के बोल यहीं फूट सकते हैं ! कड़ी निंदा ही दुश्मनी को ज़िंदा रखती है ! कड़ी निंदा की ट्रेनिंग सेंटरों की हमें सख़्त जरुरत है ! कड़ी निंदा का जीवन और करियर संकट में है ! कड़ी निंदा के शिक्षक अब नहीं मिलते इसीलिए इस लेख को ध्यान से पढ़ें ! यह लेख कड़ी निंदा का लाइसेंस है ! इस निंदा काल में कड़ी निंदा न करना निंदनीय अपराध है ! मुलायम निंदा से मख्खी भी नहीं डरती ! कड़ी निंदा जरुरी है ! पर मित्रों यही दुर्भाग्य है जैसे ही कुछ भी कड़ा होगा, टैक्स लगेगा !

निंदा आज एक बुनियादी ज़रूरत है ! समय आ गया है कि हम कड़ी निंदा के ऐसे विकल्पों के बारे में सोचें, जिनसे हमारी सेहत अच्छी रहे और क़ुदरत का भी नुक़सान न हो ! अध्यात्मिक ज्ञान के अभाव में कड़ी निंदा अच्छे बुरे की पहचान नहीं कर पाती ! कड़ी निंदा पर जादू टोना का आरोप नहीं लगता ! जहाँ कड़ी निंदा चल रही हो वहाँ किसी और की नहीं चलती ! कड़ी निंदा की सीमा कोई पार नहीं कर सकता ! एक कड़ी निंदा के बाद दूसरी कड़ी निंदा शुरू हो जाती है ! अपने हर पंचवर्षीय कड़ी निंदा को फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं ! कड़ी निंदा आगे चल कर एक दिन श्रद्धांजलि बन जाती है !

चुप्पी निंदा की गाली है, ठहाका कड़ी निंदा की ताली है !
आपका अपना निंदामूर्ति !

पवित्र चप्पल

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पवित्र चप्पल

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चप्पल को नहीं जानना ही सारे दुःखों का मूल कारण है ! वेदों में लिखा है चप्पल को जानने से आदमी सारे बन्धनों से मुक्त हो जाता है ! अगर किसी की दिलचस्पी आजाद भारत के इतिहास को बारीकी से जानने की है, तो उसे पहले भारतीय चप्पल को जानना होगा ! लेकिन, दुर्भाग्य से चप्पल को इस दृष्टि से देखना बंद कर दिया गया है !

“धाँय…धाँय…धाँय…” ! बंदूक से तीन गोलियाँ निकलीं ! गोलियों की आवाज के बाद अगली आवाज थी – ‘हे…राम’ ! उसके बाद क्या हुआ मुझे कुछ याद नहीं ! मैं अभागी चप्पल बापू के पाँव से पता नहीं कब सदा के लिए अलग हो गयी ! मैं राष्ट्रपिता द्वारा पहने जाने के बाद भी वीआईपी नहीं हो पायी हूँ ! आज देश में चप्पल की हालत उनके सिद्धांतों जैसी हल्की और सार्वजनिक हो गयी है ! मुझे जो चाहे उतार ले, किसी पर भी उछाल ले, नीलामी में बेच दे या किसी को भी जड़ दे !

बिरला हाउस के हरे घास पर पड़े – पड़े मुझे लगा किसी गहरी नींद से सोकर उठी हूँ ! कुछ ठीक से याद नहीं आ रहा था ! मेरा शरीर सामने पड़ा था और मैं उससे बाहर ! मुझे सिर्फ इतना याद है मेरे धारक का नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था जिसने मुझे कुछ भी अदा करने का वचन नहीं दिया था ! मैं बापू का वो चप्पल हूँ जो तीस जनवरी को बापू के पाँव से आत्मा की तरह बिछड़ गयी थी !

हाँ, आज मैं चप्पल के वेश में संत नहीं हूँ, क्योंकि आज किसी संत के पाँव में चप्पल नहीं है ! हाँ, मैं चप्पल के वेश में राजनेता भी नहीं हूँ, किसी राजनेता के पाँव में चप्पल नहीं है ! मुझे संत कहना यदि संभव भी हो तो अभी उसका समय बहुत दूर है ! शायद मुझे समाज की कुरीतियों में और घिसना है ! संत के पॉव में लम्बे समय तक रहने के बाद भी मैं किसी भी रूप या आकार में अपने आपको संत अनुभव नहीं करती ! स्लीपर, सैंडल, फ्लोटर, बैली, हाईहील, अब मेरे कई नाम है !

जीने के लिए कई बार नीलाम हो कर, कई बार बदनाम हो कर, वेश बदल कर भी मैं समाज की सेवा कर रही हूँ ! दुःख बस इस बात का है कि बापू की हत्या के बाद देश में चप्पल की किसी ने सुध नहीं ली ! बापू के तीनो बंदरों ने भी अपने पुतले में मुझे अपने साथ स्थान नहीं दिया ! वो चाहते तो बुरा न देखो. बुरा न बोलो, बुरा न सोचो के साथ बुरा न पहनो कहती हुई मैं गाँधी जी का चौथा बंदर बन सकती थी ! पर आज भी मैं अश्पृश्य हूँ !

हा ! बापू तुम कहाँ हो ? बापू भारतीय नोट में तुम्हारे पाँव क्यों नहीं दिखते ? तुम्हारे पाँव के बहाने मैं तुक्छ चप्पल दिख जाती तो देश में चप्पलों की गरीबी दूर हो जाती ! चप्पल गरीब नहीं होते तो तो उन्हें पहनने वाले पाँव भी गरीब नहीं रहते ! ‘ सादा जीवन उच्च विचार ‘ चप्पल का यही साफ़्ट कार्नर आज सबसे ज्यादा चुभता है ! ‘ अच्छी गुणवत्ता और सस्ती कीमत ‘ ये अब मेरी पहचान नहीं, आज गरीबी को दी हुई गाली है ! अपने अतीत की ठोकरों से सबक लेकर मैंने यही जाना है !

मेरे पिता एक जूता थे इसलिए मैंने अपने जीवन में कभी कोई जिम्मेदारी नहीं ली ! स्वतंत्रता का अनुभव करने के लिए यात्रा जरुरी है, यह मैं बचपन में ही जान गयी थी ! हमेशा घूमना – फिरना ही मेरा जीवन रहा ! चप्पल के बहाने देश की गरीबी की आत्मकथा लिखने का मेरा आशय नहीं है ! मैं बस एक चप्पल हूँ और बापू की हत्या के बाद गरीब के पैर में फँस गयी हूँ ! देश और बापू की आत्मा की तरह मुझे भी गरीबी से आज़ादी चाहिए ! भारत में गरीबी अक्सर चप्पल से चल के आती है ! चप्पल की जनसँख्या गरीबी का परिणाम है !

बापू के चश्मा के साथ सब अच्छा हुआ ! गोली लगने के बाद बापू का चश्मा भी हरे घास पर वहीँ गिरा था जहाँ मैं गिरी थी ! चश्मे को चाहे फिर बापू की नज़र न मिली हो पर उसकी रोजी रोटी पर किसी की नज़र नहीं लगी ! बापू की हत्या के बाद अपनी पहचान के लिए मेरी तरह चश्मा विदेशों में नीलाम हो कर भी स्वच्छता अभियान को पा गया है ! सब जानते हैं स्वछता अभियान के पोस्टर में बापू का चश्मा अपना पेट पाल रहा है ! गन्दगी की तरह चश्मे को मुझ चप्पल की गरीबी भी नहीं दिख रही है ! बापू तुम्हारे जाने के इतने सालों बाद भी मैं क्यों भटक रही हूँ और मेरी हालत पर व्यंग्यकार क्यों ताने मार रहे हैं ?

चप्पल एक शक्ति है, एक मार्ग है, एक धारा है, एक एहसास है, एक विश्वास है, जिसका निश्चित स्वरुप हमारे पैरों में है ! चप्पल के रूप और स्वरूप को लेकर यही सत्य है ! चप्पल एक विचार है जिसे जिया जा सकता है, चप्पल एक अनुशासन है जिसे माना जा सकता है और जिसे जीवन के कर्मों के अनुसार किसी और बदन पर उतारा भी जा सकता है ! चप्पल को शिक्षित होना चाहिए क्योंकि शिक्षा के अभाव में एक स्वस्थ पैर का चप्पल होना असंभव है !

पैरों में रहकर भटकते हुए भी मैंने रावण, चाणक्य, दादाभाई नौरोजी, विवेकानन्द, गोखले, तिलक के भाषणों और लेखों को पढ़ा है ! साथ ही मैंने भारत और कुछ अन्य प्रमुख देशों जैसे इंग्लैंड, फ्रांस, अमेरिका और रूस के प्राचीन और आधुनिक इतिहास को भी पढ़ा है ! इनके अतिरिक्त मैंने समाजवाद और माक्र्सवाद के सिद्धान्तों का भी अध्ययन किया है, इसलिए मैं ये कह सकती हूँ कि हर चप्पल कुछ कहती है ! चप्पल का अर्थ है – किसी भी प्राणी को तन, मन, कर्म, वचन और वाणी से कोई नुकसान न पहुँचाना !

भारत देश में चप्पल का जड़ गहरा है ! क्या आप मेरे एक सवाल का जवाब दे सकते हैं ? शरीर प्रशासित पैर में और भारत प्रशासित कश्मीर में क्या समानता है ? मेरा उत्तर है – अपने पैरों के साथ बर्बरता ! चप्पल की तरह शरीर में भी बाहर की तरफ चमड़े लगे हैं और शायद अंदर रबड़ की आत्माएं हैं ! इसीलिए देश में पैरों को डरा कर रोकने के लिए देश की आत्मा को काट के रबड़ की गोली बनती है ! पैरों के साथ बर्बरता से अब शरीर में आत्मायें भी नहीं बचीं इसीलिए रबड़ की गोली भी नहीं रही और अब पत्थर बरस रहे हैं ! चप्पल के बिना देश के पैर की छब्बीस हड्डियों में सांप्रदायिक तनाव कौन फैला रहा है ? क्या अपने देश समाज का आकार चप्पल से बड़ा नहीं है ?

मैं चप्पल के रूप में भी दिल और समर्पण से भरी हुई हूँ ! अपने देश की शिक्षा, गरीबी, हेल्थकेयर, न्याय, कानून और व्यवस्था जैसे कई पथरीले रास्तों वाले किसी भी लम्बी यात्रा पर चलने के लिए और कुछ भी करने के लिए तैयार हूँ ! पर मैं देश के घोटालों को पचाने में सक्षम नहीं हूँ ! चप्पल उतना ही पचा सकता है जितना पैर खा सकता है !

जिस तरह पवित्र स्थलों पर जूते पहनकर जाना सही नहीं है, उसी तरह लोग घर के भीतर चप्पल ले जाना सही नहीं समझते ! कुछ लोग इसके पीछे साफ – सफाई और स्वच्छता का तर्क भी देते हैं, ताकि बाहर की गंदगी घर के भीतर ना पहुंच सके ! मेरा मानना है कि जनता के विचारों को मोड़ देने और सक्रिय करने में सबसे अधिक भूमिका मैंने और मेरे साथ दुसरे चप्पलों ने ही निभायी है ! मुझे दुःख है आज भारत के तीस प्रतिशत पैर चप्पल से भी बहार हैं ! पवित्र चप्पल के पाँव तुम एक हो जाओ ! खाली पैर वालों का देवता भी नहीं सुनते शोर मचाने के लिए कम से कम चप्पल पहनना जरुरी है !

सावधान, मैं मूर्ख हूँ !

 

 Illustration : Anirban Bora

काला हास्य / Illustration : Anirban Bora

बिना किसी कारण के ख़ुशी से नाचता हुआ देख कर मुझे पुलिस पकड़ कर सवाल घर में ले गयी और पूछताछ करने लगी ! छान – बीन से यह बात सामने आई कि मैं मूर्ख हूँ ! पुलिस का कहना है कि यह अपराध है और मूर्खता साबित होने पर सात वर्ष तक की सज़ा हो सकती है.! मैंने पूछा ‘ पांच वर्ष की सजा क्या कम है जो हमें चुनाव जैसी मूर्खता के बाद मिलती है, फिर मुझे सात वर्ष की अलग से सज़ा क्यों हो ?’ छोटा मूर्ख बड़ी बात कह कर पुलिस मुझ पर हंसने लगी !

मेरी गिरफ़्तारी का पता लगते ही मूर्खता आयोग ने पुलिस से मेरी मूर्खता के मामले की रिपोर्ट मांगी ! भारतीय पुलिस ने मेरी मूर्खता को परखने का डेमॉन्सट्रेशन रखा और मुझे एक मशीन से जोड़ दिया ! डेमॉन्सट्रेशन के दौरान अलग – अलग बटन दबाने पर भी मशीन से मूर्खता की ही पर्ची निकली ! यह देख कर पुलिस मुझे ईवीएम मूर्ख कहने लगी !

मैंने पुलिस से कहा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन जिस पर हम अपने वोट देते हैं, मैं वो नहीं हूँ ! मैं एक वोटर हूँ, वोट मशीन नहीं ! मैं एक नागरिक हूँ ! मैं मूर्ख हो सकता हूँ पर ईवीएम नहीं ! ‘क्या मेरे साथ छेड़छाड़ हो सकती है ?’ मूर्खता आयोग को मेल लिख कर पुलिस ने पूछा ! ‘छेड़छाड़ किया जा सकता है, इसलिए जब तक सिद्ध न हो जाए कि मैं मूर्ख हूँ मुझे उच्च सुरक्षा में रखा जाए ‘ जवाब मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया !

प्रशासन का अर्थ श्रेष्ठ विधि से शासन करना है ! मानव विकास ही इसका परम लक्ष्य है इसलिए मेरी प्रशासनिक सेवा शुरू हो गयी ! मुझे पांच मीटर के केबल से जोड़ दिया गया ! पुलिस की देख – रेख में अब मूर्खता आयोग के अलावा कोई भी मुझ तक नहीं पहुंच सकता था !

मैं जानता था कि मैं मूर्ख हूँ, पर इतना बड़ा मूर्ख हूँ कि मुझे क़ैद कर लिया जाए ये नहीं पता था ! अपनी इस दुर्लभ मूर्खता तक पहुँचने के लिए लाखों लोगों की तरह मैंने भी सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया !

शिक्षा, लोकतंत्र, धर्म, जाति व्यवस्था, जैसे कई अलग – अलग क्षेत्रों से किये गए सवालों पर दिए गए मेरी मूर्खतापूर्ण उत्तर में भी मूर्खता आयोग को चुनावों को प्रभावित करने की शक्ति दिखाई दे गयी ! मेरी मूर्खता सिद्ध करने के लिए मेरा सीक्रेट सर्च वारंट निकाल दिया गया ! मेरी मूर्खता के बहाने वो मेरे फोन का स्मार्टनेस चेक करने लगे ! ‘आप से ज्यादा आप का फोन स्मार्ट है’ उन्होंने कहा ! मेरी अब तक की सारी वर्चुअल रियलिटी सच होने लगी ! स्मार्ट सिटी के स्मार्ट मूर्ख की स्मार्ट मूर्खता एक ही पासवर्ड से बाहर आ गयी !

मेरी ही तरह स्मार्ट होने के लिए कई लड़की – लड़के इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में घुसते हैं, डॉक्टर बनते है, लेखक, व्यापारी, शिक्षक, कलाकार ,वैज्ञानिक और अभिनेता बन कर अभिनय करते हैं और नेता बन जाते हैं और आखिरकार मूर्ख ही कहलाते हैं ! मूर्खता मूल्य पैदा करती है, विचार नहीं ! मेरी तरह भारत में अनेकता और एकता के आयाम में मूर्खता भी जोड़ के देखिये आपको देश ज्यादा एक लगेगा ! धर्म, भाषा और रीति – रिवाजों की विविधता के साथ हमारी मूर्खता में भी एक अद्भुत एकता है जहाँ सामूहिक बलत्कार अब नया हथियार है !

मुझे देखने कॉर्नफ्लेक्स खाता हुआ डॉक्टरों का एक दल आया ! ‘ जब मछली मरती है तो उसका सिर सबसे पहले गलना शुरू होता है और इसीलिए बदबू भी सबसे पहले वहीं से आती है ! ऑपरेशन करके हमें आप के अक्ल की तलाशी लेनी है ! ऑपरेशन जटिल है ! जीना है तो तकलीफ भी झेलनी होगी ! आप सिर्फ अपने कैलोरी पर ध्यान दें, चाहें तो किसी भी सरकारी परियोजना के बारे में बात करें ! पर विचार न करें ! विचार करने से नींद आ जाती है और नींद आपकी मूर्खता में खलल डाल सकती है ! एक हाथ ही दूसरे हाथ को धोता है !’ बारी बारी से सभी डॉक्टरों ने मुझसे ये बातें कहीं !

मुझे हल्का करने के लिए डॉक्टरों ने मेरे पेट में गैस भर दिया ! धीरे – धीरे मेरी आँख बंद होने लगी और मैं उड़ने लगा ! महँगी सब्ज़ी मंडी और बंद बूचड़खाने पर से उड़ता हुआ मैं समशान और कब्रिस्तान के ऊपर पहुँच गया ! सुनसान गली पार करती हुई एक सहमी सी लड़की के ऊपर से उड़ने लगा, खाली खेल के मैदान और दुर्घटनाग्रस्त रेलगाड़ियों के ऊपर से उड़ता हुआ मैं देश भर में फैले ड्रोन कैमरे की तरह सरकारी हवाई जहाज़ के साथ बादलों में तैर रहा था ! सूखी कोसी और मैली गंगा मुझे अपने घर बुला रही थी ! अपनी मूर्खता के साथ उड़ते – उड़ते मैं इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्ट्री से भी ऊपर उठ गया ! डिब्बाबंद मांस की तरह उड़ता हुआ देख कर फौजियों ने मुझे लपक कर नीचे उतार दिया ! मैं अस्पताल में बिस्तर पर लेटा था और सामने टीवी स्क्रीन को काला कर के कोई सरकार को आइना दिखा रहा था या मुझे मूर्ख बना रहा था, मुझे कुछ याद नहीं ! रिमोट कंट्रोल्ड चार रोबोट कार्टूनिस्टों ने मेरे पेट से गैस निकाल लिया !

क्या आपके पास पतंग उड़ाने का लाइसेंस है ? उन्होंने मुझसे पूछा ! ‘ नहीं तो ‘ मैंने चौंकते हुए कहा ! ‘ पतंग उड़ाने के लिए भी लाइसेंस की जरुरत पड़ती है ?’ मेरा सवाल सुन कर सब गोल बंद हो कर फुसफुसाने लगे ! काफी देर बाद सब बिखर के इधर उधर फ़ैल गए और एक महत्वपूर्ण सा लगने वाला आदमी मेरे पास आया और मुझे इन्टरनेट से जोड़ कर मुक्त कर गया ! ‘राइट टू इन्फॉर्मेशन एक्ट के तहत आप अपने घर जा सकते हैं ‘ ये कहता हुआ वो हॉस्पिटल से किसी विज्ञापन की तरह गायब हो गया !

ज्यादातर दफ्तरों में मशीनें, कंप्यूटर और आदमी एक जैसे होते हैं ! मेडिकल साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है फिर भी अपनी जांच के नतीजों में वो मुझ जैसे अपने मूर्ख नागरिक को पहचान न सके ! अपनी पूरी ताकत और साहस के साथ मैं हँसने लगा ! मेरे साथ सब हंसने लगे ! अपना हेड फ़ोन कान में डाल कर इंटरनेट की अच्छी स्पीड की ख़ुशी में नाचते – नाचते मैं घर लौट आया !

मन का हुड़दंग

मैं एक ट्रोल हूँ

मैं एक ट्रोल हूँ ! मेरा नाम चट्टान भगत है ! मैं वायरल और क्रूर हूँ ! मैं गरज गंज के बरस नगर में रहता हूँ ! मैं सच्चा हुड़दंगी हूँ ! इन्टरनेट पर चहचहाने वाली फेयर एंड लवली लड़कियों का प्रोफाइल मेरा अड्डा है ! सेक्सिस्ट ट्विटर में बुद्धिमान युवा मेरे ग्राहक हैं ! मेरी कंपनी का नाम ड्रीमट्रोल है ! हम ‘ए’ लेवल का ट्रोल करते हैं ! स्टीरियोटाइप जीवन ही मेरी जननी है ! मैं गूगल सर्च से निकला हूँ ! मुझे स्कैंडिनेवियाई लोककथाओं और बच्चों की कहानियों से निकाल के लाया गया है ! मैं गंभीरता से देखा, पढ़ा और सुना जाता हूँ इसीलिए मैं महत्वपूर्ण हूँ ! मुझे केवल लंठ समर्थक समझना आप की भूल है ! हम अपना सारा काम छोड़ के बवाल मचाते हैं ! मुझे बीमार, बर्बाद और बेकार बोलने वालों को मेरी ताक़त का अंदाज़ा नहीं है ! केवल सोशल मीडिया में हंगामा मचाना ही मेरा मकसद नहीं है ! जो ये समझते हैं कि हमारे तूफान मचाने की राजनीति का मकसद एक पार्टी के हक में हिन्दू मुस्लिम गोलबंदी करना है वो भी सही नहीं हैं ! हमें गोल कर के वे भी बेकार में चौड़े हो रहे हैं ! तस्वीर निकालो, लाल रंग से घेर दो और व्हाट्स अप में फैला दो, ये अब धरना प्रदर्शन जैसा पुराना तकनीक है ! मैंने दो हज़ार के नोट में चिप डाला है ! यूनेस्को से प्रधानमंत्री को एप्रूव्ड करवाया है ! मेरी वजह से सोशल मिडिया अब सोचल – समझल मिडिया है ! मैं पत्रकारों और राजनेताओं की पसंद हूँ ! रिसर्च सेंटरों के आंकड़े मेरा यार हैं ! लोगों की प्रतिक्रिया के लिए इंटरनेट पर बेवकूफ और भड़काऊ बातें करता हूँ !

माइक्रो – ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर और हर तरह की सामाजिक नेटवर्किंग साइट पर अपमानजनक संदेश प्राप्त करने के लिए आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं ! भद्दी टिप्पणियां देना मेरा पेशा है ! सोशल मीडिया पर सबको सलाह देना मेरा काम है ! मैं अपना काम छोड़कर दूसरों की चिंता में ही डूबा रहता हूँ ! मुझसे दुश्मनी कर के आप ट्विटर के टॉप ट्रेंडिंग लिस्ट में शामिल हो सकते हैं ! मैं आप को रातों रात हैशटैग बना सकता हूँ ! मेरे उपद्रव को देखना है तो मुझसे जुड़ जाइये ! सोचल – समझल मीडिया की अपनी बदमाशियां हैं ! सिर्फ़ ज़ोर – ज़ोर से बोलना ट्रोलिंग नहीं है ! ट्रोल इन्टरनेट पर आत्म – जागरूकता का एक रूप है !

ट्रोल इन्टरनेट पर असामाजिक, झगड़ालू और धीमी गति से रेंगने वाला जीव होता है जो दूसरों के लिए जीवन को कठिन बनाता है ! घृणा फैलाना ‘पेड’ ट्रोल का धर्म होता है ! ऑनलाइन चर्चा अक्सर आप के हाथ से निकलते ही मुझ तक पहुँच जाती है ! अपने नृशंस ट्वीट्स के साथ मैं एक पल में अश्लील हो जाता हूँ ! भारतीय ट्रोल सबसे ज्यादा अपमानजनक, सबसे अधिक लिजलिजा और पृथ्वी पर सभी ट्रोल में सबसे बढ़कर अश्लील है ! मेरी बातों पर भरोसा न हो तो आप अपने ई – समाचार पत्रों, ई – पत्रिकाओं, ब्लॉगों, यू – ट्यूब और किसी भी प्लैटफॉर्म के कमेंट बॉक्स में जा कर खुद मेरा काम देख लीजिये !

वर्ल्ड वाइड वेब पर एक पेशेवर ट्रोल के रूप में अपने शिकार को लेबल करने से पहले मैं तौलता हूँ, फिर ट्रोलता हूँ ! जानबूझकर ट्रोल हिट लिस्ट बनाकर दूसरों को उत्तेजित या अपमानित करने का प्रयास करता हूँ ! इन्टरनेट पर मुझे कच्ची शराब जैसी सड़ांध पसंद है ! मेरा नारा है ‘ मेरे ट्रोल से ही चलेगा ये वतन, बढ़ा क़दम !’ राष्ट्रवाद को ट्रोलबाद से रिप्लेस करना है ! आप मेरी निंदा चुप रहकर कर सकते हैं ! अगर आप मेरा समर्थन कर भी रहे हैं तो एकदम सामने से मत कीजिये ! ट्रोल को इशारा काफी है ! मेरा समर्थन करने के लिए आपकी चुप्पी उस दिन सराही जाएगी जब हम सब इन्टरनेट पर अपनी पहचान खो चुके होंगे !

प्रकृति का ट्रोल मधुमख्खी है ! अगर आप मधुमख्खी के छत्ते को दुहना नहीं जानते तो मधुमख्खी के छत्ते में हाथ मत डालिये ! वो खुद अपना रस पी कर स्वाहा हो जायेगा ! आप ने निर्जन छत्ते जरूर देखे होंगे जिसे ट्रोल छोड़ चुके हैं ! ट्रोल को अनदेखा करना ही उनसे बचने का सबसे अच्छा तरीका है ! आप पाबंदियों के बारे में बात करना चाहते हैं तो मुझसे बात मत कीजिये ! आँख बंद कर के अपने आप से सिर्फ़ दो सवाल कीजिये ‘आप इन्टरनेट पर किसकी माला जपने आते हैं ? ‘ ‘महिलाओं पर हमला करने की अपनी विकृत इच्छा के बारे में आप क्या जानते हैं ?’ आप ने अपने ह्रदय के अंदर जा कर अगर इन दो प्रश्नों का जवाब दे दिया तो आप को अपने हर सवाल का जवाब मिल जायेगा !

दलाली, भ्रष्टाचार और गोरखधंधे में लिप्त देशभक्त ट्रोल की शक्ति को कभी नहीं पहचान पाएँगे ! सच्चा ट्रोल ये मानता है कि लोकतंत्र में स्वस्थ ट्रोल – तंत्र के लिए सरकार की आलोचना के साथ साथ नागरिकों का ट्रोल भी होना अत्यंत आवश्यक है ! मेरी मार्केटिंग स्ट्रैटेजी इंटरनेट को एक मंच मानती है, और सभी यूज़र्स आप जैसे जोकर या मुझ जैसे ट्रोल हैं ! ट्रोल का कोई लिंग नहीं होता, ट्रोल समलैंगिक होते हैं ! हर बात के लिए मेरे पास अपना आंकलन है !

मैं किसी के बेटे का नाम रखे जाने से शुरू होकर उसकी पत्नी की स्लीवलेस ड्रेस से होता हुआ उसकी माँ की ट्रेन यात्रा पर जा पहुँचता हूँ ! शारीरिक व्यायाम को भी धर्म से जोड़ सकता हूँ ! कोई मेरी बोलती बंद नहीं कर सकता, हम सब मिल कर उसे बोतली में बंद कर देते हैं ! हम अत्यधिक संगठित हैं ! ट्रोलिंग पाप या अपराध नहीं है ! लाखों ग्राहक के मनोरंजन के लिए ट्रोल इंटरनेट पर बदमाशी का एक सामान्य रूप है ! आप किसी को भी वोट करें कोई गलती नहीं करेंगे ! ग़लती तब करेंगे जब कौन अच्छा है उसे लेकर इन्टरनेट पर बहस करेंगे !

इन्टरनेट के बाहर अलग से मैग्निंफाइंग ग्लास लेकर भी मुझे ढूंढेंगे तो मैं नहीं मिलूँगा ! इन्टरनेट पर अभी तो मेरे होने और न होने पर ही बहस है ! मेरे लिए ख़ुशी की बात है कि मुझे भी स्टीरियोटाइप से ही देखा जा रहा है !

आप को ट्रोल की शुरुआत करनी है तो ट्रोल करते हुए गन्दी भाषा का उपयोग करें और ऐसा करने के लिए खुद को प्रेरित करें ! भारत में आप टैक्स से बच सकते हैं पर अपने टेक्स्ट से नहीं बच सकते ! मैं आप की मदद के लिए आ ही जाऊँगा ! अपनी ट्रोल शक्ति से राष्ट्रीय अल्पसंख्यकों के संरक्षण की निगरानी करते हुए ट्रोल परिषद की सलाहकार समिति ने मुझे सुझाव दिया है कि मैं ट्रोल पावर को निभाने और अपने मालिक के प्रोफाइल को बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत करूँ ! जो सबका मालिक है वो मेरा भी मालिक है ! सभी भारतीय ट्रोलर्स, भारतीय इंटरनेट ट्रॉलिंग को बेहतर बनाने के सुझाव दें ! आपके फीड से मुझे फ़ूड मिलेगा ! आप मेरी ऑनलाइन खरीदारी भी कर सकते हैं !

आज के ज़माने में सामाजिक नेटवर्किंग सेवा पर मेरे लिए अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट के साथ – साथ मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड के टीम को भी हर पल तैयार रहने का निर्देश दिया गया है ! संदेह व सूचना के आधार पर सोचल – समझल मिडिया में मेरी छापामारी जारी रहेगी ! रंग अबीर गुलाल के साथ साल में एक दिन होली का हुड़दंग अब सिर्फ बच्चों का खेल है ! इन्टरनेट पर तीन सौ पैंसठ दिन, मन का हुड़दंग ही होली का असली हुड़दंग है ! कमज़ोर मोबाइल सिग्नल वाले इस खेल से दूर रहें ! मेरा आनंद लेने के लिए आपके फोन का स्मार्ट होना जरुरी है ! आप मुझसे ट्रोलिंग अनुरोध भी कर सकते हैं ! मुझे ट्रोल फ्री नंबर पर फोन कीजिये ! आप गाइये सा रा रा, मैं गाऊंगा ट्रा ट्रा ट्रा !

सिनेमा का दुखवा मैं कासे कहूँ ?

1.

पात्रों की भाषा को ‘सिनेमा की भाषा’ मानने वाले मुर्ख, ‘देखो’ बसंत आया

” … क्षेत्रीय भाषा बोलने वालों को नीचा दिखा कर अपनी श्रेष्ठता बनाने की कोशिश करने वाले, आप चाहें तो मुझे भी ‘दूस’ सकते हैं, पर सिर्फ़ अपनी मूर्खता की प्रबल दावेदारी बनाये रखने लिए कृपया सवाल मत कीजियेगा ! मेरी बात और ये चित्र नहीं समझे तो रहने दीजिये आप से नहीं होगा, ये अलग भाषा है जो सिनेमा बनाने के काम आती है ! सिनेमा समझने के लिए सिनेमा की भाषा सीखनी पड़ेगी ! सिनेमा के पात्रों की क्षेत्रीय भाषा पर स्टेटस पेल कर आप भाषायी लोगों में हीन भावना भर रहे हैं ! भाषाओँ की इस तौहीन के लिए भाषायी पात्र आपको कभी माफ़ करेंगे ! आप की शिकायत में ‘सिनेमा की भाषा’ दोषी है, ‘पात्रों की भाषा’ नहीं ! फेसबुक पर लाउड स्टेटस की राजनीती कर के आप भाषा की भावनाओं को अनजाने में ठेस पहुँचा रहे हैं ! महान फिल्मकार सत्यजीत रे के पात्रों ने भी क्षेत्रीय भाषा बोल कर विश्व के सिनेमाई भाषा में सर्वश्रेष्ठ स्थान पाया, पर रे ने कभी भाषा बोलने वालों को नहीं ‘दूसा’ ! जो पुरस्कार आपको मिला है वो पात्रों की भाषा का पुरस्कार है ! उक्त भाषा को पात्रों की भाषा बनाने का पुरस्कार भी सिनेमा का पुरस्कार नहीं होता …
‘सिनेमा की भाषा’ पर लगातार काम कर के आप अपनी उपस्थिति बना सकते हैं ! पात्रों की भाषा को ‘दूस’ कर आप अपने ही दर्शकों को बौखला रहे हैं ! जागिये कहीं ऐसा न हो कि आप न सिनेमा के रहे न भाषा के …” – मैं भी मूर्ख हूँ, इसलिए मूर्खों के साथ बहस से बचने के लिए अपने आप को मैंने खुली चिठ्ठी लिखी ‘ सिनेमा का दुखवा मैं कासे कहूँ ?’

2.

हिंदी सिनेमा / भारतीय सिनेमा, हिंदी फिल्म / भारतीय फिल्म, इंडियन सिनेमा / इंडियन फिल्म सही नाम है ! रीजिनल फिल्म / सिनेमा के लिए भारत के क्षेत्रीय भाषाओँ के साथ फिल्म / सिनेमा शब्द लगाइये ! बॉलीवुड कोई स्थान / भाषा नहीं है ! ‘बॉलीवुड’ बहुत मूर्खतापूर्ण शब्द है जो किसी दुसरे देश के एक नगर का पैरोडी है ! हम अपने सौ साल की कलात्मक यात्रा को ‘बॉलीवुड’ कह कर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हास्यास्पद क्यों हो जाते हैं ?

क्रमशः