स्वर्ग में एडमिशन

स्वर्ग

स्वर्ग में एडमिशन भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा है, जिसके लिए हम सब मरते हैं ! आज अखिल भारतीय स्वर्ग संस्थान के प्रवेश परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं ! स्वर्ग में एडमिशन के लिए अखिल भारतीय स्वर्ग संस्थान ने रिजल्ट और मेरिट लिस्ट दोनों जारी कर दी है ! मरने के बाद उम्मीदवार अपना परिणाम स्वर्ग की अॉफिशियल वेबसाइट पर जाकर भी देख सकते हैं !

एंट्रेस एग्‍जामिनेशन फॉर स्वर्ग का आयोजन पुरे देश में रोज़ किया जाता है ! स्वर्ग में एडमिशन की इस प्रवेश परीक्षा को मृत्यु लोक की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षा मानी जाती है ! ऊपर वाले की सरकार अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्वर्ग में एडमिशन की लिस्ट की कन्फर्म और वेटिंग की स्थिति भी बता देती है ! रोज की तरह आज सुबह भी स्वर्ग में एडमिशन की प्रक्रिया कुछ वजहों को लेकर चर्चा में रही !

वर्तमान अध्यात्म और मानव अनुभव के अनुरूप जब मैं स्वर्ग के पास पहुंचा तब स्वर्ग में एडमिशन का ख़्वाब देखने वालों की स्वर्ग के मेन डोर पर ही काफी भीड़ थी ! सूचना की कमी से भ्रम और अराजकता बनी थी ! प्रवेश फार्म और स्पष्टीकरण प्राप्त करने के लिए देश के कई किसानों के खड़े होने के कारण चल रहे भ्रम की स्थिति में ऐसा लग रहा था कि किसान आंदोलन धरती से उठ कर स्वर्ग के दरवाज़े पर पहुँच गया है ! भ्रम और अराजकता के बीच यमराज ने अभी तक आज का एडमीशन शुरू नहीं किया था !

‘ मैं यमराज हूँ ! ‘ यमराज ने अपना फॉर्मल परिचय दिया ! ‘ स्वर्ग उन लोगों के लिए है जिन्होंने मरने से पहले अच्छे काम किए हैं और नरक की बात मैं यहाँ नहीं करना चाहता ! आप लोग भी अपना परिचय दीजिये ! ‘ यमराज ने मेरी तरफ देखते हुए बोलने का इशारा किया ! ‘ मैं परमानंद की अवस्था में अपनी जमीन जोत रहा था ! खेत ही मेरा स्वर्ग था ! अपनी जमीन को जोतने में इतना डूबा हुआ था कि पता ही नहीं चला कब गोली चली और मैं मर गया ! ‘
‘ खेत में आपको लगता था कि आप स्वर्ग में हैं ? आप जर्नलिस्ट हैं क्या ? ‘ यमराज ने मुझसे प्रश्न किया ! ‘ मैं किसान हूँ ! ‘ मैंने उत्तर दिया !
‘ किसान थे ! अभी आप स्वर्ग में एडमिशन के प्रत्याशी हैं और आप का नाम वेटिंग लिस्ट में भी नहीं है ! खाली हाथ स्वर्ग आये हैं ? ‘ यमराज ने पूछा !
‘ मैं किसान हूँ ‘ मैंने दुबारा कहा ! ‘ ये स्वर्ग है, बैंक नहीं ! ‘ यमराज हँसते हुए बोले ! ‘ बार बार किसान कह कर मुझे मत डराइए ! अपने कर्मो का फसल कहाँ छोड़ आये ? ‘ सभी आत्मा हंस पड़े ! मैं झेंप गया ! यमराज ने मुझे बुद्धिजीवी मान कर बात आगे बढ़ा दी !
‘ सुना है कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम में प्रमुख लोग क़र्ज़ माफी के ख़िलाफ़ हैं ?
‘ अधिकतर किसान अपना कर्ज़ समय पर चुकाते हैं ‘ मैंने जवाब दिया !
‘ किसानों की आत्महत्या के पीछे प्रमुख कारण वित्तीय समस्या ही है ! छोटे ऋणों ने मुझे मारा है ! ‘
यदि आपको अपनी मृत्यु की शिकायत करनी है तो आत्महत्या हॉटलाइन से संपर्क करें ! यमराज ने मुझे फिर हुड़का ! ‘ कृषि की रिपोर्ट मिडिया करती है और मिडिया को मैं भी जानता हूँ ! ‘ अपनी सेल्फी लेते हुए यमराज ने मुझ पर तंज़ किया ! ‘ दस किसान रोज मरते हैं ! ‘ सरकार ने किसानों से किया चुनावी वादा पूरा कर दिया है फिर आप क्यों मरे ?
‘ मेरे मरने के बाद क़र्ज़ माफ़ किया गया ! ‘ मैंने जवाब दिया !
‘ आप नए किसान होंगे ! मैं पुराना यमराज हूँ ! मुझे सरकारी आंकड़ा मत दीजिये ! मैं सबके दाने – दाने को जानता हूँ ! बैंकों से फसली ऋण ले कर माफ़ कराना कहाँ का फैशन है ? दूसरे सेक्टर के बारे में सोचिये ! कलाकारों और फिल्मकारों के बारे में सोचिये ! बेचारों को कोई क़र्ज़ भी नहीं देता ! प्राइवेट स्वर्ग में एडमिशन लीजिये ! मैनेजमैंट कोटा में फार्मर्स कोटा भी है ! स्वर्ग में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय धार्मिक पात्रता परीक्षा पास कीजिये ! आत्महत्याओं पर शोध से पता चला है कि मीडिया द्वारा असंवेदनशील रिपोर्टिंग की वजह से कई किसान मारे गए हैं ! डायरेक्टरेट ऑफ स्वर्ग के मुताबिक आज के स्वर्ग में एडमिशन प्रक्रिया का ऐलान बाद में किया जाएगा ! यमराज आगे बोले ‘ किसान भाई घर और खेत के आसपास के स्वर्गों की एक लिस्‍ट तैयार करें ! फिर उनमें से उन स्वर्गों को शॉर्टलिस्‍ट करें जहां आप एडमिशन के लिए आवेदन करेंगे ! सब बैकुण्ठ जायेंगे तो खेत कौन जोतेगा ? आप सब में से जो जा सकते हैं अच्छे और प्राइवेट स्वर्गों में जाइये ! बाज़ार और सरकार के फ़ैसले किसान के ख़िलाफ़ गए हैं ! बेकाबू किसानों के आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस को गोलियां चलानी पड़ी ! मैंने भी सब देखा है ! कई जगहों पर किसानों ने प्याज़ और टमाटर सड़क पर ही गिरा दिए ! किसानों का प्रदर्शन बताता है कि परिस्थितियां बिगड़ी हैं ! मेरे पास छोटा सा सरकारी स्वर्ग है ! दूसरी और पुण्य आत्माएँ भी हैं, मैं सभी किसान भाइयों को स्वर्ग में एडमिशन कैसे दे सकता हूँ ? ‘
आदत से मज़बूर किसान स्वर्ग के सामने यमराज के मनमाने और भेदभावपूर्ण नीतियों के ख़िलाफ़ नारे लगाने लगे ! मुझ जैसे कुछ किसानों ने नर्क का रास्ता लेने की जगह फिर से भारत में किसान बनने की ठान ली और लौट चले !