गुब्बारे में क्या था ?

गुब्बारे में क्या था ?

‘ गुब्बारे में क्या था ? ‘ पत्नी ने जब पूछा तो मेरी इन्द्रियाँ वातावरण सूंघने लगीं ! पत्नी ने ऐसे पूछा जैसे मैंने कोई बैंक लूट लिया हो और गुब्बारे में भर कर घर ले आया हूँ !
‘ क्या था गुब्बारे में ? ‘ मैंने भी पलट कर पूछ लिया ! किसी रिफ्लेक्स एक्शन की तरह ये रिफ्लेक्स प्रश्न था !
‘ तुम पर जो फूटा है उस गुब्बारे में क्या था ? पत्नी ने सख़्ती से पुछा !
‘ मुझ पर जो फूटा है उस गुब्बारे में क्या था ? मैंने भी आश्चर्य से पुछा !

इस बार होली के गुब्बारे में कहीं किसी पर उम्मीद की किरण फूटी थी तो कहीं किसी की किस्मत ! पता नहीं मेरे गुब्बारे में क्या भरा था ? मैं तेजी से सोचने लगा ! गुब्बारा तो मुझ पर फेंका गया था, पर मेरी पत्नी के तेवर से लगा जो मुझ पर फेंका गया था वो उस पर फूट पड़ा है !

मेरी शादी उसी लड़की से हुई है जिस पर मैंने अपने कुँवारेपन में जीवन का पहला और आखरी गुब्बारा फेंका था ! इस पल जो नाक और भौं चढ़ा कर मेरे सामने खड़ी थी मैंने उस पर इत्र और गुलाब जल भरा गुब्बारा फेंका था ! पच्चीस साल बाद पता नहीं कौन सा गुब्बारा मुझ पर फूटा है ! मेरा सफ़ेद बुशर्ट जो पीछे से लाल हो चूका था मेरे सामने था !

‘ ये लाल दाग़ किसी रंग का तो नहीं लगता है ? ‘ पत्नी ने कहा ! गुब्बारे में क्या था इस पर गहन शोध की ज़रूरत इस होली से पहले शायद न आई हो ! अब मेरी पत्नी हर दाग और उसकी छींटों को और क़रीब से देख रही थी, साथ ही साथ रंग, खुशबू और बदबू सभी का आकलन कर रही थी ! ‘ अनार का रस ? ‘ गाढ़े लाल दाग़ को देखते हुए मैंने पत्नी की तरफ़ देख कर पूछा ! ‘ अनार का रस ? ‘ पत्नी ने ऐसे पूछा जैसे उसने सांप देख लिया हो और मुझे वो दिखाई नहीं दे रहा हो ! लाल रंग देख कर मुझे लगा गुब्बारे में अनार का रस भरा था ! मैंने सोचा क्या पता मुझ पर गुब्बारे फेंकने वाले को पता हो कि मैं बीमार हूँ ! मेरी सेहत की फिक्र में उसने गुब्बारे में अनार का रस भर के मुझ पर फेंका हो ! क्या मेरे गुब्बारे में अनार का रस भरा था ?

‘ ये सफ़ेद दाग क्या है ? ‘ सहसा पत्नी चीखी मानो किसी तरल पदार्थ से भरा गुब्बारा घर में उस पर फट गया हो ! क्रोध अगर तरल पदार्थ के रूप में भरा जा सकता तो मेरी पत्नी गुब्बारे में भरी हुई मिलती !

‘ सफ़ेद दाग ? ‘ मैंने भी सवाल दोहरा दिया ! ‘ हाँ – हाँ सफ़ेद दाग ‘ सुनते नहीं क्या ? कान पर कोई गुब्बारा तो नहीं पड़ा है ? पत्नी चिंतित होते हुए बोली ! मुझे पता नहीं क्या हो गया था ! इस होली में मैं लोगों के व्यवहार से गूंगा बहरा ही हो गया था ! मैं अवाक था ! ‘ लाल को अनार कहा, सफ़ेद को माखन मत कह देना ! ‘ पत्नी बड़बड़ा रही थी ! ‘ तुम पर तो कोई अपना काला – धन भी फेंक देगा तो तुमको पता नहीं चलेगा ! ‘ माखन, काला धन ? ‘ मैं चौंका ! क्या मेरे गुब्बारे में किसी का माखन भरा था ?

कल तक माखन एक दुग्ध – उत्पाद था ! गुब्बारे में आज का माखन एक यूथ – उत्पात है ! ‘ माखन रूपी काले धन ‘ को पानी से मिलाया जाए तो क्या होता है ? सर्च इंजन ने बताया ‘ माखन रूपी काले धन’ को अगर पानी में मिलाया जाए तो ‘काला धन’ गाढ़ा हो कर ‘लिक्विड’ फॉर्म में रह सकता है ! पर कई नागरिकों ने कहा कि ‘ माखन ‘ से ‘ काले धन ‘ को इकट्ठा कर गुब्बारे में भरना मुमकिन नहीं और इसके लिए कई दिन तक ‘ काला धन ‘ जमा करते रहना होगा और गुब्बारा भरने लायक ‘ काला धन ‘ जुटाने में कई महीने के ‘ माखन ‘ लग जाएंगे ! माखन और काला धन के चक्कर में मेरे दिमाग का मंथन हो गया ! मुद्दा और पेचीदा तब हो गया जब ये पता चला कि सरकार की नज़र भी ‘काले धन’ पर है और ‘काले धन’ का भी बैंक होता है !

‘ भोले मत बनो ‘ पत्नी ने झूठ बोले कौआ काटे वाली अदा में कहा ‘ तुम्हे हर रंग का मतलब पता है ! दिन भर ‘ केसरिया केसरिया ‘ ठुमरी गाते हो ! मैं जानती हूँ ‘ हरा रंग ‘ मेरी सौत है ! असली माखन चोर तो तुम ही हो ! कहीं कोई गोपी उलाहना देने न चली आये ‘ तुम्हारे लाल ने मुझ पर माखन फेंका है ! ‘ मैंने देखा मेरी पत्नी पर फाग चढ़ गया है ! माखन – माखन करती गज़ब की सूंदर गोपी लग रही थी ! मेरे अंदर गुब्बारे फूटने लगे जिनमे मैंने पच्चीस साल पहले इत्र और गुलाब जल भरा था ! आज की गोपियाँ माखन का हर स्वाद जानती हैं ! ताजा माखन मधुर, हलका, नेत्रों को हितकारी, रक्त पित्त नाशक, तनिक कसैला और तनिक अम्ल रसयुक्त होता है ! बासी माखन खारा, चटपटा और खट्टा हो जाने से वमन, बवासीर, चर्म रोग, कफ प्रकोप, भारी और मोटापा करने वाला होता है ! गोपियाँ जानती हैं बासी माखन सेवन योग्य नहीं ! गोपियों को कन्हैया को जो भाता है वही ताज़ा माखन पसंद है ! इस वैचारिक मंथन से मेरे शरीर में कम्पन होने लगा !

मुझ पर जो फूटा है उस गुब्बारे में क्या था, ये साबित होना बाक़ी है ! उधर, सड़कों पर गुब्बारे पड़ना जारी है ! लड़के भी फेंक रहे हैं और लड़कियां भी ! मैंने सुना लोग एक – दूसरे से कह रहे हैं ‘ गुब्बारा मारने से पहले बता दो भई तुम्हारे गुब्बारे में क्या भरा है ?

बैंक में चूना

” बैंक में चूना लगाना सबके बस की बात नहीं ! “

भारत सरकार द्वारा जारी किए गए मतदाता आईडी कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस / पैन कार्ड / आधार कार्ड / पासपोर्ट / फोटो आईडी की स्वयं साक्ष्य प्रति / निवास का सबूत – हाल के टेलीफोन बिल / बिजली बिल ( दो महीने से अधिक पुराना नहीं ) / बैंक पासबुक का बैंक के अधिकारियों द्वारा सही रूप में प्रमाणित नवीनतम खाता विवरण / सरकार द्वारा जारी जाति प्रमाणपत्र / नगर पालिका के मोहर के साथ अपनी हाल की तस्वीर की दो प्रतियां ( 6 महीने से अधिक पुरानी नहीं ) / अपने पहचान के सभी सबूत लेकर मैं बैंक के चौकीदार के पास पहुँच गया ! चौकीदार मेरी खाली जेबों की निरक्षण के बाद ये सब पेपर्स देखना चाहता था ! सभी कागज़ों के सूक्ष्म निरिक्षण के बाद उसने उनका एक पुलिंदा बनाकर उसने किसी जन्मकुण्डली की तरह लपेट दिया और पुरस्कार की तरह ससम्मान मुझे भेंट कर दिया ! उन कागज़ों को लेते हुए अगर कोई अपने मोबाईल से फोटो खींच लेता तो उसे देखकर लगता जैसे मैं बैंक के चौकीदार से किसी राष्ट्रीय स्तर का पहचान पत्र पुरस्कार ले रहा हूँ !

अपने गुटका साधना को भंग करते हुए उसने मौन रस थूका और पूछा ” क्या काम है ? ”
” साहब से मिलना है ” मैंने कहा !
” कौन से वाले साहब से ? ” मुँह में बचा हुआ मौन का उप – रस भी अब ज़मीन सूँघ रहा था ! वो मौन रस से पूरी तरह बाहर आ गया था !
” चूना वाले साहब से ” मैंने जवाब दिया !
” चूना ?? ” उसने मुझ पर दया की दृष्टि डालते हुए पूछा !
” हाँ ” मैंने गर्दन हिलाया !
” कित्ते का ?? ” दर्द भरी आवाज़ में उसने हलके से पूछा !
” अभी पता नहीं, साहब से मिलने पर पता चलेगा ” मैंने जवाब दिया !
पता नहीं क्यों उसकी आँखें भर आयी और उसने मुझे ढाँढस देते हुए इज़्ज़त से बोला ” हिम्मत कर के सीधे ब्रांच मैनेजर के पास चले जाइये ” उसने मुझे बैंक के एयर कंडीशंड वातावरण में प्रवेश करने की इज़ाज़त दे दी !

बैंक में कामकाजी वातावरण था ! बचत और ब्याज की चिंता में लोग एक दुसरे से पूछ – पूछ कर नए – नए फॉर्म में तरह तरह के सवाल का जवाब भर रहे थे ! मैं सबको देख रहा था पर मुझ पर किसी का ध्यान नहीं था ! मैं सीधा ब्रांच मैनेजर की कैबिन में घुस गया ! यह कमरा बैंक का सबसे ठंढा कमरा था ! बैंक छोटा था लेकिन बैंक मैनेजर का कमरा बड़ा था !

कैबिन में मेरे प्रवेश करते ही मैनेजर साहब ने अपने आप को चेक़ बुक की तरह समेट लिया और कलम की तरह अकड़ के बैठ गए ! अब मेरे लचीले होने की बारी थी ! एक हाथ से अपने कागज़ों को समेटते हुए मैंने दूसरे हाथ से एक – हथ्था अभिवादन किया ! बैंक मैनेजर ने मुझे कैशलेस ए टी एम की तरह देखा और अपने मोबाइल को घूरते हुए लोन मुद्रा में चले गए ! कैबिन में अगर कोई अपने मोबाईल से फोटो खींच लेता तो उसे देखकर लगता जैसे मैं किसी बैंक के मैनेजर के मोम के पुतले के सामने खड़ा उसे निहार रहा हूँ ! कैबिन में टंगे हुए महात्मा गाँधी की तस्वीर यह सब देख रही थी ! थोड़ी देर में कैबिन के किसी अदृश्य शक्ति ने हमें स्टेचू के खेल से निकाला ! इससे पहले मैं अपना मुँह खोलता मुझे मैनेजर की आवाज़ सुनाई दी ! ” होम लोन ? ”
” न ! ”
” क्रेडिट कार्ड ? ”
” न !! ”
” परसनल लोन ? ”
” न !!! ”
” पेंशन ? ”
मैंने ना कहने के लिए गर्दन हिला दिया !
” फिर क्यों आये हैं ? ”
” मैं चूना लगाने आया हूँ ! ”
बैंक मैनेजर ने मुझे ऐसे देखा जिससे मुझे पहली बार लगा जैसे वो मुझे पहचान गया हो और मैं उसके काम का आदमी हूँ !
” मैं बैंक में चुना लगाना चाहता हूँ ! बैंक के चौकीदार ने बताया चूना लगाने के लिए मुझे ब्रांच मैनेजर से मिलना होगा ! ” मैंने अपनी बात पूरी की ! यह सुनते ही न जाने क्यों ब्रांच मैनेजर ने राहत की सांस ली !
” बैंक में चूना लगाना सबके बस की बात नहीं ! ” मैनेजर ने मुझे चैलेंज करते हुए कहा !
” मेरे ग्रेट ग्रैंड फादर अमर चूनावाला थे, ग्रैंड फादर अकबर चूनावाला थे और मेरे फादर अन्थोनी चूनावाला हैं ! चूना लगाना हमारा पारंपरिक काम है ! ” मैंने अपने सारे पहचान पत्रों को टेबल पर फैलाते हुए जवाब दिया ! ” मैं बस एक बार आपके बैंक में साधारण चूना लगाना चाहता हूँ ! ”
मैनेजर मुस्कुराए ! ” बैंक में चूना लगाना ईको फ्रेंडली काम है ! बैंक में आप साधारण चूना नहीं लगा सकते ! ” बैंक मैनेजर ने दिलचस्पी लेते हुए कहा ! उन्होंने आगे कहा ” चूना लगाने वाले को हम ही चुनते हैं, कोई भी बैंक में चूना नहीं लगा सकता ! बैंक विशाल संगठन हैं, चूना लगाना एक ऐतिहासिक प्रक्रिया है ! एक एप्लिकेशन लिख कर दीजिये कि इस बैंक में आप चूना लगाना चाहते हैं ! ” अपने पारंपरिक अनुभव से मैं जानता हूँ कि बैंकों में चूना लगाने में हर तरह का हथकंडा अपनाया जाता है ! मैं चुप ही रहा ! मैंने पत्र में लिखा – ‘ मैं एक गैर – लाभकारी आम आदमी हूँ ! जीवन यापन और मेरी ज़िन्दगी को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए मुझे बैंक में चूना लगाने का काम देने की कृपा करें ! ‘ एप्लिकेशन दे कर मैं बैंक में चूना लगाने के सपनो में खोया हुआ घर लौट आया !

‘ बैंक का लक्ष्य गरीबी को कम करना है ! ‘ बैंक की एक दिवार पर धूमिल अक्षरों में यह लिखा था ! जिसे पढ़ कर मेरी हाथ में खुजली होने लगी ! मुझे उस पर चूना लगाना था ! मुझे बैंक के कई स्लोगन पर चूना लगाना था ! दीवार पर चूना लगाना दीवार के इतिहास को छुपाने की प्रक्रिया भी है ! सब जानते हैं सफ़ेद चूना काला जादू है जिससे सबकुछ पूर्ववत हो जाता है ! बैंक में चूना लगाने का ये काला जादू मैं करना चाहता था !

एक हफ्ते बाद मुझे बैंक में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया !

” आप के हिसाब से बैंक में कौन से महीने में चूना लगाया जाता है ? ” उनका पहला प्रश्न था !
” लोग बैंक में मार्च या अप्रैल में यह सोचकर चूना लगाते हैं कि चूने के सफेद रंग को देखकर ग्राहक आकर्षित होंगे ! जबकि ये धारणा बिल्कुल ही गलत है ! ग्राहक ब्याज को देखकर आकर्षित होती है ना कि चूने के सफेद रंग को देखकर ! ” मैंने जवाब दिया !

” बैंक को चूना लगाने की जरुरत क्यों पड़ती है ? ” दूसरा सवाल था !
” राशि जमा रखने तथा ऋण प्रदान करने के अतिरिक्त बैंक अन्य कई गुप्त काम भी करता है जिसके रंगीन इश्तहारों से बैंक की दिवार का रंग ख़राब हो जाता है ! ग्राहकों में अपनी साख बनाये रखने के लिए बैंक को अपनी दीवारों पर चूने की सफेदी करते रहना पड़ता है ! ” मैंने जवाब दे कर उनको संतुष्ट किया !

” बैंक में चूना लगाने के लिए आप को कितना समय चाहिए ? उनका तीसरा प्रश्न था !
” बैंक में आप बार बार चूना नहीं लगा सकते ! बैंक में चूना लगाना एक ऐसी परियोजना है जिसे एक दिन से भी कम समय में पूरा किया जाना चाहिए नहीं तो इससे ग्राहक सेवा में खलल पड़ती है ! बैंक मैनेजर कस्टमर के घेरे में आ जाता है ! उसके केबिन का ए सी काम करना बंद कर देता है ! झुण्ड में लोग बैंक में घुस जाते हैं और ब्रांच मैनेजर का केबिन रिकॉर्डिंग और लाइव कार्यक्रम का रिले सेंटर बन जाता है ! ” मैंने जवाब दिया !

एक हफ्ते बाद रिज़ल्ट आ गया ! बैंक में चूना लगाने का काम आखिर मुझे मिल ही गया !
नियत सुबह जब मैं बैंक में चूना लगाने का अपना रोज़गार करने पहुँचा तो गार्ड द्वारा पता चला बैंक को कोई और चूना लगा गया था ! काम काज ठप्प था !

खैनी के लिए चूना लेने जब पास के पान बीड़ी की दूकान पर पहुँचा तो पान वाला किसी से कह रहा था ” चूना खाइए पर चूना लगाइए मत ! वो ईमारत खड़ी हैं जिनमे चूना लगा है ! चूना लगने के बाद क्या मजाल है कि ढांचा टस से मस हो जाए ! ” सब घंटा घर की तरफ देख रहे थे मैं भी देखने लगा !

दो कोहरा एक काला एक गोरा

फोटो : गूगल के कोहरे से

गोरा – ( कैमरे में देखते हुए ) मैं सफ़ेद कोहरा हूँ ! मुझे बोलते हुए आप नहीं देख सकते क्योंकि मैं अभी घना हूँ ! मुझे बस आप सुन सकते हैं ! कड़ाके की ठंड है और मैं दिन भर छाया रहूँगा ! मेरी वजह से दोपहर तक सड़कों पर वाहन लाइट जलाकर रेंगते रहेंगे !

काला – ( कैमरे में देखते हुए ) मुझे भी बोलते हुए आप नहीं देख सकते क्योंकि आप सब जानते हैं रंगों का सफर कर्म से होकर आज की तथाकथित जाति पर आकर पूर्णत: विकृत हो चला है ! मुझे देखने की कोशिश करेंगे तो मैं आपकी आँखों में चुभ जाऊँगा ! मैं काला कोहरा हूँ !

गोरा – जैसे कुछ व्यक्ति मुझ सफ़ेद कोहरे की तरह योग्यता या शुद्धाचरण न होते हुए भी स्वयं को ऊंचा या ऊंची जाति का और पवित्र मानने लगे हैं वैसे ही कुछ अपने को ( काले कोहरे को इंगित करते हुए ) काले कोहरे की तरह नीच और अपवित्र समझ कर इम्पोर्टेंस भी लेने लगे हैं !

काला – संविधान में रंग और जाति के आधार पर भेदभाव पर रोक है, लेकिन ( सफ़ेद कोहरे को देखते हुए ) तुम जैसे सफ़ेद धुंध की वजह से समाज और सरकार उसे रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं …

गोरा – ( काले कोहरे को काटते हुए ) पहले हम सुर और असुर, फिर आर्य और अनार्य और फिर वैष्णव और शैव में बदल गए ! फिर ब्राह्मण और शूद्र में बदल कर धर्म का नाश कर दिया ! इस दौरान लोगों ने अपने – अपने वंश चलाये ! फिर ये वंश समाज में बदल गए ! अब काला और गोरा कोहरा सबके सामने है …

काला – ( सफ़ेद कोहरे को काटते हुए ) आज मैं अभी लाईव हूँ , प्रेस कॉन्फ्रेंस जैसा माहौल है पर सफ़ेद कोहरे की वजह से कुछ भी साफ़ नहीं है …

गोरा – ( हँसते हुए ) कोहरा काल में काले कोहरे के फेसबुक लाइव कार्यक्रम से क्या होगा ?

काला – ( कैमरे में देखते हुए ) सफ़ेद कोहरे के ख़िलाफ़ आज मैंने अपनी चुप्पी तोड़ी है …

गोरा – लेकिन अगर वाकई गलत हो रहा है तो चुप्पी तोड़ना भी समाधान नहीं ! अब तो विरोध जताने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती ( हँसता है )

काला – सुन ओ सफ़ेद कोहरे, तुम्हारी वजह से पता ही नहीं चलता क्या सही है, क्या गलत ! सफ़ेद कोहरे की वजह से न्याय व्यवस्था पर भरोसा करना कठिन हो चला है, इसलिए मुझे लाइव आना पड़ा !

गोरा – अपने काले कोहरे की लाइव चादर को उतना ही फैलाओ जितना …

काला – क्या जितना ? किसके जितना ? हमारे देश में जितनी फ़िल्में हैं, जितने विज्ञापन हैं, जितनी ब्यूटी मैग़ज़ीन्स हैं और टीवी सीरियल हैं, सब कहते रहते हैं कि काला रंग पर्याप्त सुंदर नहीं हैं ! ख़ूबसूरती की जो परिभाषा गढ़ी गई है काला रंग उसमे फिट नहीं है ! बहुत से मुल्कों में काले रंग को लेकर हीन भावना है ! काले कोहरे पर रंग भेद का अभियान ‘डार्क इज़ ब्यूटीफ़ुल’ भी लागू नहीं होता ( रुआँसा हो जाता है )

गोरा – गोरी त्वचा के लिए दीवानगी मैंने भी देखी है काले ! तुम्हारा दुःख समझ सकता हूँ दोस्त ! देश के कॉस्मेटिक बाज़ार में गोरापन बढ़ाने वाली क्रीम की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है ! यहां तक कि बॉलीवुड के कई अभिनेता और अभिनेत्रियां इन कॉस्मेटिक्स का विज्ञापन भी करते रहे हैं ( रोते हुए ) फिर भी किसी सफेदी में मुझ सफ़ेद कोहरे का नाम तक नहीं लेते …

काला – सफ़ेद कोहरे तुम चाहते क्या हो ? मेरा ‘लाइव’ क्यों मार रहे हो ?

गोरा – ( कैमरे में देखते हुए ) मुझे बिना अंधविश्वास का जीवन चाहिए ! एक जीवन जिसमें आस्था मानवता के प्रति हो, न कि एक अज्ञात भगवान के प्रति ! जीवन जो दूसरे मनुष्यों के लिए करुणा और सम्मान पर आधारित हो ! गरिमा और आत्मसम्मान से भरा जीवन ! जाति व्यवस्था से परे जीवन ! इसलिए मैं लाइव हूँ …

काला – मैं सबसे पहले यह बता दूँ कि दुनिया में किसी भी समाज, व्यवस्था और धर्म का निर्माण किसी भी ईश्वर, अल्लाह या गॉड ने नहीं किया है …

गोरा – पर भारत में पिछले कुछ समय में दलितों और ऊंची जातियों के बीच काला कोहरा बढ़ा है ! हालांकि सरकारें अलग अलग समय पर दलितों के उत्थान के लिए कदम उठाती रही हैं ! एनडीए ने राष्ट्रपति पद के लिए दलित उम्मीदवार ही चुना …

काला – ( गोरे कोहरे को काटते हुए ) जाति पर भाषण मत पढ़ो, कोहरे की बात करो … अपनी बात करो ! सब जानते हैं दुनिया की सभी व्यवस्थाओं को मनुष्य ने बनाया है !

गोरा – तो ? समाज में तुमने जिस प्रकार विघटन किया है, क्षय किया है, प्रगति में बाधक बने हो उसे देखते हुए कई समाज सुधारको और संगठनों ने समय समय पर तुम पर बैन नहीं लगाया है … ?

काला – गोरे भाई साहेब राजनीति में कोहरा बनाना और कोहरा लागू करना केवल एक भौगोलिक प्रक्रिया नहीं है !

गोरा – जानता हूँ देखते नहीं मैं भी लाइव हूँ … ! ( कैमरा में देखते हुए ) जिनकी भी रुचि दलित विषय में है, जो नस्लीय, जातिगत, लिंगगत और धर्मांध दुनिया के खिलाफ हैं ! उन्हें मेरा लाइव जरूर देखना चाहिए !

काला – तुम जैसे सफ़ेद कोहरे अक्सर दिखावटी शान , चमड़ी के रंग, खाने-पीने की आदतों, महिलाओं से द्वेष, होमोफ़ोबिया और जातिवाद के इर्द – गिर्द फ़ैल के वातावरण को धुंधला बना देते हैं ! तुम ही सभी अपराधों की जड़ हो ! ( कैमरे में देखते हुए ) राजनीति में अन्धकार सफ़ेद कोहरे से है !

गोरा – ( कैमरे में देखते हुए ) सभी जानते हैं मुझे ! मैं सभी पंचायतों ,प्रखंडों ,जिला एवं प्रदेशों में एक उच्च जाति का कोहरा हूँ ! ( काले कोहरे से ) काले कोहरे तुम चाहते क्या हो ? मेरा ‘लाइव’ क्यों मार रहे हो ?

काला – ( कैमरे में देखते हुए ) मैं चाहता हूँ कि जब मैं सड़कों पर चलूं तो सुरक्षित महसूस करूं और एक वज़ूद की तरह रहूँ ! मुझे स्त्रियों की तरह छूने या तंग करने का अधिकार किसी को न हो !

गोरा – फिर मेरे पास क्या कर रहा है ?

‘लाइव’ दर्शकों के ठहाके का आइकॉन हवा में तैरने लगते हैं !

( काला अवाक और मौन ! गोरा मौन पर चेहरे पर जीत की मुस्कराहट )

काला – क्यों ? तुम नहीं जानते तुम्हारा और मेरा जनम – जनम का साथ है !

गोरा – जनम का साथ है ? दूर हो यहाँ से !

काला – हम सगे हैं ! अच्छे और बुरे, सच्चाई और झूठ एक विशेष परिप्रेक्ष्य के सभी रिश्तेदार हैं !

गोरा – तू जानलेवा है !

काला – हम दोनों के बीच रासायनिक संबंध है ! हम मिल कर ही तो कोहरेवाद को समाप्त करने के विभिन्न प्रयास आज भी यदा कदा करते रहते हैं !

गोरा – तुम्हारे कैमरे में अतीत का काला कोहरा है !

काला – गोरे एक बात बताओ, हम और तुम क्यों हैं ?

गोरा – क्योंकि हम रंग में देखते हैं

काला – अतीत में इतनी धूल नहीं थी, और जलवायु भी बेहतर थी ! अतीत में कोहरा नहीं था ! अब अतीत शब्द के अर्थ का अनर्थ हो गया है !

गोरा – ( कैमरे में देखते हुए ) व्हाइट कोहरा और ब्लैक कोहरा इसमें कोई ताल मेल नहीं है …

काला – गोरे कोहरे सच कह रहे हो ! तुम सिर्फ जनवरी में बीस इक्कीस दिन के लिए माने जाते हो, मैं तीन सौ पैंसठ दिन का हूँ ! मुझे फैलने के लिए गर्म मौजे, इनर जैकेट, टोपा, मफलर, दस्ताने, रजाई के मौसमी नाटक की कोई जरुरत नहीं होती ! हमारा कोई मेल नहीं ! तुम ग्राउंड – स्तरीय हो ! मैं आकाश स्तरीय हूँ !

गोरा – ( कैमरे में देखते हुए ) हालांकि प्रमाणों की आवश्यकता नहीं है, परंतु अपने विचारों को पुष्ट करने के लिए मैं बताना चाहता हूं कि कुछ जातियों की संरचना ( काले की तरफ देखते हुए ) नकल से हुई है !

काला – ( कैमरा में देखते हुए जोश में ) मित्रों ! देखिये तथाकथित जातिवादी व्यवस्था की आड़ में मुझ जैसे सनातन काले कोहरे को भी बदनाम ‍किए जाने का कुचक्र बढ़ा है ! सैकड़ों वर्ष की गुलामी के काल में जातिवाद का कोहरा इतना नहीं था जितना की आजादी के बाद इन सत्तर वर्षों के सफ़ेद कोहरे में देखने को मिला है !

गोरा – ( कैमरा में देखते हुए ) भारत के नागरिकों खांसी, गले और सीने में जलन जैसी समस्याओँ के मालिक मेरे सामने खड़े हैं !

काला – काला और सफेद सोच मूलतः सोच का एक बहुत आलसी तरीका है !

गोरा – वास्तव में हम दोनों को बहुत सोचने की जरूरत नहीं है ( हँसता है ) काले और सफेद रंग में चीजों को देखना मानवीय स्वभाव है !

काला – काले और सफेद रंग में चीजें देखकर हमें सही निर्णय लेने में मदद मिलती है !

गोरा – फिर हमें काले और सफेद सोच से मुक्ति कैसे मिलेगी ?

काला – ( कैमरे में देखते हुए ) इससे साफ हुआ कि देश में मौजूदा दौर में जाति प्रथा को ख़त्म करने का शोर भले ज्यादा हो कोहरा कम नहीं हुआ है !

गोरा – मौसम विभाग का कहना है कि दिनभर धुंध जैसी स्थिति बनी रह सकती है …

काला – भारत के मौसम की आधिकारिक भविष्यवाणी करना स्वयंवर में धनुष तोड़ने जैसा है !

गोरा – ( कैमरे में देखते हुए ) भारत भविष्य में कोहरा प्रधान देश बना रहेगा …

लाउडस्पीकर की आवाज़ – कोहरा क्रांति बंद करो ! ( दोनों कोहरे ऑफ लाइन हो जाते हैं ) मैं मौसम विभाग बोल रहा हूँ, दर्शकों मुझे बोलते हुए आप नहीं देख सकते क्योंकि अभी घना कोहरा है ! कोहरे ने सबकुछ अपने चपेट में ले लिया है ! सेंसिटिव लोगों के लिए यह काफी नुकसानदायक भी होता है !

पकोड़े की अभिलाषा

चाह नहीं मैं बेरोज़गारों के
बेरोज़गारी में गूँथा जाऊँ,
चाह नहीं संसद में
छन जनता को ललचाऊँ,
चाह नहीं, मन्नतों के चौखट
पर, हे हरि, डाला जाऊँ
चाह नहीं, देवों के शिर पर,
चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ !
मुझे छान लेना हलवाई
उस पथ पर देना तुम फेंक,
मातृभूमि में भीख मांगने
जिस पथ जाएँ बेरोज़गार अनेक !

पूर्ण बजट ग्रहण

पूर्ण बजट ग्रहण

बजट में दिलचस्पी रखने वाले लोग देश के अलग – अलग हिस्सों के लिए बने बजट का दीदार सोशल मिडिया के कई प्लेटफार्म से कर रहे हैं ! दशकों बाद बजट ज्यादा बड़ा और चमकीला दिखाई दे रहा है ! बजट ग्रहण को लेकर कई तरह के अंधविश्वास होने के बाद भी लोग इसे बड़ी तादाद में देख रहे हैं ! बजट ग्रहण के दौरान रुपयों की छाया मनुष्यों पर पड़ती दिखाई देती है ! इस बार राहू की छाया से ग्रसित बजट को देख श्रद्धालुओं ने ईश वंदना शुरू कर दी है !

साल में एक दिन जब धन और सरकार के बीच नागरिक आ जाता है तो उसकी छाया बजट पर पड़ती है ! इससे बजट के छाया वाला भाग अंधकारमय रहता है और इस स्थिति में जब हम नागरिक को देखते हैं तो वो हमें काला दिखाई पड़ता है इसी वजह से इसे बजट ग्रहण कहा जाता है ! धन की परिक्रमा के दौरान नागरिक बजट और सरकार के बीच में इस तरह आ जाता है कि नागरिक बजट की छाया से छिप जाता है ! यह तभी संभव है जब सरकार, धन और बजट अपनी कक्षा में एक दूसरे के बिल्कुल सीध में हों ! भारत के लोगों को बजट के नाम पर इस बार इस बार ब्लडबजट सुपरबजट और ब्लूबजट एक साथ नज़र आ गया है !

हिस्ट्री की स्त्री

हिस्ट्री की स्त्री

शादी के बाद जब से मैंने अपनी पत्नी से कहा है कि मेरी प्रेम कहानी अब हिस्ट्री हो गयी है, तब से हिस्ट्री की बात चलते ही मेरी पत्नी के सामने मेरी पुरानी प्रेमिका खड़ी हो जाती है ! कल मेरे मुँह से हिस्ट्री की स्त्री पद्मावती का नाम सुनते ही मेरी पत्नी के कान खड़े हो गए !

मेरी पत्नी हिस्ट्री की छात्रा रही है और लगातार मेरे ब्राउज़र के हिस्ट्री की जाँच करती रहती है ! मेरे जीवन के पूर्व की घटनाओं और उससे जुड़े लोगों के जीवन का अध्ययन ही मेरी पत्नी के ज्ञान का स्त्रोत है ! उनको इतिहास की सभी तारीखें याद हैं, जैसे मेरी प्रेमिका 2009 में दुबई शिफ्ट हो गई ! साल 2013 में दुबई – देवी को बच्चा हुआ ! 2014 में 24 मई को इंडिया आयी, 22 जून को चली गयी …

अतीत की घटनाओं के बारे में मेरी पत्नी के मौखिक इतिहास के ज्ञान को सुन कर इससे पहले कि आप किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचे आपको बता दूँ मेरी शादी के सात वर्ष बाद भी मेरी पत्नी का प्यार मुझसे कम नहीं हुआ है ! एक पुरुष की पहुंच के बाहर की बारीक संवेदनाओं का अनुभव एक स्त्री ही कर सकती है !

मुझसे प्रेम की वजह से ही मेरी पत्नी का मेरी हिस्ट्री की स्त्री से प्रेम बना हुआ है !

इतिहास का क्षेत्र बड़ा व्यापक है ! किसी के प्राचीन इतिहास को जानना एक कठिन प्रक्रिया है ! वैसे तो इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से शुरू होता है, पर मेरी इस कहानी का इतिहास मेरा आधुनिक काल का इतिहास है – जिसमे मेरे जीवन का आधुनिक काल दर्ज़ है ! मेरा प्राचीन अतीत – जिसमें मेरे बचपन का इतिहास दर्ज़ है और मेरी शादी के बाद अर्थात स्वतंत्रता के बाद का इतिहास – मेरे जीवन काल के ये खंड मेरी पत्नी को मेरे इतिहास की कहानी का कालानुक्रमिक विवरण देते हैं ! मेरी पत्नी का मानना है कि विकिपीडिया पर उनके बारे में पढ़ा जाता है जिनका अपना इतिहास नहीं होता !

मैं अपना इतिहास लिखना कहाँ से शुरू करूँ ? मेरा इतिहास मंदिरों, परिसरों, महलों, मस्जिदों, कब्रों आदि से भरा है ! मैं अपनी हिस्ट्री की स्त्री के साथ इन स्थानों में भटक चूका हूँ ! मेरा इतिहास जान कर कोई भी डर सकता है इसलिए मेरे इतिहास में सूर्यास्त के बाद प्रवेश कानूनी तौर पर प्रतिबंधित है !

मॉडर्न इतिहास की एक स्त्री ने अपने बेटे का नाम तैमूर रखा तो मेरे घर में ये बड़ी बहस का विषय बन गया था ! कई लोगों ने इसे व्यक्तिगत मामला कहा तो कई लोगों ने इस बात पर एतराज़ जताया और कहा कि एक जालिम आक्रमणकारी के नाम पर बेटे का नाम रखना ग़लत है ! इस इतिहास की वजह से देश की घर – घर की हवा में जहरीली गैसों की मात्रा कानूनी तौर पर तय सीमा को पार कर गयी थी !

आज टेलीविजन पर दिखाए गए इतिहास को सिनेमा में दिखाए गए इतिहास से मिलाना एक्स गर्लफ्रेंड को पत्नी से मिलाने जैसा है ! ऐसी ऐतिहासिक मिलन से पैदा मिक्स्ड मिडिया का इफ़ेक्ट आप के जीवन की शांति भंग कर सकता है !

ज्ञान और गूगल पर आधारित इतिहास एक पिघलने वाला पात्र है जिसे जो चाहे अपने मनपसंद आकार में ढाल सकता है !

इसलिए फास्ट फॉरवर्ड …

अब किस्सा ये है कि दुबई की देवी, ‘पद्मावती’ कॉन्ट्रोवर्सी के बाद मेरा ‘इतिहास’ जानना चाहती है ! मेरे लिए ये बहुत नाज़ुक मसला बन गया है ! मैं पद्मावती को खुद नहीं जानता !

नौ हज़ार वर्षों के इतिहास, सभ्यता और विरासत में हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख जैसे चार धर्मों की जन्मस्थली के सत्ताईस यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों, साठ राष्ट्रीय उद्यान, चार सौ जंगली जीवन अभयारण्य, साढ़े सात हज़ार किलोमीटर समुद्री तटों , लाखों हेक्टेयर जंगल, डेढ़ सौ नृत्य रूपों, आयुर्वेद और योग में पांच हज़ार वर्षों के अनुभव और बाइस भाषाओं में डेढ़ हज़ार बोलियों के साथ जो कोई भी पांच वर्षों तक साधारणतः भारत में रहा है, वह भारत का इतिहास हो गया है ! अपनी हिस्ट्री की इस्त्री को कौन सा इतिहास समझाऊं ? यही मेरी उलझन है !

पुरुष चाहे जितना अक्लमंद हो, ऐसी कुछ बातें पृथ्वी पर मौजूद हैं जिन्हें समझना संभव नहीं है, ऐसी बातों में प्रमुख है स्त्री ! स्त्री को समझने में पुरुष नाकाम रहा है ! अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार भारत के हिस्ट्री में स्त्री को देवी का दर्जा दिया गया है ! ,यह बात और है कि इस देवी के साथ हमारा समाज क्या सुलूक करता है ये भी टाइम्स ऑफ इंडिया को पता है !

हमारे देश में इतिहास हाथ के कौशल से तैयार किए गए रचनात्मक उत्पाद हैं जिनके लिए किसी आधुनिक मशीनरी और उपकरणों की मदद नहीं ली जाती पर इसका उपयोग प्रशासन की मशीनरी में सफलतापूर्वक उत्पात मचाने के लिए किया जाता है ! आजकल हस्त – निर्मित उत्पादों को फैशन और विलासिता की वस्तु माना जाता है और हमारा हैण्ड मेड हिस्ट्री उन्ही में से एक है !

मेरी इतिहास में पद्मावती कैसे घुस गयी ? यही सोचता हुआ मैं भी इतिहास में घुसने की कोशिश करने लगा ! इतिहास में प्रवेश करने के लिए कोई कठोर नियम नहीं है ! कोई भी इतिहास में प्रवेश कर सकता है ! भारतीय राजनीति में कई प्रसिद्ध लोग जो अपनी जवानी में ही इतिहास में प्रवेश कर गए थे, आज भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक बन गए हैं !

मैं भी इतिहास में प्रवेश करने की कोशिश करने लगा ! इतिहास रिश्तों की एक गुफा है और इस गुफा के अंदर सबकी हिस्ट्री की स्त्री रहती है ! वहां अँधेरा था ! दोनों तरफ पत्थर की बनी हुई ध्वस्त कलाकृतियां थीं ! गुफा में इन इतिहासों पर चलना सबसे बड़ी टेढ़ी खीर थी ! इतिहास के रास्ते दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में से एक हैं जिस पर हर पल मौत मंडराती रहती है ! इतिहास के इन रास्तों से गुजरने वाला कभी भी मौत के मुंह में जा सकता है ! इन इतिहासों से गुजरना तो दूर इन्हें देखना ही बड़ा भयावह होता है ! अगर इन इतिहासों में कोई झाँकने की सोचे तो उसे दिलो – दिमाग से फौलादी होना चाहिए !

गुफा में भारत के विविध पारम्परिक वर्गों के धर्मों से जुड़े रीति – रिवाज़ों के अनुरूप करोड़ों इतिहास बिखरे हुए थे ! कुछ इतिहास तो मूल रूप से सिनेमा के लिए ही बनाए गए थे जो विवादों के कारण लोगों द्वारा बहुत पसन्‍द किए जाते हैं !

काल्पनिक पद्मावती राजस्थान की लोक चेतना में अपने सतीत्व की रक्षा के लिए जौहर करने वाली एक अत्यंत साहसी रानी के रूप में उपस्थित हैं पर गुफा में कई पद्मावती जातिगत उपेक्षा, सैलरी में अंतर, बलात्कार और यौन उत्पीड़न, जैसी असमानताओं से घिरी थी ! विद्वानों का मानना है कि प्राचीन भारत में महिलाओं को जीवन के सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ बराबरी का दर्जा हासिल था !

गुफा में ऐतिहासिक महिलाओं की कमी थी ! पद्मावती को समझने के लिए गुफा में पद्मावती से मिलना बहुत जरुरी था ! मैं इतिहास की गुफा में घुसा हुआ था ! मेरी पत्नी बाहर से ये सब देख रही थी ! मेरी हालत विचित्र थी ! अपनी पद्मावती को इतिहास की पद्मावती में ढूंढ रहा था !

‘ सेल्स में घुसिए इतिहास में क्यों घुस रहे हैं ? ‘ मेरी पत्नी ने कहा ‘ घुसना है तो शेयर मार्किट में घुसिए ‘ वो आगे बोली ! ‘ देखिये युवाओं को वो भी पॉलिटिक्स में ही घुस रहे हैं, और आप आउट डेटेड इतिहास में घुस रहे हैं ! ‘

फास्ट फॉरवर्ड …

तुम इतिहास में घुसे की नहीं ? मेरी प्रेमिका ने पूछा ‘ तुम अपने इतिहास से इतना डरते क्यों हो ? उसने मुझ से हैश टैग में इंस्टाग्राम पर पूछा !

मैं अपनी प्रेमिका को ये कैसे समझाऊँ कि मेरे हर इतिहास के पीछे की वास्तविक कहानी फुलाए हुए अहंकार के संघर्ष से उत्पन्न हुई व्यथा की कहानी है !

मेरे इतिहास में मेरी पत्नी के साथ मेरा पहला युद्ध हिस्ट्री की स्त्री के लिए ही हुआ !

फास्ट फॉरवर्ड …

मेरी पत्नी मेरा इतिहासकार है ! पत्नियों से बेहतर इतिहासकार मैंने नहीं देखा ! मेरी स्त्री के पास एक ऐसा शास्त्र है जिसके अंतर्गत मुझसे जुडी पृथ्वी और उसके वायुमण्डल के बाहर होने वाली घटनाओं का अवलोकन भी किया जा सकता है !

फास्ट फॉरवर्ड …

देश में रोटी का इतिहास चाहे न हो संगमरमर का इतिहास है !

इति

हम सिनेमा को तूफान नहीं बना सके

जो उम्मीद सबको मनुष्य कृत पद्मावती से थी अब वो सबकुछ प्रकृति कृत चक्रवाती कर रहा है !
हाय रे मीडिया और मार्केटिंग हम सिनेमा को तूफान नहीं बना सके ! पद्मावती को चक्रवाती तूफान की तरह अरबसागर से उठ कर सौराष्ट्र की तरफ बढ़ना था ! फ़िल्मी पंडितों के अनुसार यह साइक्लोन केरल, मुंबई गुजरात से होते हुए राजस्थान की तरफ बढ़ता ! चैनल और सोशल मीडिया में अगले दो दिनों में यह तूफान दक्षिणी गुजरात पहुँचता और राजस्थान के कुछ जिलों को छूता हुआ निकल जाता ! इसका असर राजस्थान के सभी जिलों में दिखाई देता, महाराष्ट्र गुजरात के कुछ हिस्सों में इस तूफान से तबाही होती ! पर ये नहीं हुआ ! सोशल मीडिया का सीवियर साइक्लोन पद्मावती अब बोतल में बंद जिन्न है ! पद्मावती जो नहीं कर सकी चक्रवाती ने कर दिया है ! जो चेतावनी मौसम विभाग की ओर से जारी की गई है, वो सब चेतावनी सिनेमा के लिए चैनल को देना था ! यह चक्रवात शनिवार शाम को लक्षद्वीप से गुजर रहा था ! इसकी वजह से चलने वाली हवाओं की गति 150 किलोमीटर प्रतिघंटा से ज्यादा है ! इसकी वजह से केरल, मुंबई के अलावा दक्षिणी गुजरात, यानी सूरत, वड़ोदरा, खंभात की खाड़ी क्षेत्र में नुकसान की आशंका है ! पद्मावती को तूफान की ही तरह राजस्थान के बांसवाड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर सिरोही में इसका असर दिखाई देता, शेष राजस्थान में तेज हवाएं चलती, काले बादल छाते , जिससे केवल लाभ का तापमान बढ़ता ! विडंबना देखिये बिना किसी ट्रेलर के प्रकृति ने हंगामा खड़ा कर दिया और प्रकृति के रहते सिनेमा को हम तूफान नहीं बना सके !

दो पहिया तीन साइकिल / illustration सीरीज – एक

कालाहास्य ( 1 )

साइकिल में कोई बाप बेटा नहीं होता

 

कालाहास्य (2 )

पीठ पीछे किसी ने मेरे चरखे को साइकिल से रिप्लेस कर दिया है

 

कालाहास्य ( 3 )

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साइकिल बाँट

अलविदा Cassini

Image may contain: night

बीस साल तक अंतरिक्ष में रहने के बाद नासा का विख्यात कासिनी अंतरिक्ष यान आज शनि ग्रह के ऊपर से गुजरते हुए मौत की नींद सो गया. आज शनि ग्रह के बारे में जो कुछ भी जानकारी मौजूद है वो इसी यान की वजह से हम तक पहुंची. अलविदा Cassini

चीनी टोबाटेक सिंह

इंडिया टुडे का ‘कवर बम’

फोटोशॉप वॉर में इंडिया टुडे के फेंके गए कवर बम से पाकिस्तान जाने के इंतज़ार में चीनी टोबाटेक सिंह पागल हो गया है ! इंडिया टुडे मैगजीन के एक कवर ने चीन में हंगामा मचा दिया है ! कवर में चीन को बड़ी सी मुर्गी और पाकिस्तान को उसका बच्चा दिखाया गया है ! इसको देखकर चीनी लोग खुश नहीं हैं ! कवर देखकर चीनी टोबाटेक सिंह इसलिए भी ज्यादा भड़के हुए हैं क्योंकि तिब्बत और ताइवान को इसमें चीन का हिस्सा नहीं दिखाया गया है ! गुस्से में चीनी टोबाटेक सिंह पागलखानों में इंडिया टुडे की मैगजीन कवर को अपने – अपने अंदाज में फोटोशॉप कर रहे हैं ! एक पागल ने पूरे भारत में (जम्मू – कश्मीर छोड़कर) चीन का कब्जा दिखाया है ! औपड़ दि गड़ गड़ दि अनैक्स दि बेध्यानां दि मुँग दि दाल आफ दी चीन गवर्नमेंट !