मिक्स्ड फीलिंग्स / मनः स्टेटस

 

मनः स्टेटस

मनः स्टेटस

1.

किसी को मुझे छोटा दिखाना होता है तो मेरी फिल्मों की असफलता की बात जरूर करते हैं ! फिर चरित्र पर चोट करते हैं ! ये कोई नयी बात नहीं है ! फेसबुक पर मेरी हालत चंद्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी ‘उसने कहा था’ के लड़के जैसी हो जाती है ! इनबॉक्स से निकल कर घर लौटते लौटते लगता है रास्ते में एक लड़के को मोरी में ढकेल दिया हो ,एक छावड़ीवाले की दिन-भर की कमाई खो दी हो ,एक कुत्ते पर पत्थर मारा हो और एक गोभीवाले के ठेले में दूध उड़ेल दिया हो … सामने नहा कर आती हुई किसी वैष्णवी से टकरा कर अन्धे की उपाधि तो पा ही लेता हूँ … गॉसिप का हिस्सा होता हूँ, ब्लॉक होता हूँ ,अनफ्रेंड होता हूँ तब कहीं घर पहुँचता हूँ …

 

2.

कबीरा खड़ा बाजार में सबकी मांगे खैर। ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर !

 

फेसबुक पर पूरी तरह उन्मुक्त हो गया हूँ ! ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर ! मेरा कोई चेला नहीं ! मैं किसी का गुरु नहीं ! मेरा कोई गैंग नहीं है और न ही मैं किसी गैंग का हिस्सा हूँ ! मेरा कोई ब्रांच नहीं है और न ही मेरा कोई सिक्का चलता है ! किसी को खुश करने के लिए मैं एक बार भी लाइक बटन पर चटका नहीं लगाता और न ही किसी के द्वारा लाइक नहीं किये जाने पर बुरा मानता हूँ ! चापलूस और चमचे मुझसे दूर भागते हैं ! मैं अपनी मर्ज़ी से जो चाहता हूँ लिखता हूँ और अपने लिखे हुए पर सबकी राय को ठेंगे पर रखता हूँ ! एरोगेंट तो था ही अब ज़हर हो गया हूँ ! ऐसी दोस्ती को चूल्हे में झोंक आया हूँ जो सिर्फ मतलब के लिए की जाती है और निभाई जाती है ! जिसने भी मुझे समझने का दावा किया उनके दिल में मेरे लिए एक कचोट जरूर है क्योंकि वो मुझसे कभी मिले नहीं और मिले भी तो मैं उनके किसी काम न आ सका ! मेरे लिए बनायी गयी हर राय को मैं स्वीकार करता हूँ ! फेसबुक पर मैं एक लूज़र हूँ, अपने मुठ्ठी भर दोस्तों के साथ बहुत खुश हूँ और निडर हूँ !

 

3.

मेरे लिए कुछ भी नया नही है ! मैं हर बात पर, हर काम मे सिर्फ येस का मोहताज़ नहीं ! नो … नहीं …माफ़ करिए .. नही हो सकता … सॉरी … फ़िर कभी … गो अवे … माफ़ी … समय नही है … हो नही सका … विल कॉल यू बैक … बजट नही है … अनफ्रेंड, ब्लॉक, नो रिप्लाई, मेरा जीवन है ! इन सबकी अनुभूति अद्भुत है ! बेशकीमती ! इतना आज़ाद इतना मुक्त इतना अच्छा पहले कभी नही लगा ! कोई कमिटमेंट नहीं / कोई बंधन नही / कोई अनुग्रह, पूर्वाग्रह, कुछ भी नही !! या हू !!! सबका शुक्रिया, सबको सलाम !

 

PS – ये व्यक्तिगत है ! इस पोस्ट पर राजनीतिक / सामाजिक या कोई कट -पेस्ट ज्ञान न पेलें ! अाप से नहीं हो पाएगा, मेरे अनुभव का एक अंश भी अाप का सच नही है …

 

Pic Credit : Google

अलविदा‬

भीतर अब कोई नहीं था ! खालीपन की वजह से अपनी आवाज़ ही अपने कानों में गूंज रही थी ! अपने कदमों की आहट सुनते हुए उसने कमरे का एक चक्कर लगाया ! भरी हुई जगह ख़ाली होते ही कितनी अलग लगने लगती है ! यहाँ वहां हर तरफ दीवारों पर बिताए हुए हर पल के निशान अब धब्बे की तरह कुरूप लग रहे थे ! उसने दीवार पर बादल से काले एक दाग़ को सहला कर देखा ! उसकी आँखें भर आईं और बरस गईं ! यहाँ वो माथा टेकता था और यहीं वो सर टिका के बाहर खिड़की की तरफ देख कर मुस्कुराती थी और सहसा मुड़ के पीठ को और आराम दे कर जाने का कोई नकली बहाना बनाती थी ! न जाने कितनी बहस, खुद को छुपाने और बताने का धूप छाँव सा खेल ! पा लेने पर पीठ पर धप्पा ! झूठी सच्ची बातों का ह्रदय पर कितने धौल …
कमरे में आखरी स्माइली छोड़ कर वो कमरे को हमेशा के लिए छोड़ कर जा चुकी थी ! लम्बी सांस लेता हुआ वो बाहर आया और उसने पीछे मुड़ कर फिर कभी नहीं देखा ! धूप के टुकड़े, सूखे फूल की पंखुड़ियाँ, खनकती हंसी और ठहाके हवा के साथ सूने कमरे में गोल गोल घूम रहे थे ! पीछे छूट गयी पढ़ी हुई किसी किताब के पन्नों की फड़फड़ाहट गिलहरी को बुला रही थी पर दोनों के जाने के बाद खुला और खाली इनबॉक्स का दरवाज़ा हवा में खुलता और बंद होता हुआ यादों की गिलहरी को अंदर आने से ठिठका रहा था …

emoticon

दस हज़ार फ़ीट की ऊँचाई पर उड़ते हुए हवाई जहाज़ में बैठा वो रो रहा था ! खिड़की से बाहर देखते हुए बुदबुदा रहा था ! ” तैरते हुए बादलों में मैं तुम्हें मुक्त कर रहा हूँ ” बगल की सीट पर बैठा मैं बस इतना ही सुन पाया ! वो और भी बहुत कुछ बड़बड़ा रहा था और लगातार रो रहा था ! बहुत देर बाद वो शांत हुआ ! मैंने अपने बैग से निकाल कर उसे एक ऑरेंज दिया ! ऑरेंज के छीले और खाये जाने तक हम चुप रहे ! आकाश बैंगनी हो गया था ! रन वे पर हवाई जहाज़ के लैंड करने तक मुझे उसकी प्रेम कहानी समझ में आ गयी थी ! कहानी बहुत सिंपल थी ! वो भावुक था ! रिश्ता वर्चुअल था ! लड़की प्रैक्टिकल थी ! वर्चुअल प्रेम से ऊब कर किसी और मर्द के साथ शरीर के असली सुख के लिए चली गयी थी ! लड़के को प्रेम में धोखा मिला था और उसका दिल चूर चूर हो गया था ! लड़का अपनी भावनाओं में जी रहा था और लड़की सच में जी रही थी ! उसने डबडबाई आँखों से मुझे एक बार देखा और नज़रें झुका लीं ! ” मैंने उसे माफ़ कर दिया है ” कन्वेयर बेल्ट के पास से चलते हुए उसने मुझसे बस इतना कहा ! मेरा दिल भर आया ! उसकी आँखों में गज़ब की शिद्दत थी ! अपने अपने सच के साथ प्यार में सब सुंदर होते हैं ! वो जिसके प्रेम में क़ैद था, वो उसके गिरफ्त से बाहर चली गयी थी ! वो प्रेम की पीड़ा में मुक्ति की छटपटाहट के लिए तड़प रहा था ! सबके अपने रीजन होते हैं, उनके अपने रीज़न होंगे ! उसकी वेदना निजी थी ! काश वो जल्द से जल्द इस दुःख से निकल पाये ! वो जिस भीड़ में खो गया मुझे अपनी दुनियाँ उसी भीड़ से ढूंढ के निकालनी थी ! मुझे घर ले जाने के लिए मेरी पत्नी बाहर इंतज़ार कर रही थी ! एक पल के लिए मैं भी प्रेम के रहस्यमय संसार में खो गया था ! इस यात्रा के लिए मैं उस अंजान प्रेमी का आभारी था और उस अनदेखी अनजानी प्रेमिका का भी ! हम फिर कभी नहीं मिले … 

भीड़ वाली सेल्फ़ी

दोस्तों की उछलकूद है भीड़ वाली सेल्फ़ी / अपने ही आसपास दोस्तों के साथ कहीं भी बन जाती है भीड़ वाली सेल्फ़ी / भीड़ वाली सेल्फ़ी खींचने के लिए कोई दोस्त फ्रेम से बाहर नहीं जाता / दोस्त दोस्त के बीच में ही खिंच जाती है भीड़ वाली सेल्फ़ी / दोस्तों के बीच बहुत पॉपुलर है भीड़ वाली सेल्फ़ी / शार्ट नोटिस पर कोई अचानक ले लेता है भीड़ वाली सेल्फ़ी / जब तक आप कपडे, बाल, मुस्कुराहट ठीक करते हैं, क्लिक हो जाती है किसी दोस्त की मोबाइल में भीड़ वाली सेल्फ़ी / देर रात किसी के वॉल पर अचानक उग आती है भीड़ वाली सेल्फ़ी / जिसका हाथ लम्बा होता है वही लेते हैं भीड़ वाली सेल्फ़ी / आवाज़ देना न भूलें, जब भी कोई ले रहा हो भीड़ वाली सेल्फ़ी / कोई रह न जाये फ्रेम से बाहर जब आप ले रहे हों भीड़ वाली सेल्फ़ी … /
अकेलेपन का हाहाकार है, अकेले ली गयी कहीं भीड़ से बाहर स्वयं की सेल्फ़ी …

साइलेंट मोड में …

चेहरे पर कोई सेवन बना दे या ऐट बना के मेरा मन अनलॉक कर दे या जेड बना दे उँगलियों से और खोल दे मेरे सारे विंडो या एक बार मेरे चेहरे की स्क्रीन पर हाथ फेर के लॉक अनलॉक कर दे मुझे और यूँ ही पड़ा रहने दे साइलेंट मोड में …

प्रार्थना

उसके रिज्यूमे को पढ़ा जाए ! नौकरी की चिंता में जाग जाग के उसे अपनी रात न खराब करनी पड़े ! फ़िज़ूल की नेटवर्किंग से ईश्वर उसे बचा ले ! काम देने के बहाने उसके हर पोस्ट और प्रोफाइल को लाइक करने वालों से उसे झूठी मुस्कराहट के साथ चैट न करना पड़े ! नौकरी की तलाश में हर लड़की को तत्काल नौकरी मिले, ईश्वर से आज मेरी सुबह की यही प्रार्थना है !

हृदयनामा

1.

मैंने अपने ह्रदय का एक चक्कर काट के देख लिया है कुछ भी सही नहीं है ! रक्त चाप, धड़कन और ह्रदय की गति सब अपनी मर्ज़ी के मालिक हैं ! अपने ह्रदय के अलग अलग हिस्सों में मैं बिलकुल अलग अलग हूँ ! मेरा ह्रदय जब कमज़ोर होता है तो मैं घमंडी और अकड़ू हो जाता हूँ ! मेरा अहम फूल जाता है और मेरी आँखों को ढक लेता है ! अपने ही ह्रदय से बात करने के लिए मुझे अपने ह्रदय के दस चक्कर लगाने पड़ते हैं ! ह्रदय के आकार का ह्रदय पृथ्वी और आकाश के आकार का हो जाए तो बड़ा नहीं होता ! ह्रदय को बड़ा होने के लिए उसे ह्रदय के आकार का बने रह कर ही अपने अंदर पृथ्वी और आकाश जितना बड़ा होना पड़ता है ! ह्रदय को ह्रदय रखने के लिए मुझे अपनी किडनी, फेफड़े, छोटी बड़ी आँत, नाक, आँख, कान, चमड़ी, घुटने और अपने दुसरे सभी अंगों से मिल कर रहना पड़ता है ! पर मेरा ह्रदय कमज़ोर है और मैं अपने शरीर में ज्यादा रह नहीं पाता हूँ ! मेरे दिमाग के घोड़े मुझे अपनी बुद्धि के कोल्हू में बैल बना कर घुमाते रहते हैं ! मेरा ह्रदय कहीं का सम्राट नहीं है ! मैं अपने ही ह्रदय में बायीं तरफ से कोई और हूँ और दायीं तरफ से कोई और क्यों हूँ ? मैंने आज अपने ह्रदय में एक नकली कारखाना पकड़ा ! संदेह और शंका की फैक्ट्री क्या मेरा ह्रदय मुझसे पुछे बिना चला रहा था ? अपना ये डिफेक्टिव ह्रदय श्री राम जी के कदमो में रखने से डरता हूँ …

2.

हृदय से निकली आवाज़ को माइक्रोफ़ोन नही चाहिए और न ही कोई स्पीकर ! शब्द भी चाहें तो हृदय की अावाज़ को अकेला छोड़ सकते हैं ! हृदय की अावाज़ की अपनी भाषा है और अपनी फ्रिक्वेंसी ! हृदय की अावाज़ किसी मीडियम की भी मोहताज नहीं …

 

डिअर डायरी

मेरी सात महीने पुरानी डायरी खो गयी है ! मेरी बातचीत और बहस से भरी मेरी निजी डायरी जिसके हर पन्ने में मेरे अक्षरों के निशान हैं ! मेरी डायरी के चेहरे पर मेरा नाम,पता फोन नंबर और ई -मेल आई डी सब है ! मेरी डायरी अगर किसी आम आदमी को मिली होती तो वो जरूर लौटा देता ! मुझे लगता है मेरी डायरी किसी लेखक के हाथ लग गयी है ! वो सब अनदेखा कर के उसे अब पढ़ रहा है और अपनी जेब में रखकर मेरी डायरी को शहर घुमा रहा है ! लेखक महोदय मेरी डायरी में तुम कुछ लिख नहीं पाओगे क्योंकि उसमे मैंने इतना कुछ लिख दिया है कि उसे पढ़ते हुए तुम अपना कुछ भी लिखना भूल जाओगे ! मेरे अक्षर तुम्हारे किसी काम नहीं आएंगे और तुमको वो डायरी बिना कुछ लिखे मुझे लौटा देनी चाहिए ! मेरी डायरी एक दिन तुम्हारे जेब से गिर जाएगी और कोई न कोई उसे मुझ तक पहुंचा देगा ! किसी और की डायरी को पढ़ने के गिल्ट से तुम कभी निकल नहीं पाओगे !
डिअर डायरी, तुम जहाँ भी हो खुश रहना ! तुम नहीं हो तो मेरे दिन,रात और साल महीने में अब कोई फर्क नहीं है …

गाली कैसे बनती है ? गाली क्या है ?

निंदा या कलंकसूचक वाक्य गाली है ! कोई भी फूहड़ बात गाली हो सकती है ! कलंकसूचक आरोप या दुर्वचन सुनने को गाली खाना कहते हैं ! गाली लेने से लगती है देने भर से नहीं ये भी एक पुराना मुहावरा है ! विवाह आदि में गाया जानेवाला एक प्रकार का रस्मी गीत जो अश्लील होता है उसे भी गाली कहते हैं जिसे लोग प्यार से खाते हैं ! गाली का रिश्ता सेहत और सम्मान से भी है !
‘अंग – प्रत्यंग’ को जब भी सामाजिक रिश्तों के साथ जोड़ा जाता है तो वो गाली हो जाती है ! गाली को गौर से सुन के देखिये लगता है रिश्तों और अंगों की कव्वाली हो रही है ! सामाजिक संबंधों का शारीरिक अंगों के साथ तुलनात्मक व्यवहार बड़ी आसानी से गाली बन जाती है ! अब गाली दोस्ती का नया गहना है मानो कह रहे हों बुरा न मानो गाली है ! जितना मुंह अब उतनी गाली है ! क्रोध में या चिढ के या अधीर होकर मन जब शब्दों का ख़ास अंदाज़ और उच्चारण में प्रयोग करता है तो गाली बनती है ! गाली एक मौखिक हिंसा का रूप भी ले लेती है ! सांस लेने से ज्यादा हवा आप अपने फेफरे में गाली दे के भर सकते हैं ! गाली दे कर मन को शांति मिलती है ! सोशल मीडिया पर खिलाफत में लैंगिक, नस्ली, और व्यक्तिगत नकारात्मक आक्रामक टिप्पणी या आलोचना भी गाली का नया रूप है !
गालियों के चार प्रकार हो सकते हैं ! मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक, लैंगिक और शारीरिक !
अक्सर, अंग + सामाजिक सम्बन्ध + शारीरिक क्रिया + जानवर के नाम का मिश्रण गाली हो जाता है !
आज कल अंगो के कुछ पर्याय सिर्फ गाली में ही प्रयोग किये जाते हैं ! नुख्ते और उच्चारण की वजह से कई गाली अपना आपा खो बैठते हैं !
गन्दे, भद्दे, मूर्ख, चतुर, कपटी, संत, लोभी, लालची, महापुरूष अब ये संस्कृत के शब्द लगने लगे हैं और सब व्यंग्य के अलंकार हैं ! गालियों में तुलनात्मक सम्बन्ध जोड़े जाते हैं !
‘मादरचोद’ एक ऐसा शब्द है जिसमे क्रोध और भड़ास से निकलने की सबसे बड़ी खिड़की है ! ‘गांडू’ का अर्थ अब खुले आम ‘स्ट्रीट स्मार्ट’ है और यह एक सफल अंतर्राष्ट्रीय हिन्दुस्तानी फिल्म भी ! ‘गांड मार लूँगा’ या ‘गांड मार दूंगा’ रूठना भर है ! ‘अबे चूतिये’ नया हेल्लो है ! ‘साला’ वाक्यों के बीच का कोमा है ! ‘बेहनचोद’ दिल्ली है ! ‘हरामजादा’ ज्यादातर काम करने वाले लोग हैं ! ‘बेईमान’ एक इशारा है ! ‘भ्रष्ट’ एक बहुत बड़े देश का नाम लगने लगा है ! ‘केरेक्टर ढीला’ सलमान खान का हिट गाना है ! ‘रंडी’ ज्यादातर एक्स गर्ल – फ्रेंड है ! ‘लंड’ अब तक ब्रांड क्यों नहीं बना आश्चर्य है और इस से बड़ा कौन है ? ‘लौडू’ ‘चोदु’ ‘भोसड़ी’ ‘चल – चल’ जोश भरने के लिए भाईचारे के नए शब्द हैं ! ‘फ़िल्मी’ फैशन है ! कोई आपको ‘भाईसाहब’ बोले तो समझिये बात नहीं बनेगी वो नाराज है ! ‘लंड की टोपी’ और ‘झांटों की जूँ’ लगता है हाइजीन को लेकर कॉमेंट है ! ‘गांड की हड्डी’ तोड़ते हुए मैंने लोगों को देखा है ! अस्तुरे से गांड काटने की धमकी पाकेट मार को खूब दी जाती है ! ‘माँ की आँख’ और ‘तेरी माँ का साकीनाका’ शहरी गाली हैं ! खूब क्रिएटिव होकर गाली देने वाले खुशमिजाज होते हैं उनकी गाली सुनने लोग दूर दूर से आते हैं ! औरतों के मुह से ये सब गाली अब भी मन को कामुक बना सकता है और आप भावुक हो रहे हैं ?
सुना है देश के कुछ शहर में एक नम्बर का ‘गाली शहर’ होने की भी होड़ है ! ‘गाली गंज’, ‘गाली पुर’, या ‘गाली सराय’ नए ‘स्मार्ट सिटी’ हो सकते हैं ! घरेलू हिंसा की गाली घरेलु नहीं होती ! दुर्व्यवहार अब नया व्यवहार है !
आप चाहेंगे तभी ये सब शब्द गाली होगी वरना अब ये सिर्फ बोल चाल की नयी भाषा है ! वैसे ऊँचा और साफ़ बोला गया हर शब्द अब गाली हो सकता है !

* इस पोस्ट की चोरी भी एक गाली होगी ! जो चुराने वाले को लग जाएगी !

मनःस्थिति अर्थात मनःस्टेटस

मेरी मिक्स्ड फीलिंग्स में जो आप महसूस कर रहे हैं वो भी मिला हुआ है …

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जी हाँ मुझे भी ख़ुशी है ! आपको जिस बात की है, मुझे भी उसी बात की है बल्कि मुझे उन सारी बातों की ख़ुशी है जिस से आप खुश होते हैं !
जी हाँ मुझे भी दुःख है ! आपको जिस बात का है, मुझे भी उसी बात का है बल्कि मुझे उन सारी बातों का दुःख है जिस से आप दुखी होते हैं !
जी हाँ मै भी वही जा रहा हूँ जहाँ से आप हो आए हैं … या आज नहीं तो कल जाऊंगा ! वही खाऊँगा जो आपने खाया और उन सबसे मिलूँगा जिनसे आप मिल चुके !जी हाँ मै भी वही से आ रहा हूँ जहाँ आप जा रहे हैं … या आज नहीं तो कल जायेंगे ! वही खायेंगे जो मैंने खाया है और उन सबसे मिलेंगे जिनसे मै मिल चूका हूँ ! जी हाँ आप जो उखाड़ रहे हैं मै भी वही उखाड़ रहा हूँ ! जी हाँ, आप जो गाड़ रहे हैं मै भी वही गाड़ रहा हूँ ! आप जो पढ़ रहे हैं मै भी वही पढ़ रहा हूँ ! मै जो देख रहा हूँ आप भी वही सब देख रहे हैं ! जी हाँ, आप जिसको दे रहे हैं मै भी उसी को दे रहा हूँ … अपना सबकुछ ! आपकी जो ले रहे हैं मेरी भी वही ले रहे हैं…मेरा सबकुछ !आप जितनी मेहनत कर रहे हैं मै भी उतनी ही मेहनत कर रहा हूँ !
तो ?
तो आप मेरा Status पढ़ रहे हैं …! और हाँ, मैं आपका Status पढ़ चूका हूँ 😉

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मेरे लिए आप जैसी चाहें राय बनायें मेरी सेहत पर तब तक असर नहीं होगा जब तक आप मेरे लिए दूध डाल के चीनी वाली चाय न बनायें !

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मै यहाँ लिखूं या कहीं और पढूं ,आप बताएं या मै खुद समझूँ… अब सब एक है !