हिस्ट्री की स्त्री

हिस्ट्री की स्त्री

शादी के बाद जब से मैंने अपनी पत्नी से कहा है कि मेरी प्रेम कहानी अब हिस्ट्री हो गयी है, तब से हिस्ट्री की बात चलते ही मेरी पत्नी के सामने मेरी पुरानी प्रेमिका खड़ी हो जाती है ! कल मेरे मुँह से हिस्ट्री की स्त्री पद्मावती का नाम सुनते ही मेरी पत्नी के कान खड़े हो गए !

मेरी पत्नी हिस्ट्री की छात्रा रही है और लगातार मेरे ब्राउज़र के हिस्ट्री की जाँच करती रहती है ! मेरे जीवन के पूर्व की घटनाओं और उससे जुड़े लोगों के जीवन का अध्ययन ही मेरी पत्नी के ज्ञान का स्त्रोत है ! उनको इतिहास की सभी तारीखें याद हैं, जैसे मेरी प्रेमिका 2009 में दुबई शिफ्ट हो गई ! साल 2013 में दुबई – देवी को बच्चा हुआ ! 2014 में 24 मई को इंडिया आयी, 22 जून को चली गयी …

अतीत की घटनाओं के बारे में मेरी पत्नी के मौखिक इतिहास के ज्ञान को सुन कर इससे पहले कि आप किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचे आपको बता दूँ मेरी शादी के सात वर्ष बाद भी मेरी पत्नी का प्यार मुझसे कम नहीं हुआ है ! एक पुरुष की पहुंच के बाहर की बारीक संवेदनाओं का अनुभव एक स्त्री ही कर सकती है !

मुझसे प्रेम की वजह से ही मेरी पत्नी का मेरी हिस्ट्री की स्त्री से प्रेम बना हुआ है !

इतिहास का क्षेत्र बड़ा व्यापक है ! किसी के प्राचीन इतिहास को जानना एक कठिन प्रक्रिया है ! वैसे तो इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से शुरू होता है, पर मेरी इस कहानी का इतिहास मेरा आधुनिक काल का इतिहास है – जिसमे मेरे जीवन का आधुनिक काल दर्ज़ है ! मेरा प्राचीन अतीत – जिसमें मेरे बचपन का इतिहास दर्ज़ है और मेरी शादी के बाद अर्थात स्वतंत्रता के बाद का इतिहास – मेरे जीवन काल के ये खंड मेरी पत्नी को मेरे इतिहास की कहानी का कालानुक्रमिक विवरण देते हैं ! मेरी पत्नी का मानना है कि विकिपीडिया पर उनके बारे में पढ़ा जाता है जिनका अपना इतिहास नहीं होता !

मैं अपना इतिहास लिखना कहाँ से शुरू करूँ ? मेरा इतिहास मंदिरों, परिसरों, महलों, मस्जिदों, कब्रों आदि से भरा है ! मैं अपनी हिस्ट्री की स्त्री के साथ इन स्थानों में भटक चूका हूँ ! मेरा इतिहास जान कर कोई भी डर सकता है इसलिए मेरे इतिहास में सूर्यास्त के बाद प्रवेश कानूनी तौर पर प्रतिबंधित है !

मॉडर्न इतिहास की एक स्त्री ने अपने बेटे का नाम तैमूर रखा तो मेरे घर में ये बड़ी बहस का विषय बन गया था ! कई लोगों ने इसे व्यक्तिगत मामला कहा तो कई लोगों ने इस बात पर एतराज़ जताया और कहा कि एक जालिम आक्रमणकारी के नाम पर बेटे का नाम रखना ग़लत है ! इस इतिहास की वजह से देश की घर – घर की हवा में जहरीली गैसों की मात्रा कानूनी तौर पर तय सीमा को पार कर गयी थी !

आज टेलीविजन पर दिखाए गए इतिहास को सिनेमा में दिखाए गए इतिहास से मिलाना एक्स गर्लफ्रेंड को पत्नी से मिलाने जैसा है ! ऐसी ऐतिहासिक मिलन से पैदा मिक्स्ड मिडिया का इफ़ेक्ट आप के जीवन की शांति भंग कर सकता है !

ज्ञान और गूगल पर आधारित इतिहास एक पिघलने वाला पात्र है जिसे जो चाहे अपने मनपसंद आकार में ढाल सकता है !

इसलिए फास्ट फॉरवर्ड …

अब किस्सा ये है कि दुबई की देवी, ‘पद्मावती’ कॉन्ट्रोवर्सी के बाद मेरा ‘इतिहास’ जानना चाहती है ! मेरे लिए ये बहुत नाज़ुक मसला बन गया है ! मैं पद्मावती को खुद नहीं जानता !

नौ हज़ार वर्षों के इतिहास, सभ्यता और विरासत में हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख जैसे चार धर्मों की जन्मस्थली के सत्ताईस यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों, साठ राष्ट्रीय उद्यान, चार सौ जंगली जीवन अभयारण्य, साढ़े सात हज़ार किलोमीटर समुद्री तटों , लाखों हेक्टेयर जंगल, डेढ़ सौ नृत्य रूपों, आयुर्वेद और योग में पांच हज़ार वर्षों के अनुभव और बाइस भाषाओं में डेढ़ हज़ार बोलियों के साथ जो कोई भी पांच वर्षों तक साधारणतः भारत में रहा है, वह भारत का इतिहास हो गया है ! अपनी हिस्ट्री की इस्त्री को कौन सा इतिहास समझाऊं ? यही मेरी उलझन है !

पुरुष चाहे जितना अक्लमंद हो, ऐसी कुछ बातें पृथ्वी पर मौजूद हैं जिन्हें समझना संभव नहीं है, ऐसी बातों में प्रमुख है स्त्री ! स्त्री को समझने में पुरुष नाकाम रहा है ! अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार भारत के हिस्ट्री में स्त्री को देवी का दर्जा दिया गया है ! ,यह बात और है कि इस देवी के साथ हमारा समाज क्या सुलूक करता है ये भी टाइम्स ऑफ इंडिया को पता है !

हमारे देश में इतिहास हाथ के कौशल से तैयार किए गए रचनात्मक उत्पाद हैं जिनके लिए किसी आधुनिक मशीनरी और उपकरणों की मदद नहीं ली जाती पर इसका उपयोग प्रशासन की मशीनरी में सफलतापूर्वक उत्पात मचाने के लिए किया जाता है ! आजकल हस्त – निर्मित उत्पादों को फैशन और विलासिता की वस्तु माना जाता है और हमारा हैण्ड मेड हिस्ट्री उन्ही में से एक है !

मेरी इतिहास में पद्मावती कैसे घुस गयी ? यही सोचता हुआ मैं भी इतिहास में घुसने की कोशिश करने लगा ! इतिहास में प्रवेश करने के लिए कोई कठोर नियम नहीं है ! कोई भी इतिहास में प्रवेश कर सकता है ! भारतीय राजनीति में कई प्रसिद्ध लोग जो अपनी जवानी में ही इतिहास में प्रवेश कर गए थे, आज भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक बन गए हैं !

मैं भी इतिहास में प्रवेश करने की कोशिश करने लगा ! इतिहास रिश्तों की एक गुफा है और इस गुफा के अंदर सबकी हिस्ट्री की स्त्री रहती है ! वहां अँधेरा था ! दोनों तरफ पत्थर की बनी हुई ध्वस्त कलाकृतियां थीं ! गुफा में इन इतिहासों पर चलना सबसे बड़ी टेढ़ी खीर थी ! इतिहास के रास्ते दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में से एक हैं जिस पर हर पल मौत मंडराती रहती है ! इतिहास के इन रास्तों से गुजरने वाला कभी भी मौत के मुंह में जा सकता है ! इन इतिहासों से गुजरना तो दूर इन्हें देखना ही बड़ा भयावह होता है ! अगर इन इतिहासों में कोई झाँकने की सोचे तो उसे दिलो – दिमाग से फौलादी होना चाहिए !

गुफा में भारत के विविध पारम्परिक वर्गों के धर्मों से जुड़े रीति – रिवाज़ों के अनुरूप करोड़ों इतिहास बिखरे हुए थे ! कुछ इतिहास तो मूल रूप से सिनेमा के लिए ही बनाए गए थे जो विवादों के कारण लोगों द्वारा बहुत पसन्‍द किए जाते हैं !

काल्पनिक पद्मावती राजस्थान की लोक चेतना में अपने सतीत्व की रक्षा के लिए जौहर करने वाली एक अत्यंत साहसी रानी के रूप में उपस्थित हैं पर गुफा में कई पद्मावती जातिगत उपेक्षा, सैलरी में अंतर, बलात्कार और यौन उत्पीड़न, जैसी असमानताओं से घिरी थी ! विद्वानों का मानना है कि प्राचीन भारत में महिलाओं को जीवन के सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ बराबरी का दर्जा हासिल था !

गुफा में ऐतिहासिक महिलाओं की कमी थी ! पद्मावती को समझने के लिए गुफा में पद्मावती से मिलना बहुत जरुरी था ! मैं इतिहास की गुफा में घुसा हुआ था ! मेरी पत्नी बाहर से ये सब देख रही थी ! मेरी हालत विचित्र थी ! अपनी पद्मावती को इतिहास की पद्मावती में ढूंढ रहा था !

‘ सेल्स में घुसिए इतिहास में क्यों घुस रहे हैं ? ‘ मेरी पत्नी ने कहा ‘ घुसना है तो शेयर मार्किट में घुसिए ‘ वो आगे बोली ! ‘ देखिये युवाओं को वो भी पॉलिटिक्स में ही घुस रहे हैं, और आप आउट डेटेड इतिहास में घुस रहे हैं ! ‘

फास्ट फॉरवर्ड …

तुम इतिहास में घुसे की नहीं ? मेरी प्रेमिका ने पूछा ‘ तुम अपने इतिहास से इतना डरते क्यों हो ? उसने मुझ से हैश टैग में इंस्टाग्राम पर पूछा !

मैं अपनी प्रेमिका को ये कैसे समझाऊँ कि मेरे हर इतिहास के पीछे की वास्तविक कहानी फुलाए हुए अहंकार के संघर्ष से उत्पन्न हुई व्यथा की कहानी है !

मेरे इतिहास में मेरी पत्नी के साथ मेरा पहला युद्ध हिस्ट्री की स्त्री के लिए ही हुआ !

फास्ट फॉरवर्ड …

मेरी पत्नी मेरा इतिहासकार है ! पत्नियों से बेहतर इतिहासकार मैंने नहीं देखा ! मेरी स्त्री के पास एक ऐसा शास्त्र है जिसके अंतर्गत मुझसे जुडी पृथ्वी और उसके वायुमण्डल के बाहर होने वाली घटनाओं का अवलोकन भी किया जा सकता है !

फास्ट फॉरवर्ड …

देश में रोटी का इतिहास चाहे न हो संगमरमर का इतिहास है !

इति

बड़े चाचा होल पंच जी

होल पंच जी का एक सौ इकतीसवाँ जन्मदिवस

गूगल – डूडल पर आज आदरणीय मशीन होल पंच जी का एक सौ इकतीसवाँ जन्मदिवस मनाया जा रहा है ! होल पंच का अाविष्कार आज के ही दिन हुआ था !

आज ही हमारे प्यारे चाचा नेहरू का एक सौ अठ्ठाईसवाँ जन्मदिन भी है ! दोनों एक ही दिन जन्मे हैं और चाचा नेहरू से होल पंच जी तीन साल बड़े हैं ! इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाले एक छोटे से उपकरण को गूगल ने मंगलवार को अपने होमपेज पर डूडल के तौर पर जगह दी है ! गूगल ने बाल दिवस के दिन छोटे चाचा नेहरू को नहीं पर उनसे तीन साल बड़े चाचा होल पंच को याद किया है !

चाचा नेहरू

होल पंच जी को भी चाचा नेहरू की ही तरह सब नाम से ही जानते हैं ! आज भी होल पंच का यूज पंच करके होल करने के लिए किया जाता है !

चाचा नेहरू के साथ होल पंच ने एक ही टेबल पर बरसों साथ काम किया और होल पंच जी ने नेहरू चाचा के किये हर काम में छेद कर के उसे फाइलों और रजिस्टरों में आने वाली पीढ़ियों के लिए नाथ दिया ! बड़े चाचा ने ही ब्रिटिश साम्राज्यवाद को ख़त्म होते हुए देखा ! स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रमंडल के साथ बने रहने में की गयी कागज़ी तैयारी में बड़े चाचा के योगदान को आज तक नहीं सराहा गया है !

आज जब हर तरफ डिजिटल का जोर है, ऐसे में एक 131 साल पुराना आविष्कार हमारे बीच अब भी प्रासंगिक है ! छोटे चाचा हमसे महारानी की पालकी ढुलवा के स्वर्ग सिधार गए पर मॉडर्न ऑटोमेशन वाले कंप्यूटर युग में रह कर भी बड़े चाचा होल पंच ने हमारा साथ नहीं छोड़ा है और हमारे काम आ रहे हैं !

विभाजन के बाद सीमा के दोनों ओर इंसान, इंसान के ख़ून का प्यासा हो गया था पर बड़े चाचा ने कभी कागज़ में छेद करना नहीं छोड़ा ! छोटे चाचा के लिखे भारत एक खोज को बड़े चाचा ने ही इतिहास की किताबों में नथ्थी कर के बचा के रखा !

राष्ट्र के आधुनिकीकरण के लिए छोटे चाचा नेहरू के प्रयासों में राष्ट्र को पश्चिमी बनाना नहीं बल्कि पश्चिमी संस्कृति के सर्वोत्तम पहलुओं को शामिल करके भारत का विकास करना था ! इसे बड़े चाचा ने ही समझा ! स्वतंत्र भारत में होल पंच जी की वजह से ही मानव जाति के इतिहास की बौद्धिक यात्रा का सही रिकॉर्ड बचा है ! कंप्यूटर के लिए उपनिषद, गौतम बुद्ध की शिक्षाओं, खगोल विज्ञान, गणित, योग और आयुर्वेद को बड़े चाचा होल पंच ने ही बचाया !

स्वतन्त्र भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री का पद सँभालने के बाद छोटे चाचा ने बड़े चाचा को कभी अकेला नहीं छोड़ा !

बड़े चाचा की सादगी का ही नतीजा है कि स्कूल, ऑफिस और सरकारी दफ्तरों में आसानी से नजर आने वाली पंचिंग डिवाइस को राष्ट्रीय महत्व के नए प्रतीक की पहचान दिलाने की कोशिश आज तक नहीं की गयी है !

पंच किए गए कागज की बिंदियों से कौन नहीं खेला है ? आज छोटे चाचा नेहरू के जन्मदिवस पर बड़े चाचा होल पंच के लिए बी के नेहरू से शीर्षक उधार ले कर बस इतना कहूंगा ” प्रिय बड़े चाचा होल पंच जी, ‘ नाइस गाइज़ फ़िनिश सेकेंड !’ कागज़-कलम के दिवानों में होल पंच अमर रहे ! ”

बड़े चाचा होल पंच

हम सिनेमा को तूफान नहीं बना सके

जो उम्मीद सबको मनुष्य कृत पद्मावती से थी अब वो सबकुछ प्रकृति कृत चक्रवाती कर रहा है !
हाय रे मीडिया और मार्केटिंग हम सिनेमा को तूफान नहीं बना सके ! पद्मावती को चक्रवाती तूफान की तरह अरबसागर से उठ कर सौराष्ट्र की तरफ बढ़ना था ! फ़िल्मी पंडितों के अनुसार यह साइक्लोन केरल, मुंबई गुजरात से होते हुए राजस्थान की तरफ बढ़ता ! चैनल और सोशल मीडिया में अगले दो दिनों में यह तूफान दक्षिणी गुजरात पहुँचता और राजस्थान के कुछ जिलों को छूता हुआ निकल जाता ! इसका असर राजस्थान के सभी जिलों में दिखाई देता, महाराष्ट्र गुजरात के कुछ हिस्सों में इस तूफान से तबाही होती ! पर ये नहीं हुआ ! सोशल मीडिया का सीवियर साइक्लोन पद्मावती अब बोतल में बंद जिन्न है ! पद्मावती जो नहीं कर सकी चक्रवाती ने कर दिया है ! जो चेतावनी मौसम विभाग की ओर से जारी की गई है, वो सब चेतावनी सिनेमा के लिए चैनल को देना था ! यह चक्रवात शनिवार शाम को लक्षद्वीप से गुजर रहा था ! इसकी वजह से चलने वाली हवाओं की गति 150 किलोमीटर प्रतिघंटा से ज्यादा है ! इसकी वजह से केरल, मुंबई के अलावा दक्षिणी गुजरात, यानी सूरत, वड़ोदरा, खंभात की खाड़ी क्षेत्र में नुकसान की आशंका है ! पद्मावती को तूफान की ही तरह राजस्थान के बांसवाड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर सिरोही में इसका असर दिखाई देता, शेष राजस्थान में तेज हवाएं चलती, काले बादल छाते , जिससे केवल लाभ का तापमान बढ़ता ! विडंबना देखिये बिना किसी ट्रेलर के प्रकृति ने हंगामा खड़ा कर दिया और प्रकृति के रहते सिनेमा को हम तूफान नहीं बना सके !

दो पहिया तीन साइकिल / illustration सीरीज – एक

कालाहास्य ( 1 )

साइकिल में कोई बाप बेटा नहीं होता

 

कालाहास्य (2 )

पीठ पीछे किसी ने मेरे चरखे को साइकिल से रिप्लेस कर दिया है

 

कालाहास्य ( 3 )

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साइकिल बाँट

अलविदा Cassini

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बीस साल तक अंतरिक्ष में रहने के बाद नासा का विख्यात कासिनी अंतरिक्ष यान आज शनि ग्रह के ऊपर से गुजरते हुए मौत की नींद सो गया. आज शनि ग्रह के बारे में जो कुछ भी जानकारी मौजूद है वो इसी यान की वजह से हम तक पहुंची. अलविदा Cassini

चीनी टोबाटेक सिंह

इंडिया टुडे का ‘कवर बम’

फोटोशॉप वॉर में इंडिया टुडे के फेंके गए कवर बम से पाकिस्तान जाने के इंतज़ार में चीनी टोबाटेक सिंह पागल हो गया है ! इंडिया टुडे मैगजीन के एक कवर ने चीन में हंगामा मचा दिया है ! कवर में चीन को बड़ी सी मुर्गी और पाकिस्तान को उसका बच्चा दिखाया गया है ! इसको देखकर चीनी लोग खुश नहीं हैं ! कवर देखकर चीनी टोबाटेक सिंह इसलिए भी ज्यादा भड़के हुए हैं क्योंकि तिब्बत और ताइवान को इसमें चीन का हिस्सा नहीं दिखाया गया है ! गुस्से में चीनी टोबाटेक सिंह पागलखानों में इंडिया टुडे की मैगजीन कवर को अपने – अपने अंदाज में फोटोशॉप कर रहे हैं ! एक पागल ने पूरे भारत में (जम्मू – कश्मीर छोड़कर) चीन का कब्जा दिखाया है ! औपड़ दि गड़ गड़ दि अनैक्स दि बेध्यानां दि मुँग दि दाल आफ दी चीन गवर्नमेंट !

भीड़ की बरसात

भीड़ और बरसात में मुझे समानता दिखती है ! भीड़ शब्द का उपयोग ऐसे स्थान पर किया जाता है, जहाँ मनुष्य का कोई समूह हो ! जहाँ लोग बिना किसी पंक्ति के यहाँ – वहाँ एकत्रित हो जाते हैं ! बरसात में पानी के बूंदों का भी यही हाल होता है ! बादलों को चीर कर पानी की बूँदें भीड़ की तरह समूह में धरती पर बरस पड़ती हैं और यहाँ – वहाँ एकत्रित हो जाती हैं ! मुख्यतः हम भीड़ को हमेशा कंट्रोल कर मार्ग को सामान्य बनाने की कोशिश करते रहते हैं ! बरसात के पानी के साथ भी यही किया जाता है ! भारत में बरसात कृषि, नदी व्यवस्था, जल भंडार और वनस्पतियों और जीवों के उत्थान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है ! देश की राजनीती में सत्ता के उत्थान के लिए भीड़ भी उतनी ही जरुरी है ! बरसात भारत का वित्त मंत्री है ! भीड़ भारत का कानून मंत्री है ! बरसात देश के सकल घरेलू उत्पाद को प्रभावित करता है ! भीड़ भी यही करती है ! मेरा मानना है कि पानी की तरह भीड़ का भी संचय और उपयोग हो सकता है ! राष्ट्रीय राजनीति में जबसे भीड़ की बरसात होने लगी है प्राकृतिक बरसात की पहले जैसी हैसियत नहीं रही ! भीड़ की बरसात के माध्यम से राजनितिक मौसम समाज को उसका असली चेहरा दिखा देता है !

आज भीड़ की बरसात के अनगिनत सब्सक्राइबर्स, फॉलोवर्स और व्यूअर्स हैं ! सभी अखबारों की हेडलाइंस और न्यूज चैनलों की सुर्खियों में शुमार ‘भीड़ की बरसात’ सोशल मीडिया पर भी हर मौसम में ट्रेंड करने लगा है ! अपने मजेदार गंवई अंदाज, दिलचस्प चाल – ढाल और बेलगाम ठसक के कारण भीड़ कई नेताओं और अभिनेत्रियों से भी ज्यादा पहचाना जाता है ! बरसात शब्द सुनने में जितना रोमांटिक है, देखने में भीड़ की बरसात भी मिडिया में उतनी ही बढ़िया और रिफ्रेशिंग होती है !

एक ऐसी ही भीड़ की बरसात के मौसम में चार पैर, एक लंबी पूंछ, दो सींग, दो कान, दो आंख, एक बड़ी नाक, बड़ा मुँह और एक सिर वाले जानवर को पशु – मेले से लेकर मैं अपने घर के लिए निकल पड़ा ! सोशल मिडिया का जमाना है इसलिए जानवर का नाम नहीं बताऊंगा !

जानवर के साथ मुझे देखने बारिश के बूंदों की तरह लोग आने लगे ! भीड़ का स्टॉल लग चूका था ! लोग टप – टप टपकने लगे ! कुछ जींस-टी शर्ट में थे और कुछ पैंट क़मीज़ पहने हुए थे ! धीरे धीरे लोग पानी की तरह जमा हो कर भीड़ का हिस्सा बनने लगे ! भीड़ की बरसात की अनुमानित तिथि नहीं होती ! इसके बादल सोशल मिडिया पर बनते हैं ! सबकुछ ‘इट डिपेंडस’ पर निर्भर करता है ! भीड़ के मैकेनिज्म की खोज इलेक्ट्रॉनों, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की खोज जैसी जटिल है और सामाजिक वैज्ञानिक इस पर काम कर रहे हैं ! भीड़ की डिजिटल और डेटा हिस्ट्री तैयार हो रही है !

सड़क पर जानवर के साथ अब भीड़ भी मेरे साथ चल रही थी ! मेरे एक तरफ जानवर था और एक तरफ भीड़ ! मैं भीड़ और जानवर के बीच में था ! भीड़ मेरे साथ चल रहे बड़े जानवर को पहचानती थी ! मैंने देखा जानवर के चेहरे पर हारे हुए आदमी सा भाव है जो जीवित है किंतु सामाजिक रूप से मरा हुआ है ! मुझे लगा मैं अपनी पूँजी को नहीं आइना देख रहा हूँ !

यह मवेशी जानवर रूप में मेरी पूंजी थी ! हम दोनों में सामाजिक समझौता था ! अपने जीवन में हम दोनों एक दूसरे के काम आने वाले थे ! मुझे लगा जानवर मुझसे कह रही है कि वो घडी आ गयी है जब हम एक दुसरे के काम आने वाले हैं ! मैंने अपनी पूंजी की रास और जोर से अपनी मुठ्ठी में भींच ली ! ‘जीते जी मेरी मुठ्ठी से कोई माई का लाल मेरी पूंजी नहीं छीन सकता ! मैं भारत का नागरिक हूँ ! ‘ मैं बुदबुदाया ! मुझे लगा मवेशी मुझे तनाव में देख कर मुझ पर हंस रही है !

घबराकर मैं चुप हो गया था पर घबराहट में मेरे साथ का जानवर बोलने लगा ! लोग दंग रह गए !

भीड़ जानवर की बातें सुनने के लिए बढ़ने लगी ! ‘ आप कौन लोग हैं ? और आप के एकत्र होने का उदेश्य क्या है ? ‘ जानवर ने भीड़ से पुछा !
‘ हम बेरोज़गार और बिलकुल निठ्ठले हैं ! मोबाइल रिचार्ज करने के लिए इधर उधर मारे – मारे भटक रहे हैं ! ‘ भीड़ ने कोरस में कहा ! ‘ फिर ठीक है ‘ जानवर ने कहा ! ‘ भीड़ हंसने लगी !

इस तरह किसी जानवर ने अब तक भीड़ से बातें नहीं कीं थीं ! फिर कुछ समय के लिए खामोशी छा गई ! बोलते हुए जानवर का वीडियो सेंट और शेयर होने लगा ! सेंट – शेयर के क्लिक – क्लिक से लाइक – लाइक भीड़ बढ़ने लगी ! सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म्स कड़कने लगे ! लोल से लोल टकराने लगे ! भीड़ को कुछ चटपटा चाहिए था ! जानवर सब समझ गया ! जानवर जानता था कि भीड़ में से कई लोग अनपढ़ और साधारण मनुष्य हैं ! उनके दिलों तक पहुँचने के लिए उसने उसी ‘मोबाइली’ भाषा का इस्तेमाल किया जिसे भीड़ समझ सकती थी !

भीड़ एक ऐसे क्लोज़्ड ग्रुप को कहते है जहाँ इसका पता लगा पाना मुश्किल हो जाता है कि कौन, कौन है और कहाँ से आया हैं ! भीड़ में औरतें कम होती हैं ! औरतों को चूल्हा – चौका करना पड़ता है ताकि बच्चों के जगने के पहले खाने का इंतजाम हो सके और वो भीड़ बन सकें !

भीड़ सीधी – सादी  परिश्रमी और ईमानदार होती है ! जो भीड़ को कॉम्प्लिकेटेड मानते हैं वो अपने आप को कम पहचानते हैं ! पानी की तरह भीड़ बहुत सरल होती है ! भीड़ सब देखना और जानना चाहती है ! सबकुछ अपने मोबाईल में रिकॉर्ड करना चाहती है ! भीड़ ने मेरी मानसिक अवस्था की तस्वीरें मोबाइल से अनगिनत दिशाओं में तरंगित कर दीं ! बोलते हुए जानवर को देखने धीरे – धीरे बरसात का जल और भीड़ की संख्या दोनों बढ़ने लगीं ! आपसी भाईचारा हमारी परंपरा का हिस्सा रहा है जो अब भीड़ के काम आ रही है ! हिंद देश के निवासी भीड़ में सब जन एक थे ! बढ़ती हुई भीड़ का शोर धीरे – धीरे हमारे क़रीब आता जा रहा था ! आवाज़ें तेज़ होने लगीं ! मैं और जानवर डरे हुए बढ़ रहे थे ! जानवर ने देखा भीड़ ने मुझे डंक मार दिया था !

मैं कोई मवेशी चोर नहीं था और न ही कोई दलाल था ! मेरे पास मेरे और जानवर के सभी जरुरी कागज़ात थे ! फ़ेक न्यूज़ कोई नई चीज़ नहीं है, अर्धसत्य से पूर्ण असत्य तक, सदियों से हर रंग – रूप के झूठ चलते रहते हैं, लेकिन ये सब इतना संगठित हो कर पहले कभी भीड़ नहीं बनी ! मोबाइल इंटरनेट पर लोग अपनी जरुरत की वस्तुओं के साथ खूनी वायरल वीडियो भी आर्डर कर रहे हैं ! जानवर के साथ बने फेक न्यूज़ से मेरे इर्द – गिर्द  खुदरा भीड़ खनकने लगी थी ! दालों, अनाजों और सब्जियों की भीड़ मां – बहन की गंदी – गंदी गालियां दे रही थी ! तेज़ आवाज़ ! खूब हल्ला ! धम – धड़ाक ! दौड़ने – भागने और चिल्लाने की आवाज़ें, मानो कोई हमला हुआ हो ! भीड़ की नाराज़गी बच्चों की तुनकमिजाजी जैसी होती है !

‘ अरे पकड़ो ! ‘ आवाज़ आयी ! भीड़ भागने लगी !
‘ देखो, छिपा है ! ‘ आवाज़ आयी ! भीड़ ढूंढने लगी !
‘ मारो ! ‘ आवाज़ आयी ! भीड़ मारने लगी !
‘ चोर है ! ‘  आवाज़ आयी ! भीड़ कोरस में  ‘ चोर, चोर, चोर … ! ‘
‘ इसको नहीं छोड़ेंगे ! ‘ आवाज़ आयी ! भीड़ किसी को ढूंढने लगती है !
‘ जो बचाने आएगा, उसको भी मारेंगे ! ‘ आवाज़ आयी !  भीड़ कोरस में ‘ मारो, मारो मारो … !’
‘ गिरोह है ! ‘ आवाज़ आयी ! गिरोह का सामना करने के लिए भीड़ गिरोह बन गयी !
‘ आग लगा देंगे ! ‘ आवाज़ आयी ! कोई आग लगा देता है !
‘ मार देंगे ! ‘ आवाज़ आयी ! कोई मार देता है !
‘ फूंक दो ! ‘ आवाज़ आयी ! कोई फूंक देता है  !

तरह तरह के फोटो के साथ नफ़रत, हिंसा, भ्रामक जानकारियाँ, आधा – सच, आधा झूठ ये सब इंडस्ट्रियल स्केल पर लघु उद्योग की तरह पैदा किया जा रहा है, और मोबाईल पर बाँटा जा रहा है ! सोशल साइट्स का नतीजा यह हुआ है कि चारों तरफ लोगों के ऊपर अकेलेपन की भावना हावी होने लगी है और वे दूसरों से कटे – कटे रहने लगे हैं ! कटे – कटे रहने का स्वभाव लोगों में शक की भावना पैदा करता है, खासकर जब पड़ोस में हर वक्‍त हिंसा और अपराध का खतरा मँडराता रहता हो ! शक की भावना बहुत जल्द इंसान के जत्थे को पत्थर – दिल भीड़ बना देती है ! कानून अपने हाथ में ले कर भीड़ ने जनता की भलाई करने के लिए एक अनोखा तरीका निकाला है ! जब लोग मिल – जुलकर एक ही मकसद को हासिल करने के लिए काम करते हैं, तो उन्हें काफी हद तक कामयाबी मिलती है !

मृत्यु को करीब देख कर चार पैर के जानवर ने दो पैरों पर खड़े हो कर अपने दो पैरों से हाथ जोड़ के भीड़ को प्रणाम किया ! सब चकित थे ! सबने मेरी तरफ प्रशंशा से देखा जैसे मैं जानवर का गॉड फादर हूँ ! ‘ कोई जानवर दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता, या तो मुझे खा लो या मेरा दूध पी लो ! ‘ जानवर की ये बात सुन कर भीड़ को लगा जानवर ने उन पर पैलेट गन से ब्लास्ट कर दिया है ! ‘ तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा नहीं कर सकते इसलिए दोष मत लगाओ, कि तुम पर भी दोष न लगाया जाए ‘ जानवर आगे बोला !  ‘ लोगों के समूहों को उन्मादी भीड़ में तब्दील कर देने में सोशल मीडिया का सबसे बड़ा योगदान है ! कौन भड़काऊ तस्वीरें और पोस्ट डाल रहा है.? ‘ जानवर ने कड़क आवाज़ में पूछा ! ‘ क्या चलता है उन्मादी भीड़ के दिमाग़ में यह मुझसे बेहतर कौन बता सकता है जिसने ख़ुद ऐसी भीड़ का सामना किया हो ! ‘ जानवर के मनोहर शब्द सुन कर भीड़ अचम्भे में पड़ गयी ! ‘ स्थिति को काबू में करने के लिए क्या बेक़ाबू होना जरुरी है ? ‘ जानवर ने पूछा ! भीड़ बारिश के बुलबुले की तरह फटने लगी ! ‘ कृपया हमेशा तथ्यों की जांच करें ! हम सभी से अपील करते हैं कि दुर्भावनापूर्ण वीडियो को ध्यान न दें, जिससे कि समुदायों में अविश्वास पैदा हो ! ‘ धीरे – धीरे जानवर एक लाजवाब शिक्षक बन गया ! काफी हद तक सभी भारतीय शिक्षक ही हैं ! जानवर के उपदेश ने भीड़ के दिलों पर ऐसी गहरी छाप छोड़ी कि वे ऐसे शांत स्वभाव वाले जानवर को परेशान करने के लिए अपने मन को समझा नहीं पा रहे थे !

भीड़ की सबसे अच्छी बात ये होती है कि इसके पास लक्ष्य नहीं होता है ! उनको जो चैनल दिखा दो वो देखने लगती है ! भीड़ का असली मजा वही लेता है जो इस बात को जानता है और जिसके हाथ में भीड़ का रिमोट होता है ! आज सोशल मिडिया भीड़ का स्वामी है !

भीड़ की बरसात में भींग कर जब मैं लोगों के नीचे दबा पड़ा था वहीँ भीड़ में एक भाई साहेब दबे – दबे ही मेरा फोन नंबर मांग रहे थे ! मैं अपना फोन नम्बर देने ही वाला था कि मेरी नाक पर किसी की लात के प्रहार ने मेरी आँखें सुन्न कर दीँ ! मैं म्यूट मोबाइल की तरह अचेत हो गया ! बरसती भीड़ और लोगों की चीख चिल्लाहट की कीचड़ में मेरे होश का कमल खिल कर मुरझा गया था ! कई पंजे मेरी गाल पर पहले ही पड़ चुके थे ! हालात भीड़ के नियंत्रण में हैं इस भरोसे के साथ लोगों के चेहरों पर लाइक्स के सारे इमोटिकॉन बिखर गए थे ! जिसके मन में जो आ रहा था सोशल मीडिया पर अपनी ऊँगली से दबा रहा था ! क्लिक – क्लिक की अदृश्य आवाज़ आसमान में गूँज रही थी और लोग सुन रहे थे ! भीड़ चेहरा – विहीन होती है पर भीड़ का हर चेहरा वायरल होने को तैयार था ! भीड़ को गिरफ्तार करने के लिए भेजे गए सिपाही खाली हाथ लौट रहे थे ! सिपाहियों का असर भीड़ पर नहीं हुआ ! अलग अलग रास्तों के कुछ धार्मिक चरवाहे भी आये ! ‘ ये ‘भेड़’ वर्ग के लोग हैं इसीलिए ‘भीड़’ हैं ! इनको तुम जैसा गृहस्थ चरवाहा ही मंज़िल तक ले जा सकता है ! ‘ वे मुझसे बोले ! ‘ ये भेड़ नहीं हैं, ये भीड़ है, सब भूखे भेड़िया हैं ! ‘ यहाँ से निकलो, भागो ! जानवर को घेरने वाली भीड़ को गिरफ्तार करने के लिए भेजा गया दरोगा सिपाही के साथ खाली हाथ लौटते हुए मुझसे बोला ! धर्म और पुलिस अपना काम कर रही थी ! भीड़ भोंके हज़ार, मेरा जानवर चले बाज़ार ! भारतीय जानवर भारतीय भीड़ के साथ बढ़ रहा है ! भीड़ को आप चाहे न पहचान पाए हों पर जानवर को आप जरूर पहचान गए होंगे ! मैं जीते जी भीड़ की बरसात में सोशल मिडिया पर मर चूका था !

योग क्रिमिनल  

सामान्यतः लोग योग को एक ऐसे रूप में जानते हैं जिसमें हठ पूर्वक कुछ शारीरिक एवं मानसिक क्रियाओं के नियमित अभ्यास से आप अपना खोया हुआ स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त कर सकते हैं ! जबकि ऐसा नहीं है ! अब योग का कोई गलत आसन आपको योग अपराधी बना सकता है ! अब ठीक से योग नहीं करना क्राइम है और गलत तरीके से योग करने वाले योग क्रिमिनल हैं !

दरअसल योग एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां भारत सरकार और योग करनेवालों के बीच संवाद पूरी तरह टूटा हुआ है !

विश्व योग दिवस के दिन मुझे एक योग इंस्पेक्टर अपने दो योग सिपाहियों के साथ पकड़ कर पुलिस आसन में पूछताछ स्टेशन ले गए !

‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे दो सौ रुपये लें और मुझे जाने दें ! ‘ मैंने प्रार्थना की !

‘ योग क्रिमिनल को ऐसे कैसे जाने दें ? ‘ योग इंस्पेक्टर त्रिफला चूर्ण जी ने कहा !

‘ योग करना क्राइम है ? ‘ मैंने आश्चर्य से भड़कने का नाटक किया !

‘ आसन को गलत करना क्राइम है ! ‘ त्रिफला जी उवाच ! ‘ योग का बेहतर लाभ पाने के लिए जरूरी है उसकी क्रियाओं का सही अभ्यास ! क्योंकि योग क्रियाओं का गलत अभ्यास शरीर को लाभ पहुंचाने की बजाय समस्याओं का कारण बन सकता है ! कचहरी में आपके योग शिक्षक या योग गुरु के साथ बात करना बेहतर होगा ! ‘ त्रिफला चूर्ण जी ने अपना गला साफ़ करते हुए अपना निर्णय सुनाया !

‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे चार सौ रुपये लें और मुझे जाने दें !’ मैंने दुबारा प्रार्थना की !

‘ हम अक्सर किसी आसन को महज़ इसलिए स्वीकार कर लेते हैं, क्योंकि वे हमारी परंपरागत मान्यताओं के अनुरूप होती हैं ! ऐसा करते वक़्त हम न तो इन आसनो के पीछे के तर्कों की परवाह करते हैं, न उनके प्रभावों की प्रामाणिकता जांचने की ज़हमत उठाते हैं ! ‘ त्रिफला चूर्ण जी मुझे मुक्त और मुफ़्त प्रवचन दिए जा रहे थे ! ‘ ऐसे समय में जब फ़र्ज़ी आसन बनाने और उन्हें प्रसारित करने का कारोबार चरम पर है, हमें योग को लेकर न सिर्फ़ सावधान रहना चाहिए, बल्कि मीडिया पर भी सवाल करने चाहिए ! ‘ त्रि. चूर्ण जी ने मैराथन योग वचन में लघु विराम लिया ! मैंने उनके आगे का अदृश्य माइक अपनी और खिंच लिया ! ‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे पाँच सौ रुपये लें और मुझे जाने दें !’ मैंने करुण गुहार की !

‘ सत्य वचन श्रीमान ! पाई पाई जोड़ना योग है ! आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का उपक्रम पेड़ पर लटक कर नहीं करना चाहिए ! ‘ व्हॉट ??? मैं डर से चीख पड़ा !

‘ आज योग आसन करना एक बड़ी चुनौती है ! आजकल योग के नाम पर जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है ! ‘ रिलैक्स श्रीमान ! त्रिचूर्ण जी ने जादूगर की तरह अपनी दोनों हाथ की हथेलियों को हवा में लहराते हुए अपनी हस्तमुद्रा से हाथों की आकृति पान के समान बना दिया और मेरी तरफ मुस्कुराते हुए  कहा ‘ सरकार को जनता के शरीर, मन और प्राण की चिंता खाए जा रही है ! ‘ फिर मुझे घूरते हुए  बोले ‘ पता नहीं जनता का पेट कब भरेगा ? ‘ योग इंस्पेक्टर मुझे अपलक देख रहे थे ! शायद वो मेरा चेहरा पढ़ रहे थे !

‘ पान मुद्रा ‘ मैं अपने आप में बुदबुदाया ! मुझे तत्क्षण लगा कि अब ये मेरी सेल्फी लेंगे और ठीक वही हुआ ! उन्होंने आधे पान में अपना चेहरा खिंचा और सोशल मिडिया पर प्रसारित कर दिया !

मैं डर गया मुझे लगा अब मेरे वायरल होने की बारी है ! ‘ सर ! सारे नियम योग में दिए गए हैं ! ट्रैफिक के नियम से लेकर इ वि एम् तक के नियम ! मैंने सब पढ़े हैं ! सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे सात सौ रुपये लें और मुझे जाने दें !’ मैंने कातर स्वर में कहा ! ‘ मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूँ, जो लैंगिक समानता, शिक्षा, गरीबी – उन्मूलन, मानवाधिकार और दक्षिण एशिया में शांति जैसे मुद्दों पर हर दिन आधी रात से ही लगातार सक्रिय रहता है ! मैं योग दिवस की भावना में बह गया था ! ‘ ये सब कहते हुए मैंने महसूस किया मेरा पेट भारी हो गया है ! तनाव से मेरे फेट में गैस भर गया था ! त्रिफला चूर्ण को फाँकने की तीव्र इच्छा प्रबल हो गयी ! ‘ योग विज्ञान और उसकी क्रियाओं की संवैधानिक महत्ता आधुनिक राजनितिक विज्ञान भी स्वीकार करता है फिर मैं किस खेत की मूली हूँ ! ‘ मैंने नाटकीय अंदाज में कहा ! ‘ मैं जानता हूँ केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय का आयुष विभाग प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों, खासकर योग को स्वच्छ रखने की मुहिम चला रहा है ! उसी विभाग के आप योग इंस्पेक्टर हैं ! सरकार की इस पहल से सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में योग प्रशिक्षकों व योग थेरेपिस्ट के लिए रोजगार के मौके पैदा हुए हैं ! इसलिए योग क्राइम भी बढ़ा है जिसके लिए आप जैसे योग्य क्राइम इंस्पेक्टर हैं ! योग क्राइम की रोक थाम के लिए आप का हर काम सराहनीय है सर ! ‘ मैंने एक ही सांस में सब कह दिया था ! मरे पेट में बल पर गया !

‘ आप ने सरकारी योग के लिए क्या किया है ? ‘ इस सवाल से त्रिफला ने मेरा मुंह बंद कर दिया !

इस सीधे प्रश्न के तनाव से मेरे अंदर कुछ फट गया  ‘ पु उउउउउउउऊँ ईईईई … ‘ अंदर तनाव के गोले के फटते ही मैं पवन मुक्त हो गया था !

साइलेंस उधर !

साइलेंस इधर !

मैंने योग इंस्पेक्टर त्रिफला सिंह को देख कर अशिष्ट होने की अपराध में नज़रें झुका लीं !

‘ जी ! थोड़ा गैस हो गया है ! माफ़ कीजिये ! ‘ मैंने संवाद को फिर से जोड़ा ! ‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! कृपया मुझसे सात सौ रुपये लें और मुझे जाने दें ! ‘ मैंने पवन मुक्त प्रार्थना की !

‘ योग क्राइम कर के आप राहत की सांस लेते हैं ? कैसे ले पाते हैं ? ‘ मेरे अशिष्ट पवन मुक्त आसन से वो बौखलाया हुआ था ! ‘ आप जानते हैं योग पेट के लिए किया जाता है ! ‘ उसने ऊँची आवाज में मुझसे कहा ! मैंने देखा पेट मरोड़ का तनाव उसके चेहरे पर साफ़ था ! तो क्या योग इंस्पेक्टर त्रिफला चूर्ण स्वयं योग अपराधी है ? मेरा दिमाग तेजी से जेम्स बांड बन गया !

‘ योग शरीर के लिए किया जाता है ! ‘ मैंने शांत स्वर में कहा !

‘ आप का पेट क्या पाकिस्तान में है ? आपका पेट आपके शरीर में ही है न ? अपने शरीर को सुनें ! ‘

योग इंस्पेक्टर लगभग चीख पड़ा ! पेट के गैस की छटपटाहट कोई भी उसके चेहरे पर पढ़ सकता था ! उसकी पीड़ा मुझे आनंद दे रही थी ! ‘ सर आप की हवा टाइट है ! ‘ पकडे जाने की हड़बड़ाहट में उसके पेट का गोला भी जग जीतने इसरो के रॉकेट जैसा निर्भय और उन्मुक्त हो कर निकल पड़ा !

‘ पों ऊँ  उउउउउउऊँ ‘ इंस्पेक्टर साहब तनाव मुक्त होते ही पवन मुक्त हो गए !

साइलेंस इधर !

साइलेंस उधर !

इस बार अशिष्ट वे हुए थे फिर भी सब कुछ अनदेखा करते हुए नज़रें मैंने ही झुका लिया !

मुझे लगा मेरी हवा मुक्त हो कर उनकी हवा को भी मुक्त होने की राह दिखा गयी ! मैं योग इंस्पेक्टर के ही नहीं बल्कि ड्यूटी अफसर के कुछ काम आ गया था ! मेरा अपराध बोध थोड़ा कम हो गया ! मुझे लगा सात सौ रुपये का शगुन ही हवा बन कर निकला है ! अच्छा अवसर मान कर मैंने जेब से सात सौ रुपये निकाल लिया ! मुझे योग के इस अपराध जाल से निकलना था !

‘ सर आपका पवन मुक्त आसन भी देख लिया ! पर्यावरण में होने वाले बदलावों से हम सभी प्रभावित होते हैं ! स्वस्थ समाज के लिए संतुलित पर्यावरण अत्यंत आवश्यक है ! पर्यावरण को प्रदूषित होने से रोकने की जिम्मेदारी हम सबकी है ! ऐसे में यह आवश्यक है कि हम हर तरह के प्रदूषण पर लगाम लगाएं ! योग गुरु बन कर भारत दुनिया की सबसे भयानक योग – प्रदूषण की स्थिति का सामना कर रहा है ! ‘ ये कहते हुए कम शब्दों में मैंने अच्छे नागरिक होने का परिचय दे दिया ! गैस निकलने के बाद त्रिफला चूर्ण जी का चेहरा शांत हो गया था ! मैंने सोचा यही सही समय है ! उन्होंने भी मेरे चेहरे को पढ़ लिया था ! ‘ कुछ हस्त मुद्रा कीजिये ! ‘ उन्होंने कहा !

 ‘ जी ! ‘ दान मुद्रा में अपना हाथ बढ़ाते हुए मैंने कहा ! मेरे हाथ में पांच सौ का एक नया नोट और सौ – सौ  के दो नोट मिला के तीन पत्ते थे ! वे भी तीन थे !
‘ नए योग कानून के हिसाब से हर सप्ताह मुझे कितनी बार योग – अभ्यास करना चाहिए ? ‘ मैंने अपना समय बचाने के लिए पूछा !
‘ मुझे हफ्ता दे कर आप हर दिन अभ्यास कर सकते हैं ! ‘ योग इंस्पेक्टर त्रिफला जी सहज उत्तर देते हुए बोले ! ‘ योग दान के लिए शुक्रिया ! ‘
‘ योग के दान के लिए आप का भी शुक्रिया ! ‘ व्यावहारिक बनते हुए मैंने भी जवाब दिया !
‘ प्रिय मित्र श्रीमान, मैं इस ग़लतफ़हमी को साफ करना चाहता हूं कि योग उतना योग नहीं है जितना लोग सोचते हैं ! ‘ इंस्पेक्टर साहेब फिर से चहकने लगे थे !
‘ हाल के समय में फ़ेक योग यानी फ़र्ज़ी आसनों का सबसे जीता – जागता उदाहरण शवासन हैं ! आपको बता दें कि शवासन एक ऐसा आसन है जिसमें शव की मुद्रा में लेट कर शरीर और दिमाग को आराम दिया जाता है ! किसानों ने क्या किया इस आसन के साथ ? क्या सरकार उनकी खेत में अपनी बीज बोती है ? फिर किसानों ने कैसे योग जैसे सरकारी खेती में अपने आंदोलन बोए ? शवासन क्या अब ऐसे प्रयोग के लिए ही बचा है ? आंदोलन की जगह अगर वो ये आसन अपनी खेतों में करते तो आज कर्ज़ माफ़ी के लिए उन्हें आत्महत्या न करना पड़ता !’
साइलेंस इधर !
साइलेंस उधर !
‘ योग लंबे वक्त तक एक बंद दुनिया थी, जिसमें कुछ ही लोगों की पता नहीं कैसे एंट्री होती थी ! लेकिन सोशल मीडिया ने योग की बंद दुनिया को छिन्न भिन्न कर दिया है ! आप शवासन क्यों कर रहे थे ? उसके इस सवाल से मेरे कान खड़े हो गए ! अब क्या हुआ ? मैंने डरते डरते सोचा !
‘ सर, मैं इस अपराध के लिए क्षमा चाहता हूं ! मैंने इसे अनजाने में किया था ! ‘
‘ अपने शहर में योग आसन की निगरानी करने वाले एक समूह से जुड़ जाइये !, जिसे स्थानीय लोग खुद ही मिल कर चला रहे हैं ! ये नेटवर्क स्थानीय निवासियों का एक समूह है जो मीडिया में दिखाए गए शहरों के योग प्रदूषण को मापते हैं और उनके आंकड़ों को ट्विटर पर जारी करते हैं ! ‘
योग का अभ्यास आज से ही आरंभ करने का दृढ़ संकल्प कर इसके विभिन्न लाभों को स्वयं अनुभव कीजिए ! फेसबुक और इंस्टाग्राम के बिना योग फीकी है ! हर वक्त अपना सोशल मीडिया अकाउंट अपडेट करते रहें ! तेजस्वी स्वास्थ्य, सफलता, शांति, समृद्धि तथा अमरत्व के लिए ईश्वरीय आशीर्वाद आप को प्राप्त हो ! तीन सौ साठ डिग्री फिटनेस पा कर आप हर कोण से अपना सेल्फी ले सकें ! एक कुर्सी पर स्वस्थ और तटस्थ बैठने की स्थिति को आप भी जल्द प्राप्त  करें
कंप्यूटर के सामने बैठे रहने का आदर्श आसन आप को प्राप्त हो ! सबको गूगल खोज में आप मिल जाएँ ! मेरे मन में आप के लिए यही स्टेटस हैं !

‘ किसी ने ठीक कहा है योग में आय का कोई तय पैमाना नहीं है ! ‘ मैंने सोचा ! पर योग क्रिमिनल का ज्यादा सोचना क्या ठीक है ? मुक्ति मिलते ही मैं सर पर पाँव रख कर भाग गया !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात …

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात राष्ट्रपति भवन से एक बग्घी आएगी और हमारे बीच से राष्ट्रपति को चुन कर राष्ट्रपति भवन ले जाएगी !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गहन विचार विमर्श !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात भोज, भोज, भोज और भोज !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात राष्ट्रपति के नाम की घोषणा !
राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार का विकल्प काल्पनिक होता है !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात पहले आप, पहले आप और पहले आप !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात समर्थन, समर्थन, और समर्थन !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात विपक्ष की सियासत में दरार !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात घोषणा, घोषणा, और घोषणा !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात किस प्रकार विपक्ष को एकजुट रखा जाए !
राष्ट्रपति की राह में दस्तख़त ही दस्तख़त होते हैं !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात दस्तख़त, दस्तख़त, दस्तख़त और दस्तख़त !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात केमिस्ट्री, केमिस्ट्री, केमिस्ट्री और केमिस्ट्री !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात बैठक, बैठक, बैठक, बैठक, और बैठक !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गैर – राजनीतिक व्यक्ति को ही राष्ट्रपति बनाया जाए !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गठबंधन, गठबंधन और गठबंधन !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात हम अपनी पसंद के उम्मीदवार को राष्ट्रपति नहीं बना सकते !

राजनीति में जितने भी व्यक्ति है सभी निष्पक्ष हैं, ईमान की बात कहते हैं, सिर्फ राष्ट्रहित की बात सोचते हैं, और भारत को अपनी पार्टी से बड़ा मानते हैं !
हमारे नेताओं के पास अपना विवेक, अपना अंतःकरण, और अपना ईमान है !
राष्ट्रपति मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और चेतावनी देते हैं !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात गैर – राजनीतिक राष्ट्रपति की मांग !

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात एक सर्वसम्मत उम्मीदवार !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात सर्वसम्मति किसी राजनीतिक व्यक्ति पर ही हो सकती है !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात ये आए और वो गए !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात विपक्षी दल सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से बचती है !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात आंकड़ों का खेल !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात प्रत्याशी की स्थिति मजबूत होती जाती है और विपक्ष कमज़ोर पड़ता जाता है !

 

Part – II

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात …

राष्ट्रपति चुनाव अर्थात खानापूर्ति का मुक़ाबला !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात हेडलाइन के अलावा कुछ नहीं !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात शुरुआती ना – नुकर के बाद हामी !
राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार अर्थात सामाजिक प्रतीक !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात राजनीतिक फैसले जो मिनट और सेकेंड में बदलते हैं !
राष्ट्रपति चुनाव अर्थात संवाददाताओं से बातचीत !

हमारे पास राष्ट्रपति के इतने होनहार उम्मीदवार हैं कि दुसरे देश भी इसका लाभ ले सकते हैं !

स्वर्ग में एडमिशन

स्वर्ग

स्वर्ग में एडमिशन भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा है, जिसके लिए हम सब मरते हैं ! आज अखिल भारतीय स्वर्ग संस्थान के प्रवेश परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं ! स्वर्ग में एडमिशन के लिए अखिल भारतीय स्वर्ग संस्थान ने रिजल्ट और मेरिट लिस्ट दोनों जारी कर दी है ! मरने के बाद उम्मीदवार अपना परिणाम स्वर्ग की अॉफिशियल वेबसाइट पर जाकर भी देख सकते हैं !

एंट्रेस एग्‍जामिनेशन फॉर स्वर्ग का आयोजन पुरे देश में रोज़ किया जाता है ! स्वर्ग में एडमिशन की इस प्रवेश परीक्षा को मृत्यु लोक की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षा मानी जाती है ! ऊपर वाले की सरकार अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्वर्ग में एडमिशन की लिस्ट की कन्फर्म और वेटिंग की स्थिति भी बता देती है ! रोज की तरह आज सुबह भी स्वर्ग में एडमिशन की प्रक्रिया कुछ वजहों को लेकर चर्चा में रही !

वर्तमान अध्यात्म और मानव अनुभव के अनुरूप जब मैं स्वर्ग के पास पहुंचा तब स्वर्ग में एडमिशन का ख़्वाब देखने वालों की स्वर्ग के मेन डोर पर ही काफी भीड़ थी ! सूचना की कमी से भ्रम और अराजकता बनी थी ! प्रवेश फार्म और स्पष्टीकरण प्राप्त करने के लिए देश के कई किसानों के खड़े होने के कारण चल रहे भ्रम की स्थिति में ऐसा लग रहा था कि किसान आंदोलन धरती से उठ कर स्वर्ग के दरवाज़े पर पहुँच गया है ! भ्रम और अराजकता के बीच यमराज ने अभी तक आज का एडमीशन शुरू नहीं किया था !

‘ मैं यमराज हूँ ! ‘ यमराज ने अपना फॉर्मल परिचय दिया ! ‘ स्वर्ग उन लोगों के लिए है जिन्होंने मरने से पहले अच्छे काम किए हैं और नरक की बात मैं यहाँ नहीं करना चाहता ! आप लोग भी अपना परिचय दीजिये ! ‘ यमराज ने मेरी तरफ देखते हुए बोलने का इशारा किया ! ‘ मैं परमानंद की अवस्था में अपनी जमीन जोत रहा था ! खेत ही मेरा स्वर्ग था ! अपनी जमीन को जोतने में इतना डूबा हुआ था कि पता ही नहीं चला कब गोली चली और मैं मर गया ! ‘
‘ खेत में आपको लगता था कि आप स्वर्ग में हैं ? आप जर्नलिस्ट हैं क्या ? ‘ यमराज ने मुझसे प्रश्न किया ! ‘ मैं किसान हूँ ! ‘ मैंने उत्तर दिया !
‘ किसान थे ! अभी आप स्वर्ग में एडमिशन के प्रत्याशी हैं और आप का नाम वेटिंग लिस्ट में भी नहीं है ! खाली हाथ स्वर्ग आये हैं ? ‘ यमराज ने पूछा !
‘ मैं किसान हूँ ‘ मैंने दुबारा कहा ! ‘ ये स्वर्ग है, बैंक नहीं ! ‘ यमराज हँसते हुए बोले ! ‘ बार बार किसान कह कर मुझे मत डराइए ! अपने कर्मो का फसल कहाँ छोड़ आये ? ‘ सभी आत्मा हंस पड़े ! मैं झेंप गया ! यमराज ने मुझे बुद्धिजीवी मान कर बात आगे बढ़ा दी !
‘ सुना है कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम में प्रमुख लोग क़र्ज़ माफी के ख़िलाफ़ हैं ?
‘ अधिकतर किसान अपना कर्ज़ समय पर चुकाते हैं ‘ मैंने जवाब दिया !
‘ किसानों की आत्महत्या के पीछे प्रमुख कारण वित्तीय समस्या ही है ! छोटे ऋणों ने मुझे मारा है ! ‘
यदि आपको अपनी मृत्यु की शिकायत करनी है तो आत्महत्या हॉटलाइन से संपर्क करें ! यमराज ने मुझे फिर हुड़का ! ‘ कृषि की रिपोर्ट मिडिया करती है और मिडिया को मैं भी जानता हूँ ! ‘ अपनी सेल्फी लेते हुए यमराज ने मुझ पर तंज़ किया ! ‘ दस किसान रोज मरते हैं ! ‘ सरकार ने किसानों से किया चुनावी वादा पूरा कर दिया है फिर आप क्यों मरे ?
‘ मेरे मरने के बाद क़र्ज़ माफ़ किया गया ! ‘ मैंने जवाब दिया !
‘ आप नए किसान होंगे ! मैं पुराना यमराज हूँ ! मुझे सरकारी आंकड़ा मत दीजिये ! मैं सबके दाने – दाने को जानता हूँ ! बैंकों से फसली ऋण ले कर माफ़ कराना कहाँ का फैशन है ? दूसरे सेक्टर के बारे में सोचिये ! कलाकारों और फिल्मकारों के बारे में सोचिये ! बेचारों को कोई क़र्ज़ भी नहीं देता ! प्राइवेट स्वर्ग में एडमिशन लीजिये ! मैनेजमैंट कोटा में फार्मर्स कोटा भी है ! स्वर्ग में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय धार्मिक पात्रता परीक्षा पास कीजिये ! आत्महत्याओं पर शोध से पता चला है कि मीडिया द्वारा असंवेदनशील रिपोर्टिंग की वजह से कई किसान मारे गए हैं ! डायरेक्टरेट ऑफ स्वर्ग के मुताबिक आज के स्वर्ग में एडमिशन प्रक्रिया का ऐलान बाद में किया जाएगा ! यमराज आगे बोले ‘ किसान भाई घर और खेत के आसपास के स्वर्गों की एक लिस्‍ट तैयार करें ! फिर उनमें से उन स्वर्गों को शॉर्टलिस्‍ट करें जहां आप एडमिशन के लिए आवेदन करेंगे ! सब बैकुण्ठ जायेंगे तो खेत कौन जोतेगा ? आप सब में से जो जा सकते हैं अच्छे और प्राइवेट स्वर्गों में जाइये ! बाज़ार और सरकार के फ़ैसले किसान के ख़िलाफ़ गए हैं ! बेकाबू किसानों के आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस को गोलियां चलानी पड़ी ! मैंने भी सब देखा है ! कई जगहों पर किसानों ने प्याज़ और टमाटर सड़क पर ही गिरा दिए ! किसानों का प्रदर्शन बताता है कि परिस्थितियां बिगड़ी हैं ! मेरे पास छोटा सा सरकारी स्वर्ग है ! दूसरी और पुण्य आत्माएँ भी हैं, मैं सभी किसान भाइयों को स्वर्ग में एडमिशन कैसे दे सकता हूँ ? ‘
आदत से मज़बूर किसान स्वर्ग के सामने यमराज के मनमाने और भेदभावपूर्ण नीतियों के ख़िलाफ़ नारे लगाने लगे ! मुझ जैसे कुछ किसानों ने नर्क का रास्ता लेने की जगह फिर से भारत में किसान बनने की ठान ली और लौट चले !