बैंक में चूना

” बैंक में चूना लगाना सबके बस की बात नहीं ! “

भारत सरकार द्वारा जारी किए गए मतदाता आईडी कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस / पैन कार्ड / आधार कार्ड / पासपोर्ट / फोटो आईडी की स्वयं साक्ष्य प्रति / निवास का सबूत – हाल के टेलीफोन बिल / बिजली बिल ( दो महीने से अधिक पुराना नहीं ) / बैंक पासबुक का बैंक के अधिकारियों द्वारा सही रूप में प्रमाणित नवीनतम खाता विवरण / सरकार द्वारा जारी जाति प्रमाणपत्र / नगर पालिका के मोहर के साथ अपनी हाल की तस्वीर की दो प्रतियां ( 6 महीने से अधिक पुरानी नहीं ) / अपने पहचान के सभी सबूत लेकर मैं बैंक के चौकीदार के पास पहुँच गया ! चौकीदार मेरी खाली जेबों की निरक्षण के बाद ये सब पेपर्स देखना चाहता था ! सभी कागज़ों के सूक्ष्म निरिक्षण के बाद उसने उनका एक पुलिंदा बनाकर उसने किसी जन्मकुण्डली की तरह लपेट दिया और पुरस्कार की तरह ससम्मान मुझे भेंट कर दिया ! उन कागज़ों को लेते हुए अगर कोई अपने मोबाईल से फोटो खींच लेता तो उसे देखकर लगता जैसे मैं बैंक के चौकीदार से किसी राष्ट्रीय स्तर का पहचान पत्र पुरस्कार ले रहा हूँ !

अपने गुटका साधना को भंग करते हुए उसने मौन रस थूका और पूछा ” क्या काम है ? ”
” साहब से मिलना है ” मैंने कहा !
” कौन से वाले साहब से ? ” मुँह में बचा हुआ मौन का उप – रस भी अब ज़मीन सूँघ रहा था ! वो मौन रस से पूरी तरह बाहर आ गया था !
” चूना वाले साहब से ” मैंने जवाब दिया !
” चूना ?? ” उसने मुझ पर दया की दृष्टि डालते हुए पूछा !
” हाँ ” मैंने गर्दन हिलाया !
” कित्ते का ?? ” दर्द भरी आवाज़ में उसने हलके से पूछा !
” अभी पता नहीं, साहब से मिलने पर पता चलेगा ” मैंने जवाब दिया !
पता नहीं क्यों उसकी आँखें भर आयी और उसने मुझे ढाँढस देते हुए इज़्ज़त से बोला ” हिम्मत कर के सीधे ब्रांच मैनेजर के पास चले जाइये ” उसने मुझे बैंक के एयर कंडीशंड वातावरण में प्रवेश करने की इज़ाज़त दे दी !

बैंक में कामकाजी वातावरण था ! बचत और ब्याज की चिंता में लोग एक दुसरे से पूछ – पूछ कर नए – नए फॉर्म में तरह तरह के सवाल का जवाब भर रहे थे ! मैं सबको देख रहा था पर मुझ पर किसी का ध्यान नहीं था ! मैं सीधा ब्रांच मैनेजर की कैबिन में घुस गया ! यह कमरा बैंक का सबसे ठंढा कमरा था ! बैंक छोटा था लेकिन बैंक मैनेजर का कमरा बड़ा था !

कैबिन में मेरे प्रवेश करते ही मैनेजर साहब ने अपने आप को चेक़ बुक की तरह समेट लिया और कलम की तरह अकड़ के बैठ गए ! अब मेरे लचीले होने की बारी थी ! एक हाथ से अपने कागज़ों को समेटते हुए मैंने दूसरे हाथ से एक – हथ्था अभिवादन किया ! बैंक मैनेजर ने मुझे कैशलेस ए टी एम की तरह देखा और अपने मोबाइल को घूरते हुए लोन मुद्रा में चले गए ! कैबिन में अगर कोई अपने मोबाईल से फोटो खींच लेता तो उसे देखकर लगता जैसे मैं किसी बैंक के मैनेजर के मोम के पुतले के सामने खड़ा उसे निहार रहा हूँ ! कैबिन में टंगे हुए महात्मा गाँधी की तस्वीर यह सब देख रही थी ! थोड़ी देर में कैबिन के किसी अदृश्य शक्ति ने हमें स्टेचू के खेल से निकाला ! इससे पहले मैं अपना मुँह खोलता मुझे मैनेजर की आवाज़ सुनाई दी ! ” होम लोन ? ”
” न ! ”
” क्रेडिट कार्ड ? ”
” न !! ”
” परसनल लोन ? ”
” न !!! ”
” पेंशन ? ”
मैंने ना कहने के लिए गर्दन हिला दिया !
” फिर क्यों आये हैं ? ”
” मैं चूना लगाने आया हूँ ! ”
बैंक मैनेजर ने मुझे ऐसे देखा जिससे मुझे पहली बार लगा जैसे वो मुझे पहचान गया हो और मैं उसके काम का आदमी हूँ !
” मैं बैंक में चुना लगाना चाहता हूँ ! बैंक के चौकीदार ने बताया चूना लगाने के लिए मुझे ब्रांच मैनेजर से मिलना होगा ! ” मैंने अपनी बात पूरी की ! यह सुनते ही न जाने क्यों ब्रांच मैनेजर ने राहत की सांस ली !
” बैंक में चूना लगाना सबके बस की बात नहीं ! ” मैनेजर ने मुझे चैलेंज करते हुए कहा !
” मेरे ग्रेट ग्रैंड फादर अमर चूनावाला थे, ग्रैंड फादर अकबर चूनावाला थे और मेरे फादर अन्थोनी चूनावाला हैं ! चूना लगाना हमारा पारंपरिक काम है ! ” मैंने अपने सारे पहचान पत्रों को टेबल पर फैलाते हुए जवाब दिया ! ” मैं बस एक बार आपके बैंक में साधारण चूना लगाना चाहता हूँ ! ”
मैनेजर मुस्कुराए ! ” बैंक में चूना लगाना ईको फ्रेंडली काम है ! बैंक में आप साधारण चूना नहीं लगा सकते ! ” बैंक मैनेजर ने दिलचस्पी लेते हुए कहा ! उन्होंने आगे कहा ” चूना लगाने वाले को हम ही चुनते हैं, कोई भी बैंक में चूना नहीं लगा सकता ! बैंक विशाल संगठन हैं, चूना लगाना एक ऐतिहासिक प्रक्रिया है ! एक एप्लिकेशन लिख कर दीजिये कि इस बैंक में आप चूना लगाना चाहते हैं ! ” अपने पारंपरिक अनुभव से मैं जानता हूँ कि बैंकों में चूना लगाने में हर तरह का हथकंडा अपनाया जाता है ! मैं चुप ही रहा ! मैंने पत्र में लिखा – ‘ मैं एक गैर – लाभकारी आम आदमी हूँ ! जीवन यापन और मेरी ज़िन्दगी को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए मुझे बैंक में चूना लगाने का काम देने की कृपा करें ! ‘ एप्लिकेशन दे कर मैं बैंक में चूना लगाने के सपनो में खोया हुआ घर लौट आया !

‘ बैंक का लक्ष्य गरीबी को कम करना है ! ‘ बैंक की एक दिवार पर धूमिल अक्षरों में यह लिखा था ! जिसे पढ़ कर मेरी हाथ में खुजली होने लगी ! मुझे उस पर चूना लगाना था ! मुझे बैंक के कई स्लोगन पर चूना लगाना था ! दीवार पर चूना लगाना दीवार के इतिहास को छुपाने की प्रक्रिया भी है ! सब जानते हैं सफ़ेद चूना काला जादू है जिससे सबकुछ पूर्ववत हो जाता है ! बैंक में चूना लगाने का ये काला जादू मैं करना चाहता था !

एक हफ्ते बाद मुझे बैंक में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया !

” आप के हिसाब से बैंक में कौन से महीने में चूना लगाया जाता है ? ” उनका पहला प्रश्न था !
” लोग बैंक में मार्च या अप्रैल में यह सोचकर चूना लगाते हैं कि चूने के सफेद रंग को देखकर ग्राहक आकर्षित होंगे ! जबकि ये धारणा बिल्कुल ही गलत है ! ग्राहक ब्याज को देखकर आकर्षित होती है ना कि चूने के सफेद रंग को देखकर ! ” मैंने जवाब दिया !

” बैंक को चूना लगाने की जरुरत क्यों पड़ती है ? ” दूसरा सवाल था !
” राशि जमा रखने तथा ऋण प्रदान करने के अतिरिक्त बैंक अन्य कई गुप्त काम भी करता है जिसके रंगीन इश्तहारों से बैंक की दिवार का रंग ख़राब हो जाता है ! ग्राहकों में अपनी साख बनाये रखने के लिए बैंक को अपनी दीवारों पर चूने की सफेदी करते रहना पड़ता है ! ” मैंने जवाब दे कर उनको संतुष्ट किया !

” बैंक में चूना लगाने के लिए आप को कितना समय चाहिए ? उनका तीसरा प्रश्न था !
” बैंक में आप बार बार चूना नहीं लगा सकते ! बैंक में चूना लगाना एक ऐसी परियोजना है जिसे एक दिन से भी कम समय में पूरा किया जाना चाहिए नहीं तो इससे ग्राहक सेवा में खलल पड़ती है ! बैंक मैनेजर कस्टमर के घेरे में आ जाता है ! उसके केबिन का ए सी काम करना बंद कर देता है ! झुण्ड में लोग बैंक में घुस जाते हैं और ब्रांच मैनेजर का केबिन रिकॉर्डिंग और लाइव कार्यक्रम का रिले सेंटर बन जाता है ! ” मैंने जवाब दिया !

एक हफ्ते बाद रिज़ल्ट आ गया ! बैंक में चूना लगाने का काम आखिर मुझे मिल ही गया !
नियत सुबह जब मैं बैंक में चूना लगाने का अपना रोज़गार करने पहुँचा तो गार्ड द्वारा पता चला बैंक को कोई और चूना लगा गया था ! काम काज ठप्प था !

खैनी के लिए चूना लेने जब पास के पान बीड़ी की दूकान पर पहुँचा तो पान वाला किसी से कह रहा था ” चूना खाइए पर चूना लगाइए मत ! वो ईमारत खड़ी हैं जिनमे चूना लगा है ! चूना लगने के बाद क्या मजाल है कि ढांचा टस से मस हो जाए ! ” सब घंटा घर की तरफ देख रहे थे मैं भी देखने लगा !